फिरोजाबाद : बदमाशों की हिमाकत तो देखिये ! एक केस की जांच कर लौट रहे दारोगा की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की है। दारोगा का नाम दिनेश मिश्रा है। जानकारी के मुताबिक थाना अरांव क्षेत्र में तैनात दारोगा दिनेश मिश्रा जांच के लिए गए थे लौटते समय अज्ञात बदमाशों ने उनको गोली मार दी। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बदमाशों ने दारोगा दिनेश मिश्रा को पैगू रोड पर गोली मारी।
जानकारी के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। कन्नौज के थाना इंदरगढ़ में दिनेश मिश्रा तैनात थे। वो गांव सदाअतपुर के रहने वाले थे। गुरुवार की शाम को बाइक पर सवार होकर एक ग्रामीण युवक के साथ अरांव-मैनपुरी मार्ग स्थित गांव में जांच करने गए थे। जांच करके वापस लौटने के दौरान चंदपुरा -पीथेपुर के मध्य अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने दारोगा को गोली मार दी। गोली दारोगा दिनेश मिश्रा के सीने में लगने के कारण वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए।
इधर बदमाश गोली मारने के बाद बदमाश फरार हो गए। दरोगा को गोली मारने की जानकारी होते ही एसपी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दरोगा को मृत घोषित कर दिया। उनके गले में गोली लगी है। हत्या किसने और क्यों की इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। दारोगा के परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
जमशेदपुर : साकची थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंत सेंट्रल मॉल के बिल्डिंग में एक ब्राउन बंच बेकरी शॉप में शाम करीब 5.15 मिनट में अचानक आग लग गई। आग लगने से आस पास अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। बताया जाता है कि बैटरी के फटने से यह घटना घटी लेकिन लोगों की मदद से आग पर किसी तरह काबू पा लिया गया। किसी तरह की कोई जान माल की हानि की कोई सूचना नहीं है मौके पर फायर ब्रिगेड की गाडी और पुलिस की टीम पहुंच चुकी है।
झारखंड के चक्रधरपुर में जमशेदपुर एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। जिसके तहत मीण कार्य विभाग के लिपिक को गिरफ्तार किया गया है। एसबी ने उसके पास से 1 लाख 40 हजार की रिश्वत के रकम बरामद की है।
इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता मामले में एक्शन लेने के लिए एक हफ्ते पहले भी जमशेदपुर पहुंचा था, लेकिन तब लिपिक ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय नहीं आया था।
झारखंड के जिस सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के लिपिक पर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है वो सड़क डीएमएफटी फंड से बन रही है। सड़क निर्माण की अनुमानित लागत 46 लाख रुपए है। लेकिन सड़क निर्माण गुणवत्ता पर फोकस ना करके ग्रामीण कार्य विभाग का लिपिक अपनी जेब भरने में लगा था। जिसके चलते लिपिक सरोज कुमार को लेकर ठेका कम्पनी ने जमशेदपुर एसीबी की टीम से संपर्क किया था।
शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी के अधिकारी चक्रधरपुर के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। एसीबी की टीम के निर्देश पर जैसे ही ठेका कंपनी के अविनाश ने लिपिक को 1 लाख 40 हजार की रिश्वत दी, मौके पर मौजूद टीम ने त्वरित एक्शन लिया और सरोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एक्शन के बाद एसीबी की टीम ग्रामीण कार्य विभाग लिपिक के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों की टीम ने किराए के उस घर पर भी छापा मारा जहां लिपिक सरोज कुमार रहता है। इस घर से एसीबी को कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। जिसे लेकर भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की टीम वापस जमशेदपुर एसीबी कार्यालय के रवाना हुई। बता दें कि लिपिक सरोज कुमार के खिलाफ ठेका कंपनी की शिकायत के बाद एसीपी मा्मले की जांच में लगी थी। इससे एक हफ्ते पहले भी एसीबी के अधिकारी चक्रधरपुर पहुंचे थे। लेकिन उस दिन लिपिक कार्यालय ही नहीं आया था।ॉ
धनबाद के धैया के भेलाटांड़ स्थित ट्रिनिटी गार्डेन के ई-ब्लॉक निवासी सांघवी ठाकुर उर्फ चारु (13 वर्ष) की मौत की जांच सीआईडी ने शुरू कर दी है। धनबाद पुलिस की अनुशंसा और सीआईडी डीएसपी की प्रारंभिक जांच के आधार पर सांघवी की मौत की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई है।
इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अनुसंधान के लिए धनबाद सीआईडी इंस्पेक्टर विनोद गुप्ता को आईओ बनाया गया है। ट्रिनिटी गार्डन के ई-ब्लॉक की सातवीं मंजिल से गिरकर 15 फरवरी को कार्मेल स्कूल धनबाद की छठी की छात्रा सांघवी ठाकुर की मौत हो गई थी।
सीआईडी को तलाशने हैं इन सवालों के जवाब गौरतलब है कि सीआईडी को अपनी जांच के दौरान कई अहम सवालों के जवाब तलाशने हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग को सुलझा लिया तो मिस्ट्री भी सुलझ जाएगी। सीसीटीवी फुटेज में घटना के दो दिन पहले 13 फरवरी को ट्रिनिटी गार्डन कैंपस में चारु से उलझ रहे अंजान लड़के कौन थे, घटना के वक्त का कमल कटेसरिया स्कूल के बुलेट कैमरे का फुटेज में क्या है, चारु जहां गिरी, वहां से 30-40 फीट दूर उसका जूता क्यों मिला, 35 दिन बीतने के बाद चारु की कानबाली मिली, घटना के कुछ दिन पहले एक आरोपी रात में उनके घर पर क्यों आया था।
पांच महीने बाद भी नहीं सुलझी सांघवी की मौत की गुत्थी पांच महीने बाद भी पुलिस सांघवी की मौत की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही। सांघवी की मौत हत्या, आत्महत्या या हादसा है, इस निष्कर्ष पर पुलिस नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने ही सीआईडी जांच की अनुशंसा की थी। चारु के पिता सह एनएचएआई अधिकारी चंदन ठाकुर के बयान पर पुलिस ने चारु के ताइक्वांडो शिक्षक व भूली निवासी विशाल पंडित, अपार्टमेंट के दो किशोर के अलावा हीरापुर के एक किशोर के खिलाफ बरवाअड्डा थाने में हत्या की धारा में नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने हर दृष्टिकोण से जांच की, लेकिन पुलिस की जांच न किसी अंजाम तक पहुंची और न ही घरवाले संतुष्ट नहीं हो सके। कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी सांघवी की मौत की असल वजह सामने नहीं आ सकी। छात्रा के पिता व घरवाले बार-बार इसे हत्या बता रहे हैं। अब सीआईडी पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
डीएसपी की रिपोर्ट पर सीआईडी को सौंपा गया अनुसंधान सीआईडी एसपी के आदेश पर पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी बोकारो सीआईडी डीएसपी नीरज कुमार सिंह को सौंपी गई थी। एसपी ने डीएसपी को कुल 11 बिंदुओं पर जांच करने का टास्क दिया था। डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने पूरे मामले में जांच के बाद एसपी को रिपोर्ट सौंप दी। उन्होंने 11 बिंदुओं में से कई बिंदुओं पर पुलिस की जांच को कठघरे में खड़ा करते हुए एसपी को रिपोर्ट सौंपी। डीएसपी की जांच के बाद डीजीपी ने सीआईडी को केस के अनुसंधान का प्रभार लेकर खुद जांच करने का आदेश दिया।
इधर, आईओ इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बरवाअड्डा थाने की पुलिस से संपर्क कर केस से जुड़े साक्ष्य और तथ्यों की जानकारी ली। सीआईडी जल्द सांघवी के पिता से पूछताछ करने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सांसदों के साथ बैठक में क्रम में उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राज्यों के सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र दिया।
पीएम मोदी ने उनसे कहा, ”गरीबी सबसे बड़ी जाती है।” पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के 45 से अधिक सांसदों की एक बैठक को संबोधित किया। इसके बाद सभी दक्षिणी राज्यों के सांसदों के एक समूह को भी संबोधित किया।
बुधवार को पहली बैठक उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के एनडीए सांसदों के साथ हुई। दूसरी बैठक में दक्षिणी राज्यों के सांसद मौजूद थे, जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
पहली बैठक की मेजबानी मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ की। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी भी पूर्वी यूपी से सांसद हैं। इस बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संबोधित किया। राजनाथ सिंह भी इसी क्षेत्र से सांसद चुने जाते हैं।
पीएम ने यूपी के सांसदों से क्या कहा? प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सांसदों से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक ले जाना और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को दूर करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के झूठे आरोपों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया टीमों के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों को सशक्त बनाएं।” पीएम मोदी ने सांसदों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और डिजिटल दुनिया में अपना प्रदर्शन बढ़ाने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में स्थानीय लोगों के साथ सांसदों को संवाद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इसे हासिल करने का एक कॉल सेंटर खोलने पर विचार कर सकते हैं।”
गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “गरीबी सबसे बड़ी जाति है”। उन्होंने कहा, “राम मंदिर का वादा बीजेपी की विचारधारा से पैदा हुआ था, लेकिन सांसद यह मानकर संतुष्ट नहीं हो सकते कि इससे वोट मिलेंगे।”
पीएम मोदी ने सांसदों को निर्वाचन क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, “इसके बजाय चल रहे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करें।”
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह सच है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर भाजपा की प्रतिबद्धता का हिस्सा रहे हैं, लेकिन वोट सुरक्षित करने के लिए लोगों के लिए लगन से काम करना चाहिए।
पीएम मोदी की नजर दक्षिण भारत पर दूसरी बैठक की मेजबानी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने की। इस बैठक को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी संबोधित किया। दक्षिण भारत के सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने पिछले नौ वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें दक्षिण भारत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों, विशेषकर दक्षिण में भ्रष्टाचार के स्तर पर भी चिंता व्यक्त की।
पीएम मोदी ने एनडीए सदस्यों से विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्यों में प्रचलित मुफ्त चीजें बांटने की संस्कृति का विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रथाओं से लंबे समय में देश को महत्वपूर्ण नुकसान हो सकता है।”
पीएम मोदी ने विपक्ष के गुट पर फिर तीखा हमला बोला और कहा कि यह गठबंधन बिना सोचे-समझे स्वार्थी एजेंडे के बनाया गया है। उन्होंने कहा, ”मैं विपक्षी सांसदों को चुनौती दे सकता हूं। उनमें से किसी से भी पूछने का प्रयास करें कि I.N.D.I.A. का फुल फॉर्म क्या है, उनमें से एक को भी पता नहीं होगा।”
जमशेदपुर : जमशेदपुर ज़िलें मे हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस बीच जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने अधीनस्थ अधिकारियो को सतर्क कर दिया है. डीसी के निर्देश के बाद पूरा अमला रेस हो गया है. लोगो को निचले इलाके से हटाकर ऊपरी इलाके शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही हैं. वही कई इलाका को खाली भी कराया जा रहा है. दूसरी ओर, बरसात के मौसम को देखते हुए जिलेवासियों को बिजली के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हो इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अपील जारी की गई है. उन्होने कहा कि बरसात के दिनों में तेज हवा के कारण किसी खेत में पोल गिरे हों या पेड़ की टहनी बिजली के तार को छू रहे हों तो तत्काल पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, घाटशिला विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सूचना दें. बारिश के दौरान बिजली लाइन, ट्रासंफॉर्मर व पोल आदि से दूर रहें. उक्त के संपर्क में आने से करंट इंसान के शरीर में प्रवाहित हो सकता है, क्योंकि बारिश में अर्थिंग मिलता है. बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर से छेड़छाड़ नहीं करें. विद्युत लाइन के नीचे न बैठें न खड़े रहें. कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अभियंता या विद्युत उपकेन्द्र पर सूचना दें.
कार्यपालक अभियंता का फोन नंबर :
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमशेदपुर- 9431135915 कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, मानगो- 9431135905 कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, घाटशिला- 9431135917
वज्रपात से बचाव के लिए क्या करें –
जब आप घर के भीतर हों
बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें. ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहे, धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वॉशबेसिन आदि से दूर रहें. कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सुत की रस्सी का प्रयोग करें. जब आप खेल, खलिहान में काम कर रहे हैं गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तथा मजदूर या तालाब में कोई कार्य कर रहे व्यक्ति तुरंत सूखे या सुरक्षित स्थान पर जायें. धातु से बने कृषि यंत्र या डंडा से अपने आप को दूर कर लें. जब आप जंगल में हों छोटे या घने पेड़ों की शरण में चले जायें. जब आप घर के बाहर हों ऊंचे वृक्ष बिजली को आकर्षित करते हैं, कृप्या उनके नीचे न खड़े रहें. समूह में न रहें बल्कि अलग-अलग हो जायें. किसी पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें. खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें. बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें. बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें. तालाब और जलाशयों से दूर रहें. यदि आप पानी के भीतर हैं अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं. अगर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले पाने में असमर्थ हों जहां हैं वहीं रहें हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें. जमीन पर बिल्कुल नहीं लेटें. दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथोसंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने दें. वज्रपात का झटका लगने पर ये करें वज्रपात के झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए. तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करें. वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति की सूचना अपने अंचलाधिकारी या जिले के जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा उपायुक्त को तत्काल दें.
अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के 78 वर्षीय इंजीनियर को नौकरी से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि वह भारत में मरणासन्न अपने एक रिश्तेदार से वीडियो कॉल पर हिंदी में बात कर रहा था.
अमेरिकी मीडिया ने यह खबर देते हुए बताया कि अलाबामा में मिसाइल डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर के साथ लंबे समय से अनिल वार्ष्णेय काम कर रहे थे और नौकरी से निकाले जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है.
वार्ष्णेय हंट्सविली मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर पार्सन्स कॉरपोरेशन में बतौर वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर काम करते थे. उन्होंने संघीय अदालत में दाखिल वाद में आरोप लगाया है कि उनके साथ व्यवस्थागत भेदभाव किया गया, जिसकी वजह से पिछले साल अक्टूबर में उन्हें बेरोजगार होना पड़ा.
‘मरने से पहले आखिरी बार बात करना चाहते थे रिश्तेदार’
एएल डॉट कॉम ने सोमवार को खबर दी कि श्वेत सहकर्मी ने वार्ष्णेय को भारत में मरणासन्न अपने रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात करते हुए सुना. वार्ष्णेय को 26 सितंबर 2023 को ‘उनके मरणासन्न रिश्तेदार केसी गुप्ता का भारत से फोन आया जो अंतिम बार वार्ष्णेय से बात करना चाहते थे.
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) परिसर में बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने का सपना टूटता दिख रहा है. इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मंगायी गयीं मशीनें दूसरी जगह ले जाने की तैयारी है. अस्पताल के अब तक शुरू नहीं होने और इसके लिए चिकित्सक नहीं मिलने के कारण ऐसा निर्णय किया गया है. यहां अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को जानकारी दी है.
एजेंसी ने कहा है कि इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है. ऐसे में यहां रखे-रखें इन अत्याधुनिक मशीनों के खराब होने की संभावना है. इस वजह से मशीनों को दूसरी जगह भेजना आवश्यक है. जब सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होगा, तो दूसरी मशीनें धनबाद के लिए मुहैया करायी जायेगी. याद रहे कि एसएनएमएमसीएच कैंपस में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार है, पर चिकित्सक नहीं मिलने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है. हाल ही में रांची में इसके लिए साक्षात्कार का आयोजन किया गया था, पर एक भी चिकित्सक उसमें शामिल होने नहीं आया.
187 करोड़ खर्च के बाद भी सुविधाएं मयस्सर नहीं
चार बार निकली वैकेंसी, पर नहीं मिले चिकित्सक : सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं. सरकार ने यहां चिकित्सकों के 94 पद स्वीकृत किये हैं. अब तक चार बार चिकित्सकों की बहाली के लिए वैकेंसी भी निकाली गयी, लेकिन साक्षात्कार के लिए एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचा. इसके लिए एमसीएच और इससे समतुल्य पद के डॉक्टरों की बहाली होनी हैं. इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी बहाली होनी है. इसके लिए 300 से ज्यादा कर्मचारियों के पद सृजित किये गये हैं. पर तमाम कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ.
2012 में बनी थी कार्ययोजना
2015 में राज्य व केंद्र सरकार के बीच एमओयू
2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य
2017 दिसंबर की जगह इस साल पूरा हुआ कार्य
80 करोड़ रुपए भवन निर्माण पर खर्च
87 करोड़ रुपये मशीन व उपकरण की खरीदारी पर खर्च
25 एकड़ जमीन पर बना है अस्पताल
जमीन विवाद के कारण काम पर असर पड़ा, तो 2020 में कोरोना महामारी ने डाला व्यवधान
यह भी जानें
पीएसएसवाइ के तहत मिली राशि का 85% केंद्र सरकार व 15% राज्य सरकार ने किया वहन
केंद्र सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 167 करोड़ रुपये आवंटित किये
अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है. इसमें 160 जनरल और 40 आइसीयू बेड हैं
आठ माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर अस्पताल में स्थापित किये गये हैं
अस्पताल में अलग से रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी की भी तैयारी है
इस कारण नहीं आना चाहते हैं चिकित्सक
एयरपोर्ट नहीं होना : धनबाद में एयरपोर्ट नहीं होना सुपर स्पेशियलिटी के लिए ग्रहण साबित हो रहा है. एयरपोर्ट नहीं होने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आना नहीं चाहते हैं. धनबाद के चिकित्सक भी इस बात को मानते हैं.
सुरक्षा की गारंटी नहीं : सुरक्षा को लेकर भी चिकित्सक धनबाद आने से परहेज करते हैं. हाल के कुछ वर्षों में यहां चिकित्सकों पर हमले तेज हुए हैं. यहां के चिकित्सक गैंस्टरों की रडार पर हैं. चिकित्सकों से रंगदारी मांगने की बात भी सामने आ चुकी है. यही वजह है कि सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आने से परहेज कर रहे हैं.
मंगवाई गयी हैं 87 करोड़ की मशीनें
बता दें कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत से मशीनें मंगवायी गयीं हैं. इनमें से कई मशीनों को एजेंसी ने इंस्टॉल भी कर दिया गया है. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार यहां लगने वाली सभी मशीनें अत्याधुनिक हैं.
एजेंसी हाइट्स ने कही मशीनें शिफ्ट करने की बात
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने यहां की मशीनों को एम्स, कल्याणपुर व जबलपुर शिफ्ट करने की बात कही है.
पहले ही छीना जा चुका है एम्स
धनबाद में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है. यहां एकमात्र सरकारी अस्पताल एसएनएमएमसीएच है. इस अस्पताल में अभी भी कॉर्डियोलॉजी, नेफरोलॉजी, न्यूरोलॉजी जैसी बीमारियों के उपचार की व्यवस्था नहीं है. यहां बीच में एम्स लाने की बात हुई थी. प्रस्ताव भी बना था. लेकिन, एम्स का निर्माण देवघर में हो गया. उसके विकल्प के रूप में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पेश किया जा रहा था. लेकिन अब इस पर भी ग्रहण लग रहा है.डॉ ज्योति रंजन प्रसाद, प्राचार्य, एसएनएमएमसीएच, धनबादसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीन मुहैया कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित जानकारी दी है. हालांकि, अबतक मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित कोई लिखित निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है. मुख्यालय से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी मुताबिक कार्य किया जायेगा.
नकली दवाओं पर लगाम लगाने के लिए भारत के शीर्ष दवा नियामक ने मंगलवार से शीर्ष 300 दवा ब्रांडों जिनमें एलेग्रा, शेल्कल, कैलपोल, डोलो और मेफ्टल स्पा जैसी दवाएं शामिल हैं, उनपर बार कोड या क्यूआर कोड लगाने के नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
भारतीय औषधि नियंत्रण जनरल (डीसीजीआई) ने फार्मा कंपनियों को नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है और ऐसा नहीं करने पर उन पर कठोर जुर्माना लगाया जाएगा। भारत के शीर्ष दवा नियामक ने फार्मा निकाय संघों को सलाह दी है कि वे अपनी सदस्य कंपनियों को नए नियम का पालन करने की सलाह दें।
नियामक के अनुसार यूनिक प्रोडक्ट आइडेंटिफिकेशन कोड में उचित जेनरिक नाम के अलावे ब्रांड नेम, दवा बनाने वाली कंपनी का नाम और पता, बैच नंबर, विनिर्माण की तारीख, एक्सपायरी की तारीख और विनिर्माण का लाइसेंस नंबर जैसी सभी जानकारी उपलब्ध रहनी चाहिए।
300 ब्रांडों पर 1 अगस्त 2023 से क्यूआर कोड प्रिंट करना या चिपकाना अनिवार्य
अधिसूचना के अनुसार निर्दिष्ट दवा फॉर्मूलेशन के ब्रांडों के किसी भी बैच को जो 1 अगस्त 2023 को या उसके बाद बना होगा, चाहे वह किसी भी विनिर्माण स्थल पर बना हो उसके लेबल पर बारकोड या क्यूआर कोड होना जरूरी है। दवा फॉर्मूलेशन के 300 ब्रांडों पर क्यूआर कोड प्रिंट करना/चिपकाना अनिवार्य है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दवा निर्माताओं को भेजे पत्र में कहा, ‘हालांकि, अगर कोई निर्माता स्वेच्छा से किसी अन्य ब्रांड के लिए बार कोड या क्यूआर कोड चिपकाना चाहता है या प्रिंट करना चाहता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। बयान में कहा गया है, “यह नियम उन सभी स्वदेशी और विदेशी विनिर्माताओं पर लागू होगा जो देश में विपणन के लिए इन ब्रांडों के दवा फार्मूलेशन का विनिर्माण कर रहे हैं।”
झारखंड में मानसून सक्रिय है. पिछले 24 घंटे में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. कहीं-कहीं भारी और बहुत भारी बारिश हुई. जबकि एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज की गई. राज्य में मानसून गतिविधि सक्रिय रही.
सबसे अधिक वर्षा 212.4 मीमी पाकरटंड सिमडेगा में दर्ज किया गया. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37 जिग्री सेसि गोड्डा में जबकि सबसे न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री रांची में दर्ज किया गया. आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. वहीं, 1 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में और 2 अगस्त को गुमला, सिमडेगा व लोहरदगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसे लेकर विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग का पूर्नुमान:
1 और 2 अगस्त राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्क से मध्यम दर्जे की बारिश के आसार हैं.
1 अगस्त को राज्य के पश्चिमी (गढ़वा, लातेहार, गुमला सिमडेगा) और निकटवर्ती मध्य भागों (पलामू, लातेहार, लोहरदगा व खूंटी) में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना है.
2 अगस्त को राज्य के दक्षिणी भागों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा) और पश्चिमी भागों (गढ़वा, लातेहार, गुमला सिमडेगा) में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना है.
1 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2 अगस्त को गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है
3 अगस्त तक इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है.
3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी
वज्रपात की आशंका देखते हुए मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान किया है. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में वे सुरक्षित स्थान पर ही शरण लें. भूलकर भी बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे ना रहें और बिजली के पोल से दूर रहें. विभाग ने किसानों से भी खास अपील की है कि वे खेतों में तब तक ना जाएं जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता.
अभी क्या है मानसून की स्थिति
अभी, बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर बना दबाव 25 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया, गहरे दबाव में बदल गया और आज सुबह 08.30 बजे IST, 21.2 डिग्री उत्तर और देशांतर 91.2 डिग्री पूर्व, खेपुपारा (बांग्लादेश) से लगभग 160 किमी पूर्व दक्षिण-पूर्व और 420 पर केंद्रित है, दीघा (पश्चिम बंगाल) से किमी पूर्व, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज, 1 अगस्त की शाम तक खेपुपारा के पूर्व के करीब बांग्लादेश तट को पार करने की संभावना है. इसके बाद, अगले 24 घंटों के दौरान इसके गंगटिकपश्चिम बंगाल में पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. मानसून का पश्चिमी छोर घास के मैदान के समुद्र तल से हिमालय की तलहटी के करीब चला है और पूर्वी छोर अब गोरखपुर, पटना, श्रीनिकेतन कैनिंग से होकर गुजरा है और वहां से पूर्व दक्षिणपूर्व की ओर बांग्लादेश तट से दूर बंगाल की पूर्वोत्तर खाड़ी पर गहरे दबाव के केंद्र तक पहुंचा है.
झारखंड में अब भी 49 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब भी 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है. एक जून से एक अगस्त तक 291.3 मिमी ही बारिश हुई है. जबकि, इस समय सामान्य बारिश रिकॉर्ड 517 मिमी है. झारखंड के 24 जिलों में चतरा जिला में सबसे कम बारिश हुई है. यहां अब भी 70 प्रतिशत बारिश कम हुई है. जबकि, सबसे अधिक बारिश साहिबगंज में हुई है. हालांकि, वह भी सामान्य से कम ही है. साहिबगंज में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है. हालांकि, बीते एक-दो दिन से मानसून सक्रिय रहने के कारण बारिश की कमी थोड़ी कम हुई है, लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि किसानों की समस्या दूर हो जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि झारखंड में मानसून सक्रिय रहने से बारिश की कमी दूर हो जाएगी.
मौसम विभाग ने 1 जून 2023 से 1 अगस्त 2023 तक हुई बारिश के आंकड़े जारी किये हैं. नीचे दिए चार्ट में आप देख सकते हैं कि अब तक झारखंड के किस जिले में कितनी बारिश हुई है-