एक नई सोच, एक नई धारा

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विश्व स्वास्थ्य दिवस : आनंद मार्ग एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से पांच मोतियाबिंद रोगियों का कल निशुल्क ऑपरेशन

जमशेदपुर :- विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आनंद मार्ग एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से आज गदरा आनंद मार्ग जागृति में 309 वा सप्ताहिक नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था आज लगभग 50 लोगों की आंखों का जांच हुआ 5 लोग आज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए पूर्णिमा नेत्रालय भेजा गया जिनका ऑपरेशन कल 8 अप्रैल  को किया जाएगा निशुल्क लेंस लगाया जाएगा
   प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी एनिमल्स एंड प्लांट्स की ओर से लग्भग 100 निशुल्क पौधा का वितरण किया गया

9 अप्रैल रविवार को 310 वा मासिक नेत्र जांच शिविर का आयोजन सोनारी कबीर मंदिर के पास किया गया है जो लोग भी मोतियाबिंद  के लिए चयनित होंगे उनका ऑपरेशन 10 अप्रैल को ही किया जाएगा

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पति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ा…पत्नी परेशान।

जमशेदपुर/गोविंदपुर :- एयर फ़ोर्स में काम करने वाला पति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ा,पत्नी ने प्रसाशन से मदद की लगाई गुहार। वहीं पत्नी ने कहा मेरा पति तपन कुमार महतो आगरा में एयर फ़ोर्स में करते हैं काम।जमशेदपुर गोविंदपुर के रहने वाली पीड़ित महिला गीतांजलि महतो ने कहा की हमारी शादी का 24 साल हो चूकी हैं और पिछले आठ महीने से पति तपन कुमार महतो ने हमें और मेरे दोनों बेटों को छोड़ दिया हैं,और घर से भी निकाल दिया हैं ,मुझको काफी दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा हैं, हमने जिला के तमाम जगह अपने पति के खिलाफ शिकायत किये हैं ताकि मुझे न्याय मिल सकें।

सामाजिक महिला सह कांग्रेस नेत्री संध्या दास ने कहा की हम प्रशासन से मांग करते हैं कि पीड़ित महिला गीतांजलि महतो को न्याय मिले।…..वहीं पीड़ित महिला साथ दे रही संध्या दास,शशि कश्यप भी उपस्थित थी।

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सीजीपीसी में सम्मान समारोह का दौर जारी, कदमा के प्रधान बलदेव सिंह व शैलेन्द्र सिंह को मिला सम्मान

जमशेदपुर :

सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) में सम्मान समारोह का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को कदमा के नवनियुक्त प्रधान सरदार बलदेव सिंह व झारखण्ड गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह को सम्मानित किया गया।
जमशेदपुर में सिखों की सर्वोच्च संस्था सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने दोनों शख्सियतों को शॉल और सरोपा भेंट कर सम्मान किया। भगवान सिंह ने सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, गुरनाम सिंह बेदी, कुलविंदर सिंह पन्नू, सुरेंदर सिंह छिंदे और सुखविंदर सिंह राजू सहित अन्य सदस्य संग सरदार बलदेव सिंह को कदमा गुरुद्वारा जाकर सम्मनित किया।

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झारखण्ड गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सह सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह को कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह ने सरोपा व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान दिया गया। सरदार शैलेंदर सिंह को तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के अध्यक्ष सरदार जगजोत सिंह सोही एवं महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह ने विभिन्न स्थानों पर होने वाले निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए तीन सदस्य निर्माण को-ऑर्डिनेटर कमेटी में शामिल किया जो एक उपलब्धि है।
इस अवसर पर संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू के अलावा सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, परविंदर सिंह सोहल, सुरेंदर सिंह छिंदे, जगजीत सिंह गाँधी, सुखदेव सिंह बिट्टू और अमरजीत सिंह भामरा समेत अन्य सदस्य रहे। इस अवसर पर बोलते हुए भगवान सिंह ने सरदार शैलेन्द्र सिंह को बधाई दी और सिख समाज के हित में कार्य और कौम की और अधिक सेवा की उम्मीद जताई। सरदार शैलेंदर सिंह ने कहा की दी गयी सेवा का वे पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करेंगे।
गौरतलब है कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब कमेटी द्वारा सरदार शैलेंद्र सिंह को पत्र भेजकर उन्हें तख्त साहिब से सटे दीवान हाल की जमीन, लंगर हॉल के सामने वाली जमीन, रस्तोगी भवन वाली जमीन एवं लंगर हाल के पीछे वाली जमीन यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले कमरे, कंगन घाट वाली जमीन पर स्कूल का निर्माण करने के लिए कार्रवाई करने की सेवा दी गई है।

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अखाड़ा समितियों की हुई बैठक, केंद्रीय अखाड़ा समिति को किया भंग, नई समिति का होगा गठन

जमशेदपुर : जमशेदपुर के काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह दुर्गा पूजा मैदान में आज जमशेदपुर के 200 से भी अधिक अखाड़ा समितियों की बैठक ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह अखाड़ा समिति के संरक्षक अभय सिंह के नेतृत्व में हुई। सर्वप्रथम अखाड़ा समितियों के सभी उपस्थित लोगों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अभय सिंह ने विगत रामनवमी में घटित घटना के तथ्यों को सबके सामने रखा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार ने डीजे और टेलर में पाबंदी लगाई थी और साथ ही 24 मार्च 2023 को सिदगोड़ा टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था तब तत्कालीन केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष समेत कोई भी अधिकारी ने इसका विरोध नहीं किया और उनकी हां में हां मिला दिए, जबकि उनके नेतृत्व होने के नाते अविलंब इस पर अंकुश लगाना चाहिए और यह व्यथा पूरे जमशेदपुर के अखाड़ा समितियों को बताना चाहिए था।
केवल मैंने 25 मार्च को सभी मीडिया के सम्मुख में कहा कि हम जिला प्रशासन या सरकार के सारे शर्तों को मानेंगे लेकिन टेलर और डीजे में कोई भी प्रतिबंध स्वीकार नहीं करेंगे। यह बात 26 मार्च के अखबारों में प्रकाशित भी हुआ था।
इसके बावजूद जिला प्रशासन या केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति या शांति समिति की किसी भी लोगों ने ना ही संपर्क किया और ना ही इस पर गंभीरता दिखाई।

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नतीजा निकला रामनवमी के दिन जानबूझकर के जिला प्रशासन राज्य सरकार के दिशा निर्देश और राज्य के मंत्री श्री बन्ना गुप्ता के इशारे पर साकची के बाल मंदिर श्री सुमन अग्रवाल जी के अखाड़ा को बाधित करने का प्रयास किया और ट्रेलर एवं डीजे को जप्त कर थाना ले जाया गया। रात भर नवमी के दिन बाल मंदिर समेत सारे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल , दुर्गा वाहिनी एवं विभिन्न अखाड़ा समिति के लोगों के द्वारा धरना दिए जाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली।

जमशेदपुर के सांसद ने भी संपर्क स्थापित किया, लेकिन वे भी निरुत्तर हो गए। तब विवश होकर दूसरे दिन 31 मार्च को 9 बजे बाल मंदिर के परिसर में सारे अखाड़ा समिति के लोग एकत्रित होने लगे। राज्य सरकार को जो अल्टीमेटम दिया गया उसके बावजूद राज्य सरकार या उनके कोई भी प्रतिनिधि संपर्क करने नहीं आए।
जिसके बाद 14 सदस्य समिति के द्वारा जमशेदपुर में अखाड़ा नहीं निकले यह प्रस्ताव लाया गया। यह प्रस्ताव लाने के बावजूद केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति हो या शांति समिति हो या जिला प्रशासन के अधिकारी हो किसी ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।

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जानबूझकर के केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति पुलिस कंट्रोल रूम में बैठ कर के लोगों को चिन्हित करते रहे। जिनको रक्षक बनाया गया था वे भक्षक बनकर प्रशासन को दिग्भ्रमित करते रहे।
उनके द्वारा प्रशासन को भ्रमित रखने के कारण सारा शहर जलता रहा। अखाड़ा समिति और प्रशासन की डोर की कड़ी को उन्होंने जानबूझकर अपने निजी स्वार्थ को साधने के लिए बस तोड़ने का काम किया। जब प्रशासन ने संध्या 7:00 बजे इस बाबत अखाड़ा समितियों से संपर्क स्थापित करने के लिए कहा, तब सांसद की मध्यस्था में अखाड़ा समिति एवं जिला प्रशासन जिसमें वर्तमान उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक शामिल हुए। जिसमें सौहार्दपूर्ण वातावरण में अखाड़ा समिति के साथ सर्किट हाउस में बैठक प्रारंभ हुई।

अभय सिंह ने बताया कि मेरे द्वारा डीजे में प्रतिबंध हटाया जाए, टेलर को नहीं रोका जाए, एवं बाल मंदिर के जप्त किए गए ट्रेलर एवं डीजे को रिलीज कर दिया जाए, यह जिला प्रशासन से दो टूक बाते की गई। इन सारे शब्दों को जिला प्रशासन द्वारा माना गया तभी जाकर समझौता हुआ। इसके बावजूद यह भी तय हुआ कि जो अखाड़ा समिति ने जैसे सक्षम है वैसे जुलूस निकाले, अखाड़ा समिति 2 दिन झंडा निकाल सकते हैं यह फरमान जारी किया गया। जिसे सभी लोगों ने सर्वसम्मति से स्वीकारा।

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अखाड़ा समिति का अध्यक्ष वही होगा जो किसी अखाड़े का लाइसेंसी या अखाड़ा स्वयं चलाता हो

अभय सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऐसे केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के रहने का कोई औचित्य नहीं है, जो प्रशासन को दिग्भ्रमित करते हो,अपनी राजनीति रोटी सेकते हो और किसी मंत्री के इशारे में पूरे जमशेदपुर के हिंदू समाज को कलंकित करने का काम करते हो। अखाड़ा समिति का अध्यक्ष वही होगा जो किसी अखाड़े का लाइसेंसी या अखाड़ा स्वयं चलाता हो।
उन्होंने आगे कहा कि यह वही चेहरे हैं जो दुर्गा पूजा समिति में भी सिरमौर बन जाते हैं। केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति में भी अध्यक्ष स्वयंभू बन जाते हैं, शांति समिति के विषय में अध्यक्ष हो जाते हैं, सरस्वती पूजा काली पूजा होली के भी स्वयंभू अध्यक्ष बन जाते हैं। ऐसे लोगों को बेनकाब करते हुए यह बताना चाहता हूँ कि ऐसे कमेटी का रहना जमशेदपुर की जनता के लिए घातक होगा और हमेशा शांति व्यवस्था नष्ट होगी। इसलिए यह कमेटी को हर हालत पर भंग कर नई कमेटी का गठन करना चाहिए। जो धर्म, संस्कृति के निर्माण में सहायक हो। प्रभु राम शांति सद्भाव के प्रतीक थे, उसी मार्ग में हमें चलना है। जिसे सर्वसम्मति से लोगों ने पास किया। बैठक के अंत में झारखंड के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के पुण्यात्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख शोक व्यक्त किया गया।
बैठक में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, हिंदू पीठ, सनातन स्वाभिमान संघ, जमशेदपुर हिंदू मोर्चा सहित कई अखाड़ा समिति के अधिकारी एवं लाइसेंसी अध्यक्ष उपस्थित थे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अजय गुप्ता, विहिप के संजय, सोनारी अखाड़ा के पन्ना सिंह जंघेल, समाजसेवी शिवशंकर सिंह, गौ रक्षा प्रमुख श्री अवतार सिंह परमार, बिष्टुपुर के बबुआ अखाड़ा, गुरुद्वारा बस्ती बिष्टुपुर के विजय सिंह का अखाड़ा, द्विवेदी अखाड़ा के सुरंजय राय, टेल्को, जुगसलाई,परसुडीह,सीतारामडेरा, साकची, मानगो, गढ़ाबासा, टुइलाडूंगरी, बारीडीह, सिदगोड़ा, बागुनहातु, बगुननगर, मानगो, कदमा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई, बागबेड़ा, सोनारी, भालूबासा, सहित कई अखाड़ा शामिल थे।

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मनमत विकारों से निकालकर गुरमत से जोडती है सिख रहत मर्यादा: भगवान सिंह

हरविंदर जमशेदपुरी ने सिख रहत मर्यादा की 1000 प्रतियां सीजीपीसी को सौंपी

गुरुघरों में मर्यादा लागू होने से सिखों में वहम-भरम और कर्मकांडो से निश्चित मुक्ति मिलेगी: जमशेदपुरी

जमशेदपुर के सिख प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने सीजीपीसी के अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह को सिख रहत-मर्यादा की 1000 प्रतियां सौंप कर जमशेदपुर में सिखों की सर्वोच्च संस्था से अपील की है कि रहत मर्यादा को सभी गुरद्वारों में यथाशीघ्र लागू करवाने की कवायद शुरू की जाये।
गुरुवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के कार्यालय में गुरनाम सिंह बेदी, गुरपाल सिंह टिंकु, जगजीत सिंह विंकल, सुखविंदर सिंह राजू, पलविंदर सिंह एवं तरनप्रीत सिंह बन्नी की उपस्थिति में हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने सरदार भगवान सिंह को सिख रहत मर्यादा की प्रतियां भेंट की।

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इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए भगवान सिंह ने कहा कि सिख एक अलग कौम है और कौम की अपनी अलग परम्पराएं हैं इसलिए हर सिख का कर्तव्य होना चाहिए की रहत मर्यादा में लिखे हर एक शब्द का वो अक्षरः पालन करे। सिख रहत मर्यादा इंसान को मनमत विकारों के निकालकर गुरमत से जोड़ने का काम करती है। उन्होने कहा की सिख सिद्धांतों में जन्म से लेकर मृत्यु तक करने वाले कार्यों में फ़र्क साफ़ समझ आ जायेगा। बच्चों के जन्म संस्कार से लेकर मृतक संस्कार में एक सिख को क्या-क्या करना चाहिये रहत मर्यादा में साफ़ दर्शाया गया है।
हरविंदर ने कहा गुरुघरों में मर्यादा लागू होने से सिखों में वहम-भरम और कर्मकांडो से निश्चित मुक्ति मिलेगी और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। जमशेदपुरी ने कहा की सिख रहत मर्यादा में सबसे पहले सिख की तारीफ़ का ज़िक्र है और बताया गया है कि आखिर एक सिख की परिभाषा क्या है। इसे पढ़ने के बाद हर सिख का जीवन में बदलाव आना निश्चित है बशर्ते इसे लागू किया जाये।

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टेल्को गुरुद्वारा के प्रधान बलविंदर सिंह को सीजीपीसी ने किया सम्मानित

टेल्को की संगत ने नयी परम्परा की शुरुआत कर सभी को प्रेरित किया: भगवान सिंह

जमशेदपुर : टेल्को गुरुद्वारा के नवनियुक्त प्रधान बलविंदर सिंह का सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा विशेष सम्मान किया गया। गुरुवार को टेल्को गुरुद्वारा परिसर भगवान सिंह की अगुवाई में सीजीपीसी के अन्य सदस्यों ने बलविंदर सिंह का सरोपा पहनाकर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, टेल्को गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते, सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, टिनप्लेट गुरुद्वारा के सुरजीत सिंह खुशीपुर, अकाली दल के रामकिशन सिंह व सुखदेव सिंह, परविंदर सिंह सोहल, सुरेंदर सिंह छिंदे, जोगा सिंह, गुरदयाल सिंह और अमरजीत सिंह भामरा समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।
बलविंदर सिंह को शुभकामना देते हुए भगवान सिंह ने कहा कि यह सम्मान समस्त टेल्को की संगत है जिन्होंने प्रधान चुनाव में पर्ची से नाम निकाल कर नयी सकारात्मक परम्परा की शरुआत कर सभी गुरुद्वारों के सेवादारों और संगत को प्रेरित करने का काम किया है। पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने भी बलविंदर सिंह को बधाई देते हुए सिख कौम के समृद्धि के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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झारखंड हाईकोर्ट ने घाघीडीह जेल में हुई हत्या में फांसी व आजीवन कारावास के 22 दोषियों को किया बरी

झारखंड हाइकोर्ट ने जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में मनोज कुमार सिंह की हत्या मामले में 15 फांसी व आजीवन कारावास के सात सजायाफ्ताओं को बरी करने का फैसला सुनाया.

उनकी अपील याचिका को स्वीकार करते हुए 28 अगस्त, 2022 के निचली अदालत के सजा संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही खंडपीठ ने संदेह का लाभ देते हुए मामले से सजायाफ्ताओं को बरी कर दिया. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस अंबुजनाथ की खंडपीठ ने बुधवार को उक्त फैसला सुनाया.

हाईकोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को विधिसम्मत नहीं माना

खंडपीठ ने फैसले में अभियोजन पक्ष के मुख्य सबूत सीसीटीवी फुटेज को विधिसम्मत नहीं माना. कहा कि सीसीटीवी फुटेज को एविडेंस एक्ट की धारा 65बी के तहत प्रमाणित नहीं कराया गया है, इसलिए उसे वैध नहीं माना जा सकता है. अपीलकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कश्यप व अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने पैरवी की.

घाघीडीह जेल में कैदियों के दो गुटों में हुआ था झगड़ा

उन्होंने पक्ष रखते हुए खंडपीठ को बताया कि घाघीडीह जेल में कैदियों के दो गुटों में झगड़ा हो गया. इसमें मनोज की मौत हो गयी. इस मामले में जमशेदपुर की निचली अदालत ने फांसी व आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी, जो सही नहीं है. मामले में जो गवाह थे, उन्होंने यह नहीं बताया कि किसने किस पर हमला किया. मुख्य सबूत सीसीटीवी फुटेज था. इसमें देखा गया कि मारपीट हो रही है, लेकिन किसी ने नहीं पहचान की. एविडेंस एक्ट की 65बी के तहत प्रमाणित नहीं कराया गया था. बिना प्रमाणित सीसीटीवी फुटेज कानून के अनुसार, वैध नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती है. जमशेदपुर की निचली अदालत ने वर्ष 2022 में 15 को फांसी व सात को 10-10 साल की सजा सुनायी थी.

इन्हें मिली थी फांसी की सजा

हत्याकांड में बासुदेव महतो, रामेश्वर अंगारिया, गंगा खंडैत, अरूप कुमार बोस, रमई करुवा, जानी अंसारी, अजय मल्लाह, पंचानंद पात्रो, गोपाल तिरिया, पिंकू पूर्ति, श्यामू जोजो, संजय दिग्गी, रामराय सुरीन, शिवशंकर पासवान, शरत गोप को फांसी की सजा सुनायी थी. कोर्ट ने आइपीसी की धारा 147, 323, 148, 325, 302, 307 व 120 बी में 15 लोगों को दोषी पाया था. कोर्ट ने आरोपियों को आइपीसी की धारा 302 व 120 बी में फांसी की सजा सुनायी थी, जबकि आइपीसी की धारा 307 में 10 वर्ष, 325 में पांच साल, 323 में एक साल, 147 में एक साल और 148 में दो साल की सजा सुनायी थी. फांसी की सजा पाने वाले 15 आरोपियों में से 12 पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, जबकि तीन अन्य जघन्य हत्याकांड के आरोपी हैं.

इन्हें सुनायी गयी थी 10 साल सश्रम कारावास की सजा

ऋषि लोहार, सुमित सिंह, संजीत दास, तौकीर, सौरभ सिंह, सोनू लाल और शोएब अख्तर उर्फ शिबू को हत्या के प्रयास में दोषी पाकर कोर्ट ने दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने आइपीसी की धारा 147, 148, 323, 325 व 307 में सात लोगों को दोषी पाया था. आइपीसी की धारा 307 में 10 वर्ष, 325 में पांच साल, 323 में एक साल, 147 में एक साल और 148 में दो साल की सजा सुनायी गयी थी.

चार सिपाही समेत पांच के खिलाफ चल रहा ट्रायल, हरीश के खिलाफ वारंट जारी

मामले में आरोपी बनाये गये घाघीडीह जेल में तैनात चार सिपाही अनिल कुमार, पंकज कुमार मंडल, राम प्रताप यादव और संतोष कुमार के खिलाफ अपर जिला व सत्र न्यायाधीश चार की अदालत में ट्रायल चल रहा है. एक आरोपी अविनाश श्रीवास्तव के खिलाफ भी ट्रायल चल रहा है. हरीश सिंह के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है. वह फरार है. चारों सिपाहियों ने डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल किया है.

बेटे की हत्या करने वाले चार सिपाही को मिले सजा : अनिरुद्ध सिंह

घाघीडीह जेल में मनोज सिंह की मौत के मामले में पिता अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि उनके बेटे की मौत के लिए जेल में तैनात चार सिपाही दोषी हैं. इसमें तत्कालीन जेलर बालेश्वर सिंह भी दोषी हैं. कोर्ट उन्हें सजा दे. हाइकोर्ट के फैसले से दुख पहुंचा है.

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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में शव भी सुरक्षित नहीं, कुतर रहे चूहे

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर की पार्किंग में मंगलवार की देर रात एक भिखारी की मौत हो गयी. रात भर शव पार्किंग में पड़ी रही. उसके हाथ की एक उंगली को चूहे ने कुतर दिया था.

बुधवार की सुबह जब होमगार्ड के जवानों ने शव देखा, तो इसकी जानकारी अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार को दी. उसके बाद उन्होंने शव को शीतगृह में रखवा दिया.

शव के हाथ का नाखून नोचा हुआ था

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि शव के हाथ का नाखून नोचा हुआ था.यह कैसे हुआ इस बारे में कहा नहीं जा सकता है. होमगार्ड के जवानों ने बताया कि मृतक भिखारी था. रात-दिन पार्किंग में पड़ा रहता था.

पहले भी हो चुकी है घटना

इससे पहले 30 नवंबर, 2015 को जुगसलाई के एक व्यक्ति के शव की हथेली को चूहों ने कुतर दिया था. वहीं 28 सितंबर, 2018 को एक मरीज की इमरजेंसी में मौत हो गयी थी. उसका शव अस्पताल के शौचालय के पास पड़ा मिला था. उस लाश के चहरे को चूहों ने कुतर दिया था. इस मामले में इमरजेंसी के दो नर्सों को शोकॉज भी हुआ था.

एमजीएम के शीतगृह से तीन अज्ञात शवों का हुआ अंतिम संस्कार

एमजीएम अस्पताल के शीतगृह में लगभग 15 दिनों से रखे तीन अज्ञात शव का बुधवार को पोस्टमार्टम कराकर साकची पुलिस व अस्पताल प्रबंधन ने अंतिम संस्कार कराया. अज्ञात होने के कारण उसका अंतिम संस्कार भी नहीं किया जा रहा था. शव से उठने वाली दुर्गंध से मरीज परेशान होते थे. उपायुक्त की पहल पर बुधवार को तीन शवों का अंतिम संस्कार कराया गया जबकि चार शवों का अंतिम संस्कार कराना बाकी है. नियम के अनुसार किसी भी अज्ञात शव को 72 घंटे रखने के बाद पुलिस की अनुमति से उस शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाता था. जो पुलिस केस होता था जैसे सड़क दुर्घटना या अन्य किसी कारण से मौत होती है. तो पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार होता था. अब अज्ञात शव का भी पोस्टमार्टम के बाद संस्कार होता है.

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जमशेदपुर : दो बेटी, पत्नी व ट्यूशन टीचर के हत्यारे दीपक को फांसी की सजा

जमशेदपुर के कदमा थाना अंतर्गत तिस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर 97/99 निवासी बीना कुमारी, दीया कुमारी, सांधी कुमारी और रिंकी घोष की हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी दीपक कुमार को फांसी की सजा सुनाई है.

गुरुवार को को मामले की सुनवाई करते हुए ए़डीजे 4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने दीपक को फांसी की सजा सुनाई है. इसके पूर्व शनिवार को अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 302, 307, 379, 201 और 376(1) के तहत दोषी पाया था. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता जॉली दास, कार्तिक डे, हरविलास दास, दिलीप गोराई और जयंत कुमार ने बहस की थी. मामले में कुल 25 लोगों की गवाही हुई थी. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने पैरवी की.

12 अप्रैल 2021 को कदमा थाना अंतर्गत तीस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर 97-99 में दीपक ने अपनी पत्नी, दो बच्ची और ट्यूशन टीचर की हत्या कर दी थी. ट्यूशन टीचर की हत्या करने के बाद उसने दुष्कर्म भी किया था. घटना को अंजाम देने के बाद उसे अपने साथी प्रभु के साला अंकित पर भी हमला किया था. घटना को अंजाम देने के बाद वह अपनी बुलेट से राउरकेला गया था, जहां से कैब बुक कर वह धनबाद गया. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी धनबाद से की थी.

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शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो की इलाज़ के दौरान मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

राँची : झारखंड सरकार में रही शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो की चेन्नई में इलाज के दौरान मौत हो गई इससे झारखंड की राजनीतिक में शोक का लहर दौड़ पड़ा है झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर दी जानकारी।

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जगरनाथ महतो एक भारतीय राजनीतिज्ञ और वर्तमान में झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री हैं। वे भारत के झारखण्ड राज्य की डुमरी विधानसभा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। 2019 के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लालचन्द महतो को 32481 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। जिसके बाद हेमंत सोरेन की सरकार ने उन्हें शिक्षा मंत्री का पद दिया था आपको बता दें उनकी तबीयत लगातार खराब होती रही है बीच-बीच में जिसको लेकर भी इलाजरथ थे जिसके बाद आज चेन्नई के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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