जमशेदपुर :- टेल्को क्षेत्र के जम्को मिश्रा बागान के तरफ सड़क चौड़ीकरण टाटा स्टील यूआईएसएल के तरफ से की जा रही है। जो काम दो सप्ताह से रुका हुआ है। वहीं स्थान निवासी करनदीप सिंह ने बताया की बरसात होने के कारण जल जमाव हो गया है। जिसके कारण वहां डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना जिले के उपायुक्त को गुरुवार को ट्विटर के माध्यम से दी है आशा है की इस विषय पर जल्द संज्ञान लिया जाएगा।
अगस्त महीने की पहली तारीख आम लोगों के लिए महंगाई की नई खुराक लेकर आई है. सरकारी तेल व गैस विपणन कंपनियों ने आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव किया है. इस बदलाव के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आज 1 अगस्त से महगे हो गए हैं. राहत की बात है कि घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
इन ग्राहकों को लगा आज झटका
सरकारी तेल कंपनियों के द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आज से देश के विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडरों के दाम में लगभग 8-9 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. हालांकि यह बढ़ोतरी सिर्फ 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के लिए है. घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडरों के दाम में इस बार भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
आपके शहर में आज से ये दाम
ताजी बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम 6.50 रुपये बढ़कर 1652.50 रुपये हो गए हैं. इससे पहले जुलाई महीने में दाम में 19 रुपये की कटौती की गई थी और वह कम होकर 1,646 रुपये पर आ गया था. इसी तरह कोलकाता में आज से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1,764.50 रुपये में मिलेंगे. कोलकाता में 8.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. मुंबई के लोगों को इस बड़े सिलेंडर के लिए अब 1,605 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि चेन्नई में इनकी कीमतें अब 1,817 रुपये होंगी.
लगातार 4 महीने हुई दाम में कटौती
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में इससे पहले लगातार चार महीने से कटौती हो रही थी. पिछले महीने यानी 1 जुलाई से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में लगभग 30 रुपये की कटौती की गई थी. जून में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों के दाम में 19 रुपये की कटौती की गई थी. वहीं 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के भाव में 19 रुपये की कमी आई थी. अप्रैल से पहले लगातार तीन महीनों से कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही थी.
इन ग्राहकों पर नहीं पड़ा कोई असर
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम में मार्च में आखिरी बार बदलाव हुआ था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला दिवस (8 मार्च 2024) के मौके पर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती का ऐलान किया था. उससे एक दिन पहले 7 मार्च को भी मोदी सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों के मामले में आम लोगों को राहत दी थी. तब कैबिनेट ने पीएम उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 31 मार्च 2025 तक 300 रुपये सब्सिडी देने का ऐलान किया था. उसके बाद से 14 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी लगभग 5 महीने से घरेलू इस्तेमाल वाले सिलेंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण स्थल पर मजदूरों की कमी के कारण निर्माण कार्य धीमा हो गया है. मामले का संज्ञान लेते हुए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर का निर्माण कर रही कंपनी को निर्देश दिया है कि वह दिसंबर 2024 तक की समयसीमा में मंदिर निर्माण पूरा करने के लिए तुरंत मजदूर बढ़ाए.
पिछले तीन महीनों में निर्माण का काम धीरे-धीरे धीमा हो गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि निर्माण में शामिल 8000- 9000 मजदूरों में से आधे मजदूर काम छोड़ कर चले गए हैं. मंदिर में विभिन्न कार्यों के लिए ट्रस्ट ने लगभग 100 ‘वेंडर’ रखे हैं. वेंडरों ने मंदिर निर्माण में अपनी परियोजनाओं के लिए मजदूरों को काम पर रखा है. मिश्रा ने एलएंडटी और ‘वेंडर’ के साथ कई दौर की बैठकें कीं. सोमवार और मंगलवार को मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करने के तरीकों पर चर्चा की.
बैठक में भाग लेने के बाद मिश्रा ने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती शिखर का निर्माण है, जो दूसरी मंजिल का निर्माण पूरा होने और दूसरी मंजिल पर गुंबदों के निर्माण के बाद ही पूरा हो सकता है। मौजूदा गति से, इसमें दो महीने की देरी होगी.’ उन्होंने कहा, ‘एलएंडटी को मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. अगर 200 से 250 और श्रमिक नहीं जोड़े गए, तो दिसंबर तक काम पूरा करना मुश्किल होगा. मौजूदा प्रगति तय समय से दो महीने पीछे है.’
उन्होंने यह भी बताया कि मौसम की स्थिति के कारण, श्रमिक भी यहां से चले गए हैं. मिश्रा ने कहा, ‘एलएंडटी को उन्हें वापस लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन, यह असंभव नहीं है कि दिसंबर तक पूरा काम पूरा हो जाए.’
ऑडिटोरियम के निर्माण का कार्य सितंबर तक भवन निर्माण समिति के नृपेद्र मिश्रा अध्यक्ष ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में ऑडिटोरियम ट्रस्ट कार्यालय और साधु संतों के लिए विश्रामगृह के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. उत्तर प्रदेश राज्य के निर्माण निगम ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. राम मंदिर परिषद में निर्माण निगम को भूमि भी उपलब्ध करा दी गई जिसमें कार्यालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है. ऑडिटोरियम के निर्माण का कार्य सितंबर तक पूरा हो जाएगा. मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर परिसर में जो भी छोटे-बड़े काम पूरे होते जा रहे हैं, उनको ट्रस्ट को हस्तांतरण करने का भी सिलसिला शुरू हो गया है.
सुग्रीव किला से मंदिर तक की सड़क पर कैनोपी 4 द्वार और स्तंभ का निर्माण पूरा हो चुका है. अगस्त के प्रथम सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट को स्थानांतरित कर दिया जाएगा. यात्री सुविधा केंद्र इलेक्ट्रॉनिक सब स्टेशन सीवेज प्लांट भी पूर्ण हो गया है. इसे भी अगस्त-सितंबर तक राम मंदिर ट्रस्ट को ट्रांसफर किया जाएगा. यात्री सुविधा केंद्र में लिफ्ट लगाई जा रही है. यह लिफ्ट तीन तरीके की होगी जिसमें सर्विस लिफ्ट इमरजेंसी लिफ्ट और दिव्यांग लिफ्ट लगाई जाएगी. गंभीर रूप से बीमार आकस्मिक चिकित्सा की जरूरत होने पर दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी. कुबेर टीला पर 1000 से श्रद्धालुओं के प्रतिदिन दर्शन की व्यवस्था की जा रही है. पास के जरिए दर्शन की व्यवस्था होगी .
कभी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की एकमात्र आवाज बन चुके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी अब उस जिम्मेदारी से मुक्त हो चुके हैं या कर दिए गए हैं। वे टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखी टिप्पणियों की वजह से कई बार पार्टी हाई कमान को भी परेशानी में डालते नजर आते थे।
प्रभारी कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा चुनावों के बाद ही पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, खुद चौधरी के अनुसार उन्हें अचानक पता चला कि वह प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं। उई
वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक के अगले दिन हुई घोषणा
मीर ने अधीर के इस्तीफे वाला बयान पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के एक दिन बाद दिया है। उस बैठक में अधीर रंजन भी मौजूद थे और वहां विभिन्न मसलों समेत बंगाल में टीएमसी के साथ गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसके चौधरी कट्टर विरोध रहे हैं।
चुनावों के बाद ही अधीर ने दिया था इस्तीफा- कांग्रेस महासचिव
मीर ने बताया है, ‘वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई। क्योंकि उस ब्रिफिंग में वे (अधीर रंजन चौधरी) भी बैठे हुए थे, मैंने सभी को सूचित किया कि ‘आपको पता होना चाहिए कि अधीर रंजन जी ने चुनावों के बाद अपना इस्तीफा दे दिया था और आप लोगों को 2026 के विधानसभा चुनावों के लेकर पार्टी को आगे ले जाने की रणनीति पर अपनी राय रखनी चाहिए।’
इस्तीफा स्वीकार होने की मीर नहीं कर पाए पुष्टि
उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मैंने कहा कि अधीर रंजन चौधरी ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसलिए क्योंकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, वे सिर्फ भूतपूर्व (प्रदेश अध्यक्ष) हैं।’ जब उनसे जोर देकर सवाल हुआ कि क्या उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तो उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
मुझे मीर ने अचानक ही पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया-अधीर रंजन
जबकि, लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता अधीर रंजन चौधरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्हें पहले से कुछ भी पता नहीं था। उनका कहना है, गुलाम नबी मीर ने अचानक से उन्हें पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया। तब उनको इसकी जानकारी मिली।
खड़गे के बयान ने मुझे अपसेट कर दिया- अधीर रंजन चौधरी
इस बार बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले चौधरी ने बताया, ‘जिस दिन मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी अध्यक्ष बने,पार्टी के संविधान के अनुसार पूरे देश में पार्टी के सभी पद अस्थाई बन गए। यहां तक कि मेरा पद भी अस्थाई हो गया….जब चुनाव चल रहा था तब मल्लिकार्जुन खड़गे ने टेलीवजन पर कहा कि अगर जरूरी हुआ तो मुझे बाहर कर दिया जाएगा, जिससे मैं अपसेट हो गया।’
‘मुझसे ही पार्टी नेताओं की बैठक बुलाने को कहा गया था’
उन्होंने आगे कहा, ‘पश्चिम बंगाल का चुनाव परिणाम भी पार्टी के लिए अच्छा नहीं रहा। चाहे मैं अस्थायी अध्यक्ष ही था, यह मेरी जिम्मेदारी थी। इसके बाद मैंने खड़गेजी से कहा कि अगर संभव हो तो मेरे बदले किसी और को बना सकते हैं….इसी दौरान एआईसीसी से मुझे पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेताओं की एक बैठक बुलाने को कहा गया, क्योंकि पार्टी दो प्रस्ताव पारित करना चाहती थी…..’
मैं तो यही समझ रहा था कि अध्यक्ष हूं- अधीर
उनके मुताबिक, ‘मैं तो यही समझ रहा था कि मेरी ही अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी और मैं अभी भी पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष था, लेकिन इसी दौरान गुलाम नबी मीर ने (नेताओं के बीच) अचानक मुझे पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया। तब मुझे पता चला कि अब मैं (पश्चिम बंगाल कांग्रेस का) पूर्व अध्यक्ष बन चुका हूं।’
जमशेदपुर : सामाजिक संस्था कोशिश एक मुस्कान लाने की के संरक्षक सह सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह द्वारा खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से यूबीसी ग्राउंड, गोलमुरी में युवाओं के बीच फुटबॉल और जर्सी सेट का वितरण किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर ने कहा – युवा खेल क्षेत्र में आगे बढ़ें व क्षेत्र का नाम रोशन करें इसलिए खेल सामग्री का वितरण किया खिलाड़ी समाज से सिर्फ सहयोग व प्रोत्साहन की उम्मीद रखते है और अगर हम वो भी न दे सकें तो खेल क्षेत्र में उनसे अच्छे परिणाम की उम्मीद करना व्यर्थ है। मौके पर शाहरुख मल्लिक, स्थानीय युवा खिलाड़ी और नागरिक गण उपस्थित रहे।
जमशेदपुर : विहिप बजरंगदल सोनारी नगर समिति द्वारा कागलनगर पार्क में वृक्षारोपण कार्यक्रम तहत आम के दर्जनों वृक्ष लगाये गये। लगातार कटते हुए वृक्षों के कारण पर्यावरण पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पडा है, जिस कारण ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज का लगातार असर देखने को मिल रहा है।
पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से जीवन देने वाले वृक्षों की संख्या बढे इस अभियान में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा भी भारतवर्ष में वृक्षारोपण कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है। वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिला सहमंत्री उत्तम कुमार दास, सोनारी प्रखंड मंत्री राजेश ठाकुर, बजरंगदल संयोजक ललित कुमार, सहमंत्री नवीन साहू स्थानीय बच्चे संग कई कार्यकर्तागण मौजूद रहे।
जमशेदपुर:- सिख धर्म के आठवें पातशाही साहब श्री गुरु हरकिशन महाराज का प्रकाश पर सोमवार को बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ जेम्को गुरुद्वारा में मनाया गया। इस अवसर पर कीर्तन गुरबाणी का गायन हुआ सजे दीवान के समक्ष सामूहिक रूप से गुरबाणी शब्द कीर्तन की बाहर चली।
वहीं कीर्तनी जत्था भाई संदीप सिंह (लुधियाने वाले) ने कीर्तन गायन किया “श्री हरि कृष्ण ध्याइए जिस दिठे सब दुख जाए” के सामूहिक शब्द कीर्तन के आगाज के साथ भाई संदीप ने “दुख भंजन तेरा नाम जी दुख भंजन तेरा नाम, आठ पहर आराधिए पुरण सद्गुरु ज्ञान” शबद कीर्तन गाकर गुरु हरकिशन महाराज से सभी संगत के लिए दे आरोग्यता के दांत मांगी। अंत में सुख शांति व सरबत के भले की अरदास के पश्चात गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
मौके पर गुरुद्वारा के प्रधान जोरावर सिंह , बलदेव सिंह, जसवीर सिंह, करनदीप सिंह, अवतार सिंह , राजेंद्र सिंह , बलविंदर सिंह व अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर:- विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस के अवसर पर रविवार को छोटा गोविंदपुर थीम पार्क स्थित काली मंदिर को जाने वाली सड़क के किनारे लोगों ने लगभग 100 छायादार और फलदार पौधों का पौधा रोपण किया। जिसमें बरगद , पीपल , नीम , क्रंच और सिल्वर हुक, जामुन, आम जैसे लगभग 100 वृक्ष सड़क के किनारे लगाए गए।
वही गोविंदपुर निवासी तरुण कुमार ने बताया की प्राकृतिक की स्वच्छता के लिए हर साल की तरह इस साल भी हमारी टीम के द्वारा 100 वृक्षों का पौधा रोपण किया गया। इस अवसर पर छोटे बच्चे, महिलाओं के साथ-साथ तमाम सज्जनों ने उपस्थित होकर प्राकृतिक की स्वच्छता बरकरार रखने के लिए अपनी-अपनी भागीदारी निभाई।
जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता राजकिशोर यादव, भूषण प्रसाद, विजय सिंह ,मनीषा कुमारी, प्रियंका कुमारी , तरुण श्रीवास्तव वह अन्य सज्जनों का योगदान रहा।
सरायकेला – खरसावां : भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा सरायकेला – खरसावां जिला अंतर्गत कपाली स्थित अल हयात नर्सिंग होम में भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इलाज के दौरान लोगों में मुफ्त दवाइयों का वितरण भी किया गया एवं उचित परामर्श भी दिया गया। इस दौरान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश एवं जिला कमेटी द्वारा लोगों के बीच डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी के पुस्तक का वितरण भी किया गया, जिसके माध्यम से लोग मिसाइल मैन डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के व्यक्तित्व और उनके विचारों को समझ सके और अपने जीवन मे उनका अनुसरण कर सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनवर हयात साहब शामिल हुए। साथ में महामंत्री ताजदार आलम, प्रदेश मंत्री डॉ आरिफ नासिर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी नययर आजम, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंद्र सिंह रिंकू, सरायकेला खरसावां जिला वरीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हयात, जिला मंत्री मोहम्मद मुख्तार अंसारी इत्यादि अपने पदाधिकारी के संग शामिल हुए। इस जांच शिविर में 56 लोगों ने अपने स्वास्थ्य का जांच करवाते हुए लाभ उठाया।
जमशेदपुर : मोदी सरकार 3.0 के बजट पर अपने विचार देते हुए भाजपा अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष सह केंद्रीय रेल मंत्रालय के पूर्व यात्री सेवा समिति सदस्य गुरविंदर सिंह सेठी ने इसे आम जनता का बजट बताया। उन्होंने कहा केंद्र सरकार लगातार आम लोगों के जीवन में सुधार लाने के अपने लक्ष्य को पूर्ण कर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण जी ने जो बजट पेश किया, वह भारत के हर वर्ग की आशाओं, आकांक्षाओं और अमृतकाल के सभी संकल्पों को पूर्ण करने वाला बजट है।
विकास की असीम संभावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि है, सशक्तिकरण की ओर एक और कदम, आत्मनिर्भरता कि एक नई उड़ान है। इस बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला, नौजवान समेत समाज के सभी तबकों के समग्र विकास का संकल्प, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दृष्टि और गरीबी के दंश झेल रहे समाज को एक नई दिशा देने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए दूरदर्शिता का प्रमाण है।मध्यम वर्ग को बड़ी राहत प्रदान करते हुए प्रत्यक्ष कर प्रणाली के संबंध में नए प्रावधानों की घोषणा है।