जमशेदपुर (रिपोर्टर: सुब्रतो सिंह): लौहनगरी जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र की जानी-मानी समाज सेविका डॉ. गुंजन सैनी ने आगामी नगर निकाय चुनावों में उतरने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। डॉ. सैनी मानगो नगर निगम के मेयर पद या फिर वार्ड पार्षद (संख्या 13) के लिए चुनाव लड़ेंगी।
महिला सशक्तिकरण और सेवा का संकल्प
चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए डॉ. गुंजन सैनी ने झारखंड सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा:
”यह बेहद खुशी की बात है कि झारखंड सरकार ने महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के बारे में सोचा है। इस निर्णय से हम महिलाओं को समाज की सेवा करने का एक बड़ा और बेहतर अवसर मिलेगा।”
निस्वार्थ सेवा का ट्रैक रिकॉर्ड
डॉ. सैनी ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने पति और स्थानीय जनता का भरपूर समर्थन और सहयोग मिल रहा है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्य बिंदु:
प्रत्याशी: डॉ. गुंजन सैनी (समाज सेविका)।
क्षेत्र: मानगो, जमशेदपुर।
संभावित पद: मेयर (मानगो नगर निगम) अथवा वार्ड पार्षद (वार्ड 13)।
प्राथमिकता: महिला सशक्तिकरण और जन सेवा।
डॉ. गुंजन सैनी के चुनावी मैदान में उतरने से मानगो नगर निगम का मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के बीच उनकी सक्रियता अब उन्हें चुनावी सफलता की ओर ले जाती है या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा।
जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के दाईगुडू कावेरी रोड स्थित करमू चौक पर बुधवार देर रात मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सिगरेट पीने को लेकर शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि युवकों ने खुलेआम हथियार (चापड़) लहराए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मामूली विवाद और अचानक हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करमू चौक पर कुछ युवक खड़े थे। इसी बीच सिगरेट पीने की बात को लेकर उनके बीच बहस शुरू हुई। चूंकि युवक आपस में पहले से परिचित थे, इसलिए शुरू में लगा कि मामला शांत हो जाएगा। लेकिन देखते ही देखते विवाद उग्र हो गया और कुछ युवक हाथों में धारदार चापड़ लेकर वहां पहुँच गए और मारपीट शुरू कर दी।
बाजार में मची भगदड़
सड़क पर अचानक हथियार लहराते देख वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और आसपास की दुकानों के शटर आनन-फानन में गिर गए। कुछ देर के लिए पूरा करमू चौक दहशत के साये में डूब गया। स्थानीय युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई।
पुलिस की कार्रवाई और फरार हमलावर
घटना की सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस के आने की भनक लगते ही हमलावर युवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने भीड़ को हटाकर स्थिति को संभाला और इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। देर रात तक क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी रही।
सीसीटीवी से होगी पहचान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई है। हालांकि, सार्वजनिक स्थल पर हथियार लहराने और अशांति फैलाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस स्वतः संज्ञान ले रही है:
CCTV फुटेज: चौक और आसपास की दुकानों में लगे कैमरों की जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
गश्त: इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
अपील: पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
जमशेदपुर: लौहनगरी के सोनारी स्थित दोमुहानी (स्वर्णरेखा और खरकई नदी का संगम) पर आयोजित दो दिवसीय “दोमुहानी संगम महोत्सव-2026” बुधवार को भव्य महाआरती के साथ संपन्न हुआ। हिंदू उत्सव समिति एवं उम्मीद एक अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर हुई मां स्वर्णरेखा की आरती महोत्सव का मुख्य केंद्र रही।
सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से सजा महोत्सव
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत दोपहर 12 बजे विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के साथ हुई:
मेहंदी प्रतियोगिता: इसमें 125 प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
चित्रकला प्रतियोगिता: 150 बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से उकेरा, जिससे पूरा संगम तट जीवंत हो उठा।
भजनों की धुनों पर झूमे श्रद्धालु
प्रतियोगिताओं के बाद भक्ति संगीत का दौर शुरू हुआ। विख्यात भजन गायक सोनू दुलरूवा और देवेन्द्र पांडेय की टीम ने एक से बढ़कर एक सुरीली प्रस्तुतियां दीं। मधुर भजनों की धुन पर हजारों श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए, जिससे पूरा संगम क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
51,000 दीपों की दीपमाला और भव्य महाआरती
संध्या बेला में महोत्सव अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचा। बनारस के पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच मां स्वर्णरेखा की भव्य महाआरती शुरू हुई।
दीपोत्सव: संगम तट पर 51,000 दीपों की अद्भुत दीपमाला सजाई गई, जिसने रात के अंधेरे में स्वर्णरेखा के जल को अलौकिक चमक से भर दिया।
आध्यात्मिक दृश्य: शंखध्वनि, घंटों की गूंज और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मार्गदर्शन किया:
राजनीतिक उपस्थिति: पूर्वी जमशेदपुर की विधायिका पूर्णिमा साहू, सांसद विद्युत वरण महतो।
आयोजक मंडल: हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह, संरक्षक शिवशंकर सिंह, शंकर रेड्डी।
उम्मीद एक अभियान: सुखदेव सिंह (अध्यक्ष), अमरनाथ सिंह, हेमंत सिंह, अविषेक जी।
महिला शक्ति: झरना देवी, शशि दीदी, संतोषी साहू, पूजा और दुर्गा देवी की सक्रिय भागीदारी रही।
महोत्सव के समापन पर आयोजकों ने सभी स्वयंसेवकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने एक बार फिर जमशेदपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान की है।
जमशेदपुर: टेल्को थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह बरामद हुए अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मृतक की पहचान गोविंदपुर निवासी 26 वर्षीय अजय श्रीवास्तव के रूप में की गई है। अजय पेशे से चिकन की दुकान चलाते थे। शव की शिनाख्त होते ही परिजनों में कोहराम मच गया है।
परिवार का इकलौता सहारा था अजय
अजय अपने पीछे मां, पत्नी और तीन छोटे बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। वह अपने घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गोविंदपुर क्षेत्र में इस निर्मम हत्या को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।
संदिग्ध ‘दोस्त’ और मास्क वाला युवक
परिजनों ने पुलिस के समक्ष हत्या का संदेह अजय के एक राज नाम के दोस्त पर जताया है। परिवार वालों के अनुसार:
राज अक्सर अजय को घर से बुलाकर ले जाता था।
घटना वाले दिन भी एक युवक, जिसने चेहरे पर मास्क पहन रखा था, अजय को बुलाने घर आया था।
मास्क के कारण उस युवक की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी, लेकिन परिजनों को शक है कि इस साजिश में अजय के करीबी लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम एमजीएम (MGM) अस्पताल में कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच निम्नलिखित बिंदुओं पर टिकी है:
कॉल डिटेल्स (CDR): अजय के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं।
संदिग्धों से पूछताछ: राज समेत अजय के अन्य करीबी दोस्तों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
तकनीकी साक्ष्य: इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि मास्क पहने उस युवक की पहचान की जा सके।
पुलिस का बयान
टेल्को थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और तरीके का पता चलेगा। प्रारंभिक तौर पर यह हत्या का मामला है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।
पाकुड़: झारखंड के पाकुड़ जिले में रामपुरहाट-गुमानी रेलखंड पर एक भीषण रेल हादसे की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) ने विफल कर दिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पटरी पर अवरोध उत्पन्न कर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
रात के अंधेरे में रची गई थी साजिश
हावड़ा डिवीजन के अंतर्गत कोटालपोखर और तिलभीट्टा स्टेशनों के बीच 10 जनवरी की रात करीब 10:00 से 10:30 बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया गया। पिलर संख्या 156/4 के पास डाउन लाइन पर असामाजिक तत्वों ने करीब पांच फीट लंबा लोहे का भारी टुकड़ा रख दिया था।
ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इसी दौरान वहां से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी का इंजन पटरी पर रखे लोहे के टुकड़े से जोरदार तरीके से टकराया। इस टक्कर में रेल पटरी के नीचे लगे आधा दर्जन से अधिक कंक्रीट स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, ड्राइवर ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और सतर्कता बरतते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पकड़े गए आरोपी और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की। सघन छापेमारी के बाद तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया:
यार मोहम्मद शेख (रानीपुर गांव)
राहुल शेख (संग्रामपुर गांव)
नाजमी शेख (कुमारपुर गांव)
सीनियर सेक्शन इंजीनियर उज्जवल कुमार की शिकायत पर जीआरपी कांड संख्या 01/2026 दर्ज की गई है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
साजिश के मकसद की जांच जारी
आरपीएफ निरीक्षक के अनुसार, तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि:
पटरी पर लोहे का टुकड़ा रखने के पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
क्या इसमें किसी बड़े संगठित नेटवर्क या किसी साजिशकर्ता का हाथ है?
क्या उनका इरादा केवल रेलवे को नुकसान पहुँचाना था या जानमाल की क्षति करना?
रेलवे अधिकारियों ने राहत जताई है कि ट्रैक की मरम्मत कर परिचालन को फिर से सामान्य कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर रेलखंड पर गश्त बढ़ा दी गई है।
राँची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत कार्यक्रम (Date Sheet) जारी कर दिया है। राज्य के लाखों परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा का सफर 3 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। जैक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए राज्यभर में चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां और परीक्षा कार्यक्रम
जैक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, परीक्षाओं का आयोजन इस प्रकार होगा:
मैट्रिक (10वीं): 3 फरवरी से शुरू होकर 17 फरवरी 2026 तक चलेगी।
इंटरमीडिएट (12वीं): 3 फरवरी से शुरू होकर 23 फरवरी 2026 तक संचालित की जाएगी।
दो पालियों में होगी परीक्षा
छात्रों की भारी संख्या को देखते हुए परीक्षा को दो पालियों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है:
प्रथम पाली (First Shift): सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।
द्वितीय पाली (Second Shift): दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।
एडमिट कार्ड: परीक्षार्थियों को उनके प्रवेश पत्र (Admit Card) जनवरी 2026 में उनके संबंधित स्कूलों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।
स्कूलों को निर्देश: सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि एडमिट कार्ड समय पर छात्रों तक पहुँच जाएँ और उन्हें परीक्षा के नियमों से अवगत कराया जाए।
[ ] आधिकारिक डेटशीट को जैक की वेबसाइट से डाउनलोड कर अच्छी तरह देख लें।
[ ] एडमिट कार्ड मिलने पर उसमें फोटो, नाम और विषयों की जाँच अवश्य करें।
[ ] परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
रांची/जमशेदपुर: राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के झारखंड प्रदेश भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। बुधवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जमशेदपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने सौजन्य भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और संगठन की मजबूती पर चर्चा की।
उल्लेखनीय रहेगा आदित्य साहू का कार्यकाल: दिनेश कुमार
मुलाकात के दौरान दिनेश कुमार ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को अंगवस्त्र भेंट किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा:
”आदित्य साहू जी का नेतृत्व झारखंड भाजपा के लिए ऐतिहासिक और उल्लेखनीय रहेगा। उनके कुशल मार्गदर्शन में संगठन को न केवल नई दिशा मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।”
जमशेदपुर से रांची पहुंचे कार्यकर्ता
आदित्य साहू के अभिनंदन के लिए जमशेदपुर महानगर भाजपा से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रांची पहुंचे थे। इस प्रतिनिधिमंडल में अशोक सामन्ता, अंकित आनंद, धनेश्वर सहित कई सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने नए अध्यक्ष के नेतृत्व के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की और आगामी समय में भाजपा संगठन को धरातल पर और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
संगठन में नई ऊर्जा की उम्मीद
निर्विरोध निर्वाचन के बाद से ही आदित्य साहू को राज्यभर से कार्यकर्ताओं और नेताओं की बधाइयां मिल रही हैं। भाजपा कार्यालय में दिनभर कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आदित्य साहू के सांगठनिक अनुभव का लाभ झारखंड भाजपा को भविष्य की चुनौतियों और चुनावों में मिलेगा।
जमशेदपुर: झारखंड प्रदेश इंटक के अध्यक्ष और दर्जनों औद्योगिक कंपनियों के यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडे का जन्मदिन शहर में पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राकेश्वर पांडे ने केवल उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के बीच पहुँचकर सेवा और सामाजिक सरोकारों की एक नई मिसाल पेश की।
भक्ति और परंपरा के साथ दिन की शुरुआत
जन्मदिन की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण में हुई। राकेश्वर पांडे ने सपरिवार राम मंदिर पहुँचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात बिष्टुपुर स्थित उनके आवास पर समर्थकों का तांता लग गया। समर्थकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई और अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
चेशायर होम और कुष्ठ आश्रम में कंबल वितरण
राकेश्वर पांडे ने अपने जन्मदिन के अवसर को जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने निम्नलिखित स्थानों पर जाकर जनसेवा के कार्य किए:
निक्को पार्क: यहाँ चेशायर होम के बच्चों के बीच कंबल बांटे और उनके साथ भोजन कर खुशियां साझा कीं।
बर्मामाइंस कुष्ठ आश्रम: यहाँ पहुँचकर कुष्ठ रोगियों के बीच कंबलों का वितरण किया और उनका हाल-चाल जाना।
आदित्यपुर वृद्धाश्रम: पार्वती घाट के समीप स्थित वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के बीच कंबल वितरित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
उद्योग जगत और समाजसेवियों का जुटा जमावड़ा
राकेश्वर पांडे की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके आवास पर शहर की विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी, ट्रेड यूनियन नेता और सैकड़ों की संख्या में मजदूर समर्थक पहुँचे। निक्को पार्क प्रबंधन ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
भजन संध्या के साथ भक्तिमय समापन
दिनभर चले सेवा कार्यक्रमों के बाद संध्या बेला में उनके आवास पर एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भक्तिमय संगीत और भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया, जिसमें शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
पलामू: जिले के नावाबाजार और बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में हुई प्रियंका देवी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह महज एक हत्या नहीं, बल्कि अवैध संबंधों और साजिश की एक ऐसी कहानी है जिसमें सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं।
अवैध संबंध बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि मृतका प्रियंका देवी का पति रंजीत मेहता का किसी अन्य महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रियंका इस रिश्ते का विरोध कर रही थी, जिसके कारण रंजीत और उसकी प्रेमिका ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।
40 हजार में ‘मौत का सौदा’
हत्या को अंजाम देने के लिए रंजीत ने पेशेवर अपराधियों का सहारा लिया। उसने पड़वा थाना क्षेत्र के लाल कुमार और गोविंद कुमार को 40 हजार रुपये की सुपारी दी। इस पूरी साजिश में रंजीत का भगिना सुनील कुमार भी बराबर का साझीदार बना।
साजिश और मर्डर का ‘क्रूर’ तरीका
विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे के अनुसार, घटना को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया:
बेहोश करना: 28 दिसंबर को प्रियंका को पहले बेहोशी की दवा सुंघाई गई।
गला दबाकर हत्या: अचेत अवस्था में उसे नावाबाजार के डरौना गांव ले जाया गया, जहाँ सुनसान जगह पर मफलर से गला घोंटकर उसकी जान ले ली गई।
शव को दफनाना: हत्या के बाद शव को जमीन में गाड़ दिया गया।
पुलिस को गुमराह करने की चाल: सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जहाँ प्रियंका का शव दफनाया गया था, आरोपियों ने उसके ठीक ऊपर एक मरे हुए कुत्ते का शव रख दिया। उनकी सोच थी कि अगर दुर्गंध फैलेगी, तो लोग उसे किसी जानवर की लाश समझकर नजरअंदाज कर देंगे।
ऐसे खुला राज
प्रियंका के लापता होने के बाद परिजनों ने 31 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 1 जनवरी को दंडाधिकारी की मौजूदगी में दफनाया गया शव बरामद किया। रंजीत और उसकी प्रेमिका ने दबाव बढ़ता देख कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की, तो सारी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस की टीम और गिरफ्तारी
एसडीपीओ आलोक कुमार टूटी के नेतृत्व में गठित टीम ने मुख्य आरोपी रंजीत मेहता, उसकी प्रेमिका, सुपारी लेने वाले लाल कुमार, गोविंद कुमार और सहयोगी सुनील कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रांची/नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे ‘विकृत मानसिकता’ का परिचायक बताया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विवाद, चीन-पाकिस्तान सीमा विवाद और उत्तर प्रदेश की सुशासन नीति पर भी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।
कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं, केवल परिवारवाद
प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वहां राजनीति केवल एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमटी है। उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए तंज कसा कि जर्मनी के चांसलर जैसे सम्मानित अतिथि के आगमन पर भी कांग्रेस ने उचित शिष्टाचार नहीं दिखाया क्योंकि राहुल गांधी उस समय कर्नाटक दौरे पर थे। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के लिए देश के मेहमान से ज्यादा जरूरी एक परिवार का सदस्य है, जिसके लिए वे हमेशा रेड कारपेट बिछाए रहते हैं।”
पश्चिम बंगाल: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
पश्चिम बंगाल के संदर्भ में शाहदेव ने राज्य सरकार पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के जरिए मतदाता सूची में धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
हिंदू बहुल इलाकों से असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग से मांग की गई है कि केवल अवैध प्रवासियों और मृतकों के नाम हटाए जाएं, न कि वैध नागरिकों के।
बीएलओ को राज्य सरकार के दबाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।
अक्साई चीन और नेहरू की ‘ऐतिहासिक गलती’
चीन के मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने इतिहास के पन्नों को पलटा। उन्होंने दावा किया कि अक्साई चीन भारत का अभिन्न हिस्सा था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की ‘उदासीनता’ के कारण वह चीन के पास चला गया। उन्होंने नेहरू के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “वहां घास तक नहीं उगती”, जिसे शाहदेव ने कांग्रेस की सबसे बड़ी भूल बताया।
पाकिस्तान को चेतावनी: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
शाहदेव ने पाकिस्तान को पुरानी हारों (1947, 1965, 1971 और कारगिल) की याद दिलाते हुए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर नूर खान एयरबेस समेत कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान की जमीन से आतंक फैलाया गया, तो भारत घर में घुसकर मारेगा।
उत्तर प्रदेश: ‘जिहादी सोच के लिए कोई जगह नहीं’
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर चर्चा करते हुए शाहदेव ने योगी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपी में राष्ट्रविरोधी और कट्टरपंथी सोच रखने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद भाजपा का तीसरी बार सत्ता में आना यह दर्शाता है कि जनता पारदर्शी और सख्त शासन के साथ है।
मुख्य बिंदु:
मुद्दा भाजपा का स्टैंडकांग्रेस परिवारवाद से ग्रस्त और लोकतांत्रिक मूल्यों से दूर।चीन कांग्रेस की गलतियों को सुधारने के लिए भारत अब ठोस कदम उठा रहा है।पाकिस्तान बार-बार हार के बावजूद सबक न लेने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी।बंगाल वोटर लिस्ट से हिंदुओं के नाम हटाने की साजिश का विरोध।