बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिंड्राजोरा थाना के कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक ही थाने के इतने बड़े पैमाने पर कर्मियों के निलंबन से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पिछले साल 24 जुलाई 2025 का है, जब पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक 18 वर्षीय युवती के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने पुलिस पर शुरू से ही जांच में सुस्ती बरतने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई SIT (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही की पुष्टि हुई है।
SIT जांच में खुली पोल: नियमों की जमकर हुई अनदेखी
विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि:
- जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।
- केस डायरी और अनुसंधान की प्रक्रियाओं में गंभीर नियमों का उल्लंघन पाया गया।
- अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय कर्तव्य में कोताही बरती गई।
पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्रवाई
SIT की रिपोर्ट के आधार पर बोकारो एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और जवानों को दोषी माना। जारी आदेश के तहत पिंड्राजोरा थाने के 28 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले के अन्य थानों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग में मचा हड़कंप
एक साथ 28 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज ने जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। फिलहाल, पिंड्राजोरा थाने में कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए नए कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को पुलिस की कार्यशैली में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़









