जमशेदपुर : कुड़मी समाज की ओर से अनिश्चितकालीन रेल चक्का जाम की घोषणा की गई है। इसके तहत टाटानगर और खड़गपुर के बीच खेमाशोली स्टेशन के पास और टाटानगर आद्रा स्टेशन के बीच कुस्तौर स्टेशन के पास कुड़मी समाज रेल ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करेगा। कुड़मी समाज द्वारा आंदोलन के कारण रेलवे ने स्टील एक्सप्रेस समेत 35 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 10 ट्रेन शॉर्ट टार्मिनेट और एक ट्रेन के रूट में बदलाव किया है। इसको लेकर रेलवे ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
इन ट्रेनों को किया गया रद्द
ट्रेन नंबर 08641 आद्रा-बरकाखाना मेमो पैसेंजर स्पेशल ट्रेन नंबर 12828 पोरबंदर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08649 आद्रा-पुरुलिया मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 03595 बरकाखाना-आसनसोल मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 03598 आसनसोल-रांची मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर13301 धनबाद-टाटानगर स्वर्णरेखा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18183 टाटानगर-दानापुर सुपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08650 पुरुलिया-आद्रा मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 18085 खड़गपुर-रांची मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18116 चक्रधरपुर-गोमो मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08054 टाटा-खड़गपुर मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08055 खड़गपुर-टाटा मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08015 खड़गपुर-झारग्रम मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08060 टाटा-खड़गपुर मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 03592 आसनसोल-बड़काखाना मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 18184 दानापुर-टाटा सुपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08173 आसनसोल-टाटा मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08174 टाटा-आसनसोल मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 03594 आसनसोल-पुरुलिया मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18035 खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 03593 पुरुलिया-आसनसोल मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 08647 आद्रा-बड़ाभूम मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08049 खड़गपुर-झारग्राम मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 12814 टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08069 संतरागाछी-झारग्राम मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर12021 हावड़ा-बड़बील जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12871 हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08070 झारग्राम-संतरागाछी मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 08160 टाटा-खड़गपुर मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 08071 खड़गपुर-टाटा मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 22892 रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18033 हावड़ा-घाटशिला मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08050 झारग्राम-खड़गपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 22891 हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस
टाटा लीज क्षेत्र एवं इससे सटे अन्य बस्तीयों के निवासियों को जुस्को का विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने को लेकर बनी कमिटी की बैठक आज बिष्टुपुर स्थित विद्युत महाप्रबंधक कार्यालय में विद्युत महाप्रबंधक श्री श्रवण कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक मे जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सरयू राय विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मोहरदा, मुराकाटी क्षेत्र में जुस्को बिजली हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा। इसके लिए पथ निर्माण विभाग को बैंक गारंटी के तौर पर निश्चित रकम जुस्को द्वारा जमा करायी जा रही है। मोहरदा ओड़िया स्कूल मैदान में सब स्टेशन के लिए सभी आवश्यक सामग्री (सीटीएसएस) जुस्को द्वारा तैयार कर लिया गया है। बैठक में जुस्को के अधिकारियों ने श्री राय को बताया कि छायानगर-चंडीनगर, निर्मलनगर के लिए सब स्टेशन निर्माण के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री की खरीददारी कर ली गयी है। स्थल चिन्हित कर लिया गया तथा उक्त स्थल पर सब स्टेशन निर्माण के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। विधायक श्री राय ने अधिकारियों से उक्त सब स्टेशन निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। बागुननगर क्षेत्र में विद्युत क्षमता को 2 केवीए से बढ़ाकर 10 केवीए करने के लिए विधायक श्री राय की पहल पर बागुननगर में एक नया सब स्टेशन का निर्माण कर लिया गया है। क्षेत्र के निवासियों को बिजली कनेक्शन देने के लिए फाॅर्म वितरण किया जा रहा है। विधायक श्री राय ने बागुननगर के ‘डी’ ब्लाॅक को भी बिजली देने की बात कही।
विधायक श्री राय ने जुस्को के अधिकारियों को बारीडीह बस्ती, शक्तिनगर, शांतिनगर, बागुनहातु, लक्ष्मीनगर, प्रेमनगर, रामाधीन बगान, गायत्रीनगर को भी जुस्को की बिजली देने के लिए आवश्यक कारवाई करने का निर्देश दिया। इसपर अधिकारियों ने अपनी सहमति देते हुए क्षेत्र का सर्वे एवं संभावनाओं की तलाश हेतु एक टीम बनाकर सर्वे करने की बात कही। विधायक श्री राय ने गोलमुरी के केबुल टाऊन और केबुल बस्ती के प्रत्येक घरों को अलग-अलग बिजली प्रदान करने की बात कही। इसका निदान के लिए विधायक श्री राय ने पहली बैठक से ही अधिकारियों को निर्देश दिया था, जिसपर आज अधिकारियों ने बताया कि केबुल टाऊन, डीएस फ्लैट क्षेत्र में अलग-अलग बिजली देने के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। बाकी क्षेत्रों के लिए भी सर्वे किया जा रहा है। ज्ञात हो कि वर्तमान में यहाँ सिंगल प्वाइंट पर बिजली आपूर्ति की जाती है जिससे कई समस्यायें उपभोक्ताओं को उठानी पड़ती है। केबुल टाऊन क्षेत्र में इंकैब के इंफ्रांस्ट्रक्चर का उपयोग एवं रख रखाव के लिए जुस्को प्रबंधन ने केबुल कंपनी के लिक्वीडेटर को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त नहीं होने पर विधायक श्री राय ने नाराजगी जतायी और जुस्को के अधिकारियों को नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का निर्देश दिया।
विधायक श्री राय के प्रयास पर पूर्वी विधानसभा के 20 हाईमास्ट लाइटों में जुस्को से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जिससे अब जेबीवीएनएल की बिजली कटने पर अंधेरा छा जाने की परेशानी से लोगों को मुक्ति मिल गयी है। विधायक श्री राय जमशेदपुर अक्षेस के अधिकारी को 4000 स्ट्रीट लाइट का काम धरातल पर नहीं उतारने पर संबंधित वरीय अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर इसका अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया। अधिकारी ने बताया कि 14 अप्रैल को इसकी निविदा प्रकाशित की जाएगी और मई के प्रथम सप्ताह से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट का अधिष्ठापन प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में श्री राय ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में जो काई भी जुस्को की बिजली प्राप्त करने के लिए आवेदन करता है तो उसे बिजली दी जाय। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर सुविधा बहाल की जाए।
ज्ञात हो कि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक श्री सरयू राय ने जुस्को द्वारा लीज क्षेत्र के नागरिकों को विद्युत कनेक्शन देने में मनमानी करने का मामला विधानसभा में उठाया था। जिसके उपरांत जुस्को क्षेत्र के सभी नागरिकों को विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए जमशेदपुर के विद्युत महाप्रबंधक की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन किया गया ताकि इसकी जांचकर लीज क्षेत्र के सभी निवासियों को विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा सके। बैठक में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, कार्यपालक अभियंता, जुस्को के प्रतिनिधि, जमशेदपुर अक्षेस के प्रतिनिधि, विधायक सरयू राय के निजी सचिव सुधीर सिंह एवं विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह के साथ ही अन्य पदाधिकारीगण मौजुद थे।
रामनवमी के मुद्दे में गरमाई जमशेदपुर की राजनीति में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामनवमी अखाड़ा समिति के केंद्रीय संरक्षक अभय सिंह ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अब जब सारा मामला का पटाक्षेप हो गया तब वे विधवा विलाप कर रहे हैं। कांग्रेसी कल्चर के डीएनए में श्रीराम का विरोध विगत काल खंड से रहा है, ये इतिहास में सर्वविदित रहा है। जिनके केंद्रीय नेताओं का प्रभु श्रीराम के विरुद्ध हमेशा बयानबाजी रहा है, वह अब नैतिकता की पाठ की दुहाई जमशेदपुर की जनता को दे रहे है।
राम जन्मभूमि का फैसला ना हो उनके प्रिय नेता कपिल सिब्बल जैसे लोग कांग्रेस के नेता राहुल गांधी एवं पूरे कांग्रेस के कहने पर कोर्ट के मामले के विरुद्ध खड़ा हो जाना यह सारा इतिहास सभी लोग जानते हैं। राम जन्मभूमि को सार्वजनिक शौचालय बनाने की बात जिस पार्टी के द्वारा विगत वर्षों में किया गया हो उनकी पार्टी के नीचे के नेताओं का यह कथन कि हम प्रभु राम के पुजारी हैं, भक्त हैं कहना हास्यास्पद है।
शुरू से कांग्रेस दंगा फसाद करने वाली पार्टी रही है और हिंदुओं के हर त्यौहार में यह बखेड़ा खड़ा किया गया । एक सोची समझी साजिश के तहत पूरे हिंदुस्तान में रामनवमी के शुभ अवसर में जानबूझकर आगजनी, पत्थरबाजी, दंगा-फसाद किया गया, क्योंकि मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति थी। जिसका उदाहरण हावड़ा, गुजरात, बिहार, झारखंड रहा है । एक षड्यंत्र जानबूझकर पैदा किया गया। आखिर विगत वर्षों में ऐसी घटना कही नही हुई लेकिन इस वर्ष में ही क्यों हुआ ? कहीं ये 2024 के आगामी चुनाव का हिस्सा तो नही ?
झारखंड राज्य स्वास्थ्य मंत्री को यह बताना चाहिए कि झारखंड विधानसभा के अंदर जब भाजपा के विधायक डीजे पाबंदी का विरोध कर रहे थे तो उस समय आप एक राज्य के सम्मानित मंत्री होने के नाते अपनी कौन सी भूमिका का निभा रहे थे इसका पर्दाफाश हो गया है। क्यों नहीं आपने उस समय अपने सरकार की नीति और नियत का विरोध किया ?
जमशेदपुर में लगातार एक हफ्ते से वही स्थिति बनी हुई थी, उस परिस्थिति में भी आप कुंडली मारकर व्यवधान पैदा होने का क्या इंतजार कर रहे थे ? और क्या आप अपनी राजनीति रोटी सेंकने का इंतजार कर रहे थे ? क्या आप इस भूमिका में थे ? आपके कदमा आवास के अगल-बगल के अखाड़ा भी नहीं निकाल रहे थे तो आपने अगल-बगल के लोगों से भी बात करना क्यों उचित नहीं समझा ? जब सारा मामला पटाक्षेप हो गया शांति पूर्वक, तब आपकी निद्रा बौखलाहट में जगी, आप वोट बैंक की राजनीति करना चाहते थे, वह नहीं पूर्ण होने से आपकी महत्वाकांक्षी राजनीति में गहरा धक्का लगा।
आपने जो आज के अखबार या सोशल मीडिया में आरोप लगाए कि अभय सिंह का परिवार 30 वर्ष पहले दंगा फसाद( इशारों इशारों में) में सम्मिलित थी, जिसे आज अखबार में प्रमुखता से छापा, तो मैं गर्व से कहता हूं कि जमशेदपुर में हिंदू त्रासदी हुआ, हिंदुओं के साथ में नाइंसाफी हुई तो मेरे पूर्वज हिंदुओं को बचाने के लिए अपनी भूमिका अदा किए। यह गर्व का विषय मैं मानता था, मानता हूं, और मानता रहूंगा। अगर हिंदुओं को बचाने के लिए हमारे परिवार को दंगाई बोलते हैं तो मैं इससे गर्व महसूस करता हूं और यह गलती एक बार नहीं सौ बार करने के लिए मैं भी तैयार हूं।
जहां तक हमारी राजनीतिक चोला बदलने की बात है तो सारे लोग जानते हैं कि हमने जेवीएम में भी रहते हुए हिंदुत्व से कभी समझौता नहीं किया, जिसका उदाहरण 2017 में बृहस्पतिवार, शुक्रवार के मुद्दे में स्थानीय प्रशासन के दबाव के बावजूद हमने अपना झंडा शुक्रवार को अकेले निकाला यह इतिहास को पढ़ ले और आप किस राजनीतिक चरित्र की बात करते हैं जिनके छन्नी में 100 छेद हैं वो दूसरे के ऊपर में आरोप ना लगाएं।
25 पार्टी बदलने वाले लोग जिनकी रात की और दिन की मानसिकता मात्र अपने कपड़े बदलने के जैसी भूमिका में हो उनको यह आरोप लगाने का अधिकार नहीं है। जमशेदपुर की जनता आपके चरित्र को जानती है, आप चुप ही रहे अन्यथा हमारी पार्टी, हिंदू समाज आपको कभी माफ नहीं करेगा। बन्ना गुप्ता के हिन्दू धर्म पर डिबेट करने की बात पर हमला करते हुए अभय सिंह ने कहा कि मैं कोई बहुत बड़ा विद्वान नहीं हूँ, न ही मैं कोई पंडित हूँ, मैं एक छोटा सा राम भक्त हूँ और यदि स्वास्थ्य मंत्री चाहते हैं तो बोले अपनी सरकार को कि मंच तैयार करवाएं मैं डिबेट करने को तैयार हूँ। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें इतना भी ज्ञात नहीं कि गीता में कितने श्लोक हैं वो डिबेट करेंगे, जो जूते पहन कर नारियल फोड़ने का कार्य कर रहे हैं उन्हें वेद और उपनिषद के बारे में कितना ज्ञान होगा यह सब जानते हैं।
अभय सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि …और एक आवश्यक जानकारी मैं मीडिया के माध्यम से देना चाहता हूँ कि मैं अपनी गिरफ्तारी को एवं जमशेदपुर के सारे मुद्दों को लेकर अपने वरीय नेताओं से, प्रतिपक्ष के नेता श्री बाबूलाल मरांडी जी से, वरीय नेताओं को जानकारी दी। उन्होंने इसमें कहा कि यह केवल आप का मुद्दा नहीं समाज का मुद्दा है। आप गिरफ्तारी नहीं दे, पुलिस ने स्वयं गलती की है। वह विगत दिनों दुर्गा पूजा भोग वितरण के मामले में जिसमें आपको केस किया गया है वह आप की गिरफ्तारी करें आपको अपनी गिरफ्तारी नहीं देनी है।
राँची : झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन पट्टा मामले में की गई जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का सोमवार को निर्देश दिया। सोरेन अंगड़ा में अपने नाम पर एक खनन भूखंड की खबरों को लेकर मुश्किल में हैं। आरोप है कि पट्टा मुख्यमंत्री के पक्ष में उनकी व्यक्तिगत हैसियत से प्रदान किया गया था, जबकि उनके पास खान विभाग का प्रभार था।
मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता सुनील कुमार महतो द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और ईडी को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई एक मई को होगी।
महतो ने अपनी याचिका में कहा है कि सोरेन का उनके पक्ष में लीज पर ली गई खदान जनप्रतिनिधियों के लिए “लाभ का पद नहीं रखने” के शासनादेश का सीधा उल्लंघन है। महाधिवक्ता राजीव रंजन ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि जनहित याचिका ओछे ढंग से दायर की गई है और राजनीति से प्रेरित है। इससे पहले भी हाईकोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की गई थी, जिसने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद, मामले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
महाधिवक्ता के बयानों पर पलटवार करते हुए महतो के वकील ने कहा कि पहले का मामला एक शिव शंकर शर्मा द्वारा दायर किया गया था, जिसे शायद सोरेन परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष दिखाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शर्मा की विश्वसनीयता भी स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हुई थी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सोरेन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने रांची के अंगारा ब्लॉक में 0.88 एकड़ में फैली एक पत्थर की खदान के लिए मई 2021 में उनके द्वारा आयोजित एक कंपनी को खनन पट्टा आवंटित किया था।
टिनप्लेट कंपनी की विस्तारीकरण परियोजना का सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कंपनी परिसर में शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज टाटा समूह की टिनप्लेट कंपनी की विस्तारीकरण किया जा रहा है। बहुत जल्द जमशेदपुर में होटल ताज और रांची में टाटा स्टील द्वारा निर्मित टाटा कैंसर हॉस्पिटल लोगों के लिए खुलेगा। इससे शहर और राज्य की जनता के साथ बाहर के लोगों को भी इसका फायदा होगा। इंडस्ट्री को चलाने और उसके बेहतर प्रबंधन और मजदूर कैसे अच्छे से काम करें, इस पर टाटा समूह काम करता है। इसमें टाटा समूह की बहुत बड़ी भूमिका होती है। सरकार के रूप में हमारी यह सोच रहती है कि राज्य में उद्योग लगेंगे तो रोजगार का सृजन होगा। इसके लिए कौन-कौन सी नीतियां बनानी हैं, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कैसे नीतियां बनानी हैं, इस पर हमारा ज्यादा फोकस रहता है। सरकार बनने के बाद हमने नई उद्योग नीति बनाई है। इसके बाद कई उद्योगों के प्रबंधन ने यहां आने की इच्छा जताई है। संयोग से उस उद्योग नीति को सार्वजनिक करने के मौके पर कई उद्योग घराने के लोग समारोह में शामिल थे। उस पर सहमति भी बनी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की उद्योग नीति के तहत टाटा स्टील अपना एक्सटेंशन भी करेगी। कोरोना के कारण कई चुनौतियां भी खड़ी थीं। फिर भी राज्य में आर्थिक गतिविधि बनाए रखने के लिए उद्योग के साथ-साथ आम जीवन सामान्य बना रहे, इसका भी हमलोगों ने भरसक प्रयास किया था। आज जिस उद्योग नीति को लेकर कई बेहतर परिणाम भी देखने को मिले। उनमें से एक टिनप्लेट कंपनी के विस्तारीकरण योजना है। इससे पहले बोकारो का सीमेंट प्लांट भी अपने एक्सटेंशन की स्थिति में था, लेकिन कई कारणों से वह अपने आपको फैला नहीं पाया। लेकिन हमारी उद्योग नीति के साथ आगे बढ़ा और उसमें उत्पादन भी शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां टाटा समूह की ओर से यहां दो हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट हो रहा है। प्रत्यक्ष रूप से एक हजार लोगों को इसमें रोजगार मिलेगा। निश्चित ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम पांच से सात हजार लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस देश को लोगों ने जाना है तो टाटा और बिड़ला समूह की वजह से ही जाना है। देश और राज्य को आगे बढ़ाने में टाटा समूह की बहुत बड़ी भूमिका रही है। राज्य के व्यावसायिक घरानों के साथ मिलकर राज्य में व्यावसायिक व्यवस्थाएं मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। टाटा समूह होटल व्यवसाय में भी अपनी अलग पहचान रखता है। राज्य में खनिज सम्पदा काफी मात्रा में है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मजबूती से कई काम किए हैं। इस कारण टाटा समूह यहां अपने ताज समूह को भी यहां लाने के प्रयास में है। इसके लिए हर प्रयास किए जाएंगे।
टाटा स्टील के सीईओ सह प्रबंध निदेशक (एमडी) टीवी नरेंद्रन ने कहा कि टिनप्लेट कंपनी की इस प्रोजेक्ट के लिए दो-तीन साल पहले दिल्ली में एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था। यह प्रोजेक्ट जमशेदपुर और टाटा स्टील के लिए काफी महत्वपूर्ण है। टाटा स्टील लगातार आगे बढ़ रहा है। टिनप्लेट कंपनी का 100 साल का इतिहास है। पैकेजिंग स्टील में भारत में नंबर वन कंपनी है। जमशेदपुर में टाटा समूह का जिंजर होटल है। जमशेदपुर में बहुत जल्द ताज का भी होटल आने वाला है। रांची में टाटा कैंसर हॉस्पिटल बनकर तैयार है, जो बहुत जल्द लोगों के लिए शुरू हो जाएगा।
समारोह में स्वागत भाषण टिनप्लेट कंपनी के एमडी आरएन मूर्ति ने दिया। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विशिष्ट अतिथि परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन व सभी विधायकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में मुख्यमंत्री को मोमेंटो भी भी दिया गया। समारोह में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) चाणक्य चौधरी, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय, पोटका के विधायक संजीव सरदार, जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन, बहरागोड़ा के विधायक समीर महंती, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो उपस्थित थे। इनके अलावा मुख्य सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र सिंह, डीसी विजया जाधव, एसएसपी प्रभात कुमार मौजूद थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन टिनप्लेट कंपनी के महाप्रबंधक (वर्क्स) एसके वत्स ने किया।
2024 में पहले लोकसभा और उसके कुछ ही महीनों बाद झारखंड में विधानसभा के चुनाव संभावित हैं. इसे लेकर राज्य की सियासी फिजां में अभी से गरमाहट महसूस की जा सकती है.
पक्ष-विपक्ष के दलों की गोलबंदी की कोशिशों के बीच झारखंड में जो तस्वीर बनती दिख रही है, उसमें दो बातें साफ हो जाती हैं. पहली यह कि राज्य में झामुमो-कांग्रेस-राजद के मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन की कमान निर्विवाद रूप से हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के पास रहेगी. दूसरी बात यह कि भाजपा यहां किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व का फार्मूला अपनाएगी. हेमंत सोरेन आज झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के सबसे बड़े एवं सर्वमान्य सेनापति की भूमिका में हैं और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों में भी उनकी यह हैसियत बरकरार रहने वाली है. दूसरी तरफ भाजपा नरेंद्र मोदी-अमित शाह यानी केंद्रीय नेतृत्व की छत्रछाया में झारखंड भाजपा के चार-पांच बड़े चेहरों बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, अन्नपूर्णा देवी आदि को सामूहिक तौर पर चुनावी अभियान की जिम्मेदारी सौंपेगी. इन सभी के सामने एक लक्ष्य होगा कि वे हेमंत सोरेन और उनकी अगुवाई वाले गठबंधन पर जोरदार हमला बोलें
प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर दोनों तरफ से राज्य में चुनावी अभियान का आगाज हो चुका है. भाजपा की सियासी रणनीति के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह ने 7 जनवरी को चाईबासा और 4 फरवरी को देवघर में विजय संकल्प रैली के साथ ही राज्य में चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया था. दूसरी तरफ राज्य में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन वाली सरकार के अगुआ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जनवरी-फरवरी में खतियानी जोहार यात्रा निकाली और 12 जिलों में सभाएं कीं. अमित शाह ने झारखंड की अपनी दोनों रैलियों में कांग्रेस के बजाय हेमंत सोरेन पर हमला बोला. हेमंत सोरेन ने भी अमित शाह के प्रहारों का जवाब देने में देरी नहीं की. अमित शाह की पहली रैली चाईबासा में हुई थी. इसके ठीक 17 दिन बाद 24 फरवरी को हेमंत सोरेन ने भी खतियानी जोहार यात्रा के तहत यहां बड़ी रैली को संबोधित किया. सोरेन ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से वे सभी का आशीर्वाद लेने आए हैं. उन्होंने कहा कि 15 साल दीजिए, झारखंड गुजरात से ऊपर होगा. अब भाजपा आगामी 11 अप्रैल को हेमंत सोरेन सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए रांची में रैली और प्रदर्शन की तैयारियों में जुटी है. इसमें गांव-गांव से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटान की योजना है.
इसकी तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में पार्टी के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा, भाजपा कार्यकर्ता हेमंत सरकार के निकम्मेपन का संदेश हर बूथ और हर व्यक्ति तक पहुंचाएं. हर कार्यकर्ता के लिए लक्ष्य यही है कि चुनाव में वह अपने बूथ पर पार्टी को बढ़त दिलाए. झारखंड में आदिवासी वोट बैंक पर हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी की मजबूत पकड़ है. भाजपा जानती है कि वह इस वोट बैंक को दरकाने में जितनी सफल रही, लोकसभा के साथ-साथ 2024 में ही होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में उसकी राह उतनी आसान होगी. इसलिए भाजपा राज्य में भ्रष्टाचार, संथाल परगना इलाके में बांग्लादेशियों की घुसपैठ, नौकरी और रोजगार के मामलों में राज्य सरकार की विफलताओं, आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर हेमंत सरकार की घेराबंदी में जुटी है. रांची में 11 अप्रैल को होने वाली रैली के बाद विभिन्न जिला मुख्यालयों और प्रखंडों में राज्य सरकार के खिलाफ जनसभाएं आयोजित करने की तैयारी है. झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश कहते हैं, हेमंत सरकार ने झारखंड को लूट खंड बनाकर छोड़ दिया है. पार्टी इस सरकार को अपदस्थ करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इनका बोरिया-बिस्तर बांध दिया जाएगा.
दूसरी तरफ हेमंत सोरेन राज्य में सरकार चलाते हुए आदिवासियों और झारखंड के मूल निवासियों से जुड़े जमीनी और भावनात्मक मुद्दों पर एक के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं. 1932 के खतियान पर आधारित डोमिसाइल और रिक्रूटमेंट पॉलिसी लाकर उन्होंने झारखंड के आदिवासियों और मूल निवासियों को गोलबंद करने के लिए सबसे बड़ा तुरूप का पत्ता चला था. हालांकि हाईकोर्ट ने इस पॉलिसी को खारिज कर दिया. अभी विधानसभा के बजट सत्र में इसे लेकर भाजपा ने लगातार सरकार को घेरने की कोशिश की. इसपर हेमंत सोरेन ने अपने जवाब में कहा कि 1932 के खतियान की पॉलिसी को भाजपाइयों ने कोर्ट तक पहुंचाकर भले रोड़ा अटकाने की कोशिश की, लेकिन हमने यह मुद्दा छोड़ा नहीं है. हम इसके लिए रास्ता निकालेंगे. ओबीसी-एससी-एसटी आरक्षण में वृद्धि, निजी कंपनियों में 40 हजार तक की पगार वाले पदों पर झारखंड के स्थानीय लोगों के लिए 75 फीसदी आरक्षण जैसे फैसलों के जरिए भी हेमंत सोरेन आने वाले चुनावों के मद्देनजर अपने पक्ष में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.
हेमंत सोरेन सरकार के कई फैसलों पर पूरी तरह सहमत न होने के बावजूद राज्य में कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां उनके साथ खड़ी हैं. हाल में राजद नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने रांची में हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हम आने वाला चुनाव झारखंड में हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में मिलकर लड़ेंगे. झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं. 2019 के चुनाव में इनमें से 11 सीटों पर भाजपा और एक पर एनडीए फोल्डर की पार्टी आजसू ने जीत दर्ज की थी. इस बार एनडीए के लिए यह परिणाम दोहरा पाना बड़ी चुनौती है. पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार थी. अभी राज्य में झामुमो की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार है. अगर कोई अप्रत्याशित स्थिति नहीं बनी तो यह सरकार वर्ष 2024 तक कायम रह सकती है और ऐसे में यहां सोरेन की अगुवाई में ज्यादा बेहतर संसाधनों के साथ चुनाव लड़ने का फायदा यूपीए को मिल सकता है.
पिछले लोकसभा चुनाव में यूपीए फोल्डर के तहत चार दलों राजद, झामुमो, कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा ने 14 में से 13 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद इनके हिस्से मात्र 2 सीटें आई थीं. झारखंड विकास मोर्चा अब विघटित हो चुका है. संभावना यही है कि इस बार यूपीए फोल्डर में झामुमो, कांग्रेस और राजद एक साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और हेमंत सोरेन इस एका की सबसे बड़ी धुरी होंगे. फिलहाल इनकी एकता में कोई बड़ी मुश्किल नहीं दिख रही. हेमंत सोरेन कहते हैं, मैं आने वाले चुनावों को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं करता, लेकिन इतना तय है कि झारखंड में हम काफी बेहतर स्थिति में हैं. हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे. हमने झारखंड और राज्य की जनता के लिए जमीनी काम किया है, जबकि भाजपा ने 20 सालों के शासन में इस राज्य के लोगों को सिर्फ धोखा दिया. आने वाले चुनावों में हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे.
धनबाद जेल में बंदियों के दो गुटों में रविवार को भिड़ंत हो गई। मारपीट में छह से अधिक बंदियों को चोटें लगी हैं। दोनों गुटों में भिड़ंत की शुरुआत होते ही जेल प्रशासन ने आठ बार पगला सायरन बजाया।इससे हड़कंप मच गया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
जेल सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले धनबाद के एक भगोड़े अपराधी ने वीडियो जारी कर एक दबंग घराने के लोगों को बलिया भेज देने की धमकी दी थी। इसके बाद से घराना समर्थको के बीच भगोड़ा अपराधी के खिलाफ आक्रोश व्याप्त था। आज जेल में घटी घटना का तार भी धमकी भरे वायरल वीडियो के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
जेल प्रशासन खंगाल रहा सीसीटीवी फुटेज
जेल प्रशासन जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। प्रथमदृष्टया देखा गया है कि बिनोद सिंह अकेला जा रहा था जिसे रोककर दो बंदियों ने मारपीट की। इसके कुछ देर बाद बिनोद सिंह अपने समर्थकों के साथ दूसरे गुट पर हमला कर देता है। जेल सूत्रों के अनुसार जेल के भीतर दो राउंड में झड़प हुई थी।
जेल के भीतर अनवर हथेला और बिनोद सिंह के बीच झड़प की शुरुआत हुई थी। बता दें कि नीरज हत्याकांड में बिनोद सिंह जेल में है तो अनवर प्रिंस खान गुट का सदस्य बताया जाता है। अनवर को हाल ही में पुलिस ने जेल भेजा है। इस झड़प में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह सोपोडेरा निवासी करीना कालिंदी को उसके प्रेमी सन्नी बाग ने शादी की बात कहकर फरार हो गया. इधर करीना बिष्टुपुर राम मंदिर के पीछे रहले वाले प्रेमी सन्नी के घर पहुंची जहां उसने अपने हाथ को नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया. इधर स्थानीय लोगों ने 100 डायल पर पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना पाकर पीसीआर वाहन मौके पर पहुंची और करीना को इलाज के लिए तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।
पहले से शादीशुदा है युवती, दो साल से है प्रेम संबंध में
करीना ने बताया कि 2015 में उसकी शादी हुई थी. इस बीच वह सन्नी के संपर्क में आई थी. सन्नी के वजह से ही पति ने छोड़ दिया था. सन्नी ने शादी की बात कही थी. कई बार संबंध भी बनाए. सन्नी ने शादी से इंकार कर दिया था जिसके बाद बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत के बाद सन्नी ने शादी की बात कही थी. आज दोनो शादी होनी थी. जब वह सन्नी के घर पहुंची तो उसके पिता ने सन्नी को भगा दिया. सन्नी के पिता ने शादी करवाने से इंकार कर दिया. इससे मजबूर होकर हाथ काटकर आत्महत्या का प्रयास किया।
जमशेदपुर : सिविल कोर्ट के गेट नंबर 3 में और गोलमुरी थाना क्षेत्र में फायरिंग करने के मामले में पुलिस टीम ने कुल छह बदमाशों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है. इसका खुलासा रविवार को सिटी एसपी के विजय शंकर ने पुलिस ऑफिस सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में किया. सिटी एसपी ने कहा कि घटना मनप्रीत हत्याकांड से जुड़ा हुआ है. मनप्रीत हत्याकांड का बदला लेने के लिये गोली चलायी गयी थी।
गिरफ्तार बदमाशों में उलीडीह डिमना रोड शिवाजी सिंह कॉम्पलेक्स का विक्की सिंह गिल उर्फ कुंडी, गोविंदपुर के जोजोबेड़ा पुनम अपार्टमेंट का अमन कुमार सिंह उर्फ टकला, गोलमुरी नामदा बस्ती रोड नंबर एक का राज पासवान उर्फ कल्लू, टेल्को के खड़ंगाझार हनुमान मंदिर के पास का मनीष कुमार रहेलू, छोटा गोविंदपुर का विक्की तिवारी उर्फ प्रकाश तिवारी और गोलमुरी साबरमती रोड का गोल्डी सिंह उर्फ गोल्डी बच्चा शामिल है।
जेएससीए इंटर डिस्ट्रिक्ट (एलीट ग्रुप) एचपी बोधनवाला टूर्नामेंट में रविवार को फाइनल मैच जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में बोकारो और जमशेदपुर के बीच खेला गया.जमशेदपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय किया. बोकारो की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 270 रन बनाए.आर्यमान सेन ने 76 रन और साहिल राज ने 66 रनों की पारी खेली. जवाबी पारी में जमशेदपुर की पूरी टीम 48 ओवर में 247 रन बना पाई. विवेक की 94 रनों की पारी जमशेदपुर को जीत नहीं दिला पाई. मैन ऑफ द मैच बोकारो के साहिल राज को दिया गया. साहिल ने 50 बॉल खेलकर 66 रन बनाए और 3 विकेट भी लिए. जेएससीए अध्यक्ष संजय सहाय, ज्वाइंट सेक्रेटरी पीएन सिंह और रांची जिला क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विभूति भूषण प्रसाद ने ट्रॉफी का वितरण किया.