एक नई सोच, एक नई धारा

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बड़ी खबर: अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ के अस्पताल में मृत घोषित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अखिलेश यादव के सौतेले भाई और दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। प्रतीक यादव भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे।1968501 prateek aparna

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

​जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने प्रारंभिक तौर पर इसे ‘सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग’ (संदिग्ध विषाक्तता) का मामला बताया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह फूड प्वाइजनिंग थी या किसी अन्य पदार्थ का सेवन।

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक यादव सुबह करीब 4 बजे अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे। मौके पर डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।b 1

जांच का विषय और पोस्टमार्टम

​प्रतीक यादव की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किया गया है।

  • पोस्टमार्टम की स्थिति: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शव को घर ले जाया गया है।
  • रिपोर्ट का इंतज़ार: विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में 3-4 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही मौत की गुत्थी सुलझ पाएगी।

अखिलेश यादव के साथ मधुर संबंध

​38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते थे, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की सक्रिय नेता हैं। अखिलेश यादव और उनके छोटे भाई प्रतीक के बीच संबंध हमेशा मधुर रहे। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। मुलायम सिंह ने 2003 में साधना गुप्ता के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।a 2

परिवार में शोक की लहर

​प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से यादव परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। बीते कुछ समय से उनके अस्वस्थ होने की खबरें भी आ रही थीं, लेकिन अचानक इस तरह उनके निधन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

तीसरी धारा न्यूज

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मितव्ययिता की मिसाल: पीएम मोदी ने अपने काफिले को किया आधा, देश को दिया खर्च कटौती का कड़ा संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह जो कहते हैं, उसे खुद भी अमल में लाते हैं। वैश्विक ईंधन संकट की आहट और बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच, पीएम मोदी ने सरकारी खर्च में कटौती की शुरुआत अपने ही काफिले से की है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसी एसपीजी (SPG) को विशेष निर्देश देकर अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने को कहा है।1002475098

खुद उदाहरण बनकर पेश की मिसाल

​टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री के इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी संसाधनों की बचत करना और एक ‘एग्जांपल सेट’ करना है। पीएम मोदी लगातार देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं। हाल ही में हैदराबाद और गुजरात के दौरों के दौरान भी उन्होंने जनता से खर्चों में कटौती करने और विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह किया था। अब खुद अपने काफिले को छोटा कर उन्होंने संदेश दिया है कि राष्ट्रहित में त्याग की शुरुआत शीर्ष स्तर से हो चुकी है।b 1

एसपीजी को मिले खास निर्देश

​सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि काफिला छोटा करने के साथ-साथ इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की संख्या बढ़ाई जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद न की जाए, बल्कि मौजूदा संसाधनों का ही बेहतर इस्तेमाल हो ताकि अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।a 2

​एसपीजी ने इस निर्देश पर अमल करना शुरू कर दिया है। हाल ही में दिल्ली के बाहर प्रधानमंत्री की यात्राओं के दौरान काफिले का आकार पहले की तुलना में काफी छोटा देखा गया। सुरक्षा एजेंसी यह सुनिश्चित कर रही है कि गाड़ियों की संख्या कम होने के बावजूद ‘ब्लू बुक’ के सुरक्षा नियमों में कोई ढील न आए।

पूरे देश में दिखने लगा असर

​प्रधानमंत्री की इस पहल का असर अब राज्यों में भी दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक, कई मंत्रियों ने अपने काफिले कम करने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी अब खर्चों में कटौती की योजना बना रहे हैं। इसमें कर्मचारियों को मेट्रो का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने और भव्य आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

​प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि सरकारी कार्यशैली में एक नई सादगी और उत्तरदायित्व की संस्कृति को भी बढ़ावा देगा।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में लापरवाही का आरोप, बीसीजी टीका लगने के बाद नवजात की मौत, परिजनों का भारी हंगामा

जमशेदपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। परिजनों का आरोप है कि गलत टीकाकरण या प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही के कारण उनकी स्वस्थ बच्ची की जान चली गई।d1146f69f4ef3259d3a0354705a498b14b56ceab6ed4744b88dd905cedbab5b3.0

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा रोड निवासी उमेश कुमार ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए बीते शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को उनकी पत्नी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। रविवार को डॉक्टरों ने मां और बच्ची दोनों को स्वस्थ पाकर अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।b 1

​सोमवार को परिजन बच्ची को सरकारी नियमों के अनुसार बीजीसी (BCG) का टीका लगवाने के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचे। टीका लगने के कुछ ही देर बाद बच्ची की स्थिति बिगड़ने लगी।

परिजनों के गंभीर आरोप

​मृतक बच्ची के पिता उमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल से घर लौटते समय ही बच्ची के रोने की आवाज सामान्य नहीं थी। घर पहुँचते ही उसका शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा और वह बेसुध हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर फिर से एमजीएम अस्पताल भागे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।a 2

​”हमारी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। डिस्चार्ज के वक्त भी वह ठीक थी, लेकिन टीका लगने के तीन घंटे के भीतर ही उसकी जान चली गई। यह सीधे तौर पर अस्पताल की लापरवाही है।” — परिजनों का बयान

 

अस्पताल में हंगामा और पुलिस की दखल

​बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ, जिससे काफी देर तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों ने दोषी स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

​बढ़ते तनाव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आना बाकी है कि क्या यह मौत किसी एलर्जी की वजह से हुई या टीकाकरण में कोई चूक हुई।

तीसरी धारा न्यूज

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रांची में मासूम अदिति का मिला शव: नाले से बरामद हुए अवशेष, राजधानी में शोक की लहर

रांची/जमशेदपुर: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र से रविवार को लापता हुई 18 महीने की मासूम बच्ची अदिति पांडेय मामले का बेहद हृदयविदारक अंत हुआ है। कई दिनों की तलाश के बाद अदिति के शव का एक हिस्सा खेलगांव स्टेडियम के सामने स्थित गाड़ी गांव के नाले से बरामद किया गया है। इस घटना के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।IMG 20260512 152608

रविवार से लापता थी मासूम

​कोकर इंडस्ट्रियल एरिया के समीप खोरहा टोली निवासी अदिति पांडेय रविवार को अपने घर के पास से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस मामले की गूंज थी।b 1

मुख्यमंत्री ने की थी इनाम की घोषणा

​मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि बच्ची को हर हाल में सकुशल बरामद किया जाए। सरकार की ओर से सूचना देने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।a 2

सर्च ऑपरेशन और बरामदगी

​पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों को खंगाल रही थीं। इसी दौरान खेलगांव के पास एक नाले से बच्ची के शव के अवशेष मिले। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं और अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी औपचारिक पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

जांच के घेरे में कई सवाल

​पुलिस फिलहाल मामले की दो मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  1. हादसा: क्या बच्ची बारिश के पानी के तेज बहाव में बहकर नाले तक पहुंची?
  2. साजिश: क्या इस घटना के पीछे कोई आपराधिक साजिश या अपहरण का मामला है?

​पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में खुले नालों की सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जमशेदपुर: गोपाल मैदान में भूमि पूजन के साथ राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 का आगाज

जमशेदपुर: लौहनगरी में राजस्थानी संस्कृति और कला के सबसे बड़े समागम “राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026” की तैयारियां विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं। मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा भूमि पूजन, बजरंग ध्वज स्थापना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडाल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।IMG 20260512 WA0026

भक्तिमय वातावरण में हुआ शुभारंभ

​आयोजन की सफलता के लिए आयोजित इस पूजा-अर्चना में सम्मेलन के पदाधिकारियों ने शहरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। बजरंग ध्वज की स्थापना के साथ ही पूरे मैदान का वातावरण उत्साह और भक्ति से सराबोर हो गया।b 1

17 से 20 मई तक दिखेगी राजस्थान की झलक

​आगामी 17 मई से 20 मई 2026 तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय महोत्सव को लेकर मारवाड़ी सम्मेलन ने विशेष तैयारियां की हैं। पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष का मेला पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य होगा। मेले के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहेंगे:a 2

  • सांस्कृतिक धरोहर: राजस्थान की लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • व्यंजन और हस्तशिल्प: पारंपरिक राजस्थानी पकवान और हस्तशिल्प के आकर्षक स्टॉल।
  • मनोरंजन: बच्चों के लिए विशेष झूले और पारिवारिक गतिविधियां।

प्रमुख पदाधिकारियों की रही उपस्थिति

​भूमि पूजन के इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल, जिला महासचिव प्रदीप मिश्रा, प्रांतीय संयुक्त महामंत्री विमल अग्रवाल और जिला संरक्षक सुशील रामरायका उपस्थित थे।

​इनके अलावा संयुक्त महासचिव अंकुश जवानपुरिया, आकाश शाह, उपाध्यक्ष दिलीप गोयल, मनोज चेतानी, राकेश अग्रवाल (बागा), विमल हरलूपका, सुनील सोंथालिया समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य और पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। शहरवासियों में इस महोत्सव को लेकर अभी से काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

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जमशेदपुर: राज्यस्तरीय योगासना चैंपियनशिप के लिए नई कार्यकारिणी घोषित, अंशु सरकार बने अध्यक्ष

जमशेदपुर: वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन ऑफ योगासना स्पोर्ट्स (WFFYS-झारखंड चैप्टर) की ओर से आगामी 24 मई को आयोजित होने वाली ‘राज्यस्तरीय योगासना स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-2026’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए संगठन ने अपनी नई कार्यकारिणी समिति का गठन कर पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है।aed8fe0eb266e95ec7a73a99dbc09f14006cc676522101a50c99c3412011929c.0

नई कार्यकारिणी का गठन

​संगठन ने अंतरराष्ट्रीय योगगुरु अंशु सरकार को संगठन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रजीत घोष को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति के अन्य प्रमुख पदों पर निम्नलिखित नियुक्तियां की गई हैं:b 1

  • उपाध्यक्ष: अंजना कुमारी सिंह और विश्वजय चौधरी
  • महासचिव: इंद्रजीत चक्रवर्ती
  • कोषाध्यक्ष: एमके शर्मा
  • सह-कोषाध्यक्ष: जगदीश सिंह

​नवनियुक्त पदाधिकारियों को WFF योगासना इंटरनेशनल के अध्यक्ष शिवम भादुरिया और ऑर्गनाइजिंग डायरेक्टर रितु रावत ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।a 2

24 मई को होगा आयोजन

​अध्यक्ष अंशु सरकार ने बताया कि यह राज्यस्तरीय प्रतियोगिता 24 मई को कदमा गणेश पूजा मैदान के पास स्थित आंध्रा एसोसिएशन इंग्लिश स्कूल के सभागार में आयोजित होगी। इस चैंपियनशिप में झारखंड के विभिन्न जिलों से योग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन में ‘सरकार योगा एकेडमी’ सहयोगी संस्था की भूमिका में रहेगी।

महत्वपूर्ण जानकारियां:

  • पंजीकरण की अंतिम तिथि: 20 मई 2026
  • मुख्य निर्णायक: प्रसाद नंदी
  • मुख्य पर्यवेक्षक: गौरांग सरकार
  • उद्देश्य: राज्य में योगासना खेल को नई पहचान देना और युवाओं को योग के प्रति प्रेरित करना।

​अंशु सरकार ने कहा कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए जल्द ही पदाधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का औपचारिक बंटवारा किया जाएगा और तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

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केंद्र सरकार विफल, देश में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति: संजीव रंजन

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजीव रंजन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया।IMG 20260512 WA0011

सत्ता की भूख में संसाधनों की बर्बादी

​संजीव रंजन ने प्रधानमंत्री के उस कथित आह्वान पर तंज कसा, जिसमें देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने और डीजल बचाने की अपील की गई है। उन्होंने सवाल पूछा कि यदि देश की आर्थिक स्थिति इतनी ही नाजुक थी, तो पांच राज्यों के चुनाव (विशेषकर बंगाल चुनाव) में सत्ता पाने की लालसा में लाखों लीटर डीजल और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को आर्थिक संकट की याद आई है।b 1

मध्यम वर्ग का मजाक उड़ा रही सरकार

​कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवार पहले से ही कमरतोड़ महंगाई और सोने पर भारी टैक्स के कारण इसे खरीदने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार द्वारा ‘सोना न खरीदने’ जैसे बयान देना उनके संघर्षों का मजाक उड़ाने जैसा है। शादियों के सीजन में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सोना खरीदना अब एक सपना बन गया है।a 2

विफलता का आरोप और माफी की मांग

​संजीव रंजन ने केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा:

​”प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि उनकी प्राथमिकता केवल चुनाव प्रचार और सत्ता पाना है, न कि जनता की समस्याओं का समाधान करना। देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए।”

 

​उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने वाली है, जिसके लिए केंद्र की नीतियां जिम्मेदार हैं।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर में भव्य कवयित्री सम्मेलन का आयोजन: साहित्य की बयार ने मोह लिया श्रोताओं का मन

जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर-1 स्थित शांति निकेतन मिडल एंड हाई स्कूल परिसर में ‘शकुंतला हिंदी साहित्य एवं सांस्कृतिक दर्पण मंच’ के तत्वावधान में एक शानदार कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में रांची और जमशेदपुर की प्रतिष्ठित कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।IMG 20260512 WA0009

साहित्यिक संगम और सम्मान

​कार्यक्रम का संचालन मंच की संस्थापक अंकिता सिन्हा ने किया। समारोह की शुरुआत वीणा पाण्डेय भारती द्वारा प्रस्तुत ‘मां सरस्वती वंदना’ से हुई। इस अवसर पर उपासना सिन्हा, माधवी उपाध्याय और वीणा पाण्डेय भारती ने अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियों से नारी सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकार, प्रकृति प्रेम और राष्ट्रीय चेतना के रंगों को बिखेरा।IMG 20260512 WA0010b 1

​मंच पर सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट पूजा दत्ता और शिक्षाविद पारस नाथ मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। साहित्य के प्रति उनके योगदान को सराहते हुए अतिथियों द्वारा कवयित्रियों को शॉल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

​कवयित्रियों को सम्मानित करने वालों में मुख्य रूप से:

  • ​मुखिया मायावती टुडू और नीनू कूदादा
  • ​पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता
  • ​उप मुखिया सुरेश निषाद
  • ​संतोष ठाकुर, कुमुद यादव
  • ​प्रधानाध्यापक केपी सिंह और समाजसेवी मोतीता सिंह शामिल थे।a 2

सांस्कृतिक विकास पर जोर

​पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र में न केवल साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण मजबूत होता है, बल्कि नई प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का एक उचित मंच भी मिलता है। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्थानीय साहित्य प्रेमी, शिक्षक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

तीसरी धारा न्यूज

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LPG सब्सिडी पर केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख से अधिक आय वालों को SMS अलर्ट, 7 दिनों में देना होगा जवाब

जमशेदपुर: घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अब गैस सब्सिडी की पात्रता को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न ‘होर्मुज संकट’ और वैश्विक अस्थिरता के बीच, सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि सब्सिडी का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को ही मिले।IMG 20260512 113752

आय की सीमा पर सरकार सख्त

​सरकार के नए नियमों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं की सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपए से अधिक है, वे अब सब्सिडी के पात्र नहीं होंगे। इसी क्रम में, आयकर विभाग के रिकॉर्ड के माध्यम से उपभोक्ताओं की आय की जांच की जा रही है और संदिग्ध खातों पर SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं।b 1

7 दिनों की डेडलाइन और कार्रवाई की चेतावनी

​जिन उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से मैसेज प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें 7 दिनों के भीतर अपनी आय का ब्यौरा देना होगा या अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनकी एलपीजी सब्सिडी तत्काल प्रभाव से स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। साथ ही, गलत जानकारी देकर सब्सिडी का लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।a 2

PAN और आधार से होगी आय की क्रॉस-चेकिंग

​सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार तकनीकी जांच का सहारा ले रही है। इसके तहत:

  • ​उपभोक्ता के PAN से जुड़े टैक्स रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
  • LPG डेटाबेस के साथ परिवार की जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
  • ​न केवल कनेक्शन धारक, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों की आय भी अब जांच के दायरे में आ सकती है।

उपभोक्ता क्या करें?

​नोटिस या मैसेज मिलने की स्थिति में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने KYC दस्तावेज़ों और लिंक किए गए रिकॉर्ड की जांच अपने रजिस्टर्ड एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर या ऑयल मार्केटिंग कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर करें।

​इस कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी के हो रहे दुरुपयोग को रोकना और सरकारी खजाने पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करना है, ताकि संसाधनों का सही उपयोग गरीबों के हित में किया जा सके।

तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला: मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना को मिली नई रफ्तार, दलभंगा से जमशेदपुर के लिए बस सेवा शुरू

सरायकेला: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) गिरजा शंकर महतो ने दलभंगा से जमशेदपुर तक चलने वाली नई बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।d18f463aa84961d4711e734edd40d03acf31396fa081a15e85f2f3b0b6f35123.0

इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

​यह नई बस सेवा मुख्य रूप से निम्नलिखित रूटों को कवर करेगी:

  • नारायणपुर
  • घाघी
  • सीतारामपुर डैम
  • आदित्यपुर
  • जमशेदपुर

निशुल्क यात्रा की सुविधा

​योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सामाजिक सरोकार है। सरकार के निर्णय के अनुसार, समाज के विशिष्ट वर्गों को इस बस सेवा में जीरो रेंट (निशुल्क) यात्रा की सुविधा मिलेगी। इनमें शामिल हैं:

  1. ​छात्र-छात्राएं
  2. ​वरिष्ठ नागरिक (बुजुर्ग)
  3. ​असहाय व्यक्ति
  4. ​दिव्यांग यात्रीb 1

अधिकारियों और ग्रामीणों का पक्ष

​इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो ने कहा:

​”ग्राम गाड़ी योजना का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों को शहरों और मुख्य सड़कों से जोड़ना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुगमता होगी।”

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​वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले निजी वाहनों का किराया अधिक होने के कारण आर्थिक बोझ पड़ता था, लेकिन अब सुरक्षित और सस्ती यात्रा से गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

​इस उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, परिवहन विभाग के अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सरकार की इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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