जमशेदपुर : भारतीय जनता युवा मोर्चा उलीडीह मंडल अध्यक्ष राहुल कुमार की नेतृत्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित अग्रवाल, उलीडीह मंडल अध्यक्ष अरमेंद्र पासवान की गरिमय उपस्थित में आज अवनीश कुमार के संग सैंकड़ो युवाओं ने भाजयुमो का दामन थामा। (जारी…)
भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा हमें युवाओं को जोड़कर चलना है। मोदी जी के कार्यों को हमें घर घर में जाकर उनके विकास योजनाओं का बताना है। ई डी गठबंधन जो बना हैं उसका असली चेहरा युवाओं को दिखाना है। झारखंड के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन जी ने गलती नहीं की तो ईडी के सवालों से भागने की क्या जरूरत है, ये सब युवाओं को बताना है। संगठन में हमें ईमानदार होकर काम करते रहना है। आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंडल के मंत्री संभू चौधरी, जीतू गुप्ता, अनिल गुप्ता, मोती बिरवा मुख्य रूप से उपस्थित थे।
बहरागोड़ा : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दिनेशानंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य की हेमन्त सरकार गरीबों तक राशन पहुंचाने में विफल रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केन्द्र सरकार तीन वर्षों से गरीबों के लिए मुफ्त राशन भेज रही है. (जारी…)
बहरागोड़ा प्रखंड के लाभुकों को 2 महीने से राशन नहीं मिल रहा है. लोगों का कहना है कि राज्य सरकार ने दो महीने का राशन गोलमाल कर दिया है. चावल नहीं मिलने के कारण कई लोग भुखमरी के कगार पर हैं. डाॅ गोस्वामी शुक्रवार को बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरी पंचायत स्थित बामडोल गांव में ग्रामीणों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. (जारी…)
इसकी अध्यक्षता भाजपा बहरागोड़ा मंडल के महामंत्री भक्तिश्री पंडा ने किया. ग्रामीणों के बुलावे पर डाॅ गोस्वामी बामडोल गांव पहुंचे थे. डाॅ गोस्वामी ने झारखंड सरकार से गरीबों को शीघ्र राशन वितरित करने का आग्रह किया. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा बिजली की अनियमित आपूर्ति के संबंध में भी डाॅ गोस्वामी को बताया. बैठक में मुखिया तड़ित मुंडा, तापस पाल, शिव शंकर मदीना, चंदन पांडा, तारापद पांडा, अंबु घोष, मोहनी साव, निखिल घोष, चंद्रशेखर पाल, सत्यवान साव, पीजुश घोष, मानस घोष, परमेश्वर घोष, किरण घोष, गौरा दंडपाट आदि उपस्थित थे.
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में अव्यवस्था और लापरवाही की खबरें आम हैं. कमियों और लापरवाही के कारण मरीजों की मौत जैसे सामान्य सी बात हो गई है. ताजा मामले में सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज की मौत समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण हो गई. दरअसल बर्मामाइंस बिनोवा भावे आश्रम निवासी गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. घटना के बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए एमजीएम में भर्ती कराया था. स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गणेश को रिम्स ले जाने की सलाह दी. हालांकि, अस्पताल में चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिला, जिससे गणेश की मौत हो गई. (जारी…)
इधर, मामले को लेकर मृतक की बेटी ने बताया कि वे लोग बिनोवा भावे आश्रम में रहते है. उनके पिता आदित्यपुर में मजदूरी करते है. किसी ने फोन कर जानकारी दी कि उनके पिता गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए है. उन्हें तत्काल एमजीएम में भर्ती कराया गया था. रिम्स ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस 108 पर कई बार फोन भी किया. चार घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आया. अंत में उनके पिता ने दम तोड़दिया.गुड़िया ने पिता की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन को बताया है. (जारी…)
इस मामले में अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई है. इधर, सूचना पाते ही भाजपा नेता विमल बैठा भी मौके पर पहुंचे और घटना की निंदा की. उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों में एमजीएम अस्पताल की लापरवाही सामने आ रही है. इसको लेकर अधीक्षक से शिकायत कर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी.
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर स्थापित रीति रिवाज, पारंपरिक वेशभूषा और परंपराओं को माननेवाले अनुसूचित समाज के लोगों को ही ST जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का अनुरोध किया है। केरल हाई कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए दास ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कार्मिक विभाग को इस संबंध में पत्र जारी करने संबंधी निर्देश देने का आग्रह किया है। (जारी…)
उन्होंने लिखा कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से आते हैं। जनजातीय समाज ने बड़े भरोसे के साथ आपको मुख्यमंत्री के पद पर बैठाया था, लेकिन अब वो छला महसूस कर रहे हैं। जनजातीय समाज आप से अपेक्षा करता है कि उसके साथ न्याय हो, लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के साथ सबसे अधिक विश्वासघात आपने जनजातीय समाज के साथ ही किया है। ये बात किसी से छिपी नहीं है कि जनजातीय समाज को आज झारखंड में किस खराब दौर से गुजर रहा है। (जारी…)
झारखंड में जनजातीय समाज की परंपरा और पहचान आपकी सरकार की वजह से संकट में आ गयी है। पर्दे के पीछे से आपकी सरकार चलानेवाले चाहते हैं कि यहां का अनुसूचित जनजाति समाज मांदर की जगह गिटार पकड़ ले। उन्होंने अनुरोध करते हुए लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि सरना कोड के नाम पर आप जनजातीय समाज विशेष कर सरना समाज को गुमराह करने की बजाय जो आपके हाथ में हैं कम से कम उसे तो लागू कर दें। (जारी…)
अनुसूचित जनजाति समाज की सालों पुरानी मांग है कि स्थापित रीति रिवाज, पारंपरिक वेशभूषा और परंपराओं को माननेवालो को ही एसटी जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाये। 1997 में केरल राज्य एवं एक अन्य बनाम चन्द्रमोहनन् मामले में केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया था कि अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का क्या-क्या आधार होना चाहिए। लेकिन आपकी सरकार इस अहम मुद्दे पर मौन है। (जारी…)
माननीय मुख्यमंत्री जी आपसे अनुरोध है कि अनुसूचित जनजाति समाज के हित में केरल हाईकोर्ट के फैसले को झारखंड में उतारने का काम करें। केरल हाईकोर्ट के निर्णय का सार इस प्रकार है-
आवेदक के माता एवं पिता दोनों ही अनुसूचित जनजाति के सदस्य होने चाहिए। उनके माता-पिता का विवाह संबंधित जनजाति के रूढ़ियों एवं परंपरा के अनुसार किया गया होना चाहिए। उनका विवाह जनजाति समाज द्वारा किया गया हो एवं उसे समाज के द्वारा मान्यता दी गई हो। आवेदक एवं उसके माता-पिता के द्वारा जातिगत रूढ़ियों, परंपराओं एवं अनुष्ठान का पालन किया जा रहा है। आवेदक एवं उसके माता-पिता के द्वारा अपने पूर्वजों की विरासत एवं उत्तराधिकार के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। इन सब मामलों की जांच के पश्चात् ही जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी आपसे आग्रह है कि कार्मिक विभाग से अविलंब निर्देश जारी करायें कि जो व्यक्ति जनजाति समाज के रिति रिजाव नहीं मानते हों, उनका जाति प्रमाण पत्र निर्गत न किया जाये।
जमशेदपुर : एमजीएम के गायनिक वार्ड में भर्ती स्लैग रोड निवासी मालती देवी की मौत की जांच शुरू हो गई है। अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार और उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी खुद इसकी जांच कर रहे हैं। जांच में डॉक्टर और नर्स की लापरवाही साबित नहीं हो पाई है। महिला के इलाज में भी लापरवाही नहीं हुई है। दोनों अधिकारियों ने उसका बीएचटी भी देखा। (जारी…)
पल्मोनरी एम्बोलिज्म से प्रसूता की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है, जिसके बाद मौत की सही वजह का पता चलेगा। डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि पल्मोनरी इमोजियम के कारण ही महिला का शुगर लेबल और बीपी डाउन होने लगा था। इस दौरान उसे लाइफ सेविंग सारी दवा और इंजेक्शन सही तरीके से दी गई। परिजनों का आरोप गलत है कि सुई देने के बाद महिला की मौत हुई है। बता दें कि महिला का एमजीएम में सिजेरियन हुआ था, जिसके बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के पांचवें दिन उसकी मौत हो गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि सुई लगाने के बाद मौत हुई है। (जारी…)
क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म
पल्मोनरी एम्बोलिज्म आमतौर पर खून के थक्के के कारण होता है। इसके कारण आर्टरी ब्लॉक हो जाती है। हर मरीज में इसके लक्षण अलग-अलग होते हैं, लेकिन आमतौर पर सांस लेने में परेशानी सामान्य लक्षण है। सर्जरी के दौरान मरीजों की इसके कारण मौत तक हो सकती है।
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला (जमशेदपुर) प्रशासन ने दीपावली के अवसर पर खुले मैदान में अस्थायी पटाखा अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक व्यक्ति दिनांक 27 सितंबर से 14 अक्टूबर तक विहित प्रपत्र (एइ-5) में आवेदन दो स्वयं अभिप्रमाणित पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ, 500 रूपये अनुज्ञप्ति शुल्क का चालान, पहचान पत्र, स्वहस्ताक्षरित शपथ पत्र ( शपथ पत्र में अधिवक्ता व नोटरी पब्लिक के हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है) एवं स्थायी पटाखा अनुज्ञप्तिधारी द्वारा निर्गत सहमति पत्र के साथ समाहरणालय के सामान्य शाखा में जमा कर सकते हैं. निर्धारित तिथि के पश्चात प्रस्तुत आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.
आदित्यपुर : राष्ट्रीय हेल्थ फैमिली रिपोर्ट के सर्वे में झारखंड का सबसे कुपोषित जिले की सूची में सरायकेला पहले और पूर्वी सिंहभूम दूसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में दावा किया है गया है कि सरायकेला जिले में 23 फीसदी आबादी कुपोषण का शिकार है, जबकि पूर्वी सिंहभूम में 16.8 फीसदी आबादी कुपोषण का शिकार है. इस बात का खुलासा बुधवार को रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता में की. (जारी…)
जानकारी देते हुए रोटी बैंक के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि उनका लक्ष्य कुपोषण फ्री झारखंड बनाना है. उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के गांव में विलुप्त होती सबर जाति के परिवारों की स्थिति अच्छी नहीं है. पूर्वी सिंहभूम जिले के बड़ाबांकी गांव के 25 सबर परिवार केवल सरकार से मिल रहे 5 किलोग्राम चावल पर निर्भर है. जो तीनों वक्त पानी चावल खाकर जी रहे हैं. उनके इस रिपोर्ट पर डीसी पूर्वी सिंहभूम मंजूनाथ भजंत्री को राष्ट्रीय जनजाति आयोग ने नोटिस भेजा है, जिन्हें 15 दिन में रिपोर्ट भेजने को कहा गया है अन्यथा उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत समन भेजने की चेतावनी दी गई है. (जारी…)
उन्होंने बताया कि बड़ाबांकी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भी है, लेकिन वहां की सेविका केवल डयूटी करने आती है, वह मानगो में रहती है. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में झारखंड में हर साल 40 हजार बच्चे कुपोषण से मरते हैं. आज भी राज्य के 3 लाख से अधिक बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में रोटी बैंक के 250 सदस्य प्रतिदिन 2 हजार परिवारों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में जुटा है.
जमशेदपुर : “नाम्या स्माइल फाउंडेशन” की पहल पर पहली बार जमशेदपुर महानगर वासियों की सुविधा के लिए आगामी 30 सितंबर और 01 अक्तूबर को सुबह के 9 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक स्थानीय सूर्य मंदिर, सिदगोड़ा के समीप स्थित सोन मंडप परिसर में निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। (जारी…)
यह आयोजन अपॉलो अस्पताल भुवनेश्वर की ओर से “नाम्या स्माइल फाउंडेशन” की पहल पर होगा। सर्वजन हिताय प्रतिबद्ध रहने वाली संस्था के संस्थापक कुणाल षाड़ंगी ने आज बारीडीह बस्ती, प्रगति नगर, बजरंग चौक और हरि मैदान क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्त्ताओं से मिलकर उन्हें आयोजन की जानकारी दी और आमजन को जागरूक करने का आह्वान भी किया।
भगवान सिंह की चिंता पर सिख युवक हमले मामले को दिल्ली में उठाने की बात कही
जमशेदपुर : कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता डॉ अजय कुमार ने सीजीपीसी की आधारभूत सरंचना निर्माण में आर्थिक सहयोग करने का वादा किया है। बुधवार को सीजीपीसी कार्यालय में हो रहे भवन निर्माण की महत्वकांक्षी परियोजन से प्रभावित होकर सहयोग करने का आश्वासन दिया साकची स्थित कार्यालय में उन्होंने कानपुर में सिख युवक पर हुए हमले मामले में प्रधान भगवान सिंह द्वारा उठाये मुद्दे को दिल्ली में शीर्ष नेताओं के समक्ष उठाने की बात भी उन्होंने की। (जारी…)
सीजीपीसी भवन निर्माण कमिटी के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह टीटू ने आधारभूत सरंचना परियोजना के कार्यप्रगति पर डॉ अजय कुमार के सामने प्रकाश डाला जिससे प्रभावित होकर डॉ अजय कुमार ने सम्मानजनक आर्थिक सहयोग करने का वादा किया। सुरेंद्र पाल सिंह टीटू ने कहा कि सीजीपीसी सामाजिक सेवा के उद्देश्य से भवन निर्माण करवा रहा है। (जारी…)
इस दौरान प्रधान भगवान सिंह ने सिख युवक पर हुए हमले पर गहरी चिंता जताते हुए डॉ अजय से उचित कार्यवाई करवाने कर का आग्रह किया जिसपर डॉ अजय कुमार ने मामले को दिल्ली में शीर्ष नेताओं के समक्षं रखने की बात कही। सरदार शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि डॉ अजय से पहले भी सहयोग मिलता रहा है और आगे भी उनसे समाज को काफी उम्मीदें हैं। (जारी…)
इससे पूर्व सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह सहित अन्य सदस्यों में मुख्यरूप से चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह-गुरचरण सिंह बिल्ला सुरेंद्र पाल सिंह टीटू, उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह-चंचल सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, कुलविंदर सिंह पन्नू , सुरेंद्र सिंह छिंदे, परविंदर सिंह सोहल, सुखदेव सिंह बिट्टू, गुरमीत सिंह, अर्जुन सिंह बलिया, सुखवंत सिंह सुखु, कुलदीप सिंह, ज्ञानी हरविंदर सिंह, दीदार सिंह, सुखविंदर सिंह, करतार सिंह और अन्य ने डॉ अजय कुमार का शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला ने किया।
जमशेदपुर : विधायक सरयू राय ने सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखण्ड सरकार को पत्र लिखकर टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा पेयजल की दर में वृद्धि करने पर आपत्ति जताई है। सचिव को लिखे पत्र में विधायक सरयू राय ने कहा कि दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार से स्पष्ट हो रहा है कि टाटा स्टील ने अचानक एक जुलाई, 2023 से पेयजल की दर में वृद्धि कर दिया है। जिसका सीधा भार उपभोक्ताओं पर पड़ा है। आप अवगत है कि टाटा स्टील और झारखंड सरकार के बीच वर्ष 2005 में हुए लीज नवीकरण समझौता के अनुसार टाटा स्टील जमशेदपुर के सभी नागरिकों को पेयजल सहित अन्य नागरिक सुवधायें अपने खर्च पर उपलब्ध करायेगा। यदि इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क लेना है तो वह शुल्क राज्य सरकार द्वारा अपने नगरपालिकाओं के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक नहीं होगा। (जारी…)
इसके आलोक में जब राज्य सरकार ने 2021 के जनवरी में पेयजल आपूर्ति का उपभोक्ता शुल्क बढ़ाया तो तुरंत टाटा स्टील की इकाई “जुस्को” ने भी उस समय पेयजल की निर्धारित दर को बढ़ा दिया। आज के समाचार के अनुसार यदि टाटा स्टील यूआईएसएल ने पेयजल की उपभोक्ता दर में वृद्धि कर दिया है तो प्रश्न उठता है कि क्या राज्य सरकार ने भी इस बीच अपने नगरपालिकाओं के लिए पेयजल आपूर्ति उपभोक्ता शुल्क में कोई वृद्धि किया है ? यदि नहीं तो इस संबंध में आवश्यक निर्देश राज्य सरकार द्वारा टाटा स्टील को दिया जाना चाहिए। ताकि दर में वृद्धि कम हो सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। (जारी…)
पत्र के माध्यम से सचिव को श्री राय ने कहा कि विगत कई वर्षों से टाटा स्टील जमशेदपुर के गैर लीज क्षेत्र की बस्तियों तथा लीज क्षेत्र में बसी अनधिकृत बस्तियों को पानी और बिजली जैसे नागरिक सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहा था। विगत 02 वर्ष के हमारे सतत प्रयास से टाटा स्टील ने जमशेदपुर के सभी क्षेत्रों में पानी, बिजली सहित अन्य आवश्यक सुविधा देने पर राजी हो गया है और देने लगा है। ऐसी स्थिति में एक ओर जन सुविधाओं की आपूर्ति का विस्तार करना और दूसरी ओर पेयजल आपूर्ति के उपभोक्ता शुल्क में वृद्धि करने का कंपनी के निर्णय के औचित्य पर सवाल खड़ा हो रहा है। इस संदर्भ में राज्य सरकार के स्तर पर अविलंब आवश्यक निर्णय जनहित में दिया जाना समीचीन होगा। (जारी…)
जमशेदपुर में नगरपालिका के संदर्भ में जेएनएसी के अधिकार क्षेत्र में है, जहाँ अधिकांश नागरिक सुविधायें टाटा स्टील यूआईएसएल उपलब्ध करा रहा है। एक विधिवत नगरपालिका नहीं होने के कारण यहाँ कई प्रकार की समस्याएँ खड़ी हो रही हैं। सरकार जमशेदपुर को नगर निगम बनाने अथवा औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के बारे में असमंजस में है। यह असमंजस शीघ्र दूर होना चाहिए। (जारी…)
जमशेदपुर में विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग के निदेशानुसार जेबीभीएनएल के जमशेदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक और टाटा स्टील के विद्युत आपूर्ति विभाग के महाप्रबंधक के साथ जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में विद्युत समस्याओं के बारे में निर्णय लेने के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें मैं भी एक सदस्य हूँ। यह समिति महिने में एक बार बैठती है और सम-सामयिक समस्याओं के समाधान के बारे में आवश्यक निर्णय लेती है। इसी तरह पेयजल आपूर्ति एवं साफ – सफाई्र के लिए भी जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी, एडीएम, टाटा लीज तथा टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अथवा महाप्रबंधक को मिलाकर एक समिति गठित की जाय ताकि नागरिक सुविधा के संबंध में समुचित निर्णय दिया जा सके। इस संदर्भ में, मैं दिनांक 29 सितंबर, 2023 के अपराह्न में किसी समय आपके साथ अथवा निदेशक, सूडा के साथ मिलकर अपनी बातें रखना चाहूंगा।
राय ने अनुरोध किया है कि उपर्युक्त विषय में टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा पेयजल आपूर्ति शुल्क में एकतरफा वृद्धि करने के संबंध में कंपनी को आवश्यक निर्देश देंगे ताकि पेयजल आपूर्ति का शुल्क कंपनी उतना ही वसूल करे, जितना राज्य सरकार ने अपने नगरपालिकाओं के लिए निर्धारित किया है।