एक नई सोच, एक नई धारा

आषाढ़ माह की संगरांद पर साकची में कीर्तन दरबार आयोजन

जमशेदपुर : देसी महीने अनुसार आषाढ़ महीने की संगरांद को समर्पित साकची गुरुद्वारा में कीर्तन दरबार का आयोजन गुरुवार को साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के तत्वावधान में किया गया।
साकची के रागी जत्थे भाई साहब भाई अमृतपाल सिंह जी मन्नन ने गुरमत विचारों से संगत को निहाल किया तथा भाई साहब भाई प्रदीप सिंह जी हजूरी रागी गुरुद्वारा साहिब साकची ने मनोहर गुरबाणी कीर्तन गायन किया। इस दौरान विश्व शांति और सरवत के भले कि अरदास भी की गई। कीर्तन दरबार की समाप्ति के उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। संगरांद कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधान सरदार निशान सिंह के अलावा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। विशेषरूप से सिख स्त्री सत्संग सभा साकची, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था ने भी सहयोग किया सराहनीय सहयोग किया।

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सिख स्त्री सत्संग सभा साकची की अध्यक्षा बीबी गुरमीत कौर, कोषाध्यक्ष बीबी पिंकी कौर, बीबी मनजीत कौर, बीबी अमरीक कौर, बीबी जितेंद्र पाल कौर सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था की ओर से बीबी बलविंदर कौर, बीबी रणजीत कौर, बीबी कमलजीत कौर, बीबी राजबीर कौर, बीबी गुरदीप कौर तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साकची की ओर से चेयरमैन सरदार महेंद्र सिंह, मुख्य सेवादार सरदार निशान सिंह, महासचिव सरदार परमजीत सिंह काले, कोषाध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह गांधी, मुख्य सलाहकार सरदार सुरजीत सिंह छीते, सरदार जयमल सिंह बरियार, सरदार मनोहर सिंह मित्ते, सरदार दलजीत सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह तोची, सरदार बलबीर सिंह, सरदार जसपाल सिंह जस्से, सरदार गुरपाल सिंह, सरदार जगमिंदर सिंह आदि ने अपना सहयोग दिया।

दुर्गा दास दत्ता मेमोरियल फाउंडेशन ने लगाया रक्तदान शिविर

आज विश्व रक्तदान दिवस 14 जून को दुर्गा दास दत्ता मेमोरियल फाउंडेशन ने जमशेदपुर ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन शहीद निर्मल महतो भवन उलियान कदमा जमशेदपुर में सुबह 9:00 से 3:00 तक किया गया है।
रक्तदान शिविर में 32 लोगों ने रक्तदान किया,शिविर में 12 लोगों को अलग अलग कारणों से रक्तदान से वंचित रहना पड़ा। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओ को जमशेदपुर ब्लड बैंक और दुर्गा दास दत्ता मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से सर्टिफिकेट दिया गया एवं छाता भेंट किया गया।
इस उपलक्ष्य में कदमा स्थित जावेद हबीबी और मोती महल रेस्टोरेंट की तरफ से डोनर को डिस्काउंट कूपन दिया गया।

फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती रीना दत्ता ने सफल रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए जमशेदपुर ब्लड बैंक और ब्लड डोनर्स का आभार जताया। रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सौरभ दत्ता, डॉ शाज़िया परवीन,डॉ दिलीप,डॉ एलबी सिंह,रविन्द्र सिंह रिंकू,इंदरजीत सिंह,कुमार गौरव,शहज़ाद क़ुरैशी का सराहनीय योगदान रहा।

सिख धार्मिक भावनाओं के सम्मान में की गई अनुशंसा स्वागत योग्य: भगवान सिंह

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने विश्वविद्यालिय सामान्य प्रवेश परीक्षा (सियूईटी) के नाम एक अनुशंसा पत्र लिख कर सिख छात्र-छात्राओं को कड़ा व कृपाण धारण कर प्रवेश परीक्षा में शामिल होने देने की सिफारिश की है।
इस अनुशंसा पत्र का जमशेदपुर के सिख छात्र-छात्राओं में हर्ष का माहौल है। वहीं मंगलवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने इसे स्वागत योग्य करार दिया है।
भगवान सिंह का कहना है कि प्रवेश परीक्षा के लिए की गई यह सिफारिश सिख धार्मिक भावनाओं का सम्मान है और इससे सिख छात्रों का मनोबल और बढ़ेगा। यह सिख धर्म का मान बढ़ाने वाली अनुशंसा है। उन्होंने कहा सीजीपीसी सहित पूरे जमशेदपुर का सिख समुदाय इस अनुशंसा का इस्तकबाल करता है।

कड़ा व कृपाण धारण किए सिख छात्रों को प्रवेश परीक्षा में अनुमति की अनुशंसा

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उल्लेखनीय है कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा के महानिदेशक के नाम के पत्र लिखा है जिसमे जिक्र किया गया है की प्रवेश परीक्षा के दौरान सिख छात्रों को कड़ा और कृपाण के साथ शामिल होने की अनुमानित दी जाये। इस पत्र में भारतीय संविधान के अनुच्छेद २५ का भी जिक्र किया गया है जिसके अनुसार सिख अपनी धार्मिक भावनाओं के तहत कड़ा और कृपाण धारण कर सकता है क्योंकि यह सिख धर्म का अभिन्न भाग है ।

सनातन उत्सव समिति के संस्थापक चिंटू सिंह के पिता का हुआ देहांत, कल होगा अंतिम संस्कार

जमशेदपुर : सनातन उत्सव समिति के संस्थापक चिंटू सिंह के पिताजी करम सिंह का मंगलवार सुबह देहांत हो गया। वे 65 साल के थे। करम सिंह के अचानक देहांत से उनके परिजनों और चाहने वाले में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। करम सिंह एक पुत्र एक पुत्री और नाती पोता से भरा पूरा खुशहाल परिवार अपने पीछे छोड़ कर चले गए। करम सिंह की अंतिम यात्रा बुधवार दिनांक 14 जून को ईस्ट प्लांट बस्ती, बर्मामाइंस उनके आवास से सुबह 10 बजे भुइयांडीह बर्निंग घाट के लिए प्रस्थान करेगी। उनके पुत्र सनातन उत्सव समिति के संस्थापक चिंटू सिंह को उनके पिता के अचानक निधन से गहरा आघात लगा है। हम सभी भगवान से प्रार्थना करेगें की भगवान करम सिंह जी के दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करे।

मशहूर सिंगर गुरु रंधावा का 17 जून को राँची में लाइव कॉन्सर्ट, जाने पूरी खबर

जमशेदपुर : देश के जाने माने सेलिब्रिटी सिंगर गुरु रंधावा जल्द ही झारखण्ड की राजधानी रांची आएंगे और लोगों को अपनी धुनों पर झूमने के लिए मजबूर करेंगे। रांची के कांके रिजॉर्ट में गुरु रंधावा के लाइव कॉन्सर्ट शो को लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। इसकी जानकारी लाइव कॉन्सर्ट के आयोजक ब्लूस्टोन एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जमशेदपुर के होटल रमाडा में प्रेस वार्ता के दौरान दी।

आयोजक ब्लूस्टोन के सदस्य आशीष ने प्रेस वार्ता में बताया कि कांके रेज़ॉर्ट में आगामी 17 जून को भव्य स्टेज प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बॉलीवुड के सिंगर गुरु रंधावा को बुलाया गया है। गुरु रंधावा यहां की शाम युवाओं के नाम करने आएंगे। यह कार्यक्रम पॉप बेस्ड होगा। गुरु रंधावा ने छोटे से शहर से निकल कर अपनी सिंगिंग से देश और दुनिया में नाम और शोहरत कमाया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कई कलाकार हैं लेकिन उन्हें प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता कि वो झारखण्ड और बॉलीवुड के म्यूजिक को मिलाकर देश विदेश में परफॉर्म कर सके। उनको देखकर झारखण्ड के यूथ और लोकल म्यूजिकल ग्रुप व सिंगर भी बहुत कुछ सीख पाएंगे और प्रोत्साहित होंगे।

आशीष बताते हैं कि 17 जून की शाम को शानदार बनाने के लिए तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। कांके रेज़ॉर्ट में यह कार्यक्रम होना है। यहां दर्शकों के लिए कई तरह के जोन बनाए जा रहे हैं जैसे- वीआईपी जोन, डायमंड जोन, प्लैटिनम जोन व गोल्ड जोन। वीआईपी जोन में बैठने की सुविधा होगी व यहां एक्सक्लूसिव ड्रिंक और स्नैक्स परोसे जाएंगे।

उन्होंने बताया कि झारखंड में पहली बार किसी प्राइवेट आयोजन में देश की सबसे बड़े सिक्योरिटी एजेंसी एसआईएस के द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। अक्सर देखा जाता है ऐसे कार्यक्रमों में बाउंसर रखे जाते हैं, लेकिन सिक्योरिटी को पुख्ता करना और किसी भी तरह का मिस मैनेजमेंट से बचने के लिए एसआईएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोगों को कार्यक्रम में सिक्योरिटी की चिंता करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

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प्रेस वार्ता में अश्मित सेठी ने बताया कि इस कॉन्सर्ट से होने वाले मुनाफे से आने वाले दिनों में जो बच्चे बच्चियां शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं उनकी शिक्षा निःशुल्क कराने का कार्य किया जाएगा और इस मुहिम में एडुकेशन पार्टनर हरयाणा की एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी भी सहयोग करेगा और यूनिवर्सिटी ने यह आश्वासन दिया है कि झारखंड के बच्चों को जो कला के क्षेत्र में जुड़े हैं उन्हें 100% स्कोलरशिप दिया जाएगा। यह बहुत बड़ी बात है कि झारखण्ड की कला को बढ़ाने के लिए दूसरे राज्य की यूनिवर्सिटी सामने आ रही है।

जाने टिकट की कीमत

गुरु रंधावा के शो के टिकट की बात करें तो इसका दाम 1,000 रुपये से शुरू होकर 30,000 रुपये तक जाता है। 1,000 रुपये के टिकट में लोग स्टैंडिंग ज़ोन में खड़ा होकर म्यूजिक का लुफ्त उठा सकते हैं। वहीं, 30,000 रुपये में वीआईपी टिकट ले सकते हैं, जो 6 लोगों के लिए मान्य होगा। यह कार्यक्रम 17 जून, 2023 की शाम 6 बजे से रात के 11 बजे तक चलेगा।

इस मौके पर ब्लूस्टोन के एमडी संजीव सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ भट्ट, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के पूर्व अध्यक्ष सतबीर सिंह सोमू, बीर खालसा दल के अध्यक्ष रविंदर सिंह रिंकू, समाजसेवी चंचल भाटिया, इंदरजीत सिंह इत्यादि मौजूद थे।

राजीव रंजन सिंह ने सीजीपीसी अधिकारियों से की शिष्टाचार मुलाकात, समाज सेवा की लिए हुए सम्मानित

झारखंड के रिटायर्ड पुलिस उप महानिरीक्षक राजीव रंजन सिंह ने सीजीपीसी कार्यालय पहुंच कर अधिकारियों से शिष्टाचार मुलाकात की।
इस अवसर पर शनिवार को सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने राजीव रंजन सिंह के सफलतम कार्यकाल और समाज सेवा के लिए उन्हें सम्मानित किया।
इस दौरान राजीव रंजन सिंह ने कहा की सिख समुदाय से शुरू से ही उन्हें स्नेह रहा इसलिए वे अनौपचारिक मुलाकात के लिये सीजीपीसी कार्यालय पहुंच गये। मुलाक़ात के दौरान विभिन्न मुद्दों पर विशेषकर समाज सेवा पर खुल का बात हुई।

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मुलाकात में प्रधान सरदार भगवान सिंह के अलावा चेयरमैन शैलेंद्र सिंह, महासचिव सुरजीत सिंह खुशीपुर, सीनियर मीत प्रधान चंचल सिंह, मुख्य सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, हरजिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, सुखदेव सिंह बिट्टू, जसपाल सिंह, त्रिलोचन सिंह, जगतार सिंह नागी व जगदीप सिंह सहित अन्य भी उपस्थित थे।

शिक्षा के क्षेत्र में “सिख विजडम” के रूप में सीजीपीसी की बड़ी शुरुआत, भविष्य के स्कॉलर्स बनाएगा सीजीपीसी संचालित ‘सिख विजडम’

सिख छात्र-छात्राओं के बीच अलख जगाने हेतु सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) ने शिक्षा विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मुहिम छेड़ दी है और इस मुहिम का नाम दिया गया है ‘सिख विजडम’। भविष्य के स्कॉलर्स बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘सिख विजडम’ जैसे मंच की स्थापना की गयी है।

शिक्षा विकास में वरदान साबित होगा सिख विजडम: भगवान सिंह

मंगलवार को एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में इस पर विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने बताया की शिक्षा विकास को लेकर वे और उनकी पूरी टीम विशेषकर शिक्षा विंग पूरी तरह मुस्तैद व गंभीर है। भगवान सिंह का कहना है ‘सिख विजडम’ शिक्षा विकास क्षेत्र में वरदान साबित होगा कर भविष्य के स्कॉलर्स पैदा करेगा।
शिक्षा विंग के कुलविंदर सिंह पन्नू और महासचिव अमरजीत सिंह ने साफ किया कि पिछले दिनों जो सिख बच्चों के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं की कक्षा तक की निःशुल्क कोचिंग की घोषणा की गयी थी दरअसल उसी मुहिम का नामकरण करते हुए ‘सिख विजडम’ नाम दिया गया है।

मनप्रीत भाटिया क्लासेज व मास्टर माइंडस के शिक्षाविद देंगे कोचिंग

भगवान सिंह ने बताया की शहर के जानेमाने शिक्षाविद ‘मनप्रीत भाटिया क्लासेज’ के मनप्रीत सिंह भाटिया और ‘मास्टर माइंडस’ के मनदीप सिंह भाटिया ने कोचिंग सेवा देने की सहर्ष सहमति दी है। पंजीकरण की प्रक्रिया अभी भी चल रही है इच्छुक सिख छात्र-छात्रायें व परिजन 15 जून तक अपना नाम दर्ज करा सकतें हैं।
परविंदर सिंह सोहल ने बताया कि जमशेदपुर में सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के द्वारा सिख छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने हेतु नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुवात की जा रही है, शहर के दो प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर के द्वारा छात्रों को शिक्षा दी जाएगी।
शिक्षाविद मनप्रीत सिंह भाटिया और मनदीप सिंह भाटिया ने विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर की शुरुआत आगामी 18 जून को होगी जहां कक्षा 11वीं तथा 12वीं के तीनो स्ट्रिम के छात्रों का नामांकन यहाँ लिया जा रहा है, और इसके लिए रेजिस्ट्रेशन शुरू हो चूका है, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस कोचिंग सेंटर मे उच्च स्तर के शिक्षा के लिए तैयार किया जायेगा। मौके पर सिजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने बताया की सिख गुरुओं ने तीन तरह के लंगर की शुरुआत की थी जिसमे भोजन के अलावे शिक्षा और स्वास्थ्य था, और फिलहाल भोजन के अलावे बाकि दोनों लंगरों मे हम पीछे है, और अब शिक्षा के लंगर को आगे बढ़ाने हेतु यह आगाज किया जा रहा है। साकची गुरुद्वारा साहिब संचालित मॉर्डन स्कुल में कोचिंग सेंटर बनाया गया है जहाँ क्लास होगीं। पहले चरण मे अब तक करीब 100 से अधिक छात्रों का रेजिस्ट्रेशन किया जा चूका है, हर तबके के सिख छात्र यहाँ नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।

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सीजीपीसी के अध्यक्ष भगवान सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बेहतर करने के उद्देश्य से काफी दिनों के मंथन चल रहा था। अंतत: प्राइवेट कोचिंग के तर्ज पर सिख समुदाय के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने पर सहमति बनी। जिसके लिए 13 सदस्यों की कमिटी शिक्षा विंग बनाई गई। भगवान सिंह ने बताया कि सिख विजडम के नाम से कोचिंग क्लास का संचालन शिक्षाविद् मनप्रीत सिंह भाटिया एवं मनदीप सिंह करेंगे। मनप्रीत सिंह भाटिया ने बताया कि शुरुआती दौर में आईसीएसई और सीबीएसई के 11वीं एवं 12वीं कक्षा के आर्टस्, कॉमर्स और साइंस के लिए कोचिंग शुरू की जाएगी। छात्रों के रुझान को देखते हुए इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को विषय के अलावा उनके व्यक्तिव विकास के लिए क्लास होंगे साथ ही उन्हें इंगलिश स्पीकिंग कोर्स भी कराया जाएगा। मास्टर माइंड्स के मनदीप सिंह भाटिया ने कहा कि आगामी 18 जून को इंडक्शन क्लास का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों से सुझाव लेकर क्लास का समय निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा 9234061313 पर फोन करके इच्छुक छात्र-छात्रायें अपना पंजीकरण अभी भी करवा सकते हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जैसै लोगों के विचार प्राप्त होंगे उसके आधार पर प्रतियोगिता परीक्षा एवं जैक बोर्ड के लिए भी कोचिंग क्लासेस की शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरुचरण सिंह बिल्ला, शिक्षा विंग के कुलविंदर सिंह पन्नू,परविंदर सिंह सोहेल,अमरजीत भामरा, सुखदेव सिंह बिट्टू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

“पेड़ है तो कल है” के तहत नवभारत सेवा शक्ति ने किया पौधरोपण

जमशेदपुर : नवभारत सेवा शक्ति सामाजिक संस्था की ओर से पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर “पेड़ है तो कल है” कार्यक्रम के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के दिन बारीडीह के पार्क मे पौधारोपण किया गया, कार्यक्रम मे मुख्यरूप से संस्था के संरक्षक शैलेश गुप्ता,अधिवक्ता सूरज प्रकाश, सौरभ चौधरी, चन्दन भारती, जग्गी सिंह, सुखराज सिंह, लालटू, विशाल कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

न सरोपा न फूलमाला, बिल्कुल सादे तरीके से चुना गया अकाली दल का मुखी

सुखदेव सिंह खालसा फिर चुने गए अकाली दल के प्रधान, हरजिंदर सिंह होंगे ऑडिटर

वर्तमान प्रधान सुखदेव सिंह खालसा को अगले तीन वर्ष के लिए फिर से अकाली दल, जमशेदपुर का प्रधान चुन लिया गया है। अतिविशेष बात यह रही की सर्वसम्मति से हुए इस चुनाव में न सरोपा दिया गया और न ही फूलमालायें पहनायीं गयीं। मंगलवार को सादे तरीके से हुए चुनाव में हरजिंदर सिंह को ऑडिटर चुना गया।
मनीफिट स्थित सोखी कॉलोनी में संपन्न हुए चुनाव में सिखों के नारे बोले सो निहाल, सत्श्रीअकाल के साथ ही अकाली दल का मुखी चुन लिया गया। संदेश देता यह चुनाव दर्शाता है कि अन्य गुरद्वारों में भी सरोपा और फूलमालाओं के बिना सादे व शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव आसानी से करवाया जा सकता है।
मुखी चुने जाने के उपरांत ज्ञानी सुखदेव सिंह खालसा ने संगत के नाम सन्देश में कहा कि सिख धर्म प्रचार और अमृत संचार को बढ़ावा देना तथा गुरुओं की बाणी को घर-घर तक पहुँचाना उनके एजेंडे में शामिल है। वे जल्द ही बैठक आयोजित कर बाकी कमिटी की घोषणा करेंगे।

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अकाली दल सदस्य भाई जरनैल सिंह, भाई रामकिशन सिंह, भाई रविंदर सिंह, भाई रविंदरपाल सिंह, भाई कुलदीप सिंह, भाई अजीत सिंह, भाई कुलदीप सिंह बिरसानगर वाले, भाई अमृतपाल सिंह, भाई इंदरजीत सिंह तथा भाई प्रितपाल सिंह की मौजूदगी में चुनाव संपन्न हुआ।

अभय सिंह मामले में राँची हुई प्रेस वार्ता, जिला प्रशासन के कार्रवाई पर उठे कई सवाल

जमशेदपुर : कदमा के शास्त्री नगर मामले में गिरफ्तार अभय सिंह और इन दिनों उनके परिवार पर नए नए मामले दर्ज होने को लेकर राँची प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता रखी गयी थी जिसमें पूर्व विधायक प्रवीण सिंह, कोल्हान के प्रभारी ओबीसी मोर्चा हल्दर नारायण शाह, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री वीरेंद्र साहू एवं जमशेदपुर रामनवमी अखाड़ा समिति के महामंत्री नरेश अग्रवाल ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत दिनों जमशेदपुर कदमा थाना अंतर्गत शास्त्रीनगर उपद्रव में दो समुदायों की झड़प और आगजनी होती है। इस घटना का प्रमुख कारण 8 अप्रैल 2023 को एक बजरंग बली के झंडे में माँस के टुकड़े लटके हुए मिलता है। जिसकी खबर आने के बाद 2 समुदायों के बीच तनाव पूर्ण माहौल हो जाता है और ऐसे माहौल को देखते हुए पूरे थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल लगा दी जाती है। रात तक मामला शांत हो जाता है। लेकिन 9 अप्रैल को घटना स्थल से लगभग 600 मीटर दूर स्थित गणेश पूजा मैदान में एक बहुत बड़ी इफ़्तार पार्टी होती है। इफ़्तार पार्टी के उपरांत पार्टी में शामिल लोग भारी मात्रा में ईंटा पत्थर लेकर घटना स्थल में पहुंचती है और घटना स्थल के समीप स्थित बजरंग जटाधारी मंदिर पर ईंटा पत्थर फेंकने लगते है। वे लोग घटना कर फिर सामने वाले मस्जिद जाते है, फिर पुनः हज़ारों की संख्या में ईंट, पत्थर, डंडा, आग्नेय अस्त्र लेकर जटाधारी मंदिर में हमला बोल देते हैं।

पुलिस डायरी में जिक्र के अनुसार उनलोगों द्वारा किये गए पथराव एवं डंडे से बहुत पुलिस वालों को भी चोटें आई। उस वक़्त भाजपा जिला स्तर के नेता, कदमा मंडल के बहुत से नेता एवं कार्यकर्ता घिर जाते हैं और वे लोग किसी प्रकार अपनी जान बचाकर भाग जाते हैं। वहाँ बहुत सारे मीडिया के लोग भी उपस्थित रहते हैं।
आक्रोशित समुदाय की भीड़ हज़ारों की संख्या में होने से पुलिस को भी पीछे हटना पड़ता है लेकिन तत्काल प्रभाव से पुलिसिया कार्रवाई करते हुए उस समय उक्त स्थान से बहुतों को गिरफ्तार किया जाता है। पुलिस तब तक सही दिशा में काम करती है, पुलिस तत्कालीन प्रभाव से कदमा थाना क्षेत्र में 144 धारा एवं घटना स्थल के 300 मीटर के मौखिक निषेधाज्ञा लगा देती है। गणेश पूजा मैदान के इफ्तार पार्टी में सम्मिलित नेताओं में से करीब 20 लोगों को पुलिस गिरफ्तार करती है लेकिन एक मंत्री के दबाव में गिरफ्तार लोगों को छोड़ दिया जाता है। उसी रात घटना स्थल के करीब एक गली में कई कारें एवं मोटरसाइकिल को तोड़फोड़ दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस तोड़ी और कुछ लोग कहते हैं कि इफ्तार पार्टी वाले लोगों ने ही तोड़ा।

जिला पुलिस प्रशासन घटना छिपाने के उद्देश्य से, अल्पसंख्यक समुदाय को खुश रखने के लिए, मंत्री को खुश करने के लिए एवं तबादला न हो और इस संदर्भ को दबाने के लिए मंत्री के घोर विरोधी कदमा थाना से लगभग 6 किलोमीटर दूर में रहने वाले हिंदूवादी नेता सह भाजपा नेता श्री अभय सिंह को आनन फानन में 10 अप्रैल को सुबह 6 बजे घर से ताला तोड़कर गिरफ्तार करती है। इसका मंशा केवल एक मंत्री को खुश करने, घटना को गुमराह करने एवं अपने को तबादला न झेलना पड़े और पुलिस प्रशासन पुरानी खुन्नस, रामनवमी में जो अखाड़ा समिति से उनकी नहीं बनती है उसको लेकर जिला प्रशासन जमशेदपुर में इस काम को अंजाम देती है।
ज्ञात हो अभय सिंह जिला पुलिस प्रशासन एवं राज्य सरकार के नीति का विरोध हमेशा मुखर होकर करना ही उनकी गिरफ्तारी का प्रमुख कारण बना। मंत्री अपने विधानसभा के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अभय सिंह को मानकर चलते हैं और अभय सिंह को दबाने का यही प्रमुख कारण बना है। अभय सिंह ने कोरोना काल से मुखर होकर मंत्री के नापाक इरादों को हमेशा सड़कों में उतरकर विरोध किया है। वार्ता में कहा गया कि प्रेस एवं चैनलों के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि यह मामला जमशेदपुर प्रशासनिक अधिकारियों के दुर्भावना से प्रेरित है। मनगढ़ंत कहानी बनाकर व्यक्तिगत रूप से लांछन लगाते हुए अभय सिंह को मानसिक उत्पीड़न एवं व्यक्तिगत लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, इसलिए प्रेस के माध्यम से न्याय हेतु राज्य सरकार के कानों तक यह बात जाए।

अभय सिंह को जेल भेजने के प्रमुख कारण :

1) जमशेदपुर के तत्कालीन डी.सी सूरज कुमार, बन्ना गुप्ता से साँठ गाँठ करके जुबली पार्क गेट हमेशा के लिए बंद करवा देते हैं। अभय सिंह उस गेट को नागरिक सुविधा मंच के साझा कार्यक्रम कर उसे खुलवा दिया, जिससे मंत्री पद पर आसीन बन्ना गुप्ता के मंसूबों पर पानी फिर गया।

2) मंत्री के तुष्टिकरण नीति के तहत एवं कोरोना के आड़ में 2021 दुर्गापूजा में श्री अभय सिंह के दुर्गापूजा पंडाल में तत्कालीन डी.सी सूरज कुमार द्वारा आकर सभी माँ दुर्गा के भक्तों के साथ अभद्र व्यवहार करना, जब पूजा कमेटी एवं अभय सिंह ने इसका डटकर विरोध किया तब डीसी सूरज कुमार द्वारा स्थानीय एवं प्रदेश के चैनलों और अखबारों में अपने इंटरव्यू में गलतफहमी कहकर अपने गलती का लीपा पोती किये। इसका फुटेज आप तत्कालीन समय के अभय सिंह एवं अन्य के फेसबुक और चैनलों से प्राप्त कर सकते हैं। कहा जाता है कि इसके पीछे भी मंत्री श्री बन्ना गुप्ता का ही हाथ था। बाद में 4 महीने उपरांत सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस कर दिया जाता है।

3) जमशेदपुर मानगो थाना के अंतर्गत गांधी मैदान में दुर्गा पूजा न हो, अल्पसंख्यकों के सुविधा व लाभ पहुंचाने के लिए स्टेडियम बनाकर पूजा स्थल की घेराबंदी का विरोध करना भी मंत्री एवं जिला प्रशासन और राज्य सरकार को नागवार लगा। इसके अलावा संक्षेप में सभी लोग जानते है। सर्व विदित है जमशेदपुर में रामनवमी अखाड़ा बड़े धूमधाम से मानया जाता है। सरकार के मुस्लिम तुष्टिकरण के नतीजा का ही परिणाम है कि शांति समिति के बैठक में एसएसपी श्री प्रभात कुमार जी के द्वारा धमकी भरे लहजे में पूरे अखाड़ा समिति एवं शांति समिति के समस्त सदस्यों पर अमर्यादित व्यवहार का जो प्रयोग किया गया वह जमशेदपुर के इतिहास में प्रशासनिक और पुलिस की ओर से ऐसा कभी देखने को नहीं मिला था। उसके उपरांत दूसरे दिन ही इसका विरोध, अभय सिंह द्वारा फेसबुक के माध्यम से ऐसे कार्यों का विरोध किया गया। एसएसपी चाहते थे कि रामनवमी झंडे में टेलर का न प्रयोग हो न डीजे बजे। अभय सिंह ने विरोध कर यह बताया कि भारत मे ऐसा कोई कानून नहीं बना है जो भारत सरकार निर्देशित जो टेलर और डीजे नहीं बजाना चाहिए और मैं इसका विरोध करता हूँ। रामनवमी के समय ही पूरे रामनवमी अखाड़ा की समिति ने अभय सिंह के अगुवाई में यह निर्णय लिया कि हमलोग झण्डा नहीं निकालेंगे। ऐसे कई अखाड़ा समिति के लोगो को डराया गया, धमकाया गया, टेलर जब्त किया गया जिसमें एक प्रमुख अखाड़ा साकची थाना के अंतर्गत बाल मंदिर अखाड़ा भी थी जिसके प्रबल विरोध के कारण और प्रशासन के हठधर्मिता के कारण पूरे शहर में तनावपूर्ण माहौल हो गया।

4) कदमा थाना के अंतर्गत घटना के लगभग एक महीना पहले नाबालिग लड़की को लव जिहाद से विशेष समुदाय के लड़के को जेल भेजवाया और कदमा थाना में प्रदर्शन भी किया गया, यह भी एक कारण बना अभय सिंह को जेल भेजने का।

5) घटना के 4 -5 माह पूर्व जिला भाजपा जमशेदपुर द्वारा उपायुक्त का घेराव में एसएसपी श्री प्रभात कुमार द्वारा भाजपा ले सभी प्रतिष्ठित नेताओं को तुम ताम करना और जबरन माइक भाजपाइयों से लेकर धमकाना, इसका भी श्री अभय सिंह ने तत्कालीन समय मे एसएसपी का विरोध करना और माइक वापस लेना भी प्रमुख कारण है।

6) भारतीय जनता युवा मोर्चा के आंदोलन जिसमें साकची ग्रेजुएट कॉलेज में बच्चियां सुरक्षित रहें, जिसके लिए आंदोलन हुआ क्योंकि कॉलेज के सामने कब्रिस्तान का गेट खुलना, वहाँ अल्पसंख्यकों का जमावड़ा का विरोध किया गया था, इस आंदोलन को भी श्री अभय सिंह का प्रमुखता से साथ मिला, वह स्थान भी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही आता है। इससे छात्राओं के परिवार को लव जिहाद का डर बना रहता था।

7) पिछले दिनों देहाती अंचल बोड़ाम थाना में डीएसपी द्वारा मंडल महामंत्री जो आदिवासी समुदाय से है उनकी पिटाई कर सरेआम बाजार में घुमाया गया था, उसके विरोध में जमशेदपुर भाजपा के बैनर में सभी बोड़ाम थाना अंतर्गत धरना प्रदर्शन हुआ और डीएसपी पर मुकदमा दायर हुआ था, इस घटना के पीछे वे लोग अभय सिंह को मानते है। उस धरना में सांसद श्री विधुत वरण महतो, जिलाध्यक्ष गुँजन यादव और अन्य भी थे।

8) तत्कालीन डीसी सूरज कुमार 2021 में दुर्गा पूजा के समय सोनारी स्थित माँ दुर्गा की प्रतिमा 21 फ़ीट को तोड़कर छोटा करने का निवेदन किया था, इसका विरोध अभय सिंह ने पंडाल में धरना देकर किया था। यह भी क्षेत्र मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के अंदर ही आता है।

9) कदमा थाना अंतर्गत शास्त्रीनगर 4 नम्बर लाइन में भाजपा कार्यकर्ता श्री अशोक दुबे जी के बगल में अल्पसंख्यकों के अवैध ऊंची बिल्डिंग का विरोध “गोपनीयता भंग” को संवैधानिक मौलिक अधिकार के रूप में रखकर घटना से 3-4 माह पूर्व से लगातार किया गया, क्योंकि कदमा थाना क्षेत्र मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है, यह भी एक कारण है अभय सिंह को दबाने का।

महाशय प्रेस वार्ता के माध्यम से अभय सिंह की गिरफ्तारी शास्त्रीनगर दंगे मामले में हुआ, जबकि अभय सिंह शास्त्री नगर वाले दंगे में नहीं थे तो फिर आप उन्हें गिरफ्तार कर झूठे मामले में ले जाते हैं। जिस दिन अभय की गिरफ्तारी होती है अभय घर में होते हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें बिष्टुपुर थाना में पुलिस प्रशासन रखती है। जो अभय सिंह के थाने के अंतर्गत नहीं आता है। जब अभय सिंह को करीब 7 घंटे तक थाना में बिठा करके रखते हैं तो तत्कालीन समय के जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र के विधायक सरयू राय भी मिलने जाते हैं, जिला अध्यक्ष गुंजन यादव भी जाते हैं, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिनेश गोस्वामी भी जाते हैं। वह सभी जाकर गिरफ्तारी का कारण पूछते हैं। गिरफ्तारी का कारण बिष्टुपुर पुलिस थाना नहीं बता पाती है। वह लोग सभी एसएसपी से फोन में बात करते हैं एसएसपी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए यह कहते हैं कि यह दुर्गा पूजा भोग वितरण का मामला है। जब अभय सिंह की बात रांची भाजपा मुख्यालय में पहुंचती है तो दूसरे दिन 11 तारीख को रांची 11 अप्रैल को सचिवालय घेराव का कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। फिर भी इतनी व्यस्तता क्रम के रहते तैयारी के बावजूद प्रदेश द्वारा 3 सदस्य टीम जमशेदपुर रवाना करती है, हकीकत जानने के लिए। उसमें भाजपा नेता जेपी तुबिद, भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह, पूर्व डीआईजी, सांसद विद्युत वरण महतो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा श्री दिनेश चंद्र गोस्वामी एवं जमशेदपुर जिला अध्यक्ष श्री गुंजन यादव कि एक 5 सदस्य टीम की जमशेदपुर सर्किट हाउस में पुलिस प्रशासन के साथ एक बैठक होती है। उस बैठक में वर्तमान उपायुक्त और एसएसपी श्री प्रभात कुमार भी मौजूद रहते हैं जब उनसे सभी प्रतिनिधियों ने पूछा अभय सिंह का दोष क्या है व शास्त्री नगर के दंगे में उनकी संगलिग्ता है या नहीं, या विशेष बैठक 45 मिनट तक चला। किसी के पास भी कोई जवाब नहीं था। केवल यह कहा कि इनकी पुरानी केस है जिसमें वारंट है सरकारी बाधा के तहत 353 की धारा लगी हुई है और यह धारा गैर जमानती है इसलिए हम लोग जेल भेज रहे हैं। वह लोग यह बात सुनकर के वापस रांची लौट आते हैं, लेकिन इधर जमशेदपुर में उनके लौटने के साथ ही इनको जमशेदपुर कोर्ट पेशी के समय शास्त्री नगर वाले दंगे की धारा लगाकर जेल भेज दिया जाता है। आखिर यह किस दबाव के कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन ने किया ?

पुलिस प्रशासन, सरकार एवं जनता के सामने कुछ सवाल भी रखे गए

1) जिस वक्त अभय सिंह पर दंगे में शामिल होने का इल्जाम लगाया क्या उस वक्त अभय सिंह मौके पर मौजूद थे?
2) क्या ऐसा कोई भी सबूत है जिससे यह साबित हो कि अभय सिंह दंगाइयों को दिशा निर्देश दे रहे थे ?
3) आज सोशल मीडिया और मीडिया के जमाने में जब एक मामूली चोर को भी पुलिस पकड़ती है तो प्रेस के सामने लाइन हाजिर कर सबूतों के साथ प्रस्तुत करती है मानते हैं केस कोर्ट में sub judice है, पर क्या एक भी सबूत प्रशासन पेश कर पाई ?
4) आज सबसे बड़ा सबूत इंसान का मोबाइल फोन होता है। अभय सिंह का मोबाइल 1 दिन में थाना ने परिवार को सुपुर्द कर दिया। जिसका सीधा मतलब है कि पुलिस के पास मोबाइल से कोई सबूत नहीं मिला।
5) गिरफ्तारी के बाद लगभग 12:00 बजे तक भाजपा के नेता, विधायक सरयू राय, सांसद विद्युत वरण महतो तक को यह नहीं बता पाए पुलिस की अभय सिंह को गिरफ्तार किस मुद्दे पर किया गया है। 2021 भोग प्रकरण की बात कर दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया। अगर भाजपा के नेताओं को मान भी लिया जाए कि वह किसी संवैधानिक पद पर नहीं है तो क्या एक विधायक या सांसद को भी जानने का अधिकार नहीं था कि मामला क्या है ?
6) बिष्टुपुर थाना में करीब 6 घंटे के बाद अचानक से दंगे के सारे धाराओं को लगाकर अभय सिंह का चालान कर दिया जाता है 6 घंटे लग गया यह सोचने में की धारा कौन सा लगाया जाए?

इधर नई केस का उदय

7) जिस बिल्डिंग पर पिछले कई वर्षों से धोखाधड़ी का आरोप हमने लगाया है, जिसके जवाब में पुलिस या कहते आ रही है कि बिल्डर पकड़ में नहीं आ रहा। आज अचानक बिल्डर और उसका पार्टनर आकर हम पर वसूली और गुंडई का आरोप लगाया जाता है।
8) जब बिना किसी सबूत के एक जनमानस के नेता को उठाकर जेल में बंद कर दिया जा सकता है और खोज खोज कर केस डायरी सबमिट होने के बाद उन पर धाराएं जोड़ी जा रही है, तो यह कैसे मान लिया जाए कि शासन के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी राजनीति खेलने में व्यस्त नहीं है ?
9) जिस बिल्डिंग के नाम से हम पर मुकदमा कर रघुवंशी एंटरप्राइजेज के नाम से ईट गिट्टी बालू जबरन सप्लाई करने का इल्जाम लगता है, वह बिल्डिंग बने 4 वर्ष से ज्यादा हो चुका है, जो कि गैरकानूनी तरीके से बनाया गया है। वहीं 2 महीना पहले जिस फर्म का नाम भी नहीं सोचा गया था उस पर से 5 साल पहले ईट बालू सप्लाई करने का इल्जाम लगाना हास्यास्पद है।
10) अभय सिंह द्वारा कदमा लव जिहाद प्रकरण, बोड़ाम थाना क्षेत्र में तत्कालीन डीएसपी द्वारा भाजपा महामंत्री के बीच सड़क कमर में रस्सी बांधकर घुमाने का प्रकरण, दुर्गा पूजा भोग वितरण का प्रकरण, प्रशासन द्वारा हेलमेट चेक के नाम पर वसूली, बन्ना गुप्ता द्वारा गांधी मैदान घेरने का प्रकरण, साकची कब्रिस्तान गेट कॉलेज की ओर से खोलने के प्रकरण का पुरजोर विरोध किया गया।
11) साथी रामनवमी में जिस प्रकार प्रशासनिक तानाशाही और तुष्टीकरण का विरोध अभय सिंह ने किया उससे हम पर पुलिसिया एक्शन की तलवार लटक रही थी, किन्तु जिस प्रकार राजनीतिक और प्रशासनिक षड्यंत्रकारी अब पूरे परिवार को घेर रहा है क्या इसे उचित ठहराया जा सकता है ?
12) एसएसपी ही दोषी है, शांति भंग प्रायोजित किया बन्ना गुप्ता के साठगांठ से , जाँच हो।
13) जो मामले बिल्डर और अभय सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह के साथ चल रहा है उसको एसएसपी द्वारा गुमराह में रखी हुई है। इसका प्रमुख कारण जो मामले कोर्ट में चल रहे हैं वैसे मामले में भी अनावश्यक जबरन मनगढ़ंत नौटंकी ढंग से बिल्डर के पार्टनर से केस करवाना और उसको साफ झूठा साबित करके थाना में काउंटर हो जाता है तो दूसरे दिन बिल्डर के पार्टनर मोहम्मद सागिर के द्वारा दूसरे थाना में केस करवाना जिससे की छवि धूमिल हो। हो सकता है कि अभय सिंह को बेल हो जाए लेकिन इतने केस उनके ऊपर हो जाए जिससे की प्रोसेस के तहत उनको बाहर आने में महीनों लग जाये। जमशेदपुर के एसएसपी एक सोची समझी राजनीति के तहत दुर्भावना से प्रेरित होकर, कानून को ताक में रखकर, विश्व अस्मिता को ताक में रखकर, अभय सिंह से बदले की भावना किसके कहने पर ले रहे हैं यह समझ से परे है। अगर अभय सिंह दंगे में लिप्त है तो पुलिस सिर्फ एक सबूत जनता के सामने पेश कर दिखाए।

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