रांची: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी रांची की सड़कों पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में कांग्रेस और झामुमो विरोधी तख्तियां लिए हजारों की संख्या में महिलाओं ने मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘आक्रोश मार्च’ निकाला।
मंच पर नारी शक्ति, नीचे बैठे दिग्गज
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जहां मंच पर केवल राज्य भर की महिला नेत्रियां ही आसीन थीं, वहीं राज्य के तमाम दिग्गज नेता मंच के नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठे नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और पूर्व अध्यक्ष पीएम सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नीचे बैठकर महिला वक्ताओं का संबोधन सुना।
पद्मश्री हस्तियों ने भरी हुंकार
मंच से पद्मश्री छुटकी महतो और जमुना टुडू ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के सवाल पर कांग्रेस गठबंधन को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में कांग्रेस ने रोड़ा अटकाया है।
प्रमुख संबोधन और आरोप:
- आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष): “मोदी सरकार महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस को महिलाओं का मजबूत होना रास नहीं आया। अब जब कांग्रेस नेता गांवों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे इस धोखे का हिसाब मांगेंगी।”
- बाबूलाल मरांडी: “यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को सशक्त करने का जो अभियान चलाया है, भाजपा उसे रुकने नहीं देगी।”
- साबो महतो (कार्यकर्ता): “कांग्रेस और झामुमो ‘मंइयां सम्मान’ का महज दिखावा करते हैं। असल में वे महिला विरोधी हैं।”

धूप और उमस के बीच दिखा उत्साह
कड़ी धूप के बावजूद रांची के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वयं घूम-घूमकर कार्यकर्ताओं का हालचाल लेते और उनके लिए सत्तू-शरबत की व्यवस्था देखते नजर आए। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब मंडल स्तर तक जाएगा ताकि कांग्रेस गठबंधन को बेनकाब किया जा सके।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











