मैनपुरी/नई दिल्ली: खाड़ी देशों के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत में तेल के आयात और रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट के बीच भारतीय नौसेना और मर्चेंट नेवी के जांबाज अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत के लिए राहत की राह खोल दी है।
मौत के साये में सफर: बिना रडार और GPS के पहुँचा जहाज
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरनाक रास्ते से होते हुए चीफ इंजीनियर हरिओम यादव की देखरेख में 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर भारतीय जहाज सुरक्षित बंदरगाह पहुंच गया है। नवीगंज (बेवर) निवासी हरिओम यादव और कैप्टन अजीत यादव ने युद्ध के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि वहां स्थिति बेहद नाजुक है।
- मिसाइल हमलों का खतरा: सुरक्षा कारणों से जहाज के रडार और जीपीएस ट्रैकर बंद रखने पड़े।
- सिर्फ 30 सेकंड का सिग्नल: लोकेशन भेजने के लिए मात्र कुछ सेकंड के लिए सिग्नल ऑन किया जाता था, क्योंकि 30 सेकंड से ज्यादा सिग्नल रहने पर मिसाइल हमले का डर बना रहता था।
- भारतीय तिरंगे का गौरव: खुले समुद्र में भारतीय झंडे के साथ सिर्फ नेविगेशन के सहारे रास्ता तलाश कर 26 क्रू मेंबर्स की टीम ने इस मिशन को पूरा किया।
ईरान ने दिया भारत को विशेष रास्ता
जंग के कारण जहां अन्य देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद हैं, वहीं भारत के साथ बेहतर संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की विशेष अनुमति दी है। अब तक ऐसे पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में ईंधन की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत होगी दूर
पिछले 10 दिनों से बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही थी। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने राहत देते हुए सभी एजेंसियों को 20-20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की खेप रिलीज करने का आदेश दे दिया है। सोमवार शाम या मंगलवार दोपहर तक यह खेप एजेंसियों तक पहुंच जाएगी, जिससे व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
- तेल की खेप: 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल भारत पहुँचा।
- मिशन की तारीख: 14 मार्च को जहाज बंदरगाह पहुँचा, 19 मार्च को खाली हुआ।
- रणनीति: रडार/GPS बंद रखकर केवल सैटेलाइट और नेविगेशन का सहारा लिया गया।
- राहत: कमर्शियल सिलेंडर की 20% आपूर्ति को सरकार ने दी हरी झंडी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़










