आज दिनांक 23 अगस्त 2023 को भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आहूत आक्रोश रैली में भाजयुमो नेता सह सनातन उत्सव समिति के संस्थापक अपने सैकड़ों युवा साथियों संग भाग लेने पहुंचे जिन्हे पूरे रास्ते भर पुलिस अधिकारियों द्वारा रोकते रहे लेकिन युवाओं के आक्रोश में पुलिसिया दम नाकाफी निकला और युवा रांची कुच कर गए लेकिन झामुमो, कांग्रेस और राजद की गठबंधन वाली हेमंत सोरेन की सरकार ने अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा दिलाते हुए हिटलर सही के तहत निहत्थे युवा साथियों पर आंसू के गोले और पानी की बौछार के साथ रबर गोली से वार करने लगा युवाओं के संग संग महिलाओ पर भी बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज कर पूरे प्रदेश से आए हजारों युवा साथियों को चोटिल कर दिया जिसमे जमशेदपुर से प्रमुख रूप से चोटिल चिंटू सिंह को सीने और पैर में गंभीर चोट लगी है जिन्हे तत्काल इलाज हेतु रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनका इलाज चल रहा है ।
इस संबंध में चिंटू सिंह ने बताया कि हम सोरेन की सरकार युवा विरोधी है, शिक्षा विरोधी है, रोजगार विरोधी है स्वास्थ्य विरोधी है, महिलाओ के प्रति असंवैधानिक और असंवेदनशील है जिसे उखड़ फेकने के लिए पूरे प्रदेश के युवा जुट गए है और जबतक इन्हे गद्दी से नही उतारेंगे तबतक चैन से नहीं बैठेंगे साथ ही मेरे सभी चोटिल युवाओं के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्वास्थय लाभ की कामना करते है ।
जमशेदपुर : हेमंत सरकार के विरोध में निकली युवा आक्रोश रैली में भाजपा के वरिष्ठ नेता शिव शंकर सिंह गोलमुरी मंडल के कार्यकर्ता के साथ गोलमुरी चौक से मोराबादी मैदान के लिए निकले। आक्रोश रैली के वाहन और कार्यकर्ता को दोमुहानी पुल के पास जिला प्रशासन द्वारा रोका गया जिसका शिव शंकर सिंह ने अपने कार्यकर्ता के साथ पुरजोर विरोध किया। जिससे के बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, और कार्यकर्ता के वाहनों को आगे जाने दिया ।झारखंड सरकार द्वारा युवा के साथ हुई रोजगार नाइंसाफी और बेरोजगारी भत्ता ना मिलने पर भाजपा द्वारा आज युवा अक्रोश रैली निकाली जा रही जिसका उद्देश्य झारखंड सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकना हैं।
पुलिस की कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष, दिनेश कुमार बोले- हेमंत सरकार की जड़ें हिल गई हैं
रांची: भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आहूत युवा आक्रोश रैली को असफल करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के निर्देश पर जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं के बसों को रोका जा रहा है। जमशेदपुर से रांची जा रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी जमशेदपुर के मरीन ड्राईव, सरायकेला जिले के कमारगोड़ा, कांदरबेड़ा, चांडिल, चौका, रांगामाटी में पुलिस ने रोका है।
भाजपा नेता दिनेश कुमार ने कहा, भाजपा युवा मोर्चा के आक्रोश रैली से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी भ्रष्ट तानाशाह सरकार की जड़ें हिल गई हैं। युवाओं संग वादाखिलाफ़ी वर्तमान हेमंत सरकार को महंगी पड़ेगी और जल्द ही सत्ता से बेदखल कर दिये जायेंगे।
गोलमुरी मंडल भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई को संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर अतिक्रमण बताते हुए जमकर नारेबाजी किया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बारे में हाल ही में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
इन अफवाहों के बीच, चंपई सोरेन ने ट्विटर पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और अपने भविष्य को लेकर जानकारी दी है। आपको बता दें कि चंपई सोरेन ने अब सार्वजनिक रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने समर्थकों के लिए एक भावुक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने पार्टी से मिले अपमान और दर्द को शब्दों में बयां किया है।
पार्टी के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी
चंपई सोरेन ने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि इस सबके बावजूद पार्टी ने उन्हें उनकी सेवाओं का उचित मूल्य नहीं दिया। इस दर्द को व्यक्त करते हुए, चंपई ने यह भी बताया कि पार्टी छोड़ने के बाद उनके पास कौन-कौन से विकल्प खुले हैं और वे क्या कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से जो हालात बन गए हैं, उन्होंने उन्हें भीतर से तोड़ दिया है। उन्होंने आत्ममंथन के बाद यह निर्णय लिया कि अब उनके लिए नई दिशा चुनने का समय आ गया है। चंपई ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में उनका समर्थन करें और उनके फैसले का सम्मान करें।
मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा
चंपई सोरेन ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘इतने अपमान और तिरस्कार के बाद, मुझे एक वैकल्पिक रास्ता खोजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विधायक दल की बैठक में मैंने भारी मन से यह घोषणा की कि ‘आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है।’ इस नए अध्याय में मेरे सामने तीन प्रमुख विकल्प थे। पहला, राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेना; दूसरा, एक अलग राजनीतिक संगठन स्थापित करना; और तीसरा, अगर किसी साथी का साथ मिले, तो उसके साथ मिलकर इस यात्रा को जारी रखना।’
जोहार साथियों,
आज समाचार देखने के बाद, आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।
अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज…
उन्होंने आगे कहा, ‘ये विकल्प मेरे लिए अभी भी खुले हैं और झारखंड विधानसभा चुनाव तक ये स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब यह है कि मैं किसी भी दिशा में आगे बढ़ सकता हूँ और राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर किसी भी निर्णय पर पहुंच सकता हूँ।’ इस तरह, चंपई सोरेन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा को लेकर अभी किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं और भविष्य में किस दिशा में जाएंगे, यह विधानसभा चुनावों तक अनिश्चित रहेगा।
4 दशकों के बेदाग राजनीतिक सफर के बारे में बात की
चंपई सोरेन ने अपने हालिया ट्वीट में अपने चार दशकों के बेदाग राजनीतिक सफर के बारे में बात की है, जिसमें उन्होंने कहा कि इस दौरान वह पहली बार भीतर से टूट गए हैं। उन्होंने लिखा है कि हाल की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या कदम उठाएं। उन्होंने खुलासा किया कि वह दो दिन तक चुपचाप बैठकर आत्म-मंथन करते रहे और पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती की खोज में लगे रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सत्ता का कोई लोभ नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट ने उन्हें आहत किया। सोरेन ने यह भी बताया कि अपनों द्वारा दिए गए दर्द और अपमान को कैसे व्यक्त करें, यह सवाल उनके सामने खड़ा था। उनके इस बयान में भावनात्मक गहराई और व्यक्तिगत संघर्ष को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो उनके राजनीतिक जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों को दर्शाता है।
चंपई सोरेन का निजी संघर्ष और राजनीतिक दृष्टिकोण
चंपई सोरेन ने हाल ही में अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर अपने निजी संघर्ष के बारे में खुलासा किया और अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि यह व्यक्तिगत संघर्ष उनकी खुद की है, और उन्होंने किसी भी पार्टी सदस्य या संगठन को इसमें शामिल करने का कोई इरादा नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिस्थितियों में उन्होंने अपने जीवन को समर्पित किया है, उस पार्टी का नुकसान करने के बारे में सोचना भी उनके लिए असंभव है।
जन-सरोकार की राजनीति पर चंपई सोरेन का दृष्टिकोण
चंपई सोरेन ने अपनी सार्वजनिक राजनीति की शुरुआत से लेकर अब तक की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है, चाहे वह औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाना हो या झारखंड आंदोलन में हिस्सा लेना हो। सोरेन ने अपने प्रयासों को रेखांकित किया कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिलाने की निरंतर कोशिश की है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में किसी भी पद पर रहते हुए, जनता के मुद्दों को उठाने का दावा किया है और झारखंड राज्य के बेहतर भविष्य के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सत्ता में रहते हुए नैतिकता पर चंपई सोरेन का दावा
चंपई सोरेन ने अपनी सत्ता की अवधि के दौरान अपने कार्यों के बारे में भी स्पष्टता प्रदान की। उन्होंने कहा कि जब उन्हें सत्ता मिली, तो उन्होंने बाबा तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राज्य की सेवा करने का संकल्प लिया। सोरेन ने जोर देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया और न ही किसी को ऐसा करने दिया। उनका दावा है कि राज्य के हर नागरिक को उनके कार्यकाल के दौरान उनकी सेवा और निष्ठा का पूर्ण विश्वास है।
आपको बता दें कि चंपई सोरेन, जो झारखंड के कोल्हान क्षेत्र से आते हैं, को “कोल्हान टाइगर” के नाम से भी जाना जाता है। कोल्हान में विधानसभा की 14 और लोकसभा की 2 सीटें हैं। अगर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह झारखंड में सत्तारूढ़ जेएमएम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर विधानसभा चुनावों से पहले।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेने को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. सीएम सोरेन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, चंपई सोरेन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं और उनके साथ 6 विधायक भी दिल्ली आ रहे हैं.
इन सभी विधायकों से झारखंड मुक्ति मोर्चा नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है. कहा जा रहा है कि ये सभी विधायक भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, जेएमएम के जिन विधायकों से नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें दशरथ गगराई, रामदास सोरेन, चमरा लिंडा, लोबिन हेमब्रोम, समीर मोहंती शामिल हैं.
कोलकाता में रूके थे चंपई
सूत्रों के मुताबिक, चंपई सोरेन कल रात कोलकाता के एक होटल में ठहरे हुए थे जहां उन्होंने बीजेपी नेता शिवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की. आज सुबह की फ्लाइट से वह दिल्ली के लिए रवाना हुए. उन्होंने अपने निजी स्टाफ के साथ सुबह की फ्लाइट से उड़ान भरी. ऐसी अटकलें हैं कि दिल्ली दौरे के दौरान वह भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं.
वहीं सूत्रों के मुताबिक, उनके कोलकाता से असम भी निकलने की भी संभावना जताई जा रही है. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी के झारखंड प्रभारी है.
क्या बोले थे चंपई सोरेन
शुक्रवार को जब चंपई सोरेन से बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा, “आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं.” इतना बोलते ही वह गाड़ी में बैठ गए. बता दें कि, हेमंत सोरेन के जेल से वापस आने के बाद चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चा उठती रही है.
बीजेपी की प्रतिक्रिया
झारखंड बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, ‘चंपई सोरेन का एक बड़ा व्यक्तित्व हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड की 3.5 करोड़ जनता उनके काम से खुश थी, लेकिन जिस हिसाब से उन्हें सीएम पद से हटाया गया, वो दुर्भाग्यपूर्ण था. उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा सेटबैक था कि उन्हें सीएम पोस्ट से हटाया गया. आखिर उनकी क्या गलती थी?’
जुलाई में चंपई सोरेन ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि झारखंड में चंपई सोरेन ने बीते महीने जुलाई में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था और हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के सीएम बन गए थे. चंपई सोरेन 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और राज्य के सातवें सीएम के रूप में रहे. चंपई सोरेन की गिनती झामुमो के सीनियर नेताओं में होती है.
चंपई सोरेन सात बार के विधायक हैं. 2005 से वो लगातार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 1991 में पहली बार सरायकेला सीट से ही विधायक बने थे. हेमंत सोरेन ने 2019 में चंपई सोरेन को कैबिनेट मंत्री भी बनाया था. उन्हें परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण का जिम्मा दिया गया था.
हर वर्ग को झारखंड में प्रतिनिधित्व मिले, प्रदेश कमेटी एवं विधान सभा चुनाव में सिख एवं मुस्लिम समुदाय को मिले समुचित भागीदारी
नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सिंह कालरा ने बिरसा वाणी से बातचीत में कहा कि काग्रेस पार्टी ने ज़मीन से जुड़े एक सच्चे कांग्रेसी सिपाही को झारखंड की कमान सौंपी है। श्री कालरा ने कहा कि कुर्मी समुदाय के किसी नेता को पहली बार कांग्रेस ने अध्यक्ष बनाया है जिसके लिए कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर, महासचिव वेणु गोपाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का झारखंड की समस्त जनता आभार प्रकट करती है।
श्री कालरा ने कहा कि अब पार्टी में हर वर्ग को झारखंड में प्रतिनिधित्व मिलेगा, प्रदेश कमेटी एवं विधान सभा चुनाव में सिख एवं मुस्लिम समुदाय सहित ओबीसी वर्ग को समुचित भागीदारी मिलेगी, आज पूरा देश की उम्मीद कांग्रेस पर टिकी हुई है लोग अपनी भूल को सुधार करने के लिए बेताब हैं।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के प्रख्यात समाजसेवी व सामाजिक संस्था कोशिश एक मुस्कान लाने की के संरक्षक शिव शंकर सिंह द्वारा बागुनहातु कालिंदी बस्ती के युवा खेलप्रेमियों के बीच टी शर्ट और जर्सी सेट का वितरण किया।
शिव शंकर सिंह ने कहा खेल क्षेत्र में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के प्रति रुचि है पर वे आज भी मूलभूत खेल सुविधाओं से वंचित हैं खिलाड़ी। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिले इस निमित्त बस्ती क्षेत्र के युवा खेल प्रेमियों के बीच खेल सामग्री वितरण किया गया।
जमशेदपुर : आज मुखी समाज, कैबुल मुखी बस्ती बस्ती, गोलमुरी की ओर से सचिव गुरुचरण मुखी के नेतृत्व में सिदगोड़ा निवासी समाज की बेटी संजना मुखी के घर जाकर उनको समाज की ओर से विशेष सम्मान से सम्मानित किया गयाl संजना मुखी शिक्षा के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में विशेष कार्य कर रही हैl संजना मुखी अभी हाल ही में टाटा स्टील द्वारा आयोजित मिसेज़ फैशनेबल, मिसेज़ जमशेदपुर का टाइटल जीत चुकी है एवं डांस कम्पटीशन में भी तीसरा स्थान प्राप्त कर चुकी हैl
वर्तमान में वह महिलाओं को जुम्बा क्लास के माध्यम से फिटनेस की ट्रेनिंग दे रही है जो मुखी समाज के लिए गौरव की बात है l इस सम्मान कार्यक्रम में डेविड मुखी, देवेश मुखी, गुरुबचन मुखी, अनिकेत मुखी, एवं हेमसागर कुमार जी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : भारतीय मनावधीकार ऐसोसिऐशन कोल्हन परिवार झारखण्ड की तरफ से 78वां स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष मे झण्डोतलन कार्यक्रम कोल्हान व्यापर प्रमुख संतोष पोदार जी के कार्यलय में बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस मौके पर कोल्हान अध्यक्ष रवि राज दुबे जी ने झण्डोत्लन किया। उपस्थित सभी पदाधीकारी सरबजीत सिह, आर के पाण्डेय, सुभाष घोष, सैयद हक, फारुक, अमित, प्रमोद, महेन्द्, धनजीत, सुभाष, यदाव जी, सुशान्त, सतोष, खुर्शिद आलम, सजिद एवं सभी गणमान्य लोग उपस्थित थे।
चंपाई सोरेन और लोबिन के भाजपा में शामिल होने की चर्चा के बीच कांग्रेस के विधायक पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख के भाजपा में भी शामिल होने की चर्चा शुरू
झारखंड में होने वाली विधानसभा चुनाव की बिगूल बजने के पहले ही इडी गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। कोलहान टाईगर के नाम से प्रसिद्द व गुरू जी शिबु सोरेन के सबसे करिबी और विश्वाषपात्र चंपाई सोरन तथा लोबिन हेंब्रम के साथ कांग्रेस के विधायक सह पूर्व कृर्षी मंत्री बादल पत्रलेख भी भाजपा में शामिल हो सकते है।
यदी ऐसा हुआ तो झारखंड के राजनितिक गलियारों में बड़ा बदलाव होगी और झामुमो के लिए बड़ा नुकसान हो सकता है। झारखंड में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इंडी गठबंधन को बड़ा झटका लगने वाला है. झामुमो के कद्दावर नेता चंपाई सोरेन के साथ कांग्रेस के एक विधायक के भी भाजपा में शामिल हो सकते है. फिलहाल सूत्रों की माने तो झारखंड के कई विधायक के साथ साथ मंत्री दिल्ली में जमे हुए है. सभी भाजपा के संपर्क में है. शनिवार से रविवार तक भाजपा का दामन थाम सकते है. सभी का अपना अपना जनाधार है.
विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते है. जो चर्चा चल रही है की शुक्रवार की सुबह से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की भाजपा में जाने की चर्चा शुरू हुई. चंपाई सोरेन को आगे कर भाजपा विधानसभा का चुनाव लड़ सकती है. इस बीच ही झामुमो के निष्काषित पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम ने भी भाजपा में जाने की खबर पर मुहर लगा दी. लोबिन ने तो यहां तच बताया कि चंपाई सोरेन के साथ वह खुद भाजपा का दामन शनिवार को थाम लेंगे. साथ ही हेमंत सोरेन पर कई गंभीर आरोप लगाया है.चंपाई सोरेन और लोबिन के भाजपा में शामिल होने की चर्चा के बीच ही अब कांग्रेस के विधायक पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख के भाजपा में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई है. सूत्रों की माने तो फिलहाल बादल पत्रलेख दिल्ली में मौजूद है. हाल में मंत्री पद जाने के बाद से ही बादल नाराज चल रहे थे. लेकिन सूत्रों की माने तो वह भाजपा का दामन थाम सकते है.सुत्रों की माने तो झारखंड विधानसभा प्रभारी सह मुख्यमंत्री हेमंतविश्वा के नेतृत्व में चंपाई सोरेन भाजपा का दामन थामेगें। इससे साफ है कि जो चर्चा उड़ रही है उसकी पुष्टि भी हो सकती है.