झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी भाभी झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक सीता सोरेन के द्वारा विधायक पद से और झामुमो की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने की खबर है।
इस खबर से राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है और चंपई सोरेन सरकार के खिलाफ खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
इसका वजह बताया जा रहा है कि झारखंड सरकार के नए मंत्रिमंडल में चंपई सोरेन के नेतृत्व की सरकार में विधायक सीता सोरेन को मंत्री पद नहीं मिली है। जबकि सरकार गठन के पूर्व बागी विधायकों में वह भी शामिल थी जिन्हें किसी तरह मना लिया गया था लेकिन अब उन्होंने फिर से एक बार पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया जिस राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
जमशेदपुर : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यूनियन होम मिनिस्ट्री का डेटा से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2019 से 2021 तक के दौरान साढ़े तेरह लाख लड़की गायब हुई है। इस पर भारतीय आंतरिक मामले सुरक्षा खुफिया एजेंसी के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इस रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों के ऊपर क्या बीत रही होगी।
सुमन कारूवा ने इस रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों के मामले पर अंतरराष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के द्वारा संज्ञान लेने की मांग की है, साथ ही इस मामले पर भारत सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गंभीरता पूर्वक आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है। उन्होंने कहा कि रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों को कहां-कहां, किस – किस माध्यम से, किसके इशारे पर अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय गैंग गिरोह के द्वारा अपहरण कर अन्यत्र ले जाकर गायब करने का काम कर रही है। यह भारत सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। अब इस गोरखधंधे का रहस्य कब तक उजागर होगी। हमारे देश में विश्व के खुफिया एजेंसी विश्वस्तरीय होते हुए भी कामयाबी हासिल नहीं हुई है, यह चिंता का विषय है।
सुप्रीम कोर्ट आज यानी मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र को नागरिकता संशोधन नियम, 2024 के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जब तक कि शीर्ष अदालत नागरिकता (संशोधन) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेती।
साल 2019 में सीएए प्रावधान पारित होने के बाद से इस मामले पर शीर्ष अदालत में 230 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई हैं।
अधिसूचित नियमों पर रोक लगाने की मांग
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले में सुनवाई करेगी। इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (IUML) ने 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA), 2019 और 11 मार्च, 2024 को सरकार द्वारा अधिसूचित इसके नियमों पर रोक लगाने के लिए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सीएए के प्रावधानों को लागू करने पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
गैर-मुस्लिम प्रवासियों को मिलेगी नागरिकता
गृह मंत्रालय ने 11 मार्च को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के नियमों के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया था। यह कानून अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी शरणार्थियों के लिए इन देशों के वैध पासपोर्ट या भारतीय वीजा के बिना भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
IUML ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका
केंद्र की ओर से सीएए के तहत नियम जारी करने के एक दिन बाद केरल के राजनीतिक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने नियमों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। आईयूएमएल ने मांग की कि विवादित कानून और नियमों पर रोक लगाई जाए और मुस्लिम समुदाय के उन लोगों के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाए जो इस कानून के लाभ से वंचित हैं। आईयूएमएलएल के अलावा अन्य पार्टियों और व्यक्तियों जैसे डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैका, असम से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने भी आवेदन दायर किया है।
कुछ क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे ये नियम
नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 दिसंबर 2019 में संसद में पारित किया गया था। लोकसभा ने 9 दिसंबर को विधेयक पारित किया, जबकि राज्यसभा ने 11 दिसंबर को इसे पारित किया। अवैध प्रवासियों के लिए नागरिकता पर संशोधन कुछ क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे। इनमें संविधान की छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्र शामिल हैं। बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 के तहत जिन राज्यों में ‘इनर लाइन परमिट’ व्यवस्था लागू है, वहां भी सीएए लागू नहीं होगा। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड में ‘इनर लाइन परमिट’ की व्यवस्था लागू है।
लोकसभा चुनाव में अब सिर्फ कुछ ही समय बचा है. ऐसे में देश में सियासी माहौल चरम पर पहुंच गया है. इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को लेकर एक बार फिर तंज कसा.
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को वोट देकर कोई फायदा नहीं है क्योंकि कोई अगर जीतता भी है तो वह बीजेपी में आ जाएगा. कांग्रेस के लोग कांग्रेस में रहेंगे या नहीं, इस पर भी संदे है. क्योंकि हर कोई बीजेपी में आना चाहता है.
उन्होंने करीमगंज जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार पार्टी में नहीं रहना चाहता, सभी को बीजेपी में शामिल होना है. एक को छोड़कर जितने भी उम्मीदवार कांग्रेस से जीतेंगे, मैं सबको बीजेपी में लाऊंगा.
उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वोट करेंगे. हम अल्पसंख्यकों के विकास के लिए काम कर रहे हैं. आज अल्पसंख्यक युवाओं को बिना रिश्वत दिए काम मिल रहा है. अल्पसंख्यक भी हमें वोट करेंगे. इस बार बीजेपी करीमगंज और नगांव सीटों पर भी जीतेगी.
बता दें कि पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान किया था. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा था कि देश में आम चुनाव 7 चरणों में होंगे. चुनाव की प्रक्रिया 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक चलेगी. जबकि मतगणना 4 जून को होगी. देश के तीन राज्य यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में सभी 7 चरणों में मतदान होगा.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला इलाके के पास अनियंत्रित कार के पलटने से घायल तीन युवकों में से दो की मौत हो गयी. एक घायल की हालत गंभीर है. मरने वालों में टुइलाडुंगरी निवासी अस्मित छाबरा और दूसरा युवक मानगो का आशिफ कमाल है. घायल युवक शुभम है. बताया जाता है कि दोनों मृतक केरला समाजम मॉडल स्कूल साकची के 12वीं का छात्र था. इस साल ही इन लोगों ने परीक्षा दी थी और कार लेकर घुमने निकले थे. सोमावार की शाम करीब 5 बजे उनकी कार अचानक से पलट गयी. वे लोग घाटशिला की ओर से जमशेदपुर वापस आ रहे थे कि अचानक कार पलट गयी, जिससे दोनों दोस्त की मौत हो गयी.
एक युवक घायल है. तीनों को घायल हालत में तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया था, जहां से टीएमएच रेफर कर दिया गया था, जहां दो को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले अस्मित की मां मौके पर पहुंची और बेटे के शव को देखकर रोने लगी. उनके क्रंदन से हर लोगों की आंखे नम हो गयी. दोनों का पोस्टमार्टम कराया जायेगा.
लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए के सीट शेयरिंग फॉर्मूला का सोमवार को ऐलान हो गया. सीट न मिलने केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस नाराज बताए जा रहे हैं. वे मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं.
पशुपति पारस ने आज 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इसमें वे आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे.
लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सोमवार को NDA में सीट शेयरिंग का ऐलान हुआ. बीजेपी 17 सीटों के साथ बड़े भाई की भूमिका रहेगी. जबकि 40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, चिराग पासवान 5 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे. इसके अलावा एक-एक सीट उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी के खाते में गई है. वहीं, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को एक भी सीट नहीं मिली है. एनडीए में सीट न मिलने से पशुपति पारस नाराज बताए जा रहे हैं.
पशुपति पारस ने पहले ही दिखा दिए थे बगावती तेवर
एनडीए में सीट न मिलता देख पशुपति पारस ने पहले ही बगावती तेवर दिखा दिए थे. हाल ही में पशुपति पारस ने बगावती तेवर दिखाते हुए कहा था, मैं पीएम मोदी का बहुत सम्मान करता हूं. हम 2014 से बहुत ईमानदारी से एनडीए का साथ देते आ रहे हैं. लेकिन हमारे साथ अन्याय हुआ है. हमें लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दी गई. उन्होंने बीजेपी से लिस्ट पर दोबारा विचार करने की मांग की थी. इतना नहीं उन्होंने कहा था कि हमारे सामने विकल्प खुला था. पशुपति पारस ने कहा था, मैं बीजेपी की लिस्ट के बाद फैसला लूंगा.
हाजीपुर सीट पर फंसा पेच
पशुपति पारस बिहार की हाजीपुर सीट पर चुनाव लड़ने पर अड़े हैं. सूत्रों के मुताबिक, उन्हें राज्यपाल पद का ऑफर दिया गया था. हालांकि, वे इस पर राजी नहीं है. उधर, सीट शेयरिंग के बाद चिराग पासवान ने हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. हाजीपुर सीट रामविलास पासवान की सीट रही है. अभी इस सीट से उनके भाई पशुपति पारस सांसद हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को आईएएस अधिकारियों से कुशल प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा विश्लेषण जैसी नई तकनीकों का उपयोग करने को कहा।
एलबीएसएनएए (मसूरी) में 125वें प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसी स्थिति में हैं जहां वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य विकसित करना जरूरी
इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के रूप में आपको प्रशासनिक कामकाज और सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों पर अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य विकसित करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल प्रशासन की बदलती दुनिया को अपनाने और उसके अनुरूप अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कहा। आज सहयोग और एक साथ आना समय की मांग है।
नई तकनीकों को अपनाने से आ सकता है प्रभावशाली परिवर्तन
उन्होंने कहा कि कम समय में वांछित परिणाम के लिए संगठनात्मक, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग जरूरी है। इसी प्रकार समृद्ध और विविध अनुभवों के साथ नए विचारों व नई तकनीकों को अपनाने से प्रभावशाली परिवर्तन आ सकता है।
उन्होंने कहा कि देश 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आपके काम करने का तरीका और आपके निर्णय देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अपने नियमों को लेकर काफी सख्त है. जहां एडल्ट कंटेंट दिखता है तो गूगल अकाउंट को बंद कर देता है. लेकिन इस बार गूगल ने जो किया, वो हैरान करने वाला है. टीओआई की खबर के मुताबिक, एक शख्स ने गूगल ड्राइव पर अपनी बचपन की तस्वीर पोस्ट की तो गूगल ने पॉर्न बताकर उसके अकाउंट को ही ब्लॉक कर दिया.
इसके बाद गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र और गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है. तस्वीर जो अपलोड हुई थी, उसमें दादी दो साल के बच्चे को नहलाती दिख रही थीं.
टीओआई की खबर के मुताबिक, शख्स का नाम नील शुक्ला बताया जा रहा है. 24 साल के नील शुक्ला को शक है कि गूगल के किसी AI प्रोग्राम ने उनकी गूगल ड्राइव को ब्लॉक कर दिया. ये प्रोग्राम लोगों की फोटो देखकर उनके बारे में राय बनाता है और उन्हें आंकता है. पिछले साल अप्रैल में नील ने अपनी फोटोज ड्राइव पर डाली थीं, उसी दौरान उनका अकाउंट बंद हो गया. हाल ही में गूगल के AI वाले ऐप्स कई बार गलत फैसले दे चुके हैं.
बंद होने से हो रहीं कई दिक्कतें
नील शुक्ला के वकील दीपेन देसाई ने हाई कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल न तो ईमेल देख पा रहे हैं और न ही उनका व्यापार ठीक से चल पा रहा है. शुक्ला एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं और उनका ज्यादातर काम इंटरनेट के जरिए होता है. उनके लिए अकाउंट बंद होना मानो उनकी पहचान ही छिन जाना जैसा है. शुक्ला ने गूगल से अकाउंट वापस दिलाने की कोशिश की थी मगर कोई फायदा नहीं हुआ.
26 मार्च तक मांगा जवाब
नील शुक्ला के वकील ने हाल ही हुई हाई कोर्ट की सुनवाई में ये कहते हुए जल्दी फैसला सुनाने का आग्रह किया कि गूगल ने उन्हें एक नोटिस भेजा है जिसमें बताया गया है कि उनके अकाउंट से जुड़ा डाटा अप्रैल में डिलीट कर दिया जाएगा, जब अकाउंट बंद हुए एक साल पूरा हो जाएगा. जस्टिस वी.डी. नानावटी ने तब अधिकारियों और गूगल को नोटिस जारी किया और उन्हें 26 मार्च तक जवाब देने को कहा.
Google से शिकायत करने के बाद भी नील शुक्ला की समस्या का सॉल्यूशन नहीं निकला. इसके बाद उन्होंने गुजरात पुलिस और भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से भी संपर्क किया. लेकिन शुक्ला का कहना है कि किसी भी अधिकारी ने उनकी कोई मदद नहीं की, जिसकी वजह से उन्हें कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ा.
दिल्ली एनसीआर में चल रहे ‘कैंसर की नकली दवाइयों’ के मामले में कई खुलासे हुए हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरोह के आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी के 10 लोकेशन पर छापेमारी की. इसमें जांच एजेंसी को अब तक 65 लाख से अधिक कैश बरामद हुए हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये एक संगठित गिरोह है जो कैंसर की नकली दवा बनाता और बेचता है.
दिल्ली में चल रहे ‘कैंसर की नकली दवा’ बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए, दिल्ली पुलिस की क्राइम विभाग ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह का तार, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेश में फैला हुआ है. आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद, उनके पास से क्राइम विभाग को 90 लाख के करीब कैश बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है.
बीन बैग में छुपा रखे थे लाखों रुपये.
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एफआईआर को आधार बनाते हुए ईडी ने इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामला के तहत कार्रवाई करते हुए, आरोपी विफल जैन, सूरज शाट, नीरज चौहान, परवेज मालिक, कोमल तिवारी, अभिनय और तुषार चौहान के दिल्ली और एनसीआर के 10 ठिकानों पर छापेमारी की. यहां से विभाग को लगभग, 65 लाख कैश बरामद हुआ.
ईडी ने बताया कि सूरज शाट के घर में बीन बैग में छिपाकर रखे गए 23 लाख रुपये मिले थे. एजेंसी ने बताया कि संदिग्धों के कब्जे से चल और अचल संपत्तियों के बारे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका धालभूमगढ़ प्रखंड के पुनसा गांव में एक ट्रेलर की चपेट में आने से तीन मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रुप से घायल हो गया. घायल को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां वे लोग घायल है. मिली जानकारी के मुताबिक, सारे युवक धालभूमगढ़ के पास बनकाटी फुलपाल के रहने वाले है. बताया जाता है कि एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक कहीं जा रहे थे.
इसी बीच धालभूमगढ़ के पुनसा गांव के पास हाईवे का वाशिंग सेंटर के पास एक दस चक्का ट्रक को इन तीनों युवकों ने पीछे से ठोकर मारी और वे लोग खुद घायल हो गये. जब तक अस्पताल या एंबुलेंस पहुंचती तब तक सेवा ही धर्म नामक सामाजिक संस्था से जुड़े लोग पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजवाया, जहां उनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है. घायलों को मदद पहुंचाने में नौशाद अहमद, विमल कालिंदी, चंदन नामता, राकेश समेत अन्य लोग शामिल है.