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जमशेदपुर / बनारस: शहर के चर्चित “बजरंग चाय वाले” अंकित की बहन मेहंदी कुमारी के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर राष्ट्रीय मानस प्रचारक पं० अभिषेक पाठक ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बनारस से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अमानवीय बताया है।
पं० अभिषेक पाठक ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती और षड्यंत्रकारी तत्व इस आपराधिक घटना में जबरन उनका नाम और उनकी गाड़ी को घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा:
”सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मेरी गाड़ी पर किसी विशेष दल का झंडा होने या इस घटना से मेरे संबंध की जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार, असत्य और भ्रामक हैं। मैं इस दुष्प्रचार का घोर खंडन करता हूँ।”
विज्ञप्ति में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घटना में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आ रहे हैं, वे पूर्व में उनकी मंडली का हिस्सा जरूर थे, लेकिन उनके आचरण को देखते हुए उन्हें पहले ही पदों से मुक्त किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी किसी भी मानसिकता या कृत्य का समर्थन नहीं करते हैं।
पंडित पाठक ने जमशेदपुर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विश्वास जताते हुए मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से न्याय के पक्ष में हैं और किसी भी अपराधी को उनका संरक्षण प्राप्त नहीं है।
वर्तमान में बनारस में एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उन्होंने बताया कि कार्यक्रम संपन्न होते ही वे जमशेदपुर लौटेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। उन्होंने ईश्वर से मेहंदी कुमारी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है और आम जनता से अपील की है कि बिना किसी पुष्टि के अफवाहों पर ध्यान न दें।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में बारीडीह और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। जमशेदपुर के बारीडीह हाई स्कूल को अब सीनियर सेकेंडरी (प्लस टू) का दर्जा मिल गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद विद्यालय परिवार और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब छात्रों को 10वीं के बाद उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर-दराज के स्कूलों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में गुरुवार को विद्यालय परिसर में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
प्रधानाचार्या संगीता हालदार ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को नए सत्र की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:

संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र शामिल हुए। इस दौरान पाठ्यक्रम, करियर के विकल्प और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनका प्रधानाचार्या और शिक्षकों ने संतोषजनक उत्तर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
बारीडीह हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी का दर्जा मिलना क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्कूल का शैक्षणिक स्तर ऊंचा होगा, बल्कि स्थानीय छात्रों के लिए बेहतर भविष्य के द्वार भी खुलेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: गोविंदपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते रह गया। गोविंदपुर से NH-33 को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर छोटा गोविंदपुर पानी टंकी के समीप एक तेज रफ्तार डस्टर कार सड़क किनारे खड़े हाइवा से जा टकराई। इस घटना में कार सवार तीन युवक चमत्कारिक रूप से बच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक डस्टर कार (संख्या UP 32FV 7298) गोविंदपुर की ओर से आ रही थी। पानी टंकी के पास सड़क किनारे एक हाइवा (संख्या JH 07C 3611) खड़ा था। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे हाइवा के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के वक्त कार में तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि कार के एयरबैग्स और सुरक्षा मानकों के कारण तीनों को मामूली चोटें ही आईं। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हिरासत में लेकर थाने ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि:
फिलहाल, पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिकों से उपायुक्त ने सीधा संवाद किया।
जनता की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने कई मामलों का ‘ऑन द स्पॉट’ समाधान कर दिया। जिन मामलों में तुरंत निर्णय संभव नहीं था, उनके समयबद्ध निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
शिकायत निवारण दिवस में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने विविध समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल रहे:
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
“हर आवेदन का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर हो ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी विभागों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि प्रगति की समीक्षा हो सके।”
उपायुक्त के इस कड़े रुख से आम नागरिकों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: बागबेड़ा क्षेत्र को गंदगी से मुक्त करने और स्वच्छता मिशन को धरातल पर उतारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला पार्षद डॉ. कविता परमार की सक्रियता और प्रशासनिक सहयोग के बाद, क्षेत्र में ‘डोर-टू-डोर’ कचरा उठाओ योजना के लिए आधिकारिक सर्वे का काम शुरू हो गया है।
इस अभियान की नींव जिला पार्षद डॉ. कविता परमार द्वारा उपायुक्त (DC) और उप विकास आयुक्त (DDC) से किए गए लगातार संवाद के बाद पड़ी। उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल पदाधिकारी (CO) की अध्यक्षता में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की गई थी। इस बैठक के ठीक अगले दिन, 10 अप्रैल को धरातल पर सर्वे कार्य का श्रीगणेश कर दिया गया।
सर्वे अभियान की शुरुआत मध्य बागबेड़ा पंचायत के रोड नंबर 5 और बागबेड़ा कॉलोनी के रोड नंबर 2 से की गई। इस दौरान टीम घर-घर जाकर निम्नलिखित जानकारियां जुटा रही है:
सर्वे के साथ-साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है ताकि इस योजना को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके। कचरा प्रबंधन की इस सुगबुगाहट से स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस सर्वे अभियान में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई। मौके पर मुख्य रूप से:
बागबेड़ा की जनता को उम्मीद है कि इस पहल से वर्षों से चली आ रही कचरे की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: लौह नगरी और आसपास के रेल यात्रियों के लिए ट्रेनों का घंटों विलंब से चलना अब एक बड़ी मुसीबत बन गया है। इस गंभीर समस्या के समाधान और रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करने के लिए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मोर्चा खोल दिया है। आगामी 7 अप्रैल, 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक विशाल ‘नागरिक धरना’ आयोजित किया जा रहा है।
विधायक सरयू राय ने धरने का आह्वान करते हुए बताया कि पिछले दो-ढाई वर्षों से टाटानगर पहुंचने वाली यात्री ट्रेनों की स्थिति बदतर हो गई है। ट्रेनें चांडिल, कांड्रा और राखा माइंस जैसे नजदीकी स्टेशनों तक तो समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर की महज कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें 4 से 6 घंटे का समय लग रहा है। आउटर पर ट्रेनों को घंटों रोके जाने से छात्र, मरीज, कामकाजी लोग और आम यात्री बेहाल हैं।
विधायक ने स्पष्ट किया है कि यह किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ‘नागरिक धरना’ है। इसमें शहर के सभी वर्गों को आमंत्रित किया गया है:
धरना कार्यक्रम 7 अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे से टाटानगर स्टेशन परिसर में शुरू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य रेल मंत्री को यात्रियों की पीड़ा से अवगत कराना और ट्रेनों के परिचालन में सुधार के लिए ठोस समाधान की मांग करना है। सरयू राय ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे इस धरने में शामिल होकर यात्रियों के हक की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।
मुख्य विवरण:
- क्या: ट्रेनों की लेटलतीफी के विरुद्ध धरना।
- कब: 7 अप्रैल, 2026 (मंगलवार), सुबह 10:00 बजे से।
- कहां: टाटानगर रेलवे स्टेशन।
- नेतृत्व: सरयू राय (विधायक, जमशेदपुर पश्चिम)।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से विशेष रिपोर्ट।
जामताड़ा: साइबर अपराध की राजधानी कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को वाहन की किस्त (EMI) जमा करने के नाम पर झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो साइबर अपराधियों को दबोचा गया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान:
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अपराधी ठगी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे:
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
जामताड़ा साइबर थाना में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी की कुल राशि का पता लगाया जा सके।
पुलिस की अपील: जामताड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें और न ही फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। आधिकारिक भुगतान के लिए हमेशा अधिकृत ऐप या शाखा का ही उपयोग करें।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जामताड़ा से रिपोर्ट।
चाईबासा/जगन्नाथपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को “अंतिम सांस तक” आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है।
यह मामला जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कंसलापोस रुगुड़साई गांव का है। घटना 8 सितंबर 2023 की है, जब आरोपी सुरेश सिंकु ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया भी था कि यदि उसने किसी को बताया, तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा।
धमकी के बावजूद पीड़िता ने साहस दिखाया और घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए सुरेश सिंकु को दोषी पाया। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए निम्नलिखित सजा मुकर्रर की:
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित और कठोर फैसले से अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा। साथ ही, यह पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की जीत है, जिन्होंने न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
तीसरी धारा न्यूज के लिए पश्चिमी सिंहभूम से रिपोर्ट।
जमशेदपुर: शहर की घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जेल में बंद करीब 1600 बंदियों में तपेदिक (टीबी) की आशंका को देखते हुए विभाग ने एक व्यापक जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा एक विशेष चिकित्सकीय टीम का गठन भी कर दिया गया है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि जेल जैसे बंद और सीमित वातावरण में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। विशेषकर टीबी जैसी बीमारी, जो हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है, जेल परिसर में बड़ा खतरा बन सकती है। इसी सतर्कता के मद्देनजर सभी 1600 बंदियों की चरणबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग की जाएगी।
इस अभियान की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
घाघीडीह जेल अधीक्षक ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा है कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य टीम को पूरा सहयोग देगा। बंदियों की सूची तैयार कर ली गई है ताकि बिना किसी अव्यवस्था के व्यवस्थित ढंग से जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके। अक्सर जागरूकता की कमी के कारण बंदी बीमारी छिपाते हैं, जिसे दूर करने के लिए विशेष काउंसलिंग भी की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। जेल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एक भी संक्रमित व्यक्ति पूरी बैरक के लिए खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग का यह समयोचित निर्णय न केवल कैदियों की जान बचाएगा, बल्कि जेल परिसर के भीतर संक्रमण की श्रृंखला को भी तोड़ेगा।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।
रांची/जमशेदपुर: झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सोमवार का दिन दो महत्वपूर्ण सूचनाएं लेकर आया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने जहाँ उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड की तिथि घोषित कर दी है, वहीं झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 का रास्ता भी साफ हो गया है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पात्रता के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के अगले चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसकी लिखित परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।
इन दोनों बड़ी परीक्षाओं को लेकर आयोग और परिषद ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जेएसएससी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र की स्थिति जान लें।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।