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खाड़ी में छिड़ी जंग के बीच भारतीय नौसेना की बड़ी कामयाबी: ईरान से पहुंचा 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल, अब दूर होगी गैस की किल्लत

मैनपुरी/नई दिल्ली: खाड़ी देशों के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत में तेल के आयात और रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट के बीच भारतीय नौसेना और मर्चेंट नेवी के जांबाज अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत के लिए राहत की राह खोल दी है।n705590814177426079276923d37b0fa95caa403bb08b21745eb91ca42a4b4c001fd94b3fce360920c93491

मौत के साये में सफर: बिना रडार और GPS के पहुँचा जहाज

​होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरनाक रास्ते से होते हुए चीफ इंजीनियर हरिओम यादव की देखरेख में 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर भारतीय जहाज सुरक्षित बंदरगाह पहुंच गया है। नवीगंज (बेवर) निवासी हरिओम यादव और कैप्टन अजीत यादव ने युद्ध के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि वहां स्थिति बेहद नाजुक है।

ईरान ने दिया भारत को विशेष रास्ता

​जंग के कारण जहां अन्य देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद हैं, वहीं भारत के साथ बेहतर संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की विशेष अनुमति दी है। अब तक ऐसे पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में ईंधन की किल्लत कम होने की उम्मीद है।

कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत होगी दूर

​पिछले 10 दिनों से बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही थी। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने राहत देते हुए सभी एजेंसियों को 20-20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की खेप रिलीज करने का आदेश दे दिया है। सोमवार शाम या मंगलवार दोपहर तक यह खेप एजेंसियों तक पहुंच जाएगी, जिससे व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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