एक नई सोच, एक नई धारा

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ट्रंप की करीबी लौरा लूमर ने भारत से मांगी माफी: पाकिस्तान को बताया ‘आतंकवाद का निर्यातक’, कट्टरपंथी विचारधारा पर साधा निशाना

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लौरा लूमर ने भारत दौरे के दौरान अपने पुराने विवादित बयानों के लिए माफी मांगी है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में लूमर ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया।

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“पाकिस्तान का मुख्य निर्यात है आतंकवाद”

​पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए लौरा लूमर ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंध मजबूत करने से बचना चाहिए। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा:

“पाकिस्तान का दुनिया को सबसे बड़ा निर्यात ‘इस्लामी आतंकवाद’ है। वह एक जिहादी और शरिया समर्थक राष्ट्र है। दुनिया की अधिकांश आतंकी घटनाओं के तार किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से जुड़े होते हैं।”

​उन्होंने हाल ही में अमेरिका में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट का उदाहरण दिया, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। लूमर के अनुसार, यह घटना साबित करती है कि आतंकवाद का मुख्य स्रोत आज भी पाकिस्तान ही है।

पुराने भारत-विरोधी ट्वीट्स पर मांगी माफी

​लूमर के भारत आने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, उनके पुराने ‘भारत-विरोधी’ पोस्ट फिर से वायरल हो गए। इनमें उन्होंने भारतीयों की बुद्धिमत्ता और स्वच्छता को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। विवाद बढ़ता देख लूमर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा:

  • गलती का अहसास: “मुझे वे बातें नहीं कहनी चाहिए थीं जो मैंने अपने पुराने ट्वीट्स में लिखी थीं।”
  • शत्रुता नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में भारत या हिंदू धर्म के प्रति कोई नफरत नहीं है। उनकी टिप्पणियां केवल अपने देश (अमेरिका) के प्रति प्रेम से प्रेरित थीं।

H-1B वीजा विरोध पर अब भी कायम

​माफी मांगने के बावजूद लूमर ने अपने राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह H-1B वीजा कार्यक्रम के विरोध पर कायम रहेंगी। उनका तर्क है कि वर्तमान आव्रजन कानूनों (Immigration Laws) का दुरुपयोग हो रहा है और वह अमेरिकी श्रमिकों के रोजगार की रक्षा के लिए लड़ना जारी रखेंगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

​लौरा लूमर के इस यू-टर्न को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का नतीजा मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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ईरान-अमेरिका युद्ध में बड़ा मोड़: क्या मॉस्को में छिपे हैं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई? ट्रंप ने कहा- ‘शायद मर चुके हैं’

अंतरराष्ट्रीय डेस्क: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई को गुप्त तरीके से रूस (रूस) ले जाया गया है। अगर इस खबर में सच्चाई है, तो यह युद्ध की दिशा बदलने वाला सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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पुतिन के ‘मिशन मॉस्को’ का हिस्सा बने मोजतबा?

​कुवैती अखबार अल जरीदा की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामनेई फिलहाल ईरान में नहीं हैं। रिपोर्ट का दावा है कि:

  • गुप्त अभियान: गुरुवार को एक रूसी सैन्य विमान के जरिए मोजतबा को तेहरान से निकालकर मॉस्को पहुंचाया गया।
  • सफल सर्जरी: उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के आधिकारिक आवास (क्रेमलिन) में मौजूद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी एक सफल सर्जरी हुई है।
  • सुरक्षा का डर: तेहरान में लगातार हो रही बमबारी और इजराइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ द्वारा लोकेशन लीक होने के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया। कहा जा रहा है कि खुद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन को यह प्रस्ताव दिया था।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: “क्या वह जिंदा भी हैं?”

​ईरान के सुप्रीम लीडर की स्थिति पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घी डालने का काम किया है। एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:

“मुझे नहीं पता कि मोजतबा जिंदा भी हैं या नहीं। मैंने सुना है कि शायद वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। किसी ने उन्हें देखा नहीं है। अगर वह जिंदा हैं, तो उन्हें आत्मसमर्पण कर देना चाहिए।”

​ट्रंप के इस बयान ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि हालिया हमलों में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हुए थे।

ईरान का इनकार, रूस की खामोशी

​ईरान की सरकारी मीडिया लगातार इन खबरों का खंडन कर रही है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह सुरक्षित हैं और देश के भीतर से ही कामकाज संभाल रहे हैं। वहीं, रूस ने भी आधिकारिक तौर पर मोजतबा के मॉस्को में होने की पुष्टि नहीं की है।

युद्ध पर क्या होगा असर?

​रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मोजतबा रूस की शरण में हैं, तो इसका मतलब है कि ईरान और रूस के सैन्य संबंध अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। यह अमेरिका और इजराइल के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है, क्योंकि रूस का सुरक्षा कवच भेदना उनके लिए नामुमकिन जैसा होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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एक मैकेनिक की सलाह और पूरा परिवार खत्म: बंद कमरे में रातभर चलती रही बाइक, जहरीली गैस से पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत

चित्तूर/पुंगनूर: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा मानकों को लेकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुंगनूर कस्बे के त्यागराजू स्ट्रीट इलाके में एक घर के अंदर रातभर बाइक का इंजन चालू रहने से निकली जहरीली गैस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं।

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मैकेनिक की एक सलाह बनी ‘काल’

​जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया ने हाल ही में अपनी बाइक के इंजन का बोर (Repairing) करवाया था। मैकेनिक ने सलाह दी थी कि इंजन के नए पुर्जों को सेट करने के लिए बाइक को कुछ घंटों तक लगातार स्टार्ट रखना होगा। इसी सलाह को मानते हुए उन्होंने शनिवार की रात अपनी बाइक को घर के अंदर ही स्टार्ट (Idling mode) करके छोड़ दिया।

ठंड के कारण बंद थे खिड़की-दरवाजे

​रात में ठंड अधिक होने की वजह से परिवार ने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां कसकर बंद कर दिए थे। बंद कमरे में बाइक से निकलने वाला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी जहरीली गैस जमा होती रही। चूंकि कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए सोते हुए परिवार को खतरे का आभास तक नहीं हुआ।

सुबह दरवाजा तोड़कर घुसी पुलिस

​रविवार सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा भयावह था। कमरे में दमघोंटू माहौल था और परिवार के चारों सदस्य बेसुध पड़े थे। मेडिकल टीम ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया।

विशेषज्ञों की चेतावनी: कभी न करें ऐसी गलती

​विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल या डीजल के जलने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को रोक देती है, जिससे व्यक्ति की नींद में ही मौत हो जाती है। पुलिस और प्रशासन ने इस घटना के बाद आम जनता से अपील की है:

  • ​कभी भी बंद कमरे या गैरेज के अंदर वाहन या जनरेटर चालू न छोड़ें।
  • ​मैकेनिक की ऐसी किसी भी सलाह को बंद कमरे में न अपनाएं।
  • ​घर में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) हमेशा सुनिश्चित करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

रांची की सड़कों पर उतरे ‘यमराज’: ट्रैफिक पुलिस का अनोखा जागरूकता अभियान, नियमों की अनदेखी पर दी चेतावनी

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एक बेहद ही अनोखा और प्रभावशाली जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के जरिए लोगों को यह कड़ा संदेश दिया गया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना सीधे ‘यमराज’ को न्योता देने जैसा है।

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जब यमराज ने रोके वाहन चालक

​शहरवासियों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने कलाकारों को ‘यमराज’ के वेश में सड़कों पर उतारा। यमराज के वेश में इन कलाकारों ने बिना हेलमेट और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले लोगों को रोका और उन्हें समझाया कि उनकी एक छोटी सी गलती न केवल उनकी जान ले सकती है, बल्कि उनके पीछे उनके पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। इस अनोखे अंदाज ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

बिरसा चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक बाइक रैली

​अभियान की शुरुआत बिरसा चौक से एक भव्य बाइक रैली के साथ हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर संपन्न हुई। इस रैली का नेतृत्व खुद ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने किया। रैली में शामिल पुलिसकर्मी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े स्लोगन लिखे थे।

नुक्कड़ नाटकों के जरिए दिया संदेश

​जागरूकता फैलाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से दिखाया गया कि कैसे तेज रफ्तार और सिग्नल तोड़ना किसी हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लेता है। यमराज के प्रतीक के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि सड़क पर सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: ट्रैफिक एसपी

​मौके पर मौजूद ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है। सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि:

  • ​दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें।
  • ​कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
  • ​कभी भी तेज रफ्तार में वाहन न चलाएं और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें।

​एसपी ने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि जागरूकता अभियान के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब और भी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: सड़क दुर्घटना में दो की मौत के बाद 17 घंटे तक थमी रही शहर की रफ्तार, 30 KM लंबा लगा जाम

जमशेदपुर/सुंदरनगर: शनिवार की शाम सुंदरनगर थाना क्षेत्र के मर्चागोड़ा गांव के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर की रफ्तार को 17 घंटे तक थामे रखा। एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो बाइक सवार युवकों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने हाता से लेकर बिष्टूपुर तक करीब 30 किलोमीटर लंबा सड़क जाम कर दिया।

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मॉल से घर लौट रहे थे युवक

​मृतकों की पहचान सुंदरनगर के केड़ा गांव निवासी दुर्गा हेंब्रम और मार्शल सोरेन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक कलियाबेड़ा स्थित 99 मॉल से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार स्टंट कर रहे थे, तभी वे सामने से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए।

ट्रक में तोड़फोड़ और चालक को बनाया बंधक

​हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने भाग रहे ट्रक चालक को खदेड़कर पकड़ लिया और उसे बंधक बना लिया। भीड़ ने ट्रक में जमकर तोड़फोड़ की और सड़क पर बैठ गए। मौके पर पहुंची सुंदरनगर पुलिस घंटों तक भीड़ के सामने मूकदर्शक बनी रही।

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प्रशासनिक विफलता: 17 घंटे परेशान रहे वाहन चालक

​प्रशासनिक लचर व्यवस्था के कारण शनिवार शाम 6:30 बजे से शुरू हुआ जाम रविवार सुबह 11:20 बजे तक जारी रहा। बिष्टूपुर से हाता मेन रोड तक सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो भारी वाहनों को हाईवे पर ही रोका जा सकता था, जिससे आम जनता को इतनी परेशानी नहीं होती।

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3 मुखियाओं की पहल पर खुला जाम

​अंततः रविवार सुबह तीन पंचायतों के मुखिया—पलटन मुर्मू, नीरद सरदार और कान्हू मुर्मू—की मध्यस्थता के बाद समझौता हुआ। समझौते के तहत:

  • ​एक परिवार को तत्काल 70 हजार रुपये नकद दिए गए और शेष 50 हजार रुपये 18 मार्च तक देने पर सहमति बनी।
  • ​दूसरे मृतक के परिवार को कुल 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया।
  • ​हालांकि, शुरुआती तौर पर ग्रामीण 50 लाख रुपये मुआवजे और ट्रक मालिक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया

​समझौते और जाम हटने के बाद पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई आफत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज में देरी पर बिना बताए कटेगा कनेक्शन, विभाग ने जारी किया अलर्ट

जमशेदपुर/क्षेत्रीय: बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए नियमों में बड़ी सख्ती कर दी है। अब यदि आपके मीटर का बैलेंस खत्म होता है, तो विभाग बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी या कॉल के आपकी बिजली काट देगा। हालांकि, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अब एक नया एसएमएस (SMS) अलर्ट सिस्टम शुरू किया गया है।

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तीन दिन पहले मिलेगा अल्टीमेटम

​नए नियमों के मुताबिक, बिजली निगम अब कनेक्शन काटने से तीन दिन पहले उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक संदेश भेजेगा। इस मैसेज में उपभोक्ता की अकाउंट आईडी, वर्तमान बकाया और कम से कम रिचार्ज की जाने वाली राशि का विवरण होगा। यदि मैसेज मिलने के तीन दिन के भीतर रिचार्ज नहीं कराया गया, तो सिस्टम स्वतः ही बिजली गुल कर देगा।

पुराने बकायेदारों के लिए और भी कड़े नियम

​विभाग ने उन उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसा है जिनका मीटर प्रीपेड होने से पहले का ‘पोस्टपेड बकाया’ अभी तक बाकी है।

  • ​ऐसे उपभोक्ताओं को जो मैसेज भेजा जाएगा, उसमें पुराना बकाया और वर्तमान प्रीपेड बैलेंस दोनों शामिल होंगे।
  • ​उन्हें बिजली चालू रखने के लिए चालू बैलेंस के साथ-साथ पुराने बकाये की एक निश्चित किश्त का भी भुगतान करना होगा।

मैसेज में मिलेगा डायरेक्ट रिचार्ज लिंक

​उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग मैसेज में ही एक ऑनलाइन पेमेंट लिंक भी भेजेगा। इस लिंक पर क्लिक करके उपभोक्ता तुरंत भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि बाद में उपभोक्ता ‘सूचना न मिलने’ की शिकायत न कर सकें।

अधिकारी की चेतावनी: बैलेंस पर रखें नजर

​उपखंड अधिकारी (SDO) ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम पर काम करता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बैलेंस की नियमित निगरानी करें और मैसेज मिलते ही तुरंत रिचार्ज कराएं, क्योंकि तीन दिन की अवधि बीतते ही बिजली कभी भी काटी जा सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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बुंडू: गैस आपूर्ति में लापरवाही और कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं, एसडीएम ने गैस एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश

बुंडू/रांची: रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में रसोई गैस (LPG) की सुचारू आपूर्ति और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा ने अनुमंडल क्षेत्र की सभी गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और व्यवस्था में सुधार के कड़े निर्देश दिए।

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समय पर आपूर्ति और पारदर्शिता पर जोर

​बैठक के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • समय पर डिलीवरी: बुकिंग के निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचना सुनिश्चित करें।
  • कालाबाजारी पर रोक: गैस की अवैध बिक्री या कालाबाजारी की शिकायतों पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • प्राथमिकता वाली सेवाएं: अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रवासों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए ताकि सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों।

अफवाहों से बचने की अपील

​हाल के दिनों में गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच एसडीएम ने जनता को आश्वस्त किया कि अनुमंडल में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। प्रशासन लगातार स्टॉक और वितरण प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। उन्होंने गैस एजेंसियों को स्टॉक रजिस्टर अपडेट रखने और वितरण की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने को कहा।

उपभोक्ताओं के लिए राहत

​इस बैठक से बुंडू और आसपास के ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर समय पर सिलेंडर न मिलने या ओवरचार्जिंग की समस्या से जूझते हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई एजेंसी निर्धारित दर से अधिक पैसे मांगती है या आपूर्ति में आनाकानी करती है, तो इसकी सूचना तुरंत अनुमंडल कार्यालय को दें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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बड़ी खबर: देश के 5 राज्यों में बजने वाला है चुनावी बिगुल, आज हो सकता है तारीखों का ऐलान

नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है, जिसके बाद इन सभी राज्यों में ‘आदर्श चुनाव आचार संहिता’ (MCC) तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।

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कम चरणों में मतदान की तैयारी

​इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग होने वाला है। चुनाव आयोग इस बार कम चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने पर विचार कर रहा है।

  • पश्चिम बंगाल: साल 2021 में यहाँ 8 चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार इसे महज 2 से 3 चरणों में समेटने की योजना है।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चरणों की संख्या कम करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती में भारी बढ़ोतरी की जाएगी। अकेले बंगाल में ही करीब 1500 कंपनियां तैनात की जा सकती हैं ताकि मतदान पूरी तरह हिंसा मुक्त और निष्पक्ष हो।

मतदाता सूची और तैयारियों की समीक्षा

​चुनाव आयोग ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा पूरी की है।

  • ​असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतदाता सूची को लेकर अपीलों का निपटारा हो चुका है।
  • ​बंगाल में 28 फरवरी को प्रकाशित सूची के बाद सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है।

अप्रैल-मई में हो सकते हैं चुनाव

​इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग अप्रैल से मई के बीच मतदान संपन्न कराकर समय पर नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।

तीसरी धारा न्यूज़ अपडेट: तारीखों के ऐलान के साथ ही सरकारी घोषणाओं, नई योजनाओं की शुरुआत और नेताओं के प्रचार पर आचार संहिता की बंदिशें लग जाएंगी। चुनावी हलचल और सटीक विश्लेषण के लिए बने रहें हमारे साथ।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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रांची: टाटीसिलवे के ऐतिहासिक डोल मेले में पसरा मातम, तेज रफ्तार कार ने भीड़ को रौंदा; 2 की मौत, दर्जनों घायल

रांची/नामकुम: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटीसिलवे में शनिवार की शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मानकीढीपा में आयोजित ऐतिहासिक डोल मेले की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने मेले में मौजूद भीड़ को बेरहमी से रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

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भीड़ के बीच काल बनकर आई कार

​जानकारी के अनुसार, शनिवार को डोल मेले का तीसरा दिन था और सड़क के दोनों किनारों पर लगी दुकानों के कारण काफी भीड़ थी। शाम करीब पांच बजे अनगड़ा की ओर से आ रही एक कार (नंबर JH 05 CP 4627) अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे मेले में घूम रहे लोगों के बीच घुस गई। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वहां भगदड़ मच गई।

मृतकों और घायलों की पहचान

​इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान अनगड़ा निवासी 65 वर्षीय भोला शर्मा और 22 वर्षीय रीमा कुमारी के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में पप्पू साव, सुलोचना देवी, रश्मि, पूनम, अरुणा एक्का, तारा देवी, रोशनी, मोनिका, आयुष, अंशिका, लोखन मंडल और निशु लकड़ा शामिल हैं।

​सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक व्यक्ति की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रिम्स (RIMS), रांची रेफर किया गया है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

​हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और दोषी कार चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

​स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक मेले में हजारों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक या यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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मिर्जापुर में हैरान करने वाली घटना: कुत्ते के काटने के बाद युवक करने लगा वैसी ही हरकतें, डॉक्टरों ने कहा- बचना मुश्किल

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। थाना कछवा क्षेत्र के जोगीपुरवा गांव में एक 17 वर्षीय किशोर न सिर्फ कुत्ते की तरह व्यवहार कर रहा है, बल्कि उसकी तरह भौंक भी रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति एंटी-रेबीज इंजेक्शन का कोर्स अधूरा छोड़ने की वजह से हुई है।

मामा के घर काटा था कुत्ते ने

​जानकारी के मुताबिक, भाईलाल का 17 वर्षीय बेटा करीब 4 महीने पहले अपने मामा के घर गया था, जहाँ उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। उस समय उसे पहला एंटी-रेबीज इंजेक्शन वहीं लगाया गया। गांव लौटने के बाद दूसरा इंजेक्शन तो लगा, लेकिन परिवार ने लापरवाही बरतते हुए आगे का कोर्स पूरा नहीं किया।

बदल गया चलने और बोलने का तरीका

​कोर्स अधूरा रहने के कुछ समय बाद लड़के के शरीर में रेबीज के घातक लक्षण दिखने लगे। अब उसकी हालत यह है कि वह इंसानों की तरह बात करने के बजाय कुत्तों की तरह भौंकता है। उसके बैठने और चलने का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है। परेशान परिजन उसे अस्पताल से लेकर मंदिर तक ले जा रहे हैं, लेकिन सुधार की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? (मेडिकल राय)

​मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘हाइड्रोफोबिया’ कहा जाता है।

  • ​जब रेबीज का वायरस पूरी तरह सक्रिय हो जाता है, तो मरीज की सांस की नली सिकुड़ने लगती है।
  • ​इस दौरान आवाज में बदलाव आता है और वह किसी जानवर (जैसे कुत्ता) की तरह सुनाई देने लगती है।
  • ​डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि एक बार लक्षण पूरी तरह दिखने के बाद मरीज के बचने की संभावना लगभग शून्य हो जाती है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

​यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो आवारा या पालतू जानवरों के काटने को हल्के में लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन का पूरा कोर्स (शेड्यूल के अनुसार सभी डोज) लेना अनिवार्य है, अन्यथा परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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