जमशेदपुर, 30 जनवरी: लौहनगरी के चर्चित उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों से इस कांड में शामिल 6 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें तीन अपराधी घायल हो गए हैं।

बिहार से हुई गिरफ्तारियां, एनकाउंटर में घायल हुए अपराधी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी बिहार के अलग-अलग जिलों से की गई है। कल देर शाम जब पुलिस टीम गिरफ्तार अपराधियों को लेकर हथियार बरामद करने गई थी, तब तीन अपराधियों ने पुलिस का हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिससे तीन अपराधी घायल हो गए। घायलों का इलाज फिलहाल एमजीएम (MGM) अस्पताल में चल रहा है।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद की है:
- वाहन: अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो गाड़ी।
- हथियार: दो देशी कट्टा और जिंदा गोलियां।
- गिरफ्तारी: कुल 6 शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में।
क्या था मामला?
उद्यमी पुत्र कैरव गांधी का अपहरण कदमा के लिंक रोड से स्कार्पियो सवार अपराधियों ने किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की DGP तदासा मिश्रा ने खुद जमशेदपुर का दौरा कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे।
SSP के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में 6 स्पेशल टीमें बनाई गई थीं, जो बिहार, बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस के बढ़ते दबाव (दबिश) को देखते हुए अपहरणकर्ता कैरव को बिहार-झारखंड बॉर्डर के पास छोड़कर भाग गए थे। 13 दिनों के बाद पुलिस ने कैरव को बिहार के नालंदा जिले के हाईवे से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा था।
एसएसपी का बयान
एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि पुलिस टीम लगातार अपराधियों के पीछे लगी हुई थी। सभी गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।










