दिल्ली एनसीआर में चल रहे ‘कैंसर की नकली दवाइयों’ के मामले में कई खुलासे हुए हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरोह के आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी के 10 लोकेशन पर छापेमारी की. इसमें जांच एजेंसी को अब तक 65 लाख से अधिक कैश बरामद हुए हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये एक संगठित गिरोह है जो कैंसर की नकली दवा बनाता और बेचता है.
दिल्ली में चल रहे ‘कैंसर की नकली दवा’ बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए, दिल्ली पुलिस की क्राइम विभाग ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह का तार, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेश में फैला हुआ है. आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद, उनके पास से क्राइम विभाग को 90 लाख के करीब कैश बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है.
बीन बैग में छुपा रखे थे लाखों रुपये.
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एफआईआर को आधार बनाते हुए ईडी ने इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामला के तहत कार्रवाई करते हुए, आरोपी विफल जैन, सूरज शाट, नीरज चौहान, परवेज मालिक, कोमल तिवारी, अभिनय और तुषार चौहान के दिल्ली और एनसीआर के 10 ठिकानों पर छापेमारी की. यहां से विभाग को लगभग, 65 लाख कैश बरामद हुआ.
ईडी ने बताया कि सूरज शाट के घर में बीन बैग में छिपाकर रखे गए 23 लाख रुपये मिले थे. एजेंसी ने बताया कि संदिग्धों के कब्जे से चल और अचल संपत्तियों के बारे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका धालभूमगढ़ प्रखंड के पुनसा गांव में एक ट्रेलर की चपेट में आने से तीन मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रुप से घायल हो गया. घायल को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां वे लोग घायल है. मिली जानकारी के मुताबिक, सारे युवक धालभूमगढ़ के पास बनकाटी फुलपाल के रहने वाले है. बताया जाता है कि एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक कहीं जा रहे थे.
इसी बीच धालभूमगढ़ के पुनसा गांव के पास हाईवे का वाशिंग सेंटर के पास एक दस चक्का ट्रक को इन तीनों युवकों ने पीछे से ठोकर मारी और वे लोग खुद घायल हो गये. जब तक अस्पताल या एंबुलेंस पहुंचती तब तक सेवा ही धर्म नामक सामाजिक संस्था से जुड़े लोग पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजवाया, जहां उनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है. घायलों को मदद पहुंचाने में नौशाद अहमद, विमल कालिंदी, चंदन नामता, राकेश समेत अन्य लोग शामिल है.
सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में मारे गये चारो युवकों की पहचान हो गयी है. चारों युवक आदित्यपुर कॉलोनी के रहने वाले बताए जा रहे हैं. इनकी पहचान अभय रंजन सिंह उर्फ निखिल (आदित्यपुर बाबा आश्रम), सूरज आर्यन (आदित्यपुर रोड नंबर 22) संस्कार मिश्रा (आदित्यपुर रोड नंबर 17) और नवनीत कुमार शर्मा (आदित्यपुर रोड नंबर 21) के रूप में हुई है. सभी युवक 20 से 25 साल के बताए जा रहे हैं. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है. विदित हो कि इसी साल पहली जनवरी की अहले सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में बाबा आश्रम के छः युवकों की दर्दनाक मौत हुई थी.
बताया जाता है कि चारों युवक वरना कार पर सवार होकर कांदरबेड़ा से जमशेदपुर की ओर मुड़ रहे थे. वे लोग काफी स्पीड में थे, जिनके कंट्रोल से बाहर गाड़ी हो गयी है और वे लोग सीधे ट्रक के नीचे घुस गये. गाड़ी इतनी तेज थी कि सारे चारों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने किसी तरह गाड़ी से युवकों को निकाला. लहुलुहान स्थिति में चारों को अस्पताल लाया गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया. चारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. कार की स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी स्पीड में गाड़ी थी और कितनी भीषण हादसा था.
जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के रिवर व्यू कॉलोनी के रहने वाले बंटी शर्मा को ससुराल वालों ने पारिवारिक विवाद में तीसरे तल्ले से नीचे फेंक दिया जिससे बंटी शर्मा गंभीर रूप से जख्मी हो गया है. घटना के बाद परिजनों ने बंटी को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. उधर घटना के बाद ससुराल वाले मौके से फरार हो गए हैं.
घटना की जानकारी देते हुए बंटी के भाई ने बताया कि बंटी और उसकी पत्नी ऋतु के बीच विवाद चल रहा है. ऋतु सोनारी स्थित मायके में रहती है. बंटी ऑटो चलाता है. दो दिन पूर्व उसने ऋतु को किसी और युवक के साथ घूमते देखा था. इस दौरान उसने ऋतु का मोबाइल छीन लिया एवं घर आ गया. मोबाइल में ऋतु के कई सारे अश्लील फोटो मौजूद थे. आज ऋतु और उसके घरवालों के साथ ही 10-12 अन्य युवक घर पहुंचे और मां-पिता के साथ मारपीट की. यही नहीं, बंटी को उन्होंने मिलकर बालकनी से नीचे फेंक दिया और फरार हो गए. जानकारी मिलने पर पहुंची बागबेड़ा पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री को बड़ा झटका लगा है. रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें डूंगरपुर मामले में सात साल की सजा सुनाई है.रामपुर के डूंगरपुर में मकान तोड़े जाने के चर्चित मामले में पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को धारा 452 के तहत 7 वर्ष की सजा तथा ₹5,00,000 जुर्माना व धारा 427 में 2 वर्ष की सजा और एक लाख जुर्माना और धारा 504 506 में 2 वर्ष की सजा और ₹100000 जुर्माना की सजा सुनाई गई है.
इसके अतिरिक्त रामपुर के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक सिटी आले हसन खान और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर अहमद खान सहित तीन लोगों को धारा 452 के तहत 5 वर्ष की सजा और ₹200000 जुर्माना तथा 427 ,506 ,504 के अंतर्गत एक-एक वर्ष की सजा और 50-50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई.यह सजा रामपुर के एमपी एमएलए विशेष अदालत सेशन ट्रायल डॉ विजय कुमार की अदालत ने सुनाई है.
आकाश सक्सेना ने दी प्रतिक्रिया आजम खान को सजा दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और रामपुर से विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि यह गंभीर मामला था. लूट का मामला था. कोर्ट का फैसला बहुत ऐतिहासिक है. इस फैसले से उन लोगों को होश में आना चाहिए, सरकारी अधिकारियों और बाकी लोगों को कि सरकार में बैठे बड़े लोगों को खुश करने के लिए पदों का दुरुपयोग किया.
सक्सेना ने कहा कि जिन लोगों ने पुरानी सरकार में अत्याचार किया उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी. आजम खान के खिलाफ लड़ाई और मजबूत हो रही है. रामपुर किसी का गढ़ नहीं है. ये केवल लोगों का खौफ़ था. आज वक्त सबको जवाब दे रहा है.
आले हसन का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि पूर्व अधिकारी ने रामपुर की जनता पर अत्याचार किया और लोगों को बेघर किया.
जमशेदपुर : आगामी रामनवमी के त्यौहार को लेकर सारी कमिटियां अपनी-अपने स्तर से तैयारी में जुटी हुई है। हर वर्ष कमेटी के समक्ष आने वाली परेशानियों को देखते हुए जमशेदपुर के तमाम अखाड़ा कमेटी ने काशीडीह दुर्गा मंदिर में आज दिनांक 18 मार्च को संध्या 4 बजे अभय सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक की। बैठक के दौरान उपस्थित पूर्वी सिंहभूम जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के तमाम अखाड़ा के लाइसेंसी व अध्यक्षों ने रामनवमी महोत्सव के दौरान आने वाली समस्याओं को बैठक के दौरान रखा। बैठक में उपस्थिति बाल मंदिर अखाड़ा के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुमन अग्रवाल जी ने अखाड़ा कमेटी के सहमति से एक नई कमेटी बनाने का प्रस्ताव सभी के समक्ष उठाया।
जिसके उपरांत सर्वसम्मति से सभी ने ज़िले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र को मिलाकर जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के गठन पर अपनी सहमति दर्ज की। इस दौरान सर्वसम्मति से जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष के लिए श्री अरुण सिंह जी का नाम प्रस्ताव के रूप में बाल मंदिर अखाड़ा समिति साकची के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुमन अग्रवाल जी ने रखा। सर्वसम्मति से सारे अखाड़ा समिति के सदस्यों के द्वारा ध्वनि मत और जय श्री राम के नारे के साथ प्रस्ताव पारित हुआ।
तत्पश्चात सर्वसम्मति से केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा के सदस्यों के द्वारा मुख्य संरक्षक के नाम के तौर में श्री अभय सिंह का नाम रखा गया। संरक्षक के रूप में श्री सुमन अग्रवाल, श्री पन्ना सिंह जांघेल, डॉ संतोष, श्री उमेश कुमार सिंह, श्री चंद्रगुप्त सिंह जी, बाबा रवि गिरी महाराज, श्री बूढ़ा मंडल, श्री अशोक गौड़, द्विवेदी अखाड़ा के लाइसेंसी श्री ललन द्विवेदी को चुना गया। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर त्रिवेदी अखाड़ा के श्री शंभू त्रिवेदी, उपाध्यक्ष पद पर श्री विजय तिवारी, श्री शंकर रेड्डी, श्री महेश सिंह, जम्बू अखाड़ा प्रमुख बंटी सिंह, कदमा के श्री भीम सिंह, श्री विद्युत साव, श्री सतीश मुखी, श्री भूषण दीक्षित, श्री मनोज बाजपेई, महासचिव के पद पर श्री प्रवीण सेठी, सचिव के पद पर श्री संतोष कालिंदी, श्री ओम प्रकाश सिंह, श्री विजय सिंह के नाम पर अपनी सहमति दर्ज की।
वही बैठक के दौरान मुख्य संरक्षक तौर पर चुने गए श्री अभय सिंह ने सभी अखाड़ा कमेटी को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी घटनाओं से सीख लेते हुए सभी को शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी महोत्सव मानना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति को सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र में जितने भी अखाड़ा कमेटी हैं उनके समक्ष आने वाली समस्याओं का निराकरण करना ही जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति का मुख्य उद्देश्य है। बैठक में पूजा के दौरान बिजली, सड़क, नदी घाट, साफ सफाई समेत विभिन्न समस्याओं पर सभी अखाड़ा के प्रमुखों ने अपने-अपने विचार को साझा किया।
जहां जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि इन सारी समस्याओं के संबंध में बहुत जल्द एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात कर इन समस्याओं को उठाकर उनके निष्पादन की मांग करेगा, साथ ही शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के सभी अखाड़ा कमेटियों को लेकर एक मजबूत कमेटी का विस्तारीकरण बहुत जल्द किया जाएगा।
नव नियुक्त अध्यक्ष श्री अरुण सिंह ने कहा कि जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति जिला प्रशासन और सभी अखाड़ा कमेटियों के बीच एक पुल का काम करेगी। आज इस महत्वपूर्ण बैठक में 90 अखाड़ा के लाइसेंसी ने भाग लिया।
लोकासभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं. कांग्रेस लगातार बीजेपी को तीसरी बार केंद्र की सत्ता में रोकने के लिए जुटी है. राहुल गांधी खुद पूरा जोर लगा रहे हैं और अपने नेताओं को ये संदेश दे रहे हैं की डरो मत लड़ो…, मगर कांग्रेस के दिग्गज नेता ऐसा करना नहीं चाहते. कोई अपनी उम्र का बहाना बना रहा है तो कोई नई पीढ़ी को मौका देने की दुहाई दे रहा है.
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अब तक उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर चुकी है, इनमें अब तक 82 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो चुका है, लेकिन एक दो नामों को छोड़ दें तो इस सूची में दिग्गज नेताओं का नाम नहीं है. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को छोड़ दें तो कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने में हिचकिचा रहे हैं. इन नेताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल खुद चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, लेकिन वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने से कन्नी काट रहे हैं.
सोनिया गांधी
चुनाव लड़ने से मना करने वाले कांग्रेसी दिग्गजों की एक लंबी फेहरिस्त है, तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा बड़े नेता हैं जो इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर रहे हैं. इसमें पहला नाम सोनिया गांधी का है, हालांकि उनकी उम्र हो चली है, तबीयत कम ठीक रहती है, इसलिए वो राज्यसभा चली गईं हैं. उन्होंने राज्यसभा जाने से पहले रायबरेली के जो कार्यकर्ता हैं, उनको बुलाकर के कहा था कि मैं क्षेत्र में नहीं आ पाती हूं, मैं लोगों से मिल नहीं पाती हूं, मैं आपके काम उस तरीके से वहां रहकर वहां के अधिकारियों से मिलकर नहीं करा पा रही हूं जोकि मैं इतने सालों से करती आई हूं, इसलिए मैं लोकसभा चुनाव लड़ना नहीं चाहती.
मल्लिकार्जुन खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे कलबुर्गी से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और उस सीट से उनका नाम वहां की राज्य इकाई ने भेजा भी, लेकिन जब Tv9 भारतवर्ष ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी उम्र 83 साल हो गई है, इस उम्र में आकर अब मैं कहां चुनाव लडूंगा. चूंकि वे पार्टी अध्यक्ष हैं, इसलिए तमाम जगहों पर जाकर उन्हें देश भर में रैलियां करनी हैं, प्रचार प्रसार करना है, इसलिए वह एक सीट पर फंसना नहीं चाहते.
अशोक गहलोत
अशोक गहलोत का कहना है कि वह खुद नहीं लड़ना चाहते, उनकी भी उम्र हो गई हे, उनका कहना है कि वह, सोनिया गांधी या खरगे उस लीग के नेता हैं, उनके साथ चलने वाले नेता हैं तो अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए. स्वास्थ्य भी कम ठीक है, इसलिए अपने बेटे को वैभव गहलोत को टिकट दिलाया, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जोधपुर से पिछली बार लड़कर वैभव गहलोत हारे थे, इस बार उन्हें जालौर सिरोही लोकसभा सीट पर शिफ्ट किया गया है.
दिग्विजय सिंह
इसके अलावा एक बड़ा नाम दिग्विजय सिंह का है, जो ना खुद लड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अब उम्र बहुत हो गई है, नए लोगों को मौका मिलना चाहिए और मैं तो राज्यसभा में भी हूं.
कमलनाथ
कमलनाथ ने साफ कहा कि मुझे छिंदवाड़ा में फोकस करना है और वही उम्र बहुत हो गई है, नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए. नकुलनाथ वहां से सांसद हैं तो नकुलनाथ ही चुनाव लड़ेंगे तो नकुलनाथ का नाम भी वहां से आ गया.
जितेंद्र सिंह
यह गांधी परिवार के काफी काफी करीबी है. उनका कहना था कि अलवर सीट से सांसद रहे हैं, केंद्र मंत्री रहे हैं. उनका यह कहना था कि अलवर सीट में अगर वो लड़ने जाते हैं तो प्रभारी महासचिव हैं, मध्य प्रदेश के भी और असम के भी तो ऐसे में वो चुनाव में फोकस करें या चुनाव लड़े तो वो भी पीछे हट गए.
सचिन पायलट
सचिन पायलट एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने कहा था कि मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं, लेकिन उन्होंने साथ में यह भी जोड़ दिया कि अगर मैं चुनाव लडूंगा तो जीतने के लिए लडूंगा और ऐसे में जो देशभर में उनकी रैलियां लगाई जा रही हैं उसमें कटौती कर दी जाए, क्योंकि वह अपने क्षेत्र पर फोकस करना चाहेंगे. ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने ही कहा कि हमको आपको देश भर में रैलियां करानी हैं, देश भर में प्रचार-प्रसार करवाना है, आप चुनाव लड़ने की बजाय इस काम में ध्यान दीजिए.
नवजोत सिंह सिद्धू
पत्नी की अस्वस्थता के चलते नवजोत सिंह सिद्धू ने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना किया. उन्होंने पत्नी की देखरेख का हवाला दिया है.
जयवर्धन सिंह
जयवर्धन सिंह लगातार राघोगढ़ से लगातार वो विधायक बनते आए हैं. उन्होंने कहा है कि मैं राज्य की राजनीति पहले करना चाहता हूं, अभी मेरी उतनी उम्र नहीं हुई है. मैं चाहता हूं कि मैं राज्य की राजनीति करूं और मैं विधायक के तौर पर ही रहना चाहता हूं. दूसरी अहम बात यह थी कि राजगढ़ जो लोकसभा की सीट है, उसमें एक और विधानसभा से कांग्रेस के कई बार के विधायक प्रियव्रत सिंह चुनाव जीतते रहे हैं तो दिग्विजय सिंह का ये कहना है कि एक ही परिवार की बजाय अगर प्रियव्रत सिंह को टिकट दिया जाए तो बेहतर रहेगा.
क्यों लिस्ट फाइनल नहीं कर पा रही कांग्रेस
कांग्रेस के पुराने नेता राज्यसभा या कोई बड़ा पद चाहते हैं. मंत्री पद है नहीं, राज्यसभा उतनी होती नहीं है, तीन राज्यों में सरकार है, कई जगह एमएलसी नहीं होता है तो अब बाकी राज्यों में नेताओं को कैसे संतुष्ट करे. कहीं पर दो उम्मीदवार हैं, तीन उम्मीदवार हैं. कांग्रेस कश्मकश में कि कहीं ऐसा न हो हमने एक को टिकट दिया और दूसरा कहीं दूसरी पार्टी से जाकर चुनाव लड़ ले. इसलिए धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ना चाहती है.
दुनिया की पूर्व नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी ने रविवार को यहां आगामी विश्वकप और पेरिस ओलंपिक के लिए हुए चयन ट्रायल में शीर्ष स्थान हासिल किया। तीन बार की ओलंपियन दीपिका ने फरवरी में बगदाद एशिया कप में दो स्वर्ण पदक जीतकर वापसी की।
वह दिसंबर 2022 में मां बनने के बाद पिछले साल पूरे सत्र में खेल से बाहर रही थीं।
दीपिका ने भजन कौर अंकिता भक्त और कोमालिका बारी के साथ चार सदस्यीय टीम में जगह बनाई। विश्व यूथ की पूर्व चैंपियन बारी सिमरनजीत की जगह शामिल हुईं। भारत को अभी महिला वर्ग में पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना है। अंताल्या में 18 से 23 जून तक होने वाला विश्वकप ओलंपिक के लिए अंतिम क्वालिफाइंग स्पर्धा है।
भारत के लिए अब तक एकमात्र पेरिस ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले धीरज बोम्मदेवरा पुरुष रिकर्व वर्ग में शीर्ष पर रहे। तरुणदीप राय, प्रवीण जाधव और मृणाल चौहान पुरुष रिकर्व टीम के अन्य सदस्य हैं। राष्ट्रीय हाई परफोरमेंस निदेशक संजीव सिंह ने कहा, ‘यह टीम अस्थायी है (ओलंपिक के लिए) और हम विश्वकप के पहले दो चरणों में उनके प्रदर्शन के आधार पर एक या दो बदलाव कर सकते हैं।’
टीम : रिकर्व पुरुष: धीरज बोम्मदेवरा, तरूणदीप राय, प्रवीण जाधव और मृणाल चौहान। रिकर्व महिला: दीपिका कुमारी, भजन कौर, अंकिता भक्त और कोमलिका बारी।
रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को साइबर अटैक के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया है. सेंट्रल बैंक को आशंका है कि भारत के कुछ बैंकों के ऊपर आने वाले दिनों में साइबर अटैक बढ़ सकते हैं. इस अलर्ट के साथ में रिजर्व बैंक ने बैंकों को साइबर सिक्योरिटी दुरूस्त करने के सुझाव भी दिए हैं.
चेतावनी के साथ दिए गए सलाह
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के हवाले से ये बात कही गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल बैंक ने कुछ बैंकों को साइबर अटैक के बढ़े खतरे के लिए तैयार रहने के लिए कहा है और साथ ही जोखिम को कम करने के लिए सिक्योरिटी बढ़ाने की सलाह दी है. रिजर्व बैंक ने इस चेतावनी के साथ बैंकों को उन पॉइंट के बारे में भी बताया है, जहां उन्हें साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम करने की जरूरत है.
हाल ही में सेंट्रल बैंक ने की समीक्षा
आरबीआई ने हाल ही में बैंकों की जोखिम से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है. इसके लिए रिजर्व बैंक के द्वारा साइबर सिक्योरिटी एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्जामिनेशन किया जाता है, जिसे सीसाइट भी कहते हैं. सीसाइट में विभिन्न बैंकों की आपदा प्रबंधन की तैयारियां, इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म की क्षमताएं, फ्रॉड पकड़ने की व्यवस्था आदि की परख की जाती है.
डिजिटल बैंकिंग में तेजी के साथ बढ़े रिस्क
डिजिटल बैंकिंग में तेजी के साथ-साथ साइबर अटैक के खतरे भी तेज हुए हैं. इस कारण अलग से साइबर व आईटी की समीक्षा करने की जरूरत पड़ी है. सीसाइट के तहत आरबीआई की इंस्पेक्शन टीम तमाम बैंकों के आईटी सिस्टम की अच्छे से जांच करती है. जांच के दौरान उन बातों की पहचान की जाती है, जिनके चलते रिस्क हो सकते हैं. उसके बाद बैंकों को ठीक करने के बारे में सलाह दिए जाते हैं.
पहले भी किया जा चुका है आगाह
रिजर्व बैंक इससे पहले भी बैंकों को साइबर खतरों के प्रति आगाह कर चुका है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने पिछले महीने की शुरुआत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि बैंकिंग सेक्टर को नए साइबर खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए. वह 9 फरवरी को 19वें बैंकिंग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी ने सतर्क करते हुए 5 देशों में स्थित भारतीय उच्चायोग को चेताया है। इसके साथ ही ये भी बताया कि हरदीप सिंह निज्जर खलिस्तानी समर्थक उनकी बरसी पर मिशन के बाहर प्रदर्शन कर सकते हैं और इसके साथ आशंका भी जताई कि कहीं कुछ अनहोनी न हो जाए।
इसके लिए अगले तीन महीने तक उन्हें काफी एलर्ट मोड पर रहना होगा। एजेंसी ने ये भी कहा कि हमले के आसार बने हुए है, इसलिए अगले कुछ महीने सभी को सतर्क रहना बेहद जरुरी है।
इंटेलिजेंस एजेंसी तैनात भारतीय राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है और यह समस्या ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और अमेरिका में इसकी संभावना में ज्यादा है। लोकल कानून प्रवर्तन एजेन्सी ने धमकी को लेकर चताते हुए बताया कि खतरे बना हुआ है। इसके अलावा इस बीच खलिस्तानी समर्थकों ने कनाडा के भारतीय उच्चायोग के बाहर भी कई प्रदर्शन किए हैं और यह प्रदर्शन हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर है।
इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी ने ये भी कहा कि खलिस्तानी समर्थक एक बड़ी प्लान कर रहे हैं और इसके अलावा आगामी दिनों में वे प्रदर्शन भी करने जा रहे हैं, जो हरदीप निज्जर की हत्या की सालगिरह के मौके पर कोई बड़ी घटना न हो, इसे देखते हुए पांच देशों में स्थित भारतीय उच्चायोग को एलर्ट कर दिया है। लोकल कानून प्रवर्तन एजेन्सी को भी सतर्क किया है। इसके तहत ये भी बताया कि भारतीय मिशन में काम कर रहे अधिकारी जहां रोजाना काम से जाते रहते हैं, वहां भी खतरे की आशंका जता दी है।
इंडियन एजेंसी ने बताया कि उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन उनके हमले करने की योजना का ही हिस्सा है और यह पूरी तरह से तैयार एक षड्यंत्र है। हालांकि, एनआईए इस बीच अमेरिका में हुए उच्चायोग पर हमले की जांच कर रही है, जून 2022 में गृह मंत्रालय ने यूके और कनाडा में स्थित उच्चायोग को पहले ही एलर्ट पर रहने की बात कही थी। इसके अलावा ये भी बताया था कि अभी तक इस केस में करीब 40 आरोपी की पहचान की जा चुकी है।