झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है. राज्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने मंगलवार को आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पुनरीक्षण के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या बढ़ कर 2,57,78,149 हो गयी है.
यह इसी वर्ष 22 जनवरी को प्रकाशित मतदाता सूची से 3,91,997 (1.54 प्रतिशत) अधिक है. हालांकि, 25 जुलाई को प्रकाशित प्रारूप से अंतिम प्रकाशन के दौरान मतदाताओं की संख्या में 0.49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है. प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नेहा अरोड़ा व उप निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) संजय कुमार भी उपस्थित थे. श्री कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 41 नये मतदाता केंद्रों का सृजन किया गया है. राज्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष के कुल मतदाताओं की संख्या 1974732 है. उक्त आयु वर्ग में कुल 127243 मतदाताओं का निबंधन किया गया. जो प्रारूप प्रकाशन की तुलना में 13.43 प्रतिशत है.
अक्तूबर में हो सकती है विधानसभा चुनाव की घोषणा
अक्तूबर के पहले सप्ताह में झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा संभावित बतायी जा रही है. हालांकि, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार किया. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग महाराष्ट्र व झारखंड में एक साथ चुनाव करा सकता है. महाराष्ट्र सरकार का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है. ऐसे में अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही चुनाव आयोग एक साथ दोनों राज्यों में चुनाव की घोषणा कर सकता है.
मतदाता सूची का ब्योरा
राज्य की जनसंख्या——4,00,06,288मतदाताओं की संख्या——2,57,78,149पुरुष मतदाताओं की संख्या——13065449महिला मतदाताओं की संख्या——12712266थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या——434
झारखंड के पूर्व सीएम और जेएमएम नेता चंपाई सोरेन ने मंगलवार (27 अगस्त 2024) को साफ कर दिया कि वह बीजेपी जॉइन करेंगे. वह 30 अगस्त को बीजेपी में शामिल होंगे.
सूत्रों की मानें तो चंपाई सोरेन के इस ऐलान के बाद बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी इस बात से नाराज बताए जा रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि बाबू लाल मरांडी चाहते थे कि चंपाई सोरेन सीधे-सीधे बीजेपी में न आएं. वह अपनी अलग पार्टी बनाकर एनडीए का हिस्सा बनें और मिलकर चुनाव लड़ें. इससे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के आदिवासी वोटों में सेंध लगाई जा सकती है, लेकिन अब उनके बीजेपी में आने की घोषणा के बाद से वह नाराज बताए जा रहे हैं. मंगलवार (27 अगस्त) को ही बाबूलाल मरांडी ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात के कई सियासी मायने मतलब निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा हि इस बैठक में चंपाई सोरेन की पार्टी में भूमिका पर भी चर्चा हुई होगी. फिलहाल बीजेपी न तो अपने सीनियर नेता बाबू लाल मरांडी को नाराज करना चाहेगी और न ही चंपाई सोरेन को अपने पक्ष में करके जेएमएम को कमजोर करने का मौका अपने हाथ से जाने देना चाहेगी. आइए बताते हैं बीजेपी के लिए क्यों दोनों नेता जरूरी हैं.
क्या है चंपाई सोरेन की ताकत?
चंपाई सोरेन के बीजेपी में जाने की खबरों के बाद से बाबूलाल मंराडी की नाराजगी की खबरें बेशक सामने आ रही हों, लेकिन इस फैसले से पार्टी को जरूर बड़ा फायदा हो सकता है. राजनीतिक एक्सपर्ट मानते हैं कि चंपाई के जरिए बीजेपी विधानसभा चुनाव में जेएमएम के आदिवासी वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकती है.
चंपाई सोरेन की कोल्हान की सीटों पर अच्छी पकड़ है. खासकर पोटका, घाटशिला और बहरागोड़ा, ईचागढ़, सरायकेला-खरसावां और प. सिंहभूम जिले के विधानसभा क्षेत्रों में उनका बड़ा वोट बैंक है और वह अपने दम पर नतीजों को पलट सकते हैं. कोल्हान की जिन घाटशिला, बहरागोड़ा, पोटका और ईचागढ़ पर चंपाई की पकड़ है. पिछले कुछ चुनाव से इन सीटों पर जीत-हार का अंतर 10 से 20 हजार वोटों का रहा है. ऐसे में चंपाई बीजेपी को यहां जीत दिला सकते हैं.
कितने मजबूत हैं बाबूलाल मंराडी?
बाबूलाल मरांडी अभी केंद्रीय मंत्री होने के साथ-साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे. आदिवासी वोटों पर इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. इनकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2004 के लोकसभा चुनाव में जब यशवंत सिन्हा जैसे दिग्गज बीजेपी नेता को हार का सामना करना पड़ा था, तब इन्होंने कोडरमा से जीत हासिल की थी. हालांकि बीजेपी के कुछ नेताओं से मनमुटाव के कारण बाबूलाल मरांडी ने 2006 में बीजेपी छोड़ दी और अपनी नई पार्टी झारखंड विकास मोर्चा का गठन किया. 2009 में कोडरमा लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय ही जीत हासिल की. 2009 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी की पार्टी ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 2014 में 8 सीटों पर उनकी पार्टी जीती.
असम के सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लेकर बड़ा दावा किया है. जबकि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कुछ दिन में दामन थामने जा रहे हैं.इस बीच बीजेपी ने दावा किया है कि चंपई सोरेन की जासूसी की जा रही थी. जासूसी करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
ताज होटल में पकड़े गए असम के मुख्यमंत्री व झारखंड बीजेपी के सह-प्रभारी हिमंता बिस्व सरमा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चंपई सोरेन के पीछे लगाए गए जासूस थे. उन्हें कोलकाता से ट्रेस किया जा रहा था. असम सीएम ने आशंका जताई है कि चंपई सोरेन का फोन भी ट्रेस किया जा रहा था और उनकी जासूसी की गई.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने दिल्ली पुलिस में झारखंड पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करवाया है. चंपई सोरेन ने दोनों पर जासूसी के आरोप लगाए हैं. आरोप है कि झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच के दोनों सब इंस्पेक्टर, चंपई सोरेन और असम के पूर्व सीएम को फॉलो कर रहे थे.
जासूस खिंच रहे थे फोटो दो सब इंस्पेक्टर चंपई सोरेन के साथ ही फ़्लाइट से कोलकाता से दिल्ली पहुंचे और ताज होटल में उनके करीब ही कमरा लिया. दोनों चंपई सोरेन की फोटो खींच रहे थे. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि चंपई सोरेन के दिल्ली प्रवास में झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने उनको फ़ॉलों किया. उनकी गतिविधियों की मानिटरिंग की.
झारखंड AGDP चंपई की करा रहे थे जासूसी? हिंमता ने चंपई सोरेन पर कहा कि वो दो बार दिल्ली गये थे तो दोनों बार ताज होटल मे रूके थे, कल पता चला कि उनको झारखंड पुलिस फॉलो कर रही थी, ये कितना बुरा और निगेटिव काम है. कल दो एजेंट को पकडा गया है और दिल्ली पुलिस को दिया गया है. कल चंपई सोरेन ने एक FIR दी है और सारी डिटेल बताई है. दोनो व्याक्ति को दिल्ली पुलिस के जरिये पता चला कि ये दोनो झांरखड पुलिस के सब इंस्पेक्टर है. दोनों ने बताया कि हमें उनको ट्रैक करने के लिये कहा गया था. झारखंड के AGDP ने उनको इस काम के लिये लगाया गया था.
जमशेदपुर:-गोविंदपुर थाना क्षेत्र के श्री श्री हनुमान वाटिका सफेद पहाड़ी में मंदिर के प्रांगण में साफ सफाई की मांग. मंदिर की सदस्य सुनीता सिंह ने उठाई है उन्होंने बताया की इस मंदिर की साफ – सफाई जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया की देख रेख में होती है साथ ही उन्होंने बताया की यह मंदिर 1975 में स्थापित किया गया जो टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के ठीक सामने में है।
मंदिर में साफ सफाई नहीं होने की सूचना मिलते ही युवा समाजसेवी करनदीप सिंह मंदिर पहुंचे तथा मंदिर प्रांगण में उन्होंने देखा की बरसात के कारण वहां बहुत झाड़ियां हो गई है जिसकी कटाई नहीं होने के कारण वह मंदिर एक तरीके से जंगल के रूप में नजर आ रहा है। तथा वहां उपस्थित मंदिर कमेटी से बात की तो उन्होंने बताया किया मंदिर जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया के देखरेख में आता है पर उनके द्वारा इस मंदिर को ध्यान नहीं दिया जाता तथा करनदीप सिंह ने इस विषय की जानकारी जिले के उपायुक्त को ट्विटर से माध्यम से दी है आशा है की वे इस विषय में जल्द संज्ञान लेंगे।
झारखंड में राजनीतिक दल चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले ही राज्य में अधिकतम सीट जीतने के लिए रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं. सीट बंटवारे से लेकर सीएम-डिप्टी सीएम और उम्मदीवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.इस बीच हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी की रणनीतियों को लेकर निशाना साधा है.झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा कि “बीजेपी की आगामी चुनावों की रणनीति तय. पर्ची से निकलेगा सीएम का नाम, लेकिन डिप्टी सीएम के आठ नाम तय. सबका साथ सबका विकास.”
बता दें चंपाई सोरेन ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसी के साथ साफ हो गया कि चंपाई सोरेन बीजेपी में शामिल होंगे. अगर चंपाई सोरेन बीजेपी में शामिल होते हैं तो यह विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारुढ़ JMM के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री चंपाई सोरेन ने पिछले दिनों JMM से बगावत कर दी थी. इसी के बाद से उनके अगले रुख को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी.
2019 के आंकड़ें वहीं उन्होंने BJP में शामिल होने को लेकर कहा था कि वो सभी विकल्प पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने नई पार्टी बनाने की भी बात कही थी. बता दें झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं. विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 है. 2019 के चुनाव में JMM ने बाजी मारी थी. सोरेन की पार्टी को राज्य की 30 सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस को 16 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं बीजेपी 25 सीटें ही जीत पाई थीं.
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर से दरिंदकी करने के बाद कत्ल करने वाले दरिंदे संजय रॉय ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. सीबीआई सूत्रों की मानें तो कातिल संजय रॉय ने सीबीआई की पूछताछ में कबूल किया है कि उसने ही ट्रेनी लेडी डॉक्टर की हत्या की है.
उसने कहा कि महिला डॉक्टर की रेप के बाद इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह लगातार चिल्ला रही थी. दरअसल, 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी लेडी डॉक्टर का शव मिला था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके साथ रेप की पुष्टि की गई.
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी संजय रॉय ने बताया, ‘पीड़िता लगातार चिल्ला रही थी, इसलिए मैंने उसका जोर से गला दबाया और तब तक दबाकर रखा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया.’ सूत्रों का कहना है कि सजंय रॉय बाक्सिंग का अच्छा खिलाड़ी था. इसलिए पीड़िता उसके हाथों से खुद का बचाव नहीं कर पाई. और यही वजह है कि जब तक पीड़िता की जान न निकल गई, तब तक सजंय रॉय ने पीड़िता का गला दबाकर रखा. पीड़िता ने अपने बचाव के लिए आवाज भी लगाई. वो चिल्ला रही थी. संजय रॉय को पकड़े जाने का डर हो गया था. यही वजह है कि उसने अपने हाथों की पूरी ताकत से पीड़िता का गला दबाया.
संजय का हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट सूत्रों ने बताया कि आरोपी सजंय रॉय ने अपने मेडिकल टेस्ट के दौरान भी इस बात का खुलासा किया था. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या मामले का मुख्य आरोपी संजय रॉय ही है. संजय रॉय का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में किया गया. संजय रॉय को वहीं बंद किया गया है. ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ के दौरान व्यक्ति द्वारा प्रश्नों के उत्तर दिए जाते समय एक मशीन की मदद से उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है और यह पता लगाया जाता है कि वह सच बोल रहा है या झूठ. सीबीआई ने रॉय और घोष समेत सात लोगों का ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ कराने के लिए अदालत से अनुमति ली है. इस टेस्ट को मुकदमे के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता लेकिन इसके नतीजे एजेंसी को आगे की जांच में एक दिशा प्रदान करेंगे.
कब और कैसे गिरफ्तार हुआ संजय रॉय कोलकाता पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में 31 वर्षीय ट्रेनी लेडी डॉक्टर का शव मिलने के एक दिन बाद 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार किया था. सीसीटीवी फुटेज और ट्रेनी डॉक्टर के शव के पास एक ब्लूटुथ उपकरण मिलने के बाद रॉय की गिरफ्तारी की गयी थी, जिसे कॉलेज के सेमिनार हॉल में प्रवेश करते हुए कथित तौर पर देखा गया जहां सुबह करीब चार बजे शव मिला था. वहीं, आरजी कर अस्पताल केस में फिलहाल सीबीआई ने सभी 7 लोगों के पॉलीग्राफ टेस्ट पूरे कर लिए हैं. अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ सीबीआई एक ओर जहां संजय रॉय से कनेक्शन की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर करप्शन केस में भी जांच कर रही है.
संजय रॉय की थी पहुंच दरअसल, संजय रॉय साल 2019 से नागरिक स्वयंसेवक के रूप में कोलकाता पुलिस के साथ काम कर रहा था. संजय रॉय ने पिछले कुछ सालों में कुछ सीनियर पुलिस अधिकारियों से कथित तौर पर करीबी बना ली थी, जिसके बाद उसे कोलकाता पुलिस कल्याण बोर्ड में शामिल किया गया और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पुलिस चौकी में तैनात कर दिया गया था. शुरू में उसने अपने खिलाफ आरोपों से इनकार किया था. कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे. इस घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी और इसके अगले दिन केंद्रीय एजेंसी ने जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ले ली.
टेलीग्राम के प्रमुख पावेल दुरोव की पेरिस में गिरफ्तारी के साथ ही कंपनी की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं. आरोप है कि उनके मंच का इस्तेमाल काले धन को सफेद करने और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों के लिए किया गया था. इसके बाद अब भारत में भी टेलीग्राम पर बैन का खतरा मंडराने लगा है. सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से ये जानकारी मांगी है कि क्या भारत में भी टेलीग्राम ने किसी नियम का उल्लंघन किया है.
टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दुरोव को पेरिस हवाई अड्डे पर एक गिरफ्तारी वॉरंट की तामील करते हुए हिरासत में लिया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और रूस की दोहरी नागरिकता रखने वाले 39 वर्षीय दुरोव को शनिवार को अजरबैजान से फ्रांस में उतरने के बाद पेरिस-ले बॉर्गेट हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया.
सूत्रों ने बताया कि फ्रांस के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए आईटी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से टेलीग्राम के खिलाफ लंबित शिकायतों की जांच करने और संभावित कार्रवाई के बारे में गौर करने को कहा है. आईटी मंत्रालय इस तरह के मामलों में जांच एजेंसी नहीं है और मंत्रालय के तहत गठित सीईआरटी-इन भी साइबर अपराधों पर नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा अपराधों पर ध्यान केंद्रित करता है.
सूत्रों ने कहा, “यहां असली सवाल ये है कि क्या कोई शिकायत है? क्या भारत में भी ऐसी ही स्थिति है? स्थिति क्या है? और क्या कार्रवाई की जरूरत है?”
टेलीग्राम की शुरुआत साल 2013 में हुई थी. भारत में इसके लगभग 50 लाख रजिस्टर्ड यूजर्स हैं.
ये पूछे जाने पर कि एक मैसेजिंग ऐप होने के नाते क्या टेलीग्राम सुरक्षित पनाहगाह प्रावधान का हवाला दे सकता है, सूत्रों ने कहा कि उस स्थिति में उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा, जरूरी होने पर जानकारी देनी होगी और किसी भी जांच में मदद करनी होगी. दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को उम्मीद है कि व्हाट्सएप, गूगल मीट और टेलीग्राम जैसे इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप नियमों का बाकी सभी सेवा प्रदाताओं की ही तरह पालन करेंगे.
उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सोमवार को कहा कि ओवर-द-टॉप (ओटीटी) संचार ऐप को दूरसंचार अधिनियम, 2023 से बाहर करने की मांग करना भ्रामक है, क्योंकि विभिन्न गैर-क्षेत्रीय नियमों के दूरसंचार कंपनियों पर भी लागू होने से वे अन्य नियमों के दायरे में आते हैं.
सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं.
सीओएआई के महानिदेशक एस पी कोचर ने कहा, “सीओएआई यह बताना चाहता है कि ‘देश की सुरक्षा’ अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस संबंध में, ओटीटी-आधारित संचार सेवाओं सहित सभी संचार सेवा प्रदाताओं को देश के अपेक्षित निर्देशों का पालन करना चाहिए, जैसा कि दूरसंचार सेवा प्रदाता करते हैं.” उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने वैध इंटरसेप्शन (कॉल को सुनने की कानूनी मंजूरी) और निगरानी के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना में भारी निवेश किया है. इसके बावजूद अनियमित अनुप्रयोग-आधारित संचार सेवाएं इस तंत्र को पूरी तरह से दरकिनार कर देती हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है.
कोचर ने कहा, “मामला दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत स्पष्ट रूप से कवर की गई संचार सेवाओं की नियामकीय निगरानी से संबंधित है. यह उजागर करना महत्वपूर्ण है कि टीएसपी, जो दूरसंचार अधिनियम द्वारा शासित हैं, संसद द्वारा निर्धारित उपरोक्त सभी कानूनों द्वारा विनियमित हैं.” दूरसंचार कंपनियां मांग कर रही हैं कि सरकार को कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप पर समान नियम लागू करके समान हालात पैदा करने चाहिए, क्योंकि यह उन पर लागू है.
इधर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने सोमवार को कहा कि सीईओ पावेल डूरोव, जिन्हें फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है, उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. ये दावा करना बेतुका है कि कोई प्लेटफॉर्म या उसका मालिक उस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार है. रूस में जन्मे डूरोव को फ्रांस के पेरिस के पास स्थित ले बॉर्गेट हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. उन पर आरोप है कि वह टेलीग्राम पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में असफल रहे हैं. हालांकि, कंपनी ने कहा है कि वह यूरोपियन यूनियन के सभी नियमों का पालन करते हैं, ‘डिजिटल सर्विसेज एक्ट’ का भी.
कंपनी की ओर से कहा गया है कि सीईओ पावेल डूरोव लगातार यूरोप में यात्रा करते रहते हैं. पूरी दुनिया में टेलीग्राम के 900 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं और व्यापक स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पूरी दुनिया में इसका उपयोग होता है.
कंपनी ने कहा, “टेलीग्राम यूरोपियन यूनियन के नियमों का पालन करती है. इसका मॉडरेशन इंडस्ट्री मानकों के अनुरूप किया जाता है और हम इसमें लगातार सुधार कर रहे हैं.”
अगर डूरोव अदालत में अपराधी घोषित होते हैं तो उन्हें 20 साल की जेल हो सकती है.
टेलीग्राम के सीईओ पावेल डूरोव दुबई में रहते हैं. उनके पास यूएई और फ्रांस की नागरिकता है. उनके पास करीब 15.5 अरब डॉलर की संपत्ति है. रूसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीके पर रूसी सरकार द्वारा विपक्ष को बैन करने के दबाव के चलते डूरोव ने 2014 में रूस छोड़ दिया था. फ्रांस में मौजूद रूसी दूतावास की ओर से इसे लेकर तत्काल कदम उठाए गए हैं. टेलीग्राम एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की पेशकश करता है. इसमें यूजर्स को फॉलोअर्स तक जानकारी जल्दी से प्रसारित करने के लिए चैनल भी बनाना होता है.
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी 81 विधानसभा में कांग्रेस पार्टी से संभावित प्रत्याशी अपना आवेदन पत्र संबंधित जिलाध्यक्ष संतोष सिंह के पास जमा कर रहे हैं.
ऐसे में विधानसभा टिकट को लेकर धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी प्रत्याशी व समर्थकों की गहमागहमी बढ़ गयी है. सोमवार को धनबाद, बाघमारा, झरिया, सिंदरी व निरसा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए कुल 14 कांग्रेसियों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की. धनबाद व बाघमारा विभानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए सर्वाधिक प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी की है. धनबाद विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी सह झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह, उपाध्यक्ष नवनीत नीरज, प्रदेश कांग्रेस डेलिगेट मनोज यादव, सुंदर यादव, बिजेंद्र पासवान, बीके सिंह व पप्पू पासवान आदि ने आवेदन किया है, जबकि बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए रोहित यादव, सुखदेव महतो, राजीव रंजन प्रसाद व बीके सिंह ने आवेदन किया है. वहीं निरसा से सुरेश चंद्र झा व सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से सफुद्दीन अंसारी व दिलीप मिश्रा ने आवेदन किया है. मौके पर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मो क्यूम खान, प्रदेश नेता रामगोपाल भुवानियां, डेविड सिंह, नवीन पासवान, बीरेन गोप, रामबिलास राम व राजेश महतो आदि उपस्थित थे.
28 अगस्त आवेदन करने की अंतिम तिथि
धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहां कि विधानसभा चुनाव को लेकर धनबाद के कार्यकताओं में उत्साह है. सभी संभावित उम्मीदवारों का आवेदन (नामांकन फॉर्म) प्राप्त कर प्रदेश कांग्रेस को अपना प्रतिवेदन के साथ जमा कर देगें. श्री सिंह ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 28 अगस्त है. उस दिन क्षेत्र के कई कद्दावर कांग्रेस अपना आवेदन जमा करेंगे.
वाहनों के काफिला के साथ पहुंचे थे अशोक सिंह
धनबाद विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए अपनी दावेदारी करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक सिंह वाहन के काफिलों के साथ जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. उनके साथ सीता राणा, योगेंद्र सिंह योगी, बीके सिंह, अफजल खान, प्रीतम रवानी, राजू दास, दिलीप मिश्रा, अक्षैवर प्रसाद, महेश शर्मा, राहुल राज, गोपाल धारी, सुखदेव हांसदा, पप्पू पासवान, जयप्रकाश चौहान, अन्नु पासवान, आशीष सिन्हा, ललित वर्मा, अरविंद सैनी, मो इमराज, पेंटर खान, रंजित सिंह, बिंदु देवी, मो आतिफ सिद्दीकी, मो सोनो, मो सुजैल व मो शान आदि है. वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष नवनीत नीरज के साथ भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे.
चांडिल : पिछले कुछ दिनों से लापता अल्केमिस्ट एविएशन का प्रशिक्षु विमान वीटी जूलियट ताज आखिरकार चांडिल डैम से निकाल लिया गया है। लगातार कई दिनों तक चले इस खोज अभियान में प्रशासन , भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को बड़ी सफलता मिली है।
बताते चलें की यह विमान मंगलवार सुबह 11 बजे सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के 20 मिनट बाद ही उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से टूट गया। अंतिम लोकेशन सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह इलाके में मिली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाहें और कयास लगाए जा रहे थे। कई खबरों में यह भी दावा किया गया कि विमान पटमदा थाना क्षेत्र के आमदा पहाड़ी इलाके में क्रैश हुआ है, लेकिन इन खबरों की कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
बुधवार को नीमडीह के पियालडीह गांव के कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने विमान को चांडिल डैम में गिरते हुए देखा है । ग्रामीणों की सूचना के आधार पर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने डैम में खोज अभियान शुरू किया। चांडिल एसडीएम शुभ्रा रानी, एसडीपीओ और बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान लगातार जारी रहा। फिर गुरुवार सुबह को ट्रेनी पायलट सुब्रोदीप दत्ता की शव पानी में तैरता मिला , और शाम 4 बजे गायब इंस्ट्रक्टर पटना निवासी जीत शत्रु की भी शव की बरामदगी हुई । कई दिनों की मशक्कत के बाद सोमवार देर रात आखिरकार विमान को डैम के पानी से निकाल लिया गया।
विमान की बरामदगी के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाना। विमान का ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण जांच के लिए भेजे जाएंगे, जिससे दुर्घटना के पीछे के तथ्यों का खुलासा हो सके।
इस खोज अभियान में एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विमान हादसे की असल वजह क्या थी । इस घटना ने एक बार फिर से छोटे विमानों की सुरक्षा और उड़ान से जुड़े नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जमशेदपुर:- जमशेदपुर के टेल्को थाना अंतर्गत महानंद बस्ती में स्वास्थ्य चिकित्साका कल्याण विभाग द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली की सुविधा नहीं थी इससे यहां मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
वही युवा समाजसेवी करनदीप सिंह को बस्ती वासियों ने दो हफ्ते पहले सूचना दी थी की अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली नहीं होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिसको देखते हुए उन्होंने बिजली विभाग से बात कर जल्द से जल्द कनेक्शन दिलवाने की मांग की थी। जो आज विभाग के द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली उपलब्ध करा दी गई।
वही मोहल्ला क्लीनिक के एलटी हर्षराज सिंह ने बताया की अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली, पानी की समस्या थी जो बिजली की सुविधा तो उपलब्ध हो गई है पर उन्होंने पानी कनेक्शन की भी मांग की है। इस मौके पर डॉ रंभा सिंह, डॉ ऋचा वर्षा, एएनएम रेशमा कुमारी मौजूद थे।
साथ ही काफी संख्या में बस्तीवासी मुन्ना देवी, सुशीला देवी, राधिका देवी ,रीता महानंद ,लक्ष्मण दास, शंभू सिंह उपस्थित थे