स्पेशल ब्रांच ने रिपोर्ट जारी कर कहा है कि बुधवार को जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के 15 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता राज भवन का घेराव कर सकते हैं. यह सभी कार्यकर्ता रांची, जमशेदपुर, चतरा, गिरिडीह, गढ़वा, बोकारो, रामगढ़, सरायकेला, दुमका, खूंटी, जामताड़ा, गुमला, धनबाद और हजारीबाग से निजी वाहनों, बसों और रेल में सवार होकर रांची पहुंचेंगे.
इसके बाद मोरहाबादी में एक जगह इकट्ठा होकर पैदल राजभवन की तरफ पैदल मार्च करेंगे. इस संबंध में स्पेशल ब्रांच ने संबंधित जिलों के डीसी, एसपी और रेल एसपी को पत्र लिखकर अलर्ट किया है.
सीएम आवास और राजभवन के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है. वहीं राजभवन में हलचल तेज हो गई है. डीआईजी अनूप बिरथरे भी सीएम आवास पहुंचे हैं. वह सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं.
वहीं रांची डीसी और एसएसपी भी सीएम हाउस के अंदर गए.
बता दें कि थोड़ी ही देर पहले कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर दो से दो टूरिस्ट बसें सीएम आवास के अंदर घुसी है. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है. जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है.
बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
कांके रोड स्थित पुराने मुख्यमंत्री आवास में दो एसी बसें पहुंची है. दोनों बसें गेट नंबर दो से घुसी है. जानकारी के अनुसार यह अलर्ट के तौर पर बुलाया गया है, ताकि उत्पन्न किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों को एक जगह पर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है.
बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
कांके रोड स्थित पुराने मुख्यमंत्री आवास में दो एसी बसें पहुंची है. दोनों बसें गेट नंबर दो से घुसी है. जानकारी के अनुसार यह अलर्ट के तौर पर बुलाया गया है, ताकि उत्पन्न किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों को एक जगह पर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है. बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
राँची : झारखंड सरकार ने 127 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के बाद अब 96 पुलिस पदाधिकारियों की भी ट्रांसफर-पोस्टिंग कर दी है. अमित कुमार को रांची सदर का डीएसपी बनाया गया है. वह खूंटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) थे. पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी के डीएसपी प्रमोद मिश्रा को हटिया का डीएसपी बना दिया गया है. वहीं स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक कुमार वेंकटेश रमन का ट्रांसफर करते हुए उन्हें रांची का सिटी डीएसपी बनाया गया है. नगर उंटारी के डीएसपी प्रमोद कुमार केशरी अब रांची के ट्रैफिक डीएसपी होंगे. झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. जिन पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें.
विपरीत परिस्थिति आने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपनी पत्नी को सीएम बनाए जाने संबंधी चर्चा पर उनकी भाभी और जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन नाराज बताई जाती हैं।
वह मंगलवार को विधायक दल की बैठक में नहीं आईं। सीता सोरेन का कहना है कि कल्पना सोरेन उन्हें किसी हाल में स्वीकार नहीं है। मेरे दिवंगत पति दुर्गा उरांव ने झामुमो के स्थापित करने के लिए काफी संघर्ष किया है। वर्ष 2019 में भी मेरी उपेक्षा हुई थी, लेकिन मैं चुप रही। अब चुप नहीं रहूंगी।
घर की बड़ी बहू होने के नाते मेरा हक बनता है: सीता सारेन
कल्पना सोरेन राजनीति में भी नहीं है। दो बच्चियों को मैंने काफी तकलीफ से पाला है। पति के निधन के बाद मैंने बहुत त्याग किया है, लेकिन अब चुप नहीं रहूंगी।
सवाल उठाया कि अगर कल्पना सोरेन को सीएम बनाया गया तो हमारी उपेक्षा नहीं होगी? घर की बड़ी बहू होने के नाते मेरा हक बनता है।
2019 में मैंने हेमंत सोरेन को सीएम बनाने के फैसले को स्वीकार कर लिया। मेरी बेटियां बड़ी हो गई हैं। कभी उनकी शादी की चिंता नहीं की गई। अगर हेमंत सोरेन के बड़े भाई की पुत्री से स्नेह है तो वे पिता के तौर पर उसे आशीर्वाद दें।
उन्होंने कहा कि वे किसी से नहीं डरतीं। उन्होंने कहा कि बहुत विधायक मेरे समर्थन में हैं। परिस्थिति ऐसी बना दी गई हैं कि वे खुलकर सामने नहीं आते। अगर हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को सीएम बनाने की कोशिश करेंगे तो किसी हाल में समर्थन नहीं करूंगी।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव से कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में ईडी ने 8 घंटे तक पूछताछ की. जांच एजेंसी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आठ घंटे तक पूछताछ के बाद वह प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय से मंगलवार की शाम को निकल गये.
वह अपने पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के इसी मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा लगभग दस घंटे तक पूछताछ करने के एक दिन बाद जांच एजेंसी के सामने पेश हुए थे. ईडी सूत्रों के अनुसार पूछताछ के अनुसार ईडी के अधिकारियों ने जमीन के बदले नौकरी मामले में करीब 60 सवालों के जवाब मांगे.
जब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री जांच एजेंसी के कार्यालय से बाहर निकले तो बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता मौजूद थे. तेजस्वी यादव को उनकी ओर हाथ हिलाते और विजय चिन्ह दिखाया.
8 घंटे तक ईडी ने तेजस्वी यादव से की पूछताछ
वह भारी सुरक्षा तैनाती और बड़ी संख्या में राजद सदस्यों और समर्थकों के बीच सुबह 11.35 बजे प्रवर्तन निदेशालय या ईडी कार्यालय पहुंचे, जिन्होंने तेजस्वी यादव के समर्थन में नारे लगाए.
लालू यादव जब यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे, उस समय यह घोटाला करने का आरोप लगा था. आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह ‘डी’ पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था, जिसके लिए उन्होंने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक संबद्ध कंपनी को हस्तांतरित कर दी थी. यह हस्तांतरण रिश्वत के रूप में की गई थी.
ईडी ने पहले कहा था कि एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड इस मामले में कथित तौर पर एक ‘लाभार्थी कंपनी’ है और दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में इसका पंजीकृत पता था. इसका इस्तेमाल तेजस्वी यादव द्वारा किया जा रहा था.
जमीन के बदले नौकरी देने का लगा है आरोप
केंद्रीय एजेंसी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो या सीबीआई द्वारा दर्ज एक मामले पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने 2004-2009 की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त थे.
इससे पहले, ईडी ने 10 मार्च, 2023 को तलाशी अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप ₹ 1 करोड़ (लगभग) की नकदी और लगभग ₹ 1.25 करोड़ का कीमती सामान जब्त किया गया था. इसने पिछले साल 29 जुलाई को 6.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया था.
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने 16 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। सपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची भी जारी कर दी है।
सपा ने जारी की पहली सूची
बड़ी बात ये है कि समाजवादी पार्टी ने अपनी इस लिस्ट में डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव जैसे बड़े नेताओं की सीटों की घोषणा की है। समाजवादी पार्टी ने संभल से शाफिकुर रहमान बर्क को टिकट दिया है तो फिरोजाबाद से अक्षय यादव, मैनपुरी से डिंपल यादव, एटा से देवेश शाक्य, बदायूं से धर्मेंद्र यादव, खीरी से उत्कर्ष वर्मा पर भरोसा जताया है।
इसके साथ ही अखिलेश यादव की पार्टी ने धौरहरा से आनंद भदौरिया, उन्नाव से अनु टंडन, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा, फर्रुखाबाद से नवल किशोर शाक्य, अंबेडकर नगर से लालजी वर्मा, बस्ती से राम प्रसाद चौधरी और गोरखपुर से काजल निषाद को टिकट दिया है।
मुंबई की साइबर सेल पुलिस ने धोखाधड़ी के एक नए तरीके का खुलासा किया है. अभी तक ये ठग लोगों को लालच देकर ठग रहे थे लेकिन अब इन ऑनलाइन ठगों ने पुलिस के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है.
मुंबई पुलिस ने एक नए तरह के घोटाले का भंडाफोड़ किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम चैनल बनाकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है फर्जीवाड़ा? पुलिस के मुताबिक साइबर ठग पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम ग्रुप और चैनल बना रहे हैं. इसके बाद मैसेज भेजकर लोगों को झूठे केस में फंसा रहे हैं और पैसे ट्रांसफर करवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है जिसमें एक 70 वर्षीय महिला से फर्जी मामले में 3.5 लाख रुपये की ठगी की गई है.
क्या बात है आ? पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 70 साल की एक महिला को एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह लखनऊ कस्टम विभाग से बोल रहा है। फोन करने वाले ने बताया कि उसके नाम पर लखनऊ कस्टम विभाग में एक पार्सल आया है, जिसमें कुछ कपड़े, एक लैपटॉप, 20 पासपोर्ट और 150 ग्राम मेफेड्रोन (ड्रग्स) मिला है। यह पार्सल म्यांमार से आया है.
इसके बाद फर्जी कस्टम अधिकारी ने उसकी बात गोमती नगर थाने के एक फर्जी अधिकारी से कराई. इसके बाद उनसे केस खत्म करने के लिए टेलीग्राम ऐप डाउनलोड करने को कहा गया. ऐप डाउनलोड करने के बाद यूजर की गोमती नगर थाने के नाम की आईडी से वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स से बात कराई गई, जो फर्जी पुलिसकर्मी था। इसके बदले मामले को खत्म करने के लिए 3.5 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
पुलिस ने कहा- ऐसे ग्रुप या चैनल से दूर रहें इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कहा है कि थाने के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ग्रुप को ज्वाइन न करें और किसी भी मैसेज का रिप्लाई न करें. किसी भी कीमत पर पैसे ट्रांसफर करने की गलती न करें.
कल 31 जनवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र से पहले सभी सांसदों का निलंबन रद्द किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान निलंबित विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द किया जाएगा।
इस दौरान सभी 11 राज्यसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। विपक्षी सांसद लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग कर रहे थे। भारी हंगामे के बीच इन सांसदों को निलंबित किया गया था।
निलंबित सांसदों के निलंबन को रद्द करने के बारे में पूछे जाने पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “सभी (निलंबन) रद्द किए जाएंगे। मैंने (लोकसभा) अध्यक्ष और (राज्यसभा) सभापति से बात की है। मैंने सरकार की ओर से भी उनसे अनुरोध किया है…यह अध्यक्ष और सभापति का अधिकार क्षेत्र है। इसलिए, हमने उन दोनों से अनुरोध किया है कि वे संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त समितियों से बात करें, निलंबन रद्द करें और उन्हें सदन में आने का अवसर दें। दोनों राजी हो गए हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या निलंबित सांसद कल से सदन में आएंगे तो उन्होंने कहा, “हां।”
146 में से 132 सांसदों को संसद के केवल शीतकालीन सत्र तक के लिए ही निलंबित किया गया। इसलिए जब दोनों सदन के सत्र फिर से शुरू होंगे तो उनका निलंबन रद्द कर दिया जाएगा। बाकी बचे हुए 14 सांसदों में 11 राज्यसभा से और 3 लोकसभा से हैं। इनके मामले को संसद की विशेषाधिकार समितियों के पास भेजा गया था और कहा गया था कि समिति का फैसला आने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अब इन सांसदों का निलंबन भी वापस ले लिया गया है। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने जहां 11 जनवरी को 11 लोकसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया था, वहीं 2 राज्यसभा सांसदों का निलंबन आज रद्द कर दिया गया।
इससे पहले बजट सत्र के मद्देनजर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मंगलवार को विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। रक्षा मंत्री और लोकसभा में सदन के उपनेता राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया। संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में उपस्थित नेताओं में कांग्रेस के नेता कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता टी आर बालू, शिवसेना के राहुल शेवाले, समाजवादी पार्टी के नेता एस टी हसन, जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राम नाथ ठाकुर और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के जयदेव गल्ला शामिल थे।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने असम में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर ‘‘हिंसक हमले’’ और उस पर राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों का मुद्दा उठाया। उच्च सदन में कांग्रेस के उप नेता तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि देश में ‘‘अघोषित तानाशाही’’ कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद जैसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है।
तिवारी ने कहा कि उन्होंने विपक्षी दलों से सलाह के बाद ये मुद्दे उठाए हैं। प्रत्येक सत्र से पहले एक बैठक बुलाने की प्रथा है । बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को उजागर करते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं, और सरकार उन्हें अपने एजेंडे की एक झलक बताती है और उनका सहयोग मांगती है। संसद के प्रत्येक सत्र से पहले बैठक बुलाने की एक पंरपरा है जिसमें विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को सामने रखते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं और सरकार उन्हें अपने एजेंडे के बारे में जानकारी प्रदान करती है और सदन चलाने में उनका सहयोग मांगती है।
लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले, 31 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के मद्देनजर सरकार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। इस बार 31 जनवरी से 9 फरवरी के बीच संसद सत्र होगा जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करेंगी। पूर्ण बजट नयी सरकार पेश करेगी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगी।