एक नई सोच, एक नई धारा

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आरबीआई का बड़ा फैसला, 30 सितम्बर तक वैध रहेंगे 2000 के नोट

आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंकनोट जारी करना बंद करें। हालांकि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे।

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सर कटी लाश मिली पाइपलाइन में, उसी का पानी पी रहे थे लोग, जाने पूरी खबर

गुजरात : गुजरात के पाटन जिले में एक हैरान करने वाली घटना इन दिनों सुर्खियों मे है। यहां पानी की पाइप लाइन में इंसानी शव के टुकड़े मिले। बुरी तरह से सड़ चुके शव का सिर वाला हिस्सा और पैर का हिस्सा गायब है। इलाके के घरों में कुछ दिनों से बदबू वाला पानी आने की शिकायत किए थे। दो दिन से पानी आना बंद हो गया था। शिकायत के बाद जब जल विभाग की टीम ने जांच की तो पानी की पाइप लाइन में शव को फसा देख हर कोई हैरान था।

पिछले 6 दिनों से पानी की सप्लाई को लेकर लोग परेशान चल रहे थे। शहर के पूर्वी इलाके में बीते चार दिन से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। रोज-रोज गंदे पानी की सप्लाई के कारण रहवासी बहुत परेशान हो गए थे। बीते दो दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। जिसकी शिकायत जल निगम को किए गई थी उसके बाद विभाग ने पाइपलाइन को साफ करने का निर्णय लिया था।

जब पाइप लाइन को काटा गया तो टीम ने देखा कि उसमें इंसानी शरीर के टुकड़े मौजूद हैं। शरीर का धड़ वाला हिस्सा पाइप लाइन में फंसा हुआ था और सिर वाला भाग गायब था। जिसे देख अधिकारियों के होश उड़ गए और पुलिस को तुरंत इसकी सुचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव के टुकड़ों को बाहर निकाला और पोस्ट मार्टम के लिए मर्चुरी भिजवाया।

मामले पर एसपी का कहना है कि पानी की पाइप लाइन के अंदर से शव के टुकड़े मिले हैं। फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है कि शव पाइप लाइन में कैसे आया। पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी ने किसी की हत्या करके शव को ओवरहेड टंकी में तो नहीं फेंक दिया हो। फिलहाल जांच जारी है।

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कानून मंत्री के पद से हटे किरेन रिजिजू , मेघवाल को सौंपा गया जिम्मा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में बदलाव का दौर शुरू होता नजर आ रहा है। खबर है कि केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को हटा दिया गया है। उन्होंने अर्थ साइंस मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। सरकार ने कानून मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार अर्जुन राम मेघवाल को सौंपा है।
खबर है कि केंद्र सरकार में मंत्रियों की समीक्षा का दौर जारी है और मंत्रालयों के कामों की रिपोर्ट तलब की गई थी। इसके बाद ही सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया है। हालांकि, अब तक अन्य मंत्रालयों के संबंध में जानकारी साफ नहीं है।

मेघवाल को कानून मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपने के तार राजस्थान विधानसभा चुनाव से भी जोड़े जा रहे हैं। वहीं, रिजिजू का भी मानना है कि यह फेरबदल चुनाव के चलते हुआ है। साल के अंत तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानभा चुनाव होने हैं। वहीं, 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं।

बीते कुछ समय में सरकार और न्यायपालिका के बीच तनातनी देखने को मिल रही थी। हालांकि, फरवरी में उन्होंने साफ कर दिया था कि देश में कोई भी ‘सरकार बनाम न्यायपालिका’ नहीं चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट भी जजों के नाम पर मंजूरी में देरी को लेकर कई बार केंद्र सरकार से सवाल पूछ चुका था। शीर्ष न्यायालय ने देरी के मुद्दे को ‘बेहद गंभीर’ बताया था।
एक भाजपा नेता ने जानकारी दी कि रिजिजू को हटाने की एक वजह न्यायपालिका और सरकार के बीच टकराव भी रही है। जनवरी में उन्होंने कहा था कि जज न्याय करने के बजाए आधा समय इसमें निकाल देते हैं कि किसी जज के तौर पर नियुक्त किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि न्यायाधीशों को चुनाव नहीं लड़ना पड़ता। उनके इसी तरह के बयानों के चलते बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।

साल 2023 की शुरुआत से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी कैबिनेट में मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर फेरबदल कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा था कि पीएम मोदी ने संकेत दिए थे कि ‘बदलाव करने’ का समय आ गया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा था कि खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को हटाने के साथ-साथ राज्यों में स्टार प्रचारक रहे कुछ सांसदों को जगह मिल सकती है।

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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता का निधन, शिवपाल ने जताया शोक

लखनऊ : श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद केस में बाबरी मस्जिद की ओर से पक्ष रखने वाले सीनियर वकील जफरयाब जिलानी का बुधवार को निधन हो गया। जफरयाब जिलानी पिछले दो सालों से बीमार चल रहे थे। वे यूरीन की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने लखनऊ के निशातगंज के अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें यूरीन नहीं आने की समस्या लंबे समय से थी। पिछले दिनों यह समस्या बढ़ गई थी। इसी बीच ब्लड प्रेसर फ्लक्चुएट होने लगा। उनकी मौत हो गई। जिलानी का इलाज मेदांता अस्पताल में भी हुआ था। ब्रेन हैमरेज होने के बाद उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया। जफरयाब जिलानी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव भी थे। हालांकि, उनकी चर्चा बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक के तौर पर काफी होती रही है। वे उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता के तौर पर भी काम कर चुके थे। उन्होंने निशातगंज के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर वकीलों और बाबरी मस्जिद कमेटी की ओर से जुड़े सदस्यों ने शोक जताया है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव और सीनियर वकील जफरयाब जिलानी 73 वर्ष के थे। दो साल पहले मई 2021 में उनको ब्रेन हैमरेज का सामना करना पड़ा था। 20 मई 2021 को यह घटना सामने आई थी। इसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले दिनों यूरीन समस्या से ग्रस्त जिलानी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को सीनियर वकील ने अस्पताल में अंतिम सांस ली।

जफरयाब जिलानी के निधन पर सपा नेता शिवापल यादव ने दुख प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में शिवपाल ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व अपर महाधिवक्ता जनाब जफरयाब जिलानी साहब के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। ईश्वर शोकाकुल परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि।

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समाजवादी पार्टी की ओर से भी पूर्व अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी साहब का इंतकाल पर दुख प्रकट किया गया है। पार्टी ने इसे अपूरणीय क्षति करार दिया। इसके अलावा मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने भी उनके निधन पर दुख प्रकट किया।

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गुरुद्वारे में शराब पी रही महिला की श्रद्धालु ने की हत्या, एक अन्य घायल

पंजाब के पटियाला में गुरुद्वारा में बेअदबी मामले में एक श्रद्धालु ने रविवार रात 10 बजे एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि महिला गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के परिसर में सरोवर के पास शराब पी रही थी। वहीं गोलीबारी में एक सेवादार भी घायल हो गया। आरोपी की पहचान पटियाला निवासी प्रॉपर्टी डीलर निर्मल सिंह सैनी के रूप में हुई है। फिलहाल, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं इस मामले में पटियाला के एसएसपी वरूण शर्मा ने बतयाा कि, मृतक महिला परविंदर कौर (32) सरोवर के पास बैठकर शराब पी रही थी। वह पहले किसी पीजी में रहती थी, लेकिन अब उसका कोई पता नहीं है। यह पता चला है कि महिला अल्कोहल एडिक्ट थी। उसका पटियाला में ही एक डी-एडिक्शन सेंटर में इलाज भी चल रहा था। महिला कल जीरकपुर से बस में बैठकर पटियाला आई थी। वहीं आरोपी ने जिस रिवॉल्वर से गोली मारी है वह लाइसेंसी है। आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर रिवॉल्वर रिकवर कर ली गई है।

दरअसल, महिला परविंदर कौर (32) सरोवर के पास बैठकर शराब पी रही थी, तभी गुरुद्वारे के कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की। वे महिला को गुरुद्वारे के मैनेजर के कमरे में पूछताछ के लिए ले जाने की कोशिश कर रहे थे। तब उसने शराब की बोतल से कर्मचारियों पर हमला किया। सेवादार महिला से पूछताछ कर रहे थे कि तभी आरोपी निर्मलजीत वहां आ गया और उसने फायरिंग शुरू कर दी। निर्मलजीत ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से 5 फायर किए। महिला को तीन गोलियां लगीं, जबकि सेवादार सागर कुमार को भी एक गोली लगी। ऐसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सागर को रजिंद्रा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

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खरगे पर 100 करोड़ का मानहानि केस, बजरंग दल पर गलत बयान देने पर कोर्ट ने भेजा समन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बजरंग दल पर बयान देकर अब फंसते दिख रहे हैं। खरगे को बजरंग दल के मानहानि मामले में समन जारी हुआ है। संगरूर की जिला अदालत के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रमनदीप कौर ने सौ करोड़ रुपये के मानहानि केस में खरगे को समन जारी किया है।

हिंदु सुरक्षा परिषद बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने संगरूर कोर्ट में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ सौ करोड़ रुपये मानहानि की याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना देश विरोधी संगठनों से करते हुए मानहानि की है।
हितेश ने कहा कि खरगे ने एक रैली में कहा था कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने पर बजरंग दल या अन्य देश विरोधी संगठन जो समाज में नफरत फैलने का काम करते हैं पर पाबंदी लगाई जाएगी। इसके विरोध में हितेश भारद्वाज ने संगरूर अदालत में मानहानि का केस दायर किया है।

केस पर सीनियर डिवीजन जज रमनदीप कौर ने मल्लिकार्जुन खरगे को समन जारी करते हुए दस जुलाई 2023 को संगरूर अदालत में तलब किया है। यह जानकारी हितेश भारद्वाज द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को माननीय अदालत ने समन जारी किया है।

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कोच्चि की समुद्री सीमा से पकड़ी गई 12000 करोड़ की हेरोइन, अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी

कोच्चि की समुद्री सीमा में बहुत बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़े गए हैं। ये अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन है जिसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भारतीय नौसेना के साथ जॉइंट अंजाम दिया। NCB और भारतीय नौसेना के ऑपरेशन में 12000 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी है। हेरोइन की इतनी मात्रा अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है।

बता दें कि इससे पहले साल 2021 में जब्त की गई हेरोइन से जुड़े मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ बरामदगी मामले में NIA ने शुक्रवार को ही तीसरी चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि साल 2021 में मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। इस मामले में अब तक कुल 42 व्यक्तियों और सात कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। शुरुआत में यह मामला 13 सितंबर, 2021 को राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की गुजरात स्थित गांधीधाम इकाई द्वारा दर्ज किया गया था। यह खेप कथित तौर पर ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के रास्ते अफगानिस्तान से भारत में तस्करी कर लाई गई थी। एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब के अमृतसर निवासी पंकज वैद्य उर्फ अमित के खिलाफ अहमदाबाद स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।

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फेक विज्ञापनों को लेकर सचिन तेंदुलकर ने साइबर सेल में दर्ज कराई एफआईआर

मुंबई : इंटरनेट पर चल रहे फेक विज्ञापनों में अपने नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल होने से नाराज मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कराया है। सचिन तेंदुलकर द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि उनके नाम, इमेज और आवाज का इस्तेमाल करके लोगों से ठगी की जा रही है। इसके बाद मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने अज्ञात शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,465, और 500 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भारत और पूरी दुनिया में मशहूर हस्तियों ने इसी तरह के मामलों का सामना करना पड़ता है। इंटरनेट पर लोगों को धोखा देने के लिए फर्जी ढंग से बिजनेस को बढ़ाने के लिए उनकी तस्वीरों या आवाज का उपयोग किया जाता है। कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सचिन तेंदुलकर के निजी सहायक को फेसबुक पर एक तेल कंपनी का एक विज्ञापन मिला। जिसने अपने प्रचार के लिए तेंदुलकर की तस्वीर का इस्तेमाल किया। जिसमें कहा गया था कि इस महान क्रिकेटर ने उनके प्रोडक्ट की सिफारिश की है और इसी तरह के विज्ञापन इंस्टाग्राम पर भी पाए गए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस की साइबर सेल द्वारा भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी और आईटी अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी ने अपने प्रोडक्ट के विज्ञापन के लिए सचिन तेंदुलकर की तस्वीर या आवाज का दुरुपयोग किया है या लोगों को ऑनलाइन धोखा दिया है। इससे पहले 2020 में भी तेंदुलकर की टीम ने एक बयान जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि वे उन कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद तेंदुलकर ने विज्ञापनों में उनकी एक फर्जी तस्वीर का इस्तेमाल करने के लिए गोवा में एक कैसीनो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

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“यूपी में बाबा के जलवा बा” – निकाय चुनाव में भगवामय हुआ उत्तर प्रदेश

यूपी निकाय चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। सभी मेयर सीटों पर बीजेपी का कब्जा होता दिख रहा है। सीएम योगी का जलवा यूपी नगर निकाय चुनाव में भी देखने को मिला है। यूपी में 760 शहरी स्थानीय निकायों में 14,864 पदों के लिए उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे शुरू हुई। मतगणना के रुझानों से ही साफ हो गया था कि राज्य के अधिकांश शहरों में बीजेपी आगे चल रही है, जहां मेयर पदों के लिए चुनाव हुए थे। दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर बीजेपी ने 5 शहरों में मेयर का चुनाव जीत लिया था और बाकी सीटों पर भी पार्टी आगे चल रही है। नगर पंचायतों और नगरपालिका वार्डों के चुनावों में भी भाजपा सभी पार्टियों से आगे है।

अभी तक बीजेपी बरेली, अयोध्या, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी में मेयर सीट पर कब्जा जमा चुकी है। बाकी 12 मेयर सीटों पर भी काफी वोटों से आगे चल रही है। बसपा, कांग्रेस और सपा अभी भी शून्य पर अटकी हुई है। इस बीच, 199 नगरपालिकाओं में से 158 से उपलब्ध रुझानों से पता चलता है कि भाजपा 65 पर, सपा 53 पर, बसपा 21 पर, कांग्रेस नौ पर और अन्य 10 सीटों पर आगे है। नगर पंचायत चुनाव में कुल 544 पदों में से 305 सीटों के रुझान बताते हैं कि बीजेपी 128 पर आगे चल रही है।

यूपी में स्थानीय निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए लोकप्रियता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। जिसमें सीएम योगी और उनकी सरकार बिलकुल खड़ी उतरी है। यूपी निकाय चुनाव में योगी लहर में सभी विपक्षी पार्टियों का सुपड़ा साफ हो गया है। राजनीतिक दलों में, सत्तारूढ़ भाजपा ने सबसे अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उसके बाद समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) हैं। 4 और 11 मई को दो चरणों में हुए यूपी नगरपालिका चुनावों में नगर निगमों के लिए 1,420 नगरसेवकों और नगर पंचायतों के लिए 5,327 सदस्यों और नगर पालिका परिषदों के लिए 7,177 सदस्यों का चुनाव होना था। इसके लिए कुल 4.32 करोड़ मतदाता वोटिंग के पात्र थे। पहले चरण में जहां 52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, वहीं दूसरे चरण के मतदान में 50 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई।

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कांग्रेस ने ‘ऑपरेशन लोटस’ से बचने के लिए शुरू किया अभियान, बुक किए 10 चार्टर्ड

कर्नाटक में आज विधानसभा चुनाव के बाद मतों की गणना चल रही है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है जबकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आती नजर आ रही है।

इस बीच सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने 10 चार्टर्ड फ्लाइट को बुक किया है। यह चार्टर पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को बचाने के लिए बुक किए गए हैं।

जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसके अनुसार कांग्रेस किसी भी तरह से भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस को सफल नहीं होने देना चाहती है। भाजपा के ऑपरेशन लोटस को विफल करने के लिए कांग्रेस ने पहले से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

दरअसल जेडीएस प्रदेश में किंग मेकर की भूमिका में उभरती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस और भाजपा को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। लिहाजा कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में फिर से रिजॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो सकती है।

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार प्रदेश की स्थिति को साधने में जुट गए हैं। गौर करने वाली बात है कि प्रदेश में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं, लिहाजा किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 113 सीटों पर जीत दर्ज करने की जरूरत है।

दरअसल कई राज्यों में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी से आगे रहने के बाद भी सरकार बनाने में विफल रही, जिसकी वजह से कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ा। पार्टी पर आरोप लगा कि भाजपा की तुलना में कांग्रेस पार्टी सुस्त रहती है, जिसकी वजह से वह सत्ता से दूर रह जाती है। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस किसी भी तरह की गलती नहीं करना चाहती है।

कांग्रेस के लिए कर्नाटक काफी अहम राज्य है। अगर पार्टी यहां जीत दर्ज करती है तो आने वाले समय में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव काफी अहम हो सकते हैं।

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