अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस बेपटरी हो गई है. ये हादसा मालीगांव के पास हुआ. हालांकि, इसमें किसी के भी हताहत और घायल होने की सूचन नहीं है. ट्रेन संख्या 12520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आज सुबह अगरतला से रवाना हुई थी.
दोपहर लगभग 03.55 बजे लुमडिंग डिवीजन के तहत लुमडिंग-बर्डरपुर हिल सेक्शन के डिबालोंग स्टेशन पर पटरी से उतर गई. ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत 08(आठ) डिब्बे पटरी से उतर गए.
आपने देश की अदालतों, फिल्मों और कानूनविदों के चेंबर्स में आंखों पर बंधी पट्टी के साथ न्याय की देवी की मूर्ति को देखा होगा। लेकिन अब नए भारत की न्याय की देवी की आंखें खुल गईं हैं।
यहां तक कि उनके हाथ में तलवार की जगह संविधान आ गया है। दरअसल, कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं और अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश काल को पीछे छोड़ते हुए नया रंगरूप अपनाना शुरू कर दिया है।
देवी की आंखों पर बंधी पट्टी हटाई गई
सुप्रीम कोर्ट का ना केवल प्रतीक बदला रहा है बल्कि सालों से न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी भी हट गई है। जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश को संदेश दिया है कि अब ‘ कानून अंधा’ नहीं है। आपको बता दे ये सब कवायद सुप्रीम कोर्ट के CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने की है। ऐसी ही स्टेच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है।
तलवार की जगह संविधान
CJI चंद्रचूड़ के निर्देशों पर न्याय की देवी की मूर्ति को नए सिरे से बनवाया गया। सबसे पहले एक बड़ी मूर्ति जजों की लाइब्रेरी में स्थापित की गई है। जो पहले न्याय की देवी की मूर्ति होती थी उसमें उनकी दोनों आंखों पर पट्टी बंधी होती थी। नई मूर्ति में न्याय की देवी की आंखें खुली हैं और कोई पट्टी नहीं है। साथ ही एक हाथ में तराजू जबकि दूसरे में सजा देने की प्रतीक तलवार होती थी। हालांकि, अब न्याय की देवी की मूर्ति के हाथों में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है। मूर्ति के दूसरे हाथ में तराजू पहले की ही तरह है।
क्यों बदली गई मूर्ति?
सूत्रों के मुताबिक CJI चंद्रचूड़ का मानना था कि अंग्रेजी विरासत से अब आगे निकलना होगा। कानून कभी अंधा नहीं होता, वो सबको समान रूप से देखता है। इसलिए न्याय की देवी का स्वरूप बदला जाना चाहिए। साथ ही देवी के एक हाथ में तलवार नहीं बल्कि संविधान होना चाहिए जिससे समाज में ये संदेश जाए कि वो संविधान के अनुसार न्याय करती हैं। दूसरे हाथ में तराजू सही है कि उनकी नजर में सब समान है।
उत्तर प्रदेश के मऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी डॉक्टर सांसद से भिड़ गया। दरअसल मऊ जिले में घोसी के सांसद राजीव राय जिला चिकित्सालय में लगातार मिल रहीं शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने गए थे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार सिंह भी उनके साथ थे। इस दौरान जिला चिकित्सालय (पुरुष) का पूरा निरीक्षण राजीव राय ने किया। सांसद ने सभी चिकित्सकों से भी मुलाकात की। उनकी समस्याओं को जाना। वहीं, इस दौरान लगभग 12 बजकर 50 मिनट पर वे डॉ. सौरभ त्रिपाठी के कमरे में चले गए। उन्होंने त्रिपाठी से ड्यूटी पर आने का समय पूछा। डॉक्टर ने बताया कि सुबह 8 बजे से उनकी ड्यूटी है।
इसके बाद राजीव राय ने डॉक्टर से पूछा कि आप साढ़े 12 बजे कैसे आए हैं? अभी आपके कैबिन के बाहर 100 से अधिक मरीजों के नंबर लगे हैं। अभी तक आपने कितने मरीजों को देखा है? लेकिन डॉक्टर सीधा जवाब देने के बजाय सांसद से ही भिड़ गए। सांसद के लापरवाही वाले सवाल हर त्रिपाठी ने कहा कि आप अपनी जानकारी को दुरूस्त करें।
4 डॉक्टर मिले गैरहाजिर
अगर आपको नेतागीरी करनी है तो बाहर जाइए। बता दें कि पहले भी सौरभ त्रिपाठी के ऊपर लोगों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लग चुके हैं। उनके खिलाफ सरायलखंशी थाने में केस दर्ज हो चुका है। वहीं, सांसद के औचक निरीक्षण के समय 4 डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए। वहीं, कुछ दलाल भी चिह्नित किए गए हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों में इलाज के नाम पर कथित तौर पर सेटिंग करवाते थे। सीएमएस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने बताया कि कई डॉक्टर मौके से गायब मिले। कई दलाल अस्पताल में सक्रिय पाए गए। ऐसा डॉक्टर उन्होंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। ऐसे डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। नहीं तो ये साइको लग रहा डॉक्टर लोगों की जान के लिए खतरा साबित हो सकता है। यह सनकी डॉक्टर पत्रकारों को भी हेलमेट से मारता है।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनवर हयात के दिशा निर्देश पर भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक मिसाइल मैन के नाम से विश्व प्रख्यात स्व. एपीजे अब्दुल कलाम जी की जयंती आज गुरुनानक हाई स्कूल में शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं के साथ मनाई गई।
अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री ताज़दार आलम ने इस मौके पर बच्चों को अब्दुल कलाम जी की जीवनी के बारे में बताया। उन्होंने ने कहा कि महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बनने तक का सफर उनका आसान नहीं था किन्तु उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें उस मुकाम पर पहुंचाया की आज पूरा देश उनके आगे नतमस्तक होता है। उनके जैसा देश भक्ति सभी में होनी चाहिए। उन्होंने ने बच्चों से कहा कि आप भी देशभक्ति के जज्बे और अपने पूर्ण आत्मविश्वास के साथ देश सेवा के लिए संकल्पबद्ध तो दुनिया आपके भी आगे एक दिन नतमस्तक होगी।
इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी रविंदर सिंह रिंकू ने बच्चों से अब्दुल कलाम जी के जीवनी से संबंधित कुछ सवाल पूछे जिनका बच्चों ने काफी उत्साह के साथ जवाब दिया। वहीं रविंदर सिंह रिंकू ने कहा कि हमें एपीजे अब्दुल कलाम जी की जीवनी से सीखना चाहिए कि कैसे सच्ची लगन हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है, गरीबी और मुसीबतें कितनी भी आये जीवन में लेकिन लक्ष्य पर नज़र हो तो उसे हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।
वहीं अल्पसंख्यक मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी रॉकी सिंह ने बच्चों को कलाम जी के बारे में बताते हुए मोटीवेट किया और कहा कि मिसाइल मैन बनने के लिए जीवन के हर परिस्थिति को पार करना पड़ता है और अब्दुल कलाम जी ने उन सभी परिस्थितियों को पार करने के बाद ही मिसाइल मैन बने है, इसलिए कभी भी जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े तो समझ जाना कि ज़िन्दगी आपको बनाने का कार्य कर रही है।
इस मौके पर अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष समीर खान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह जमशेदपुर महानगर के प्रभारी जोगिंदर सिंह जोग्गी, दीपक गिल, सन्नी राज सिंह सहित गुरुनानक हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक मधुबाला, मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक संतख सिंह, चरणजीत कौर, आशा चौबे, राजेंदर कौर, स्वाति सिंह, पूजा शर्मा, सिमरन कौर, रविंदर कौर सहित सैकड़ों बच्चे उपस्थित थे। मंच का संचालन शिक्षिका श्वेता त्रिपाठी एवं रंजीत कौर गिल ने किया। सभी ने साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरुनानक हाई स्कूल का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस मौके पर अपना पूर्ण सहयोग दिया और अचानक हुए बारिश के बीच भी कार्यक्रम को सफल बनाने का कार्य किया।
झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर जो सस्पेंस चला रहा था वह आज समाप्त हो गया है. चुनाव आयोग की ओर से चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी गई है. झारखंड में दो चरणों में मतदान होंगे. 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा. झारखंड में चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
महाराष्ट्र में एक ही चरण में होंगे मतदान….
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग और 23 नवंबर को नतिजे सामने आएंगे. महाराष्ट्र में एक ही चरण में मतदान होंगे. यहां पर कुल 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है. नामांकन की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर दी गई है।
झारखंड में 11.84 लाख नए मतदाता….
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार झारखंड में इस बार पहली बार नए मतदाता के रूप में 11.84 लाख मतदान करेंगे. राज्य में मतदाताओं की संख्या 2.6 करोड़ है. इसमें 1.29 करोड़ महिला और 1.31 करोड़ पुरूष मतदाताओं की संख्या है. झारखंड में कुल 29,562 पोलिंग स्टेशन होंगे झारखंड में 24 जिलों की 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव होनी है. इसमें से 44 सीटें जनरल कैटेगरी की हैं. एससी की 9 और एसटी कैटेगरी की 28 सीटें आरक्षित हैं।
सरकार बनाने के लिए 42 सीटों की जरूरत…..
झारखंड की बात करें तो विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 42 सीटों की जरूरत पड़ेगी. ठीक इसी तरह से महाराष्ट्र की बात करें तो वहां पर 288 विधानसभा सीटें हैं. यहां सरकार बनाने के लिए 145 सीटों की जरूरत पड़ेगी।
जमशेदपुर शहरी क्षेत्र में एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र जमीन के दस्तावेज अभाव में नहीं बन पा रहा है। इस समस्या से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया था । इसपर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्देश दिया है कि उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम स्थानीय जांच के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें। जमशेदपुर में यह एक बड़ी समस्या रही है जहां लीज भूमि के कारण लोगों का जाति प्रमाण पत्र बनाने में अड़चनें आती रही हैं। आरक्षित वर्ग के आवेदक जाति प्रमाण के लिए जमशेदपुर सहित अन्य अंचल कार्यालय में आवेदन करते हैं, तो उस पर कार्रवाई नहीं हो पाती और जमीन का दस्तावेज मांगा जाता है। इसी समस्या को देखते हुए मंत्री बन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस संबंध में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। अब इस मामले में रास्ता निकाला गया है कि अगर सीओ अपने स्तर से स्थानीय जांच के आधार पर कार्रवाई नहीं करें तो अपर उपायुक्त या जिला के उपायुक्त से शिकायत कर सकते हैं तथा अपना आवेदन भी जमा करा सकते हैं।
फिल्म इंडस्ट्री से एक शॉकिंग खबर आ रही हैं. दिग्गज मराठी एक्टर-कॉमेडियन अतुल परचुरे का निधन हो गया है. उन्होंने 57 की उम्र में आखिरी सांस ली. हालांकि उनकी मौत की असल वजह अभी सामने नहीं आई है.
मराठी के साथ-साथ हिंदी फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम करने वाले अतुल परचुरे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. हालांकि कैंसर पर काबू पाने के बाद उन्होंने फिर से जोश के साथ काम करना शुरू किया और कई मराठी शोज में अपनी भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों पर राज किया.
अतुल परचुरे के जाने से मराठी के साथ साथ हिंदी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को भी एक गहरा झटका लगा है. वो कपिल शर्मा शो पर भी अपनी कॉमेडी का तड़का लगा चुके थे.
भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को कनाडा से वापस बुलाने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने इस बारे में बयान भी जारी कर दिया है। इसमें विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह रेखांकित किया गया कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार के कार्यों ने उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया।
हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की वर्तमान कनाडा सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए भारत सरकार उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
वहीं कनाडा के उच्चायुक्त स्टीवर्ट व्हीलर विदेश मंत्रालय से रवाना हुए। उन्होंने कहा कि कनाडा ने भारत सरकार के एजेंटों और कनाडाई धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या के बीच संबंधों के विश्वसनीय सबूत उपलब्ध कराए हैं। अब भारत के लिए समय आ गया है कि वह जो कहता है उस पर खरा उतरे और सभी आरोपों पर गौर करे। इसकी तह तक जाना दोनों देशों और हमारे देशों के लोगों के हित में है। कनाडा भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। विदेश मंत्रालय ने कनाडा के उच्चायुक्त स्टीवर्ट व्हीलर को तलब किया था।
जमशेदपुर : दुर्गा वाहिनी स्थापना दिवस के निमित्त आज दिनांक 12 अक्टूबर बारीडीह डीएस दुर्गा पूजा मैदान में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें बच्चे, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति, बजरंग दल शामिल हुए। बौद्धिक द्वारा बच्चों एवं महिलाओं को जीवन में शस्त्र और शस्त्र पूजन का महत्व बताया गया, जिससे बच्चे बहुत प्रभावित हुए। कार्यक्रम के साथ साथ संगठन के उद्देश्य की भी पूर्ति हुईं। कुछ नवीन कार्यकर्ता संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित हुए।
कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका पुनम रेड्डी, रेनू सिंह, प्रिया कुमारी, बजरंग दल संयोजक साकेत भारद्वाज, रविकांत शर्मा, विवेक शर्मा, प्रमोद पाठक, संतोष सिंह, शेखर, राजू, अमित सिंह, मुकेश, सतीश कुमार, मारुति पांडे, अभिनंदन, जीतू सिंह, मयंक लोहार, अनमोल सिंह, संतोष ओझा, मृत्युंजय, अंकित तिवारी, प्रशांत तथा समाज के सनातन धर्म को मानने वाले जनमानस शामिल थे।
हरियाणा में नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर को सीएम पद की शपथ लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पंचकुला में होगा और शपथ ग्रहण का कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। शपथ ग्रहण कार्यक्रम सेक्टर 5 स्थित दशहरा ग्राउंड में होगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और अन्य राज्यों के सीएम उपस्थित रहेंगे। बता दें कि बीजेपी ने लगातार तीसरी बार हरियाणा की सत्ता में वापसी की है।
नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की। किसान और पहलवान आंदोलन के बाद बीजेपी सरकार के खिलाफ बनी सत्ता विरोधी लहर को मात देते हुए पार्टी ने विजय पताका फहराई है। हरियाणा के चुनावी परिणाम में बीजेपी को 48 और कांग्रेस को 37 सीटों पर जीत मिली है। इनेलो 2 सीट पर सिमट गई जबकि अन्य उम्मीदवारों को 3 सीटें मिली हैं। ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बीजेपी को समर्थन किया है।
नायब सिंह सैनी बने गेम चेंजर
हरियाणा में नौ साल तक सीएम रहे मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ हरियाणा में सत्ता विरोधी माहौल बनने लगा तो पार्टी ने सीएम को ही बदल दिया। नायब सिंह सैनी को चुनाव से 200 दिन पहले कमान सौंपी गई। और सैनी ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
नायब सिंह सैनी ने अग्निवीर नीति को अपने तरीके से साधा और कहा कि हरियाणा में अग्निवीरों को रोजगार दिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में यह नीति कारगर रही और बीजेपी ने वोट बैंक को साधे रखा। इसके साथ ही सैनी ने 26 फसलों पर एमएसपी का ऐलान किया तो ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में एकजुट करके कांग्रेस की हसरतों पर पानी फेर दिया।