जमशेदपुर : साकची गुरुद्वारा के गोबिंद भवन में एकदिवसीय नेत्र जाँच शिविर में 109 लोग लाभांवित हुए। रविवार को गुरुद्वारा परिसर में कई लोगों ने अवसर का लाभ उठाते हूए अपने नेत्रों की जाँच कराई। रोट्रैक्ट क्लब ऑफ़ आर्का जैन यूनिवर्सिटी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साकची और पूर्णिमा नेत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर गुरुद्वारा परिसर के गोविंद भवन में लगाया गया था। (जारी…)
पूर्णिमा नेत्रालय के नेत्र विशेषज्ञ डॉ सुमन जाना, डॉ सुबीर शेख, आंचल सिंह, श्वेता कुमारी और जे मनीष राज की देख रेख में हुए जांच शिविर में कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए भेजा जायेगा। साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, महासचिव परमजीत सिंह काले का कहना है कि साकची गुरुद्वारा कमिटी धार्मिक समागमों के अलावा सामाजिक दायित्व निभाने के लिए तत्पर है। शिविर को सफल बनाने में प्रधान निशान सिंह, परमजीत सिंह काले, सतनाम सिंह घुम्मन, ट्रस्टी सतनाम सिंह, जयमल सिंह, मनोहर सिंह मीते, जसबीर सिंह गांधी, त्रिलोचन सिंह तोची और दमनप्रीत सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में जल्द ही सीनियर सिटीजन व दिव्यांग के लिए अलग से काउंटर होगा। सीनियर सिटीजन और दिव्यांग मरीज को भीड़ से बचाने के लिए यह योजना बनी है ताकि उन्हें पर्ची बनाने के लिए ज्यादा देर कतार नहीं लगना पड़े। (जारी…)
मालूम हो कि एमजीएम अस्पताल में अभी महिला व पुरुष के लिए अलग से काउंटर हैं जबकि सीनियर सिटीजन एवं दिव्यांग के लिए भी पहले अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था थी, जिसे बंद कर दिया गया। लेकिन कई संगठनों ने एमजीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. रविन्द्र कुमार को ज्ञापन देकर सीनियर सिटीजन और दिव्यांग के लिए अतिरिक्त काउंटर की मांग उठाई है।
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में जिले में डेंगू के मामलों की समीक्षा को लेकर माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण तथा आपदा प्रबंधन विभाग श्री बन्ना गुप्ता द्वारा जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री, उप विकास आयुक्त श्री मनीष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री पीयूष सिन्हा, अपर उपायुक्त श्री जयदीप तिग्गा, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, निजी अस्पतालों के प्रबंधक तथा अन्य बैठक में मौजूद रहे। (जारी…)
जिला प्रशासन द्वारा प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि डेंगू रोकथाम को लेकर क्या-क्या एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं, साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या व उपचार की स्थिति, उपलब्ध चिकित्सीय संसाधन व मानव बल, जिले के कौन से क्षेत्र ज्यादा प्रभावित हैं तथा स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मानगो, बारीडीह, गोलमुरी, बागबेड़ा, सिदगोड़ा, बिरसानगर, बिष्टुपुर, कदमा, साक्ची, सोनारी, साक्ची, टेल्को, जुगसलाई व चाकुलिया नगर पंचायत ज्यादा प्रभावित रहे हैं हालांकि पिछले 10 दिनों में मानगो क्षेत्र में डेगू पॉजिटिव की संख्या में काफी कमी आई है। शहरी क्षेत्र के जितने भी प्रभावित क्षेत्र हैं उनमें क्लस्टर में डेंगू पॉजिटिव का मामला नहीं है, जिन घरों में डेंगू पॉजिटिव हैं उनके आसपास के घरों में भी सघन अभियान चलाते हुए एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, लार्वा का जांच के कार्य किए जा रहे हैं। (जारी…)
माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बच्चों के इलाज हेतु NICU में बेड का इंतजाम, ORS समेत अन्य दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने का निदेश दिया गया। ब्लड बैंक में उपलब्ध खून और प्लेटलेट्स की उपलब्धता की जानकारी ली गई तथा सभी अस्पतालों में ब्लड कैम्प लगाने का निदेश दिया गया। मरीजों का डेंगी जांच के लिए जो दर लागू है उसे मॉनिटरिंग कर लागू कराये जाने, जिला प्रशासन को टीएमएच से समन्वय स्थापित कर गरीब डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 50% बिल माफ करने, डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों की बीमारी का रिकॉर्ड रख मॉनिटरिंग किए जाने, सभी अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा सभी नगर निकायों को युद्धस्तर पर साफ-सफाई, फाॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव किए जाने का निदेश दिया गया। (जारी…)
माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण तथा आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि डेंगू का प्रसार कम हो इसके लिए जिले के सभी नागरिकों को भी जागरूक होते हुए प्रशासन का सहयोग करना होगा। जिला प्रशासन द्वारा रोकथाम को लेकर जो दिशा-निर्देश दिए जा रहे उनका अनुपालन करें। डेंगू से बचने के लिए अपने घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने, और हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करने की बात कही
बैठक में एमजीएम अधीक्षक, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, नगर निकायों के पदाधिकारी, विभिन्न निजी अस्पतालों के प्रबंधक, जुस्को के प्रतिनिधि व अन्य मौजूद रहें।
झारखण्ड : झारखंड में डेंगू के संक्रमित मरीजों की संख्या में एक बार फिर बड़ा इजाफा हुआ है। राज्य भर में शानिवार को 555 डेंगू के संदिग्ध मरीज मिले है। इनमें जांच के बाद 57 में डेंगू के पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा 376 संदिग्ध मरीज पूर्वी सिंहभूम जिले में मिले और जांच में 43 में डेंगू की पुष्टि हुई है। (जारी…)
डेंगू से आदित्यपुर बाबा आश्रम निवासी एमबीबीएस छात्र अवनिास झा (21) की शुक्रवार रात टीएमएच में मौत हो गई। वह कर्नाटक के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। अविनाश छुट्टी में घर आया हुआ था। इस दौरान वह डेंगू से पीड़ित हो गया, जिसके बाद टीएमएच में भर्ती कराया गया। (जारी…)
अविनाश के पिता आईएन झा औद्योगिक क्षेत्र की जेनिथ फॉर्जिंग कंपनी में काम करते हैं। अविनाश सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई भी जिनेथ कंपनी में काम करते हैं, जबकि बहन मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इधर, पूर्वी सिंहभूम में शनिवार को डेंगू के 43 नए मरीज मिले हैं। (जारी…)
अबतक कुल 8138 संदिग्ध मरीजों की जांच 1079 में डेंगू की पुष्टि हुई है। वर्तमान में 258 लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इनमें 14 आईसीयू और 244 नॉर्मल वार्ड में भर्ती हैं। शनिवार को 37 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। वहीं, सरायकेला जिले में अबतक डेंगू के 113 मरीज मिले हैं। इनमें 105 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 8 का इलाज चल रहा है।
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में अव्यवस्था और लापरवाही की खबरें आम हैं. कमियों और लापरवाही के कारण मरीजों की मौत जैसे सामान्य सी बात हो गई है. ताजा मामले में सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज की मौत समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण हो गई. दरअसल बर्मामाइंस बिनोवा भावे आश्रम निवासी गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. घटना के बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए एमजीएम में भर्ती कराया था. स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गणेश को रिम्स ले जाने की सलाह दी. हालांकि, अस्पताल में चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिला, जिससे गणेश की मौत हो गई. (जारी…)
इधर, मामले को लेकर मृतक की बेटी ने बताया कि वे लोग बिनोवा भावे आश्रम में रहते है. उनके पिता आदित्यपुर में मजदूरी करते है. किसी ने फोन कर जानकारी दी कि उनके पिता गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए है. उन्हें तत्काल एमजीएम में भर्ती कराया गया था. रिम्स ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस 108 पर कई बार फोन भी किया. चार घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आया. अंत में उनके पिता ने दम तोड़दिया.गुड़िया ने पिता की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन को बताया है. (जारी…)
इस मामले में अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई है. इधर, सूचना पाते ही भाजपा नेता विमल बैठा भी मौके पर पहुंचे और घटना की निंदा की. उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों में एमजीएम अस्पताल की लापरवाही सामने आ रही है. इसको लेकर अधीक्षक से शिकायत कर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी.
जमशेदपुर : “नाम्या स्माइल फाउंडेशन” की पहल पर पहली बार जमशेदपुर महानगर वासियों की सुविधा के लिए आगामी 30 सितंबर और 01 अक्तूबर को सुबह के 9 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक स्थानीय सूर्य मंदिर, सिदगोड़ा के समीप स्थित सोन मंडप परिसर में निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। (जारी…)
यह आयोजन अपॉलो अस्पताल भुवनेश्वर की ओर से “नाम्या स्माइल फाउंडेशन” की पहल पर होगा। सर्वजन हिताय प्रतिबद्ध रहने वाली संस्था के संस्थापक कुणाल षाड़ंगी ने आज बारीडीह बस्ती, प्रगति नगर, बजरंग चौक और हरि मैदान क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्त्ताओं से मिलकर उन्हें आयोजन की जानकारी दी और आमजन को जागरूक करने का आह्वान भी किया।
जमशेदपुर : जिले में डेंगू रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सजग प्रयास किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम श्री पीयूष सिन्हा द्वारा डेंगू टास्क फोर्स के साथ समीक्षा बैठक की गई । ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस बैठक में सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, स्वास्थ विभाग के अन्य पदाधिकारी, सभी नगर निकाय पदाधिकारी, जुस्को एवं सभी अन्य संबंधित ऑनलाइन जुड़े। (जारी…)
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि डेंगू के विरुद्ध सघन अभियान में तेजी लाने और व्यवस्थित रूप से अभियान को कार्यान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नगर निकाय को निर्देश दिया कि क्षेत्र में एक हेल्पलाइन नंबर निश्चित रूप से रहे जिस पर डेंगू संबंधित जानकारी या परेशानी लोगों द्वारा साझा किया जा सके। लोगो द्वारा कोई भी डेंगू संबंधित शिकायत मिलने पर त्वरित करवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में डेंगू के संदिग्ध मामलों के लिए एक डेडीकेटेड हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए ताकि उक्त नंबर पर संपर्क कर मरीज जरूरी चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर पाएं। (जारी…)
बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में डेंगू का कोई भी पॉजिटिव केस पाया जाता है तो उस व्यक्ति के घर में और उसके आसपास एंटी लार्वा एक्टिविटीज, साफ सफाई और साथ ही साथ इंडोर फॉगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही कदमा और धातकीडीह क्षेत्र में कांटेक्ट ट्रेसिंग त्वरित तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया। (जारी…)
एंटी लार्वा एक्टिविटी से जुड़े सभी संबंधित सुपरवाइजर के लिए डेंगू रोकथाम संबंधित ट्रेनिंग करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी सुपरवाइजर में एक्सपर्टीज डेवलप करने की आवश्यकता है ताकि जब भी वे निरीक्षण के क्रम में किसी घर में डेंगू लार्वा निरीक्षण के लिए जाते हैं तो उक्त स्थान में पूर्ण तरीके से निरीक्षण कर डेंगू लार्वा ढूंढ पाने में सक्षम हो पाएं। गोलमुरी क्षेत्र में निरीक्षण कार्य और डेंगू रोकथाम की कार्रवाई तत्वरित रूप से करने का निर्देश दिया। (जारी…)
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी नगर निकाय और स्वास्थ विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सभी क्षेत्र में डेंगू रोधी अभियान मिशन मोड में संचालित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं में भी डेंगू संबंधित जानकारी का विस्तार करने के उद्देश्य से नियमित रूप से स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन किया जाए और डेंगू रोकथाम में अनिवार्य सुरक्षात्मक कदमों के बारे में युवाओं को जागरूक किया जाए।
किरीबुरू : मेघाहातुबुरु के सेलकर्मी अजय सिंह का होनहार पुत्र संदीप कुमार सिंह उर्फ लाल्टू (29 वर्ष) की मृत्यु डेंगू की वजह से हो गई। इस खबर से किरीबुरु-मेघाहातुबुरु शहर में शोक की लहर फैल गई है। (जारी…)
घटना के बाबत लाल्टू के पिता अजय सिंह ने बताया कि लाल्टू जमशेदपुर में था और डेंगू से ग्रसित हो गया था। जमशेदपुर से उसे लेकर किरीबुरु आये एवं सेल अस्पताल किरीबुरु में इलाज हेतु भर्ती किया। यहां रक्त जांच हुआ एवं प्लेट्लेट्स लगभग डेढ़ लाख बताया गया। 24 सितम्बर को अनार का जूस दिये, जिसके बाद उल्टी होने लगी। स्थिति में सुधार नहीं होकर तबीयत और खराब होने लगी। (जारी…)
इसके बाद उसे चिकित्सक अन्यत्र ले जाने को कहा गया। लाल्टू को 24 सितम्बर की शाम बेहतर इलाज हेतु पहले जोड़ा अस्पताल ले गये, लेकिन वहां चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। स्थिति गंभीर देख एक सरकारी अस्पताल में रुके। वहां आक्सीजन आदि लगाकर अविलम्ब भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल जाने लगे, लेकिन कटक पहुंचने पर लाल्टू का शरीर ठंडा पड़ते देख एक निजी अस्पताल में ले गये। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। लाल्टू का शव को लेकर परिजन किरीबुरु स्थित आवास पहुंच गए हैं।
जमशेदपुर : मानगो शंकोसाई निवासी भाजपा नेता कमलेश्वरी शर्मा के रिश्तेदार घर में बच्चें के जन्म लेने के उपलक्ष में छठियार की पूरी तैयारी हो चुकी थी। घर में मिठाइयां बन रही थी। घर के लोग इंतजार कर रहे थे कि अस्पताल से छुट्टी कराकर जच्चा और बच्चा घर पहुंचेगा तो लोग खुशियां मनाएंगे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। छुट्टी के पूर्व नर्स ने कहा कि एक सुई दूंगी उसके बाद आप घर चले जाइएगा। सुई मिलते ही नवजात शिशु की माता का प्राण पखेरू उड़ गए। बच्चा घर पहुंचने के पहले ही अनाथ हो गया। (जारी…)
स्थानीय लोगों ने भाजपा नेता विकास सिंह को मौके पर बुलाया। जहां उन्होंने कहा कि मामला हत्या का बनता है इसलिए हत्या का मुकदमा दर्ज हो। मेडिकल बोर्ड के सामने पोस्टमार्टम करा कर दूध का दूध पानी का पानी किया जाए।
झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत आंखों के ऑपरेशन में फर्जीवाड़े की आशंका है। राज्य में कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां ड्यूटी डॉक्टर नहीं हैं, फिर भी आयुष्मान के तहत इलाज और ऑपरेशन हो रहे हैं। इन सबके बावजूद आंखों के ऑपरेशन में झारखंड देश में दूसरे नंबर पर है। (जारी…)
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत फरवरी 2022 से जनवरी 23 तक कुल 1.81 लाख लोगों के इलाज के भुगतान का दावा पेश किया गया था। इसमें से 74.66 हजार मामले सिर्फ आंखों के ऑपरेशन से जुड़े थे। यानी 12 महीनों में आयुष्मान के तहत किये गये इलाज का 41 प्रतिशत आंखों के ऑपरेशन से संबंधित था। फरवरी 2023 से अगस्त तक (सिर्फ सात महीने में) आयुष्मान के तहत हुए इलाज में आंखों के इलाज का हिस्सा 33 प्रतिशत तक पहुंच गया है। (जारी…)
इसकी वजह यह है कि राज्य में कई अस्पतालों में फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट और डॉक्टरों के नाम का गलत इस्तेमाल कर इलाज का दावा किया जा रहा है। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। इस मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में अगर फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो संबंधित अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विपक्षी दलों ने उठाए सवाल:
विपक्षी दलों ने इस मामले में सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। सरकार को इस मामले में तुरंत जांच करनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलानी चाहिए।
झारखंड जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह सरकार की लापरवाही है कि राज्य में फर्जीवाड़ा हो रहा है. सरकार को इस मामले में जवाबदेह होना चाहिए।
मुख्य बिंदु:
◆ झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत आंखों के ऑपरेशन में फर्जीवाड़े की आशंका है। ◆ राज्य में कई अस्पतालों में ड्यूटी डॉक्टर नहीं हैं, फिर भी आयुष्मान के तहत इलाज और ऑपरेशन हो रहे हैं। ◆ राज्य में अभी आयुष्मान योजना के तहत होनेवाले इलाज का 40% हिस्सा सिर्फ आंख के ऑपरेशन का है। ◆ फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट और डॉक्टरों के नाम का गलत इस्तेमाल कर किया जा रहा इलाज का दावा है।