जमशेदपुर : शहर के सिखों का एक प्रतिनिधिमंडल देश के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से राज्य की राजधानी रांची में मिला। उन्हें गुलदस्ता भेंटकर एवं शॉल ओढ़ाकर सिख समुदाय की ओर से उनका अभिनंदन किया गया। इस मौके प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना में सिखों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का आग्रह किया। इसके साथ ही जमशेदपुर लोकसभा निर्वाचन में भाजपा के पक्ष में सिखों की बड़ी भागीदारी पर प्रकाश डाला गया।
जमशेदपुर की सिख संगत के दर्शन को आऊंगा : मंत्री
इस पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सिखों की भाजपा के पक्ष में दिन रात मेहनत करने की सराहना करते हुए सिख नेताओं के प्रति भाजपा संगठन एवं प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी की ओर से आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह जमशेदपुर का दौरा कर सिख संगत के दर्शन करेंगे। वहीं देश की आजादी, देश के निर्माण एवं देश की रक्षा में सिखों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिख पंथ के राष्ट्रवाद के प्रति हर भारतीय नतमस्तक है और प्रधान सेवक और भाजपा इसकी अपवाद नहीं है।
इस प्रतिनिधि मंडल में भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू, झारखंड सिख विकास मंच के संस्थापक गुरदीप सिंह पप्पू, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रधान सरदार अमरीक सिंह, चेयरमैन दमनप्रीत सिंह, चेयरमैन और भाजपा नेता चंचल सिंह भाटिया, राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के संयोजक अधिवक्ता कुलविंदर सिंह, भाजपा नेता सुरिंदर सिंह शिंदे, झारखंड सिख विकास मंच अध्यक्ष दलजीत सिंह, संरक्षक जसवीर सिंह सोनी,
जमशेदपुर : आज ईद उल जुहा पर्व के उपलक्ष्य पर सोनारी के दोनों मस्जिदों पर सुबह 7:00 बजे से सोनारी थाना शांति समिति के अध्यक्ष डॉ अमल पत्रों के निर्देशानुसार आदरणीय सदस्य गण और सोनारी थाना के अधिकारी गण मौजूद रहकर बकरीद पर्व के नमाज़ को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न करवाए।
सोनारी थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद, सोनारी शांति समिति के सचिव सुधीर कुमार पप्पू ने सभी आदरणीय सदस्यों और अधिकारियों का जिन्होंने अपना सहयोग देके पर्व को इतनी सुंदरता से संपन्न करवाया उन सभी का आभार व्यक्त किये।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आज सुबह बड़ा ट्रेन हादसा हुआ. यहां रंगापानी स्टेशन के पास खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन को मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन की पीछे की तीन बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है, वहीं 30 यात्रियों के घायल होने की सूचना है. मौके पर तत्काल बचाव टीम पहुंची है. रेस्क्यू जारी है.
इस हादसे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा से एक दुखद रेल दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली. स्तब्ध हूं. हालांकि पूरी जानकारी का इंतजार है, कंचनजंगा एक्सप्रेस कथित तौर पर एक मालगाड़ी से टकरा गई है. बचाव दल और मेडिकल सहायता के लिए टीमें घटनास्थल पर भेजी गई हैं.डीएम और एसपी को भी मौके पर भेजा गया है. युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी है.
ट्रेन की बोगी हवा में लटकी
इस हादसे में कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन की पीछे की तीनों बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं. एक बोगी तो दूसरी बोगी के ऊपर आकर हवा में लटक गई. वहीं दूसरी बोगी ट्रैक पर पलटी दिखाई दी. अधिकारियों ने बताया कि हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं तीनों बोगियों को पहुंचा है. घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल है. बोगी में मौजूद घायल यात्री कराहते दिखाई दिए. रेस्क्यू टीम सभी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजने में जुटी हुई है.
हादसे की जांच कराई जाएगी
सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से निकलकर कुछ दूरी पर आगे बढ़ी थी, जैसे ही ट्रेन रंगापानी इलाके में पहुंची, पीछे से आ रही मालगाड़ी ने टक्कर मार दी. हादसा सुबह लगभग 8:45 बजे पर हुआ है. रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि हादसे की जांच कराई जाएगी. मालगाड़ी ट्रेन के ड्राइवर से भी पूछताछ की जाएगी. क्या कोई तकनीकी समस्या की वजह से यह हादसा हुआ, इसका भी पता लगाया जा रहा है. .शुरुआती तौर पर पता चला है कि सिग्नलिंग की समस्या के कारण मालगाड़ी उसी लाइन पर चली गई थी.
हेल्पलाइन नंबर जारी
इस हादसे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,’ बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है. रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें साथ मिलकर रेस्क्यू में जुटी हुई हैं. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.’ वहीं रेलवे ने घायलों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. घायलों के परिजन 033-23508794, 033-23833326 पर कॉल करके मदद ले सकते हैं.
साउथ इस्टर्न रेलवे जोन के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल कुमार मिश्रा शनिवार को टाटानगर स्टेशन पहुंचे. जीएम अपने स्पेशल सैलून से आये थे. उनके साथ उनकी टीम भी थी.
जीएम अनिल मिश्रा ने टाटानगर स्टेशन परिसर और टाटानगर-खड़गपुर थर्ड लाइन व टाटानगर-झारसुगुड़ा थर्ड रेल लाइन का निरीक्षण किया. उन्होंने टाटानगर स्टेशन के पार्सल सेक्शन में पार्सल स्कैनर का उद्घाटन किया. जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पार्सल सेक्शन में स्कैनर लगाया गया है, ताकि कोई ऐसी वस्तु को रेल से नहीं भेजा जाए जिसे बैन किया गया है. टाटानगर स्टेशन में तीन और प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे. इससे यहां कुल आठ प्लेटफॉर्म हो जाएंगे.
जीएम अनिल मिश्रा ने बताया कि जून के अंत तक आदित्यपुर स्टेशन में दो अतिरिक्त प्लेटफार्म बनकर तैयार हो जाएगा. इस फ्लेटफार्म की कई वर्षों से स्थानीय लोगों की मांग भी थी. जल्द ही इससे ट्रेन भी गुजरेगी. वहीं आदित्यपुर स्टेशन में रेलवे यार्ड भी बनाया जा रहा है, जहां ट्रेनों को रखा जाएगा.
जीएम अनिल मिश्रा ने बताया कि अक्टूबर के अंत तक टाटा-खड़गपुर के बीच थर्ड रेल लाइन का काम पूरा कर लिया जाएगा. वहीं जनवरी 2025 तक टाटा-झारसुगुड़ा के बीच थर्ड रेल लाइन का काम पूरा कर लिया जाएगा. साउथ इस्टर्न जोन में कई ट्रेनें लेट चलती हैं, इसपर भी काम किया जा रहा है. रेलवे इस प्रयास में है कि जोन में ट्रेनें समय पर चलें, ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. उन्होंने बताया कि जल्द ही टाटानगर स्टेशन के रेनोवेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा.
जमशेदपुर:- टेल्को क्षेत्र के झगरू बगान शिव मंदिर के प्रांगण में वगत कई दिनों से मंदिर के प्रांगण में पानी की समस्या हो रही थी। तथा पूजा पाठ करने में दिक्कत होती थी और गर्मी को देखते हुए पीने का पानी की समस्या बढ़ गई थी।।
बस्तीवासियों ने माननीय विधायक श्री सरयू राय से मंदिर के प्रांगण में डीप बोरिंग करवाकर चापाकल लगवाने का आग्रह किया। इस अवसर पर भाजमो नेता नवीन कुमार ने बताया की मंदिर के प्रांगण में पानी की धोर समस्या थी। और बताया की बोरिंग निर्माण से लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिल पाएगा। और आज मंदिर के प्रांगण में डीप बोरिंग करवाने का काम शुरू किया गया। इस काम के लिए बस्ती वासियों ने विधायक सरयू राय का तहे दिल से आभार प्रकट किया। मौके पर उपस्थित लक्ष्मीनगर मंडल अध्यक्ष विनोद राय, सोमनाथ, नवीन कुमार, करनदीप सिंह व अन्य बस्तीवासी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : आज टेल्को क्षेत्र के जम्को आजाद बस्ती में मिश्रा बागान के तरफ वगत 40 वर्षों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को पांच पेड़ों को जड़ से ध्वस्त कर दिया गया। जिसमें कल एक पेड़ को विरोध के बाद बस्ती वासियों ने काटने से मना किया और गुरुवार को सुबह उसे पेड़ को काटने प्रबंधन की टीम पहुंची जिसका बस्ती वासियों ने भारी विरोध किया और काम को बंद करवाया।
काम बंद की सूचना पाकर गुरुवार को कंपनी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची तथा बस्ती वासियों ने कहा की पेड़ काटने से पहले वन विभाग की लिखित परमिशन दिखाइए तब पेड़ों को काटिए अन्यथा छोड़ दीजिए। बस्ती वासियों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन पेड़ इसलिए काट रही है क्योंकि इसको मेन रोड बनाना है। जबकि बगल में बस्ती है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस रोड में शाम के समय में निकलते हैं तथा आवागमन करते हैं। तब आए दिन दुर्घटना की संभावना रहेगी। बड़े-बड़े ट्रक और हाईवे इस रोड से पार होंगे। इसलिए बीच के पेड़ों को काटा जा रहा है।
बस्ती वासियों का कहना है कि इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में बगल के जम्को मैदान में कांबी मिल कंपनी बन रही है इतना पॉल्यूशन होगा और पेड़ों को काटा जा रहा। तब बस्ती वासियों का हाल पूछने कौन आएगा। मौके पर पहुंची प्रबंधन की टीम ने बस्ती वासियों को आश्वासन दिया है की हम ड्रेनेज सिस्टम बना कर देंगे तथा प्लांटेशन करवाएंगे और रोड के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट भी लगवा कर देंगे।
मौके पर उपस्थित महेश मिश्रा, पप्पू कुमार, संतोष झा , पंकज झा, करनदीप सिंह, नमन ,रौनक, गीता देवी, मनजीत सिंह, पप्पी पाजी वह अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : पत्रकारिता जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की श्रद्धांजलि सभा मे उपस्थित होकर भावुक हो उठे सोनारी शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू। पप्पू ने उदितवाणी के संस्थापक संपादक राधेश्याम अग्रवाल के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
अखबार एवं पत्रकारिता जगत का जब भी इतिहास लिखा जायेगा श्री राधे श्याम अग्रवाल जी का देन स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा। 1980 के दशक में उन्होंने इस औद्योगिक शहर में दैनिक उदितवाणी की स्थापना की और नागरिकों को सामाजिक, संस्कृति और आर्थिक रूप से संवेदनशील बनाया। इन 40 साल में शहर में जो कुछ उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से दिया है, वो देन अनुपम है।
उनकी देन है कि शहर में कई लोगो को उन्होंने कलम का सिपाही बनाया जो आज देश में बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं और काफी नामचीन है। श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की विचार, व्यवहार और कार्य कुशलता हमेशा सभी के दिलों में एक सुनहरा यादगार बनकर स्मरण रहेगा। सुधीर कुमार पप्पू ने आज भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना किये है कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और पत्रकारिता के जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधेश्याम अग्रवाल जी को पत्रकारिता जगत में अमर बनाए रखें।
श्रद्धांजलि सभा मे पप्पू जी के साथ पत्रकार अन्नी अमृता, सिद्धनाथ दुबे, रामकंडेय मिश्रा, शेखर प्रसाद, वरीय सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा, सुनील गुप्ता (बागबेड़ा पंचायत समिति) और सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य राहुल भट्टाचार्जी भी मौजूद रहे और सभी ने भक्ति पूर्ण भाव से श्री राधे श्याम अग्रवाल जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।
जमशेदपुर : टेल्को क्षेत्र के जम्को ग्राउंड में मिश्रा बागान के तरफ 40 सालों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को प्रबंधन द्वारा काटा गया। वही स्थानीय निवासी करनदीप सिंह ने बताया की हमारे क्षेत्र में पेड़ों की लगातार पेड़ों की अवैध कटाई चल रही है। जिसकी जानकारी क्षेत्रवासी ने वन विभाग को देने के बावजूद भी 5 पेड़ो को आज जड़ से खत्म कर दिया गया।
उन्होंने कहा की लगातार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई पर वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। आने वाले दिनों में क्षेत्र का बहुत बुरा हाल हो जाएगा। जिस प्रकार तापमान दिन से दिन बढ़ता जा रहा है। और वन विभाग को इस विषय में संज्ञान लेना जरूरी है। किसी तरह आज बस्ती वासियों के विरोध करने से एक आम के पेड़ को बचाया गया।
जमशेदपुर : जम्मू कश्मीर में धार्मिक यात्रा पर निकले हिन्दू श्रद्धालुओं पर माता वैष्णों देवी कटरा से शिव खोडी दर्शन को जाते समय 9 जून को इस्लामिक जेहादी पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों ने घात लगाकर शिव खोडी के निकट बस के ऊपर अंधाधुंध गोलीबारी कर बस चालक सहित 10 तीर्थ यात्रियों की निर्मम हत्या कर दी। जिससे देशभर में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हिन्दू तीर्थ यात्रियों की हत्या के विरुद्ध 12 जून 2024 को बजरंग दल द्वारा सम्पूर्ण देशभर में जिला केन्द्रों पर आतंकवादी हमले में मारे गए हिन्दू तीर्थयात्रियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए – पाकिस्तान पोषित इस्लामिक जेहादी आतंकवाद का पुतला फूका गया। जमशेदपुर मे बजरंगदल महानगर के नेतृत्व मे साकची गोलचक्कर पर पाकिस्तान सरकार का पुतला फूका गया।
भारत सरकार जल्द इस हमले का बदला ले और बजरंगदल संगठन के कार्यकर्तागण इस कायरपूर्ण हमले से डरने वाले नही है , प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बजरंगदल जमशेदपुर इन कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के विरोध मे 7 अगस्त को 30 सदस्य टीम के साथ बूढा अमरनाथ तथा वैष्णो देवी यात्रा के लिए जमशेदपुर से रवाना होगी। विरोध प्रदर्शन मे प्रांत, विभाग और महानगर, प्रखंड के अधिकारीगण रहे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने झारखंड उच्च न्यायालय कर रजिस्ट्रार जनरल, को लोक अदालतों को सुधारने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जो जन साधारण के जागरूकता और भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके द्वारा दिये गए विस्तार पूर्वक है।
जनसाधारण जागरूकता अभियान:
समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन, और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से व्यापक अभियान शुरू करें, ताकि जनता को आगामी लोक अदालतों के बारे में सूचित किया जा सके। समुदायों में कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन करें, ताकि लोगों को लोक अदालतों के लाभों के बारे में जानकारी मिल सके और वे इस माध्यम के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कर सकें।
पंचायत मुख्य का सहयोग:
पंचायत के मुख्य के साथ सीधा संपर्क स्थापित करें, ताकि उनके क्षेत्र में लोक अदालतों को प्रोत्साहित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। पंचायत मुख्य को लोक सभाओं और मीटिंगों के दौरान लोक अदालतों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित करें। अभिगम्यता और समावेशता:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सभी के लिए पहुँचने योग्य हो, चाहे वह उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि हो, इसे सुगम स्थानों और समय पर सत्रों का आयोजन करके सुनिश्चित किया जा सकता है। स्थानीय भाषाओं में जानकारी प्रदान करें, ताकि जनसाधारण की भाषाई विविधता को पूरा किया जा सके।
पारदर्शी प्रक्रिया:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों के कार्यक्रम में पारदर्शिता बनी रहे, जिसमें संप्रेषकों को प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से समझाया जाए। संबंधित संप्रेषकों द्वारा उठाए गए किसी भी समस्या या शिकायत को संबोधित करने के लिए प्रतिक्रिया और शिकायत समाधान के लिए तंत्र स्थापित करें। गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ सहयोग:
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ साझेदारी करें, ताकि लोक अदालतों के प्रचार में संलग्नी और असहाय वर्गों तक पहुंचा जा सके, जिन्हें लोक अदालतों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं का लाभ हो सकता है। इन संगठनों के मौजूदा नेटवर्क और संसाधनों का उपयोग करके लोक अदालतों के प्रचार और प्रभावकारिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। इन सुझावों को लागू करके, लोक अदालतों की जनसाधारण जागरूकता, सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकते हैं, और सुनिश्चित कर सकते हैं कि पहुँचने, समावेशता, और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन किया जाता है।
लचीला दंड समाधान:
लोक अदालत की प्रक्रिया के दौरान दंड लगाने की मामले में लचीलापन को अनुमति दें। लोक अदालत प्रक्रिया में शामिल जजों या मीडिएटर्स को प्रत्येक मामले को विशेषज्ञता से मूल्यांकित करने और विशेषज्ञता के आधार पर धनराशि या अन्य राहत के रूप में दंडों की बातचीत करने की अधिकार प्रदान करें। उन विशेषज्ञों को सहायक जानकारी प्रदान करें, जो लोक अदालत प्रक्रिया के भागीदारों के बीच लाभों को चर्चा करने की अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे कि उन्हें प्रक्रिया में भाग लेने की प्रेरणा मिले। सुनिश्चित करें कि दंडों की बातचीत को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाता है। यह आखिरकार लोक अदालत प्रक्रिया को आकर्षक बनाता है जिसे भागीदार अधिक संवेदनशील होने की संभावना है, जो उन्हें यह जानकर अधिक प्रवृत्त कर सकती है कि उन्हें उनके लगाए गए दंडों की वित्तीय भारी योजना पर चर्चा करने का अवसर मिला है। इससे आखिरकार समझौतों की अधिक दरें और लोक अदालत प्रक्रिया के माध्यम से विवादों का अधिक दक्ष निराकरण हो सकता है।
सत्यनिष्ठ प्रक्रिया में न्याय:
लोक अदालतों में न्याय और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए कठोर दिशानिर्देश लागू करें, जिसमें सभी संप्रेषकों के न्यायमूल्य सम्मानित किए जाते हैं। लोक अदालतों में सम्मिलित जजों, मीडिएटर्स, और अन्य कर्मचारियों के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण और निरंतर शिक्षा प्रदान करें, ताकि न्याय और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखा जा सके। न्याय की प्रक्रिया के संचालन को मॉनिटर और मूल्यांकन करने के लिए तंत्र स्थापित करें, ताकि पूर्णता के आधार पर भेदभाव या भेदभाव के किसी भी घटना को पहचाना और संबोधित किया जा सके।
सुधारी गई पहुंच:
ग्रामीण और अनुपयोगी क्षेत्रों में आवासीय संख्या में वितारित स्थानों पर अदालतों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, ताकि व्यक्तियों को अदालतों के सत्रों में सहभागी बनाना सरल हो। ताकि विभिन्न संदर्भों की एक विविध दर्शक तक पहुंचने के लिए लोक अदालतों के सत्रों की तिथियों, समयों, और स्थानों के बारे में जानकारी को कई माध्यमों के माध्यम से व्यापक रूप से वितरित किया जा सके।
योग्य समय सारणी:
सत्रों को उन समयों पर कार्यान्वित करें जो प्रतिभागियों के लिए सहज हों, जैसे शाम और सप्ताहांत, ताकि उनमें से एक भी कार्य या परिवार के समय की अनुपस्थिति की आवश्यकता हो। स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के साथ समय के लिए आदर्श की पहचान करने के लिए समय को निर्धारित करें, जो लक्ष्य जनसंख्या की उपलब्धता और प्राथमिकताओं के आधार पर किया जा सकता है। परिस्थितियों और आपातकालीन परिस्थितियों को संभालने के लिए गतिशीलता में लचीलापन बनाए रखने के लिए अनुमति दें।
“सस्ता, सुलभ, समय” का नारा हिंदी में अनुवादित होता है। यहाँ यह दिखाया गया है कि लोक अदालतें कैसे इस नारे का पालन कर सकती हैं:
लागत-कारगरता की सुनिश्चिति (सस्ता):
लोक अदालतों के माध्यम से न्याय तक पहुंचने के लिए लगी गई लागत को कम करने के उपाय को लागू करें, जैसे कि आर्थिक रूप से कमजोर पक्षों के प्रतिभागियों के लिए शुल्कों का माफ़ या कम करना। लोक अदालतों के प्रशासनिक प्रक्रियाओं को संभालने के लिए अप्रयुक्त खर्चों को कम करने के लिए प्रक्रियाओं को संक्षिप्त करें और सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सौजन्य से निर्धारित संसाधनों का चयन किया जाता है। पहुंचता में सुधार (सुलभ):
विभिन्न स्थानों पर उपयुक्त समय पर सत्रों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें, विशेष रूप से ग्रामीण और असेवित क्षेत्रों में। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, जिससे व्यक्तियों को लंबे दूरी यात्रा करने की आवश्यकता के बिना उनके विवादों का समाधान करना सरल हो। समय का उत्तम उपयोग (समय):
लोक अदालतों के सत्रों के दौरान समय का उपयोग अच्छी तरह से करें, सुगम मामला प्रबंधन अभ्यासों को लागू करके और समाधान प्रक्रिया में कोई देरी के अवस्थान को न्यूनतम करके। प्रतिभागियों के लिए समय के अनुकूल सत्रों का आयोजन करें, सुनिश्चित करते हुए कि प्रक्रिया तत्काल और बिना अनावश्यक देरी के संचालित की जाती है। लोक अदालतों की स्थिति के अनुसार समय की अनुकूलनयों को सहयोगी साझेदारी के लिए संबोधित करना, जिसमें समुदाय के लोगों के उपलब्धता और पसंद के आधार पर समय की निर्धारण किया जाता है। लोक अदालतों के सत्रों को समय के अनुकूलता के लिए लचीले बनाए रखने के लिए असाधारण प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी विधिक प्रक्रियाओं के अधीन सत्यनिष्ठ प्रक्रिया की सुनिश्चिति, लोक अदालतें “सस्ता, सुलभ, समय” नारे का पूर्णतया पालन करती हैं और समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होती हैं।
प्रशंसा सबसे अधिक मामलों को न्यायसंगत और न्यायमूल्य ढंग से समाधान करने वाले पैनल को मान्यवर न्यायाधीशों द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।