एक नई सोच, एक नई धारा

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बैंकों में लौट आए 2,000 रुपये के 88 फीसदी नोट, चलन में थे 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट

भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि 2,000 रुपये मूल्य के करीब 88 फीसदी नोट 31 जुलाई तक बैंकों में वापस आ चुके हैं. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंकों से मिली सूचनाओं से पता चलता है कि 31 जुलाई तक 2,000 रुपये के कुल 3.14 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन से वापस आ चुके हैं.

बता दें, RBI ने 19 मई को 2,000 रुपये मूल्य के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी. इसके लिए उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक ये नोट बैंकों में जमा करने या वहां पर बदलने की सुविधा दी गई है. इसी क्रम में 31 जुलाई तक 3.14 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं. अब 2,000 रुपये के सिर्फ 42,000 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही चलन में मौजूद हैं.

RBI ने जब इन नोटों को चलन से हटाने की घोषणा की थी, तब 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में मौजूद थे. गत 31 मार्च को इन नोटों का मूल्य 3.62 लाख करोड़ रुपये था. RBI ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में लौटकर आने वाले 2,000 रुपये के नोट में से करीब 87 फीसदी नोट बैंकों में जमा के रूप में आए हैं जबकि 13 फीसदी नोट अन्य मूल्यों के नोट से बदले गए हैं.

केंद्रीय बैंक ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए अपने पास मौजूद 2,000 रुपये मूल्य के नोट सितंबर तक बैंकों में जाकर जमा कर दें या उन्हें दूसरे नोट से बदल लें.

8 जून तक 50 फीसदी नोट हुए थे वापसइससे पहले, आठ जून को मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद में दास ने कहा था कि 1.8 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट वापस आ गये हैं. यह चलन में मौजूदा 2,000 रुपये के कुल नोट का लगभग 50 फीसदी था. इसमें मोटे तौर पर 85 फीसदी बैंक शाखाओं में जमा हुए हैं जबकि अन्य को दूसरे मूल्य के नोट से बदला गया. गौरतलब है कि RBI ने 19 मई को 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने फैसला लिया था. हालांकि, सेंट्रल बैंक ने कहा था कि ये नोट मार्केट में अभी चलन में बने रहेंगे, लेकिन बैंक अब 2,000 रुपये के नए नोट ग्राहकों को नहीं देंगे. 23 मई से बैंकों में इन नोटों के बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. 

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इंग्लैंड ने बचाई लाज, पांचवें टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को दी मात,स्टुअर्ट ब्रॉड की विजयी विदाई

इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने द ओवल मैदान पर खेले गए एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 49 रनों से हरा दिया. इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई. ऑस्ट्रेलियाई टीम हालांकि एशेज की ट्रॉफी अपने पास रखने में सफल रही है क्योंकि वह पिछली एशेज सीरीज जीती थी.

इंग्लैंड ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रनों का टारगेट रखा था लेकिन मेहमान टीम पांचवें और आखिरी दिन सोमवार को अपनी दूसरी पारी में 49 रनों पर ढेर हो गई. इसी के साथ इंग्लैंड ने स्टुअर्ट ब्रॉड को विजयी विदाई दी है.ब्रॉड ने बता दिया था कि ये उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच है.

ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती दो टेस्ट मैच जीत सीरीज में 2-0 की बढ़त ले थी. फिर लीड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी.चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था. पांचवें टेस्ट मैच में इंग्लैंड की कोशिश थी कि वह ये मैच जीत अपने घर में अपनी साख बचाए जिसमें वह सफल रही.

जल्दी लौटे वॉर्नर-ख्वाजा

ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें दिन की शुरुआत आठ विकेट के नुकसान पर 135 रनों के साथ की. डेविड वॉर्नर ने 58 और उस्मान ख्वाजा ने 69 रनों से आगे अपनी पारियां बढ़ाईं. टीम के खाते में महज पांच रन ही जुड़े थे कि वॉर्नर आउट हो गए. उन्होंने 106 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 60 रनों की पारी खेली. 141 के कुल स्कोर पर ख्वाजा भी पवेलियन लौट लिए. इन दोनों बल्लेबाजों को क्रिस वोक्स ने अपना शिकार बनाया. मार्नस लाबुशेन एक बार फिर फेल हुए और 13 रन बनाकर मार्क वुड का शिकार बने.

स्मिथ और हेड ने संभाला

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तीन विकेट जल्दी खो दिए थे. फिर स्टीव स्मिथ और ट्रेविस ने साझेदारी करते हुए टीम को संभाला. इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की. इस बीच इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने एक बड़ी गलती कर स्मिथ को जीवनदान दे दिया. मोईन अली की गेंद पर स्मिथ का कैच लेग स्लिप पर खड़े स्टोक्स के हाथों में गया जिन्होंने कैच तो पकड़ लिया लेकिन तुरंत गेंद को छोड़ भी दिया. चूंकि ये कैच पूरा नहीं हो पाया था इसलिए स्मिथ को आउट नहीं दिया गया.

अली ने हेड को अर्धशतक नहीं बनाने दिया. वह 70 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हो गए. वोक्स ने फिर स्मिथ को पवेलियन की राह दिखाई. स्मिथ का विकेट 274 के कुल स्कोर पर गिरा. स्मिथ ने 94 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 54 रन बनाए.

ऑस्ट्रेलियाई ने लड़ी लड़ाई

यहां से ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लड़ाई लड़ी लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी. मिचेल मार्श 274 के कुल स्कोर पर ही ऑस्ट्रेलिया के छठे विकेट के रूप में आउट हुए. एक रन बाद मिचेल स्टार्क भी पवेलियन लौट लिए. मार्श ने छह रन बनाए तो स्टार्क खाता तक नहीं खोल पाए.कप्तान पैट कमिंस 294 के कुल स्कोर पर अली का शिकार बने. इसके बाद इंग्लैंड को दो विकेट चाहिए थे और अपना आखिरी मैच खेल रहे ब्रॉड ने पहले टॉड मर्फी और फिर एलेक्स कैरी को पवेलियन भेज ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत कर दिया. ब्रॉड ने दूसरी पारी में दो और पहली पारी में भी दो विकेट लिए थे.

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टेल्को ग्वाला बस्ती में 36 घरों को तोड़ने की धमकी, टाटा स्टील के खिलाफ प्रदर्शन

तार कंपनी के पास टेल्को ग्वाला बस्ती, गायत्री नगर में टाटा स्टील की ओर से एक घर को 4 अगस्त को कर्मचारियों द्वारा तोड़ने की चेतावनी के खिलाफ रविवार को बस्ती के लोगों ने जुलूस निकाला।

उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर घर को तोड़ने का प्रयास हुआ तो उग्र विरोध किया जाएगा। उनका आरोप है कि बिना किसी नोटिस के लीज मुक्त हो चुकी जमीन पर बने घर को तोड़ने की कोशिश की गई, जो असहनीय है।
बस्तीवासियों ने बताया कि चार दिन पूर्व करीब तीन बजे एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टाटा स्टील के सिक्योरिटी गार्ड जेसीबी लेकर पहुंचे और सौरभ कुमार पांडेय, शैल पांडेय के घर को तोड़ने लगे। परंतु शिव चर्चा में पहुंची महिलाएं वहां पहुंच गईं और घर तोड़ने का जोरदार विरोध किया, जिसके कारण सीढ़ी तोड़कर ही कार्रवाई रुक गई। हालांकि, उन्होंने घर को खाली करवाकर उसे सील कर दिया। साथ ही, वहां पहुंचे लोगों ने धमकी दी कि वे 4 अगस्त को आएंगे तो और 36 घरों को तोड़ेंगे।

इसी धमकी के खिलाफ रविवार को बस्ती के सामुदायिक भवन में पहले बैठक की गई और फिर ग्वाला बस्ती चौक, नीलडीह गोलचक्कर, ट्यूब मेकर्स क्लब होते बस्ती के बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचकर जुलूस संपन्न हो गया। जुलूस सामूहिक नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी थी।

43 साल पहले खरीदी थी जमीन : सौरभ

जिस घर को तोड़ने का प्रयास हुआ, उसमें रहने वाले सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि जिस जमीन पर उनका घर है उसे 1980 में उनकी नानी ने तफजुल हुसैन से खरीदी थी। 10 दिसंबर 2012 को नानी ने उन्हें तोहफे में पावर ऑफ अर्टानी दी थी। वे उस जमीन का रेंट, बिजली और पानी 43 वर्षों से चुकाते आ रहे हैं। इसकी रसीद उनके पास है। इसके बावजूद टाटा स्टील के लैंड विभाग के द्वारा उन्हें बेघर किया जा रहा है।

दूसरी ओर, बस्ती वासियों का कहना है कि यह जमीन लीज की शिड्यूल 6 की है, जिसे 2005 के लीज नवीकरण के समय लीज से बाहर कर दिया गया था। ऐसे में इस जमीन पर कोई केस कैसे चल सकता है। और केस की कोई जानकारी भी किसी को नहीं है।

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सावन की चौथी सोमवारी पर पहाड़ी बाबा की 101 दीयों से भव्य महाआरती, श्रद्धालुओं के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण

सावन मास की चौथी सोमवारी को रांची के सुप्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार पर रांची शहर के धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा पहाड़ी बाबा की 101 दीयों और फूलों से भव्य महाआरती की गयी.

बोल बम के जयघोष से पूरा इलाका गूंज रहा था. भगवान शिव के भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम रहे थे. माहौल ऐसा था मानो भक्ति की बयार बह रही हो. भक्त हर-हर महादेव और पहाड़ी बाबा का जयघोष कर रहे थे. भव्य महाआरती के बाद खीर प्रसाद का वितरण किया गया. आज की महाआरती में मुख्य रूप से भारतेंदु कुमार, डॉ मुकेश सिंह, उज्जवल कुमार सिन्हा, सचिन कुमार, शेरू सिंह, शैलेश्वर दयाल सिंह, बंटी सिंह, जितेन्द्र सिंह उपस्थित थे. आपको बता दें कि सावन की पहली सोमवारी से बाबा की भव्य महाआरती की जा रही है. आठों सोमवारी को पहाड़ी बाबा की भव्य महाआरती की जाएगी.

भक्तों के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण

पहाड़ी बाबा की भव्य महाआरती के बाद बोल बम के जयघोष से पूरा पहाड़ी परिसर गुंजायमान हो गया. उसके बाद सैकड़ों भक्तों के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया. अब अगली सोमवारी को धुनों से संध्या महाआरती की जाएगी. फूलों से की गयी संध्या महाआरती में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे. इसके साथ ही बाबा भोलेनाथ के गीतों पर सभी भक्तगण झूम रहे थे. श्रद्धालुओं ने पहाड़ी बाबा को नमन करते हुए बाबा से प्रार्थना की कि पूरे भारत में सुख, शांति और समृद्धि हो.

इनका रहा विशेष योगदान

संध्या महाआरती में विशेष रूप से इनका योगदान रहा. नन्द किशोर सिंह चंदेल, बबन सिंह राठौड़, अजय सिंह, अमन वर्मा, विनय सिंह, सुनील यादव, दीपक, बंटी यादव, शुभाशीष चटर्जी, अशोक यादव, शुभम चौधरी, सुधांशु सिंह राजपूत, बीरेंद्र प्रसाद, राखी कौर, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल, शुभम चौधरी, विकास सिंह, अमित सिंह चंदेल, टीके मुखर्जी, रॉनित साहू, कैलाशी, अरविंद सिंह कौशल, हर्ष कुमार सिन्हा.

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जमशेदपुर : भारत रत्न जेआरडी टाटा की मनाई गई 119वीं जयंती, एयर मॉडलिंग शो, वॉकथॉन समेत हुई कई प्रतियोगिता, जाने पूरी खबर

जमशेदपुर : जमशेदपुर भारत रत्न जेआरडी टाटा की आज 119वीं जयंती के अवसर टाटा समूह की ओर से इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं. इसी कड़ी में जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में एयर मॉडलिंग शो का आयोजन किया गया. इस मौके पर जेआरडी टाटा को सोनारी हवाई अड्‌डे समेत विभिन्न स्थानों पर स्टील टाटा और अन्य समूह कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा श्रद्धांजलि दी गयी. वहीं विभिन्न खेलकूद, क्विंज प्रतियोगिता, एरो मॉडलिंग शो और वॉकथॉन का आयोजन किया गया. वहीं जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में एयरो मॉडलिंग शो का आयोजन किया गया. इसमें बहुप्रतीक्षित शो में प्लेन नाइट्रो इंजन, टरबाइन इंजन से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन तक विभिन्न आकार और प्रकार के लगभग 12 मॉडल विमानों की प्रदर्शनी की गयी.

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वहीं इन मॉडलों को प्रदर्शित करने और उड़ाने के लिए जमशेदपुर और कोलकाता की टीम को आमंत्रण किया गया था. इस शो में 400 बच्चों ने हिस्सा लिया. इसमें विमानों और अन्य मॉडलों का स्टैटिक डिस्प्ले भी किया गया. शो के दौरान फन क्यूब, स्लो स्टिक और ट्विन इलेक्ट्रिक जैसे विमान भी उड़ाए गए. जे वहीं सुबह जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक वॉकथॉन का भी आयोजन किया गया, जिसमें जमशेदपुर के नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. वहीं विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया. पुरस्कृत होने वाले सदस्यों में पुरुष में टेल्को के रामलखन दास, राजस्थान के मुकेश कुमार, जमशेदपुर के संजीव को पुरस्कृत किया गया. वहीं महिलाओं में मानगो की पूजा कुमारी, सिदगोड़ा की लिप्सा, आदित्यपुर की सुप्रिया बेसरा विजेता बने. वहीं बच्चों की कैंटेगरी में काव्यांश श्रीवास्तव, हर्षमिल दक्ष और सात्विक कुमार विजेता रहे. कार्यक्रम में एवरेस्ट पर्वतारोही अस्मिता दोरजी, पूर्व भारतीय एथलेटिक कोच संतोष वर्गीस, मुकुल विनायक चौधरी, चीफ स्पोर्ट्स टाटा स्टील और हेमंत गुप्ता हेड स्पोर्ट्स ऑफ टाटा स्टील उपस्थित थे.

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पबजी की जानलेवा लत! बच्चे ने ब्लेड से काट ली नस और उंगलियां

पबजी जितना ज्यादा पॉपुलर है, इसके साइड इफेक्ट भी उतने ही हैं. यह गेम बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास पर बुरा असर डाल रहा है. एक बच्चे ने पबजी गेम खेलते-खेलते अपने हाथ की नस और हाथ की तीन उंगलियां काट लीं.

मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है. लहुलूहान हालत में देख परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है.

घटना बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र की है. बच्चा पांचवी कक्षा का स्टूडेंट है. उसका नाम अर्जुन है. परिजन जब सो जाते थे, तब उनका मोबाइल लेकर बच्चा पूरी रात पबजी पर गेम खेलता रहता था. परिजनों के मुताबिक, अर्जुन को पबजी गेम का इतना शौक था कि जब उनके घर में कोई रिश्तेदार आता था तो वह सबसे पहले उनका मोबाइल लेकर अपने कमरे में चला जाता था. गेम खेलना उसे इतना अच्छा लगता कि वह अपना सुध-बुध खो बैठता था.

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बच्चा अस्पताल में भर्ती

बताया जा रहा है कि परिजन बच्चे को जख्मी हाल में पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले गए. लेकिन, वहां के डॉक्टरों ने देखा कि बच्चे का खून अधिक बह गया है तो उसे दूसरे अस्पताल में जाने के लिए कह दिया. अब बच्चे को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रिश्तेदारों से मोबाइल मांगता था

परिजनों के मुताबिक, अर्जुन रिश्तेदारों से मोबाइल मांगता था और मोबाइल मिलने पर तुरंत ही अपने कमरे में जाकर पब्जी गेम खेलने लगता था. उसे पबजी गेम के सामने कुछ भी अच्छा नहीं लगता था. वह गेम में बिल्कुल ही लीन रहता था. हालांकि, इस मामले में परिजनों ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है.

यह कोई नया मामला नहीं है. पिछले साल लखनऊ में पबजी वीडियो गेम की लत का शिकार एक 16 साल के बच्चे ने अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बच्चे ने मां की हत्या इसलिए की, क्योंकि उसने बच्चे को पबजी गेम खेलने से रोका था. ऐसा ही मामला राजस्थान के नागौर में भी सामने आया था. यहां एक किशोर ने पबजी की लत के कारण अपने चचेरे भाई की गला दबाकर जान ले ली थी.

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जल जीवन मिशन: केंद्र सरकार ने झारखंड को दिए 10 हजार करोड़, खर्च हुए 3 हजार करोड़, क्या बोले सांसद संजय सेठ?

जल जीवन मिशन के तहत पिछले 5 वर्षों में झारखंड को भारत सरकार के द्वारा 10865 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गयी है, जिसमें राज्य सरकार सिर्फ 3065 करोड़ रुपए का उपयोग कर पायी है.

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जल जीवन मिशन कार्य को पूर्ण करने के लिए भारत सरकार ने झारखंड के लिए 4722 करोड़ की राशि आवंटित की है, परंतु इस वित्तीय वर्ष के लगभग 4 माह बीत जाने के बाद भी सरकार के द्वारा अभी तक इससे कोई राशि की निकासी नहीं की गयी है. इस आशय की जानकारी केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री विशेश्वर टुडू ने रांची के सांसद संजय सेठ के सवाल पर लोकसभा में दी.

जल जीवन मिशन को लेकर संजय सेठ ने पूछा था सवाल

लोकसभा सत्र के दौरान रांची के सांसद संजय सेठ ने यह सवाल पूछा था कि केंद्र सरकार के द्वारा झारखंड के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. कितनी राशि उपलब्ध करायी गयी है. इसके अलावा सांसद ने झारखंड में विभिन्न कारणों से प्रदूषित हुए बड़े जल निकायों और जलाशय की सफाई के संबंध में भी जानकारी मांगी थी.

जनता के बीच भ्रम नहीं फैलाए राज्य सरकार

जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार करोड़ दिए, लेकिन सिर्फ 3 हजार करोड़ खर्च हुए. चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र से 4722 करोड़ मिले हैं, लेकिन अब तक राज्य ने राशि ही नहीं निकाली. रांची से बीजेपी के सांसद संजय सेठ के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने जवाब दिया. सांसद संजय सेठ ने कहा कि राज्य सरकार ईमानदारी से काम करे और जनता के बीच भ्रम फैलाना बंद करे.

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राशि का उपयोग नहीं कर पा रही सरकार

इसी जानकारी के आलोक में केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह जवाब दिया है. केंद्रीय मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2019 में 267 करोड़, 2020-21 में 572 करोड़ 2021-22 में 2479 करोड़, 2022-23 में 2825 करोड़ और 2024 में 4722 करोड़ की राशि आवंटित की गयी है. इसकी तुलना में राज्य सरकार इन राशियों का उपयोग नहीं कर पा रही है.

चालू वित्तीय वर्ष में दी गयी राशि की निकासी तक नहीं की गयी

वर्ष 2019 में झारखंड सरकार ने 291 करोड़ रुपए का उपयोग किया, जबकि 2020-21 में 143 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ, वही 2021-22 में 512 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ, जबकि 2022-23 में 2119 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ. चालू वित्तीय वर्ष में जारी की गई राशि में से किसी भी राशि की निकासी अब तक नहीं की गयी है.

23 लाख घरों में नल जल से हो रही आपूर्ति

केंद्रीय मंत्री ने सांसद संजय सेठ को यह भी बताया कि राज्य सरकार के द्वारा जो रिपोर्ट उपलब्ध करायी गयी है, उसके अनुसार झारखंड में पूर्व में 20.50 लाख ग्रामीण घरों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है. वहीं जुलाई 2023 तक राज्य में 61.28 लाख ग्रामीण घरों में से 23 लाख घरों में नल जल से आपूर्ति होने की सूचना दी गयी है.

झारखंड में कोई जलाशय प्रदूषित नहीं

राज्य सरकार के हवाले से ही लोकसभा में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में पड़ने वाले बड़े जल निकायों जलाशयों को प्रदूषण मुक्त करने व साफ सफाई करने की जिम्मेदारी राज्य का विषय है. राज्य सरकार ने सूचित किया है कि वर्तमान में झारखंड में कोई जलाशय प्रदूषित नहीं है. इसके अलावा भारत सरकार जल निकायों के पुनरुद्धार को लेकर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार को मदद करती है. भारत सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जल शक्ति अभियान, अमृत जलापूर्ति योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से झारखंड सहित सभी राज्यों को मदद करती रही है.

महज 30% राशि खर्च, केंद्रीय योजनाओं को फेल करने में लगी है सरकार

इस जवाब के बाद सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है. सांसद ने कहा कि भारत सरकार ने जितनी राशि राज्य सरकार को प्रदान की है, राज्य सरकार उस राशि का महज 30% खर्च कर पायी है. यह आंकड़ा बताता है कि राज्य सरकार जानबूझकर भारत सरकार की योजनाओं को राज्य में फेल करना चाह रही है ताकि केंद्र सरकार के ऊपर इसका ठीकरा फोड़ा जा सके. इसके अलावा राज्य सरकार ने यह भ्रम फैलाने का काम किया है कि झारखंड का कोई जलाशय प्रदूषित नहीं है, जबकि मीडिया माध्यमों में यह खबर बराबर आती रही है कि झारखंड में बड़े पैमाने पर जलाशय प्रदूषित हो चुके हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जब केंद्र सरकार दोनों हाथ खोल कर राज्य की प्रगति और विकास के लिए पैसे दे रही है तो राज्य सरकार को भी पूरी ईमानदारी के साथ इसका उपयोग करना चाहिए.

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माकपा नेता सुभाष मुंडा के घर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, परिवार को बंधाया ढांढ़स

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा के परिवार से मिलकर उनका ढांढ़स बंधाया. बता दें कि बीते 26 जुलाई को अपराधियों ने माकपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने परिवार के लोगों से मिलकर उनका ढांढ़स बंधाया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था लचर हो गई है, अपराधियों के अंदर कानून का भय खत्म हो गया है. आए दिन ऐसे वारदातों की सूचना राज्य भर से मिलते रहती है. बीजेपी नेता रघुवर दास के साथ हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत कई लोग भी मौजूद थे.

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सदन में बीजेपी का प्रदर्शन: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी विधायकों ने सुभाष मुंडा की हत्या के विरोध में बीते 28 जुलाई को विधानसभा परिसर में धरना दिया था. साथ ही इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा था कि सरेआम माकपा नेता की हत्या, हेमंत सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है. उन्होंने कहा कि घटना के बाद राज्य के आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. वहीं मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि राज्य की विधि व्यवस्था लगातार गिर रही है. इसके बावजूद भी सरकार इसे लेकर संवेदनशील नजर नहीं आती है.

माकपा कार्यालय में मर्डर: बता दें कि बीते 26 जुलाई को दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा अपने भाई और तीन कार्यकर्ताओं के साथ माकपा कार्यालय में बैठे थे. तभी दो बाइक पर सवार तीन अपराधी वहां आ धमके. जिसमें दो ने गमछा लपेटा हुआ था. अपराधियों ने ऑफिस में घुसकर करीब रात के पौने आठ बजे ताबड़तोड़ सुभाष मुंडा पर फायरिंग कर दी. लगभग 10-12 राउंड फायरिंग करने के बाद तीनों अपराधी बाइक पर सवार होकर घटनास्थल से फरार हो गए थे. आनन-फानन में सुभाष को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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झारखंड के 43 हजार पारा शिक्षक कल देंगे आकलन परीक्षा, जानें इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें

राज्य के पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापक) की पहली आकलन परीक्षा 30 जुलाई को होगी. इसकी तैयारी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पूरी कर ली है. राज्य में सभी जिलों में 81 परीक्षा केंद्र अंगीभूत और बीएड कॉलेज में बनाये गये हैं.

इसमें लगभग 43 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे. परीक्षा में कक्षा एक से पांच में लगभग 36 हजार और छह से आठ में लगभग सात हजार शिक्षक शामिल होंगे.

सफल होने पर शिक्षकों का मानदेय 10% तक बढ़ेगा. जो शिक्षक परीक्षा में सफल नहीं होंगे, उन्हें परीक्षा पास करने के लिए तीन और अवसर दिये जायेंगे. शिक्षकों के लिए कुल चार आकलन परीक्षा होगी. शिक्षक अगर परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, तो उनका एक अवसर समाप्त माना जायेगा. परीक्षा में सफल नहीं होने पर भी शिक्षकों की सेवा बनी रहेगी, लेकिन उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होगी.

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150 अंकों की होगी परीक्षा

पारा शिक्षकों की आकलन परीक्षा 150 अंकों की होगी. कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षा होगी़ छह से आठ में विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व भाषा के लिए अलग-अलग परीक्षा होगी. सामाजिक विज्ञान के लिए कुल सात विषयों की परीक्षा होगी, इनमें से किसी तीन विषय की परीक्षा देनी होगी.

विज्ञान शिक्षकों के लिए गणित की परीक्षा देना अनिवार्य

कक्षा छह से आठ में विज्ञान शिक्षकों के लिए कुल छह विषय का विकल्प दिया गया है. इसमें गणित की परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है, जबकि भौतिकी, रसायन, वनस्पति शास्त्र व प्राणी शास्त्र विषय में से किसी दो विषय की परीक्षा देनी होगी.

भाषा में अंग्रेजी की परीक्षा अनिवार्य

भाषा की परीक्षा में अंग्रेजी की परीक्षा देना अनिवार्य है. हिंदी, संस्कृत, बंगला व उड़ीया में से किसी दो विषय का चयन करना होगा. कक्षा एक से पांच व छह से आठ, दोनों में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा अलग से ली जायेगी.

ढाई घंटे की होगी परीक्षा : परीक्षा ढाई घंटे की होगी औरओएमआर शीट पर ली जायेगी. ओएमआर शीट का सैंपल भी जैक ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है.

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रांची के नये MVI बने मुकेश कुमार, 8 अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, 3 को मिला अतिरिक्त प्रभार

झारखंड सरकार ने परिवहन विभाग में पदस्थापित आठ मोटरयान निरीक्षक की ट्रांसफर-पोस्टिंग की है. इसके तहत गिरिडीह में पदस्थापित मोटरयान निरीक्षक मुकेश कुमार को रांची का मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है.

वहीं, रांची के अजय कुमार को सिमडेगा का मोटरयान निरीक्षक बनाया गयाा है. इसके अलावा तीन मोटरयान निरीक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इस सबंध में परिवहन विभाग के उप सचिव के कार्यालय से आदेश जारी हुआ है. इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. साथ ही सभी मोटरयान निरीक्षकों को निदेशित किया गया है कि जिलों में नियमित कार्य निष्पादन के लिए साप्ताहिक ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया

आठ मोटरयान निरीक्षक की हुई ट्रांसफर-पोस्टिंग

बोकारो के मोटरयान निरीक्षक सूरज हेंब्रम (अतिरिक्त प्रभार-रामगढ़) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम में नियुक्त किया गया है. वहीं, गिरिडीह के मोटरयान निरीक्षक मुकेश कुमार को तबादला करते हुए उन्हें रांची को मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है.

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सुदीप कुजूर गोड्डा और विजय गौतम साहिबगंज के मोटरयान निरीक्षक बने

गोड्डा के मोटरयान निरीक्षक सुदीप कुजूर (अतिरिक्त प्रभार-साहिबगंज) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए पाकुड़ को मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है. इसके अलावा हजारीबाग के विजय गौतम (अतिरिक्त प्रभार- कोडरमा) का तबादला करते हुए उन्हें साहिबगंज का मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है.

विमल किशोर सिंह बोकारो और रंजीत मरांडी गिरिडीह के मोटरयान निरीक्षक बने

पूर्वी सिंहभूम के विमल किशोर सिंह को स्थानांतरित करते हुए बोकारो का मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है. इन्हें रामगढ़ का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. वहीं, पलामू के मोटरयान निरीक्षक रंजीत मरांडी का तबादला करते हुए गिरिडीह का मोटरयन निरीक्षक बनाया गया है.

अजय कुमार सिमडेगा और गोपीनाथ डे हजारीबाग का मोटरयान निरीक्षक बने

परिवहन विभाग ने रांची के मोटरयान निरीक्षक अजय कुमार को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सिमडेगा का मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है. वहीं, सिमडेगा के मोटरयान निरीक्षक गोपीनाथ डे का तबादला करते हुए उन्हें हजारीबाग का मोटरयान निरीक्षक बनाया गया है.

आठ मोटरयान निरीक्षक की ट्रांसफर-पोस्टिंग

मोटरयान निरीक्षक : कहां थे : कहां गये

  • सूरज हेंब्रम : बोकारो, अतिरिक्त प्रभार-रामगढ़ : पूर्वी सिंहभूम
  • मुकेश कुमार : गिरिडीह : रांची
  • सुदीप कुजूर : गोड्डा, अतिरिक्त प्रभार-साहिबगंज : पाकुड़
  • विजय गौतम : हजारीबाग, अतिरिक्त प्रभार- कोडरमा : साहिबगंज
  • विमल किशोर सिंह : पूर्वी सिंहभूम : बोकारो, अतिरिक्त प्रभार-रामगढ़
  • रंजीत मरांडी : पलामू : गिरिडीह
  • अजय कुमार : रांची : सिमडेगा
  • गोपीनाथ डे : सिमडेगा : हजारीबाग.
  • इन मोटरयान निरीक्षक को मिला अतिरिक्त प्रभार
  • इसके अलावा तीन मोटरयान निरीक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसके तहत देवघर के मोटरयान निरीक्षक कमल किशोर को अपने मूल पदस्थापन कार्यालय के साथ मोटरयान निरीक्षक, गोड्डा के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे.
  • लाल बिहारी यादव को पलामू और संतोष सोरेन को कोडरमा का मिला अतिरिक्त प्रभार
  • वहीं, गढ़वा के मोटरयान निरीक्षक लाल बिहारी यादव को अपने मूल पदस्थापन कार्यालय के साथ मोटरयान निरीक्षक, पलामू के अतिरिक्त प्रभार में होंगे. इसी तरह, चतरा के मोटरयान निरीक्षक संतोष सोरेन को अपने मूल पदस्थापन कार्यालय के साथ मोटरयान निरीक्षक, कोडरमा के अतिरिक्त प्रभार में होंगे.
  • इन मोटरयान निरीक्षक को मिला अतिरिक्त प्रभार
  • मोटरयान निरीक्षक : कहां हैं : कहां का मिला अतिरिक्त प्रभार
  • कमल किशोर : देवघर : गोड्डा
  • लाल बिहारी यादव : गढ़वा : पलामू
  • संतोष सोरेन : चतरा : कोडरमा.
  • श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में भी ट्रांसफर-पोस्टिंग
  • इसके अलावा श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में कई अधिकारों की ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. वहीं, कई को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
  • अधिकारी : कहां थे : कहां गये
  • धनंजय कुमार सिंह : संयुक्त श्रमायुक्त-1, रांची : संयुक्त श्रमायुक्त-2, रांची (उप श्रमायुक्त, दुमका का अतिरिक्त प्रभार)
  • अल्पना सिन्हा : संयुक्त श्रमायुक्त-2, रांची : श्रमायुक्त-1, रांची (उप श्रमायुक्त, हजारीबाग का अतिरिक्त प्रभार)
  • राजेश प्रसाद : अपर निबंधक, श्रमिक संघ : निदेशक, न्यूनतम मजदूरी, झारखंड (उप श्रमायुक्त, अनुश्रवण मुख्यायल एवं उप श्रमायुक्त, बोकारो का अतिरिक्त प्रभार)
  • राकेश प्रसाद : निदेशक, न्यूनतम मजदूरी, झारखंड : अपर निबंधक, श्रमिक संघ, झारखंड (उप श्रमायुक्त, जमशेदपुर का अतिरिक्त प्रभार)
  • दिप्ती लॉरी तिर्की : कैंटीन मैनेजर (श्रम अधीक्षक स्तर के) : श्रम अधीक्षक (कृषि श्रमिक), गुमला
  • इन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
  • अधिकारी : कहां हैं : कहां का मिला अतिरिक्त प्रभार
  • दिनेश भगत : फैकल्टी सदस्य, राज्य श्रम संस्थान, डोरंडा, रांची (श्रम अधीक्षक स्तर के) (श्रम अधीक्षक, लोहरदगा का अतिरिक्त प्रभार) : कैंटीन मैनेजर (श्रम अधीक्षक स्तर के)
  • अविनाश कृष्ण : श्रम अधीक्षक, कृषि श्रमिक, रांची : सहायाक श्रमायुक्त, रांची एवं सहायक श्रमायुक्त (कृषि श्रमिक), रांची
  • एतवारी महतो : श्रम अधीक्षक, पलामू : सहायक श्रमायुक्त.
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