एक नई सोच, एक नई धारा

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घाटशिला: साख फाउंडेशन ने जांबाद में ग्रामीणों को सिखाए वित्तीय प्रबंधन के गुर, डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति किया सचेत

घाटशिला: ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त और जागरूक बनाने के उद्देश्य से ‘साख फाउंडेशन’ द्वारा शुक्रवार को घाटशिला प्रखंड के जांबाद गांव में एक वित्तीय साक्षरता बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं और सुरक्षित निवेश की विस्तृत जानकारी दी गई।

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बैठक में विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता साख फाउंडेशन के सीएफ इन-चार्ज (CF In-charge) हितेश्वर पॉल ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन की बारीकियों को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि कैसे एक आम ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकता है और बैंकिंग सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकता है।

जागरूकता अभियान के 4 प्रमुख स्तंभ

​बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की गई:

  1. नियमित बचत की आदत: ग्रामीणों को बताया गया कि भविष्य की आकस्मिक जरूरतों के लिए छोटी-छोटी बचत करना क्यों अनिवार्य है।
  2. सरकारी योजनाओं का लाभ: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण बीमा योजनाओं (जैसे PMJJBY, PMSBY) और पेंशन योजनाओं (APY) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
  3. साइबर सुरक्षा और फ्रॉड से बचाव: वर्तमान में बढ़ रहे डिजिटल फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए ‘अनजान कॉल या लिंक’ पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।
  4. स्वरोजगार हेतु ऋण: ग्रामीणों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करने की सही प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया गया।
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बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति: ग्राम प्रधान

​मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान प्रफुल्ल गोप ने साख फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “ऐसे कार्यक्रमों से हमारे ग्रामीण आर्थिक रूप से जागरूक होंगे। जब ग्रामीणों को बैंकिंग प्रक्रिया का खुद पता होगा, तो वे बिचौलियों के चंगुल में फंसने से बच सकेंगे।”

युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी

​इस बैठक में न केवल बुजुर्ग बल्कि गांव के युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों के वित्तीय शंकाओं का समाधान भी किया गया। बैठक में गांव के कई गणमान्य व्यक्ति और जागरूक युवा उपस्थित थे, जिन्होंने इस अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

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बोकारो: गुरुकुल पब्लिक स्कूल में भीषण आगजनी; 3 बसें और मैजिक वाहन स्वाहा, 1.80 करोड़ का नुकसान

पिंड्राजोरा (बोकारो): जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमतल काशीझरिया स्थित गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बीती रात असामाजिक तत्वों ने तांडव मचाया। देर रात करीब 10:30 बजे स्कूल परिसर में खड़ी तीन बड़ी स्कूल बसों और एक टाटा मैजिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। इस सुनियोजित घटना में स्कूल की लगभग 1.80 करोड़ रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है।

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साजिश के तहत वारदात: बाहर से बंद कर दिया कमरा

​घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने न केवल आग लगाई, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि कोई बचाव न कर सके। वारदात के समय स्कूल स्टाफ और चौकीदार परिसर में ही सो रहे थे। चौकीदार के अनुसार, जब उसने संदिग्ध आवाजें सुनीं और बाहर झांका, तो वाहन धू-धू कर जल रहे थे। जब उसने बाहर निकलने की कोशिश की, तो पता चला कि उसका कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था। बाद में हॉस्टल के बच्चों ने शोर सुनकर दरवाजा खोला।

CCTV के तार काटे, सबूत मिटाने की कोशिश

​स्कूल के निदेशक गोपाल कृष्ण पांडेय ने इस घटना को एक गहरी साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगजनी से पहले अपराधियों ने CCTV कैमरों के तार काट दिए थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इससे यह साफ जाहिर होता है कि अपराधी क्षेत्र और स्कूल के सुरक्षा इंतजामों से पूरी तरह वाकिफ थे।

पुलिस का बयान: “भीतरी सूत्र का हो सकता है हाथ”

​सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि वाहनों को बचाया नहीं जा सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीपीओ (SDPO) प्रवीण कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया।

एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा, “शुरुआती जांच में यह चोरी का मामला नहीं लग रहा है क्योंकि कोई सामान गायब नहीं है। जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे संकेत मिलते हैं कि इसमें स्कूल से जुड़े किसी जानकार व्यक्ति का हाथ हो सकता है। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से तहकीकात कर रही है।”

दहशत में स्कूल प्रबंधन और अभिभावक

​इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। शिक्षा संस्थान जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की आगजनी ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रबंधन ने जिला प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।

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बारीडीह में सरस्वती पूजा की धूम: न्यू सन मून स्टार क्लब के पंडाल का भव्य उद्घाटन

जमशेदपुर: विद्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना को लेकर लौहनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में न्यू बारीडीह स्थित न्यू सन मून स्टार क्लब द्वारा आयोजित सरस्वती पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।

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विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

​गुरुवार, 22 जनवरी की शाम आयोजित इस समारोह में कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से:

  • बलबीर मंडल: जिला अध्यक्ष, हिंदू जागरण मंच।
  • पीयूष ठाकुर: संस्थापक, ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति)।
  • बिकाश डे: अध्यक्ष, ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति)।

​अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर पंडाल का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला। इस अवसर पर युवाशक्ति के कई अन्य सदस्य और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

समाजसेविका और खेल जगत से जुड़ी हस्तियों के यहाँ भी गूंजे मंत्र

​पूजा के दूसरे दिन यानी शुक्रवार, 23 जनवरी को भी भक्ति का सिलसिला जारी रहा। ‘सेवा ही लक्ष्य’ के संस्थापक पीयूष ठाकुर अपने साथियों के साथ शहर के विभिन्न पूजा आयोजनों में शामिल हुए:

  • रीना सिंह के निवास पर: प्रसिद्ध समाजसेविका रीना सिंह के आवास पर आयोजित सरस्वती पूजा में शामिल होकर उन्होंने माता का आशीर्वाद लिया।
  • झारखंड मार्शल आर्ट्स के संस्थापक के यहाँ: इसके पश्चात, झारखंड मार्शल आर्ट्स के संस्थापक श्री सुनील प्रसाद के निवास पर आयोजित पूजा में पीयूष ठाकुर और उनकी टीम ने हिस्सा लिया।

“पढ़ाई के साथ खेल भी है जरूरी”

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​पूजा के दौरान बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए पीयूष ठाकुर ने सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

​”विद्या केवल किताबों तक सीमित नहीं है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों (Extra-curricular activities) में शामिल होना भी बेहद जरूरी है।”

भक्तिमय रहा माहौल

​बारीडीह और आसपास के क्षेत्रों में समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं, जहाँ सुबह से ही छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। पूजा अर्चना के साथ-साथ प्रसाद वितरण का कार्य भी जोरों पर है।

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भारतीय रेलवे का क्रांतिकारी कदम: अब स्टेशनों पर सुरक्षा संभालेगा ‘ह्यूमनॉइड रोबोट ASC अर्जुन’

विशाखापत्तनम: भारतीय रेलवे ने आधुनिकीकरण और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर देश का पहला हाई-टेक ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ASC अर्जुन’ तैनात किया है। यह भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली पहल है, जहाँ एक रोबोट न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि यात्रियों की मदद भी करेगा।

स्वदेशी तकनीक का कमाल: विशाखापत्तनम में ही हुआ निर्माण

​’ASC अर्जुन’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। आरपीएफ के आईजी (IG) आलोक बोहरा और डीआरएम (DRM) ललित बोहरा ने इस रोबोट का अनावरण किया। सीनियर डिवीजन सिक्योरिटी कमिश्नर एके दुबे के नेतृत्व में एक टीम ने पिछले एक साल से अधिक समय की मेहनत के बाद इसे डिजाइन और डेवलप किया है।

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क्यों खास है ‘ASC अर्जुन’? (प्रमुख विशेषताएं)

1. फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने की क्षमता):

यह रोबोट उन्नत फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस है। यह स्टेशन पर मौजूद किसी भी अपराधी, घुसपैठिए या संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान कर सकता है। पहचान होते ही यह सीधे आरपीएफ कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा।

2. AI तकनीक से क्राउड मैनेजमेंट:

इसमें लगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक प्लेटफॉर्म पर भीड़ के घनत्व का विश्लेषण करती है। यदि भीड़ अनियंत्रित होती है, तो यह तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचना देता है।

3. आग और धुएं की पहचान:

सुरक्षा के लिहाज से इसमें फायर और स्मोक डिटेक्टर लगे हैं। स्टेशन परिसर में कहीं भी धुआं या आग दिखने पर यह तुरंत चेतावनी जारी करता है।

4. त्रिभाषी मददगार (Hindi, English, Telugu):

यात्रियों की सुविधा के लिए यह रोबोट हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु में बात कर सकता है। यह न केवल यात्रियों के सवालों के जवाब देता है, बल्कि सुरक्षा निर्देश भी जारी करता है।

यात्रियों के प्रति ‘संस्कारी’ व्यवहार

​सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, ‘ASC अर्जुन’ व्यवहार में भी कुशल है। यह यात्रियों को ‘नमस्ते’ करता है और वरिष्ठ आरपीएफ अधिकारियों को सैल्यूट भी करता है। यह बिना किसी बाधा के स्टेशन पर 24 घंटे स्वायत्त (Autonomous) रूप से गश्त (Patrol) करने में सक्षम है।

आरपीएफ के आईजी आलोक बोहरा के अनुसार, यह रेलवे सुरक्षा को अभेद्य बनाने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। आने वाले समय में ऐसे रोबोट देश के अन्य बड़े स्टेशनों पर भी देखे जा सकते हैं।

एक नजर में ‘ASC अर्जुन’ की खूबियां

फीचरविवरण
नामASC अर्जुन
तकनीकAI, फेशियल रिकग्निशन, स्मोक डिटेक्टर
भाषाएंहिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु
मुख्य कार्यसंदिग्ध की पहचान, भीड़ नियंत्रण, यात्री सहायता
ऑपरेशन24×7 स्वायत्त गश्त (Patrol)
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जमशेदपुर: 27 जनवरी की बैंक हड़ताल को लेकर एकजुट हुए बैंक कर्मी, बिष्टुपुर में रैली निकाल भरी हुंकार

जमशेदपुर: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी संघों द्वारा 27 जनवरी को घोषित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी जमशेदपुर में तेज हो गई है। गुरुवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) जमशेदपुर सर्कल के सभी घटक दलों के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए इस हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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रैली और जनसभा का आयोजन

​हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मियों ने शहर के व्यस्त इलाके बिष्टुपुर में एक विशाल रैली निकाली। रैली का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों को लामबंद करना और आम जनता को अपनी मांगों से अवगत कराना था। रैली के बाद बिष्टुपुर स्थित एसबीआई (SBI) मुख्य शाखा के पास एक सभा का आयोजन किया गया।

नेताओं ने किया संबोधित

​सभा के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रबंधन की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से निम्नलिखित कामरेड शामिल हुए:

  • ​सपन कुमार अदक, सत्यजीत गिरि, स्वीटी कुजूर।
  • ​दीपक कुमार, प्याली चक्रवर्ती, दिव्यांशु, कुलकांत।
  • ​रोशन, संजीव रेड्डी, राजीव दास, पी पांडेय, प्रेम और प्रबाल टोपनो।

हड़ताल का असर

​वक्ताओं ने कहा कि 27 जनवरी की हड़ताल ऐतिहासिक होगी और जमशेदपुर सर्कल के सभी बैंक कर्मी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

नोट: 27 जनवरी को बैंक बंद रहने के कारण चेक क्लियरिंग, कैश ट्रांजैक्शन और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी काम समय रहते निपटा लें।

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रेलवे का बड़ा फैसला: भीड़ कम करने के लिए इतवारी और शालिमार के बीच चलेगी स्पेशल एक्सप्रेस, टाटानगर में भी होगा ठहराव

जमशेदपुर/कोलकाता: ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्टेशनों पर हो रही भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने इतवारी (NITR) – शालिमार – इतवारी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित होगी जो नागपुर और कोलकाता रूट पर यात्रा करते हैं।

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ट्रेन का पूरा शेड्यूल और संचालन अवधि

​रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, यह ट्रेन सीमित समय के लिए चलाई जा रही है:

  • इतवारी से शालिमार: यह स्पेशल ट्रेन 26 जनवरी से 9 फरवरी तक हर सोमवार को इतवारी से रवाना होगी।
  • शालिमार से इतवारी: वापसी की दिशा में, यह ट्रेन 27 जनवरी से 10 फरवरी तक हर मंगलवार को शालिमार से इतवारी के लिए चलेगी।

टाटानगर के यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

​इस स्पेशल ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह टाटानगर स्टेशन पर भी रुकेगी। इससे जमशेदपुर और आसपास के यात्रियों को न केवल हावड़ा/शालिमार जाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, बल्कि नागपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी टिकटों की लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी।

यात्री ध्यान दें: रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे इस स्पेशल ट्रेन के समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या स्टेशन पूछताछ काउंटर से संपर्क करें ताकि उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो।

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हजारीबाग: परीक्षा दिलाने जा रहे दंपत्ति को सवारी गाड़ी ने मारी टक्कर, इकलौते बेटे की मौत, पत्नी रिम्स रेफर

हजारीबाग: जिले के दारू थाना क्षेत्र के हरली कॉलेज के पास गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि उसकी पत्नी जीवन और मौत के बीच जूझ रही है। मृतक की पहचान टाटीझरिया के टटगांवा निवासी अरुण कुमार (पिता- रामचंद्र महतो) के रूप में हुई है।

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परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही टूटा खुशियों का संसार

​जानकारी के अनुसार, अरुण कुमार गुरुवार दोपहर अपनी मोटरसाइकिल (JH-02PH-8060) से अपनी पत्नी को सेमेस्टर-4 की परीक्षा दिलाने हजारीबाग ले जा रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे झुमरा हरली कॉलेज मोड़ के पास एक अनियंत्रित सवारी गाड़ी (JH 02S 6919) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पति-पत्नी दोनों सड़क पर गिरकर अचेत हो गए।

समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस, निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल

​हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। एम्बुलेंस को फोन किया गया, लेकिन आने में देरी होने पर राहगीरों ने सक्रियता दिखाई और एक निजी वाहन की मदद से दोनों घायलों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया। इलाज के दौरान अरुण कुमार ने दम तोड़ दिया, वहीं उनकी पत्नी की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया है।

चार बहनों का इकलौता भाई था अरुण

​इस घटना ने पूरे टटगांवा गांव को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि अरुण अपनी चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी शादी अभी पिछले साल जुलाई 2025 में ही हजारीबाग के सरोनी में हुई थी। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं।

ड्राइवर गाड़ी छोड़कर हुआ फरार

​हादसे के तुरंत बाद सवारी गाड़ी का चालक मौके का फायदा उठाकर वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दारू थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

शोक की लहर: मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने को लेकर आक्रोशित दिखे।

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T20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश का बड़ा फैसला, टूर्नामेंट के बहिष्कार का किया एलान; क्रिकेट जगत में मचा हड़कंप

नई दिल्ली: क्रिकेट जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का आधिकारिक फैसला ले लिया है। आईसीसी (ICC) द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बावजूद बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा रहा, जिसके बाद अब इस मेगा इवेंट में उनके खेलने पर पूर्ण विराम लग गया है।

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क्या है पूरा विवाद?

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की। हालांकि, आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया था कि न तो वेन्यू बदला जाएगा और न ही ग्रुप में कोई बदलाव होगा। दिलचस्प बात यह है कि बहिष्कार का यह फैसला तब आया जब आईपीएल टीम केकेआर (KKR) ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिज़ुर रहमान को रिलीज किया।

दिग्गजों की प्रतिक्रिया: किसने क्या कहा?

​बांग्लादेश के इस कड़े फैसले के बाद क्रिकेट गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:

1. आकाश चोपड़ा: “वर्ल्ड कप को नहीं, बांग्लादेश को होगा नुकसान”

​पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बांग्लादेश की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “मुस्ताफिज़ुर के रिलीज होते ही अगले दिन बीसीबी को सुरक्षा की याद कैसे आ गई? अगर बांग्लादेश नहीं खेलता है, तो उनकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिलेगा। बांग्लादेश को सोचना चाहिए कि उनके न होने से वर्ल्ड कप को फर्क पड़ेगा या उनके खुद के क्रिकेट के अस्तित्व को।”

2. अतुल वासन: “जुर्माना और प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहें”

​अतुल वासन ने इसे बांग्लादेश की बचकानी हरकत करार दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें अंदाजा नहीं है कि वे अपना कितना बड़ा वित्तीय नुकसान कर रहे हैं। मैच फीस तो जाएगी ही, साथ ही आईसीसी उन पर भारी जुर्माना और कड़े प्रतिबंध भी लगा सकता है।”

3. मदन लाल: “पाकिस्तान के उकसावे में आया बांग्लादेश”

​पूर्व दिग्गज मदन लाल ने संकेत दिया कि इस फैसले के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा, “वोटिंग के दौरान सिर्फ पाकिस्तान ही बांग्लादेश के साथ था। सुरक्षा तो महज एक बहाना है, स्टेडियमों में अभेद्य सुरक्षा होती है। अगर बांग्लादेश नहीं खेलता है, तो स्कॉटलैंड की एंट्री पक्की है।”

4. राशिद लतीफ: “पाकिस्तान को भी साथ छोड़ देना चाहिए”

​वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर राशिद लतीफ ने एक विवादित बयान देते हुए कहा, “पाकिस्तान को बांग्लादेश के साथ खड़े होकर वर्ल्ड कप का बहिष्कार करना चाहिए। स्टैंड लेने के लिए बड़े दिल की जरूरत होती है।” हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पहले ही साफ कर चुका है कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा क्योंकि उनके सभी मैच श्रीलंका में होने हैं।

अब आगे क्या?

  • स्कॉटलैंड की लॉटरी: बांग्लादेश के हटने की स्थिति में स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रा में शामिल किया जा सकता है।
  • ICC की कार्रवाई: आईसीसी जल्द ही बीसीबी पर भारी वित्तीय दंड या भविष्य के टूर्नामेंट्स से निलंबन की घोषणा कर सकता है।
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भारत में जनगणना का आगाज़: अब केवल सिर नहीं, आपकी जीवनशैली भी गिनी जाएगी

नई दिल्ली: देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना (Census) की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस बार की जनगणना पिछले दशकों के मुकाबले काफी अलग और विस्तृत होगी। गृह मंत्रालय द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी जब आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे, तो वे केवल परिवार के सदस्यों की संख्या नहीं पूछेंगे, बल्कि आपकी जीवनशैली से जुड़े 33 महत्वपूर्ण सवालों की एक सूची लेकर आएंगे।

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डिजिटल और लाइफस्टाइल पर विशेष जोर

​इस बार सरकार का ध्यान इस बात पर है कि भारतीय परिवारों के पास सुविधाओं का स्तर क्या है। अब यह भी रिकॉर्ड किया जाएगा कि आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं या नहीं, और आपके पास स्मार्टफोन, लैपटॉप या कंप्यूटर जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

33 सवालों की सूची में क्या-क्या शामिल है?

​प्रश्नावली को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

1. मकान की स्थिति और बनावट:

  • ​मकान का नंबर और उसकी मौजूदा हालत।
  • ​घर की छत, दीवार और फर्श बनाने में किस सामग्री (सीमेंट, ईंट, पत्थर आदि) का उपयोग हुआ है।
  • ​मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना है या किराए का)।

2. बुनियादी सुविधाएं:

  • ​पीने के पानी का मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता।
  • ​बिजली (प्रकाश) का मुख्य स्रोत।
  • ​शौचालय का प्रकार और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
  • ​रसोईघर की स्थिति और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की जानकारी।
  • ​खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन और परिवार द्वारा खाया जाने वाला मुख्य अनाज

3. संपत्ति और गैजेट्स:

  • ​रेडियो, टेलीविजन और टेलीफोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता।
  • ​वाहनों का विवरण: साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल से लेकर कार, जीप या वैन तक की जानकारी।
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परसुडीह: शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, सारा सामान राख; दमकल के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुद पाया काबू

जमशेदपुर (परसुडीह): परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा में शुक्रवार को एक घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। इस हादसे में सुशीला पूर्ति नामक महिला का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि जिस वक्त आग लगी, घर के अंदर कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।

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देखते ही देखते राख हुआ गृहस्थी का सामान

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय घर के अंदर से अचानक चिंगारी और काला धुआं उठता देखा गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर के अंदर रखे कपड़े, अनाज, फर्नीचर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए।

दमकल विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण

​हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत परसुडीह थाना और दमकल विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को कई बार फोन किया गया, लेकिन समय पर कोई दमकल गाड़ी मौके पर नहीं पहुँची।

​दमकल के इंतजार में बैठने के बजाय स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय दिया। ग्रामीणों ने निजी पाइप और बाल्टियों की मदद से पानी डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर ग्रामीण तत्परता नहीं दिखाते, तो आग आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

​इस घटना के बाद सरजमदा क्षेत्र के निवासियों में दमकल विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शहर के नजदीकी इलाकों में भी अगर दमकल सेवा इतनी देरी से पहुँचेगी, तो गरीब परिवारों की मेहनत की कमाई को जलने से कौन बचाएगा?

स्थानीय निवासी का बयान: “हमने कई बार कॉल किया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। अगर हम लोग खुद आगे नहीं आते, तो आज सुशीला पूर्ति का सिर छुपाने का ठिकाना भी नहीं बचता।”

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