रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कथित शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मरांडी ने सोशल मीडिया (X) पर सिलसिलेवार हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में जांच के नाम पर “घोटाले में भी घोटाला” चल रहा है और एसीबी अब एक स्वतंत्र एजेंसी के बजाय ‘वसूली एजेंट’ की तरह काम कर रही है।

मरांडी के आरोपों के मुख्य बिंदु:
बाबूलाल मरांडी ने एसीबी की कार्यशैली पर तीन गंभीर आरोप जड़े हैं:
- ‘रेट’ तय करने के लिए गिरफ्तारी: मरांडी का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी का मकसद न्याय दिलाना नहीं, बल्कि उनके मन में डर पैदा कर सौदेबाजी (डील) का ‘रेट’ तय करना है।
- चार्जशीट में जानबूझकर देरी: उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही पर्दे के पीछे से पैसे पहुंच जाते हैं, एसीबी जानबूझकर समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करती। इसका उद्देश्य ‘बड़ी मछलियों’ (प्रभावशाली आरोपियों) को अदालत से आसानी से डिफ़ॉल्ट जमानत (Bail) दिलाने का रास्ता साफ करना है।
- केंद्रीय एजेंसी की मांग: मरांडी ने साफ तौर पर कहा कि अब इस मामले की निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसियां (ED/CBI) ही कर सकती हैं, क्योंकि राज्य की एजेंसियां सत्ता के दबाव में खेल कर रही हैं।
- भाजपा का रुख: भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार अपनी पसंदीदा एजेंसियों के माध्यम से भ्रष्टाचार की परतों को ढंकने की कोशिश कर रही है।
- सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संवैधानिक संस्थाओं की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया है।










