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बोकारो: धार्मिक यात्रा की इच्छा रखने वाले झारखंड के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) एक शानदार अवसर लेकर आया है। आगामी 11 मई से ‘भारत गौरव टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन’ का संचालन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को देश के छह प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिरडी धाम के दर्शन कराएगी।
सोमवार को बोकारो में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान IRCTC रांची के पर्यटन अधिकारी अरविंद चौधरी ने इस विशेष पैकेज की विस्तृत जानकारी साझा की।
यह धार्मिक यात्रा 11 रात और 12 दिनों की होगी, जो 11 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निम्नलिखित स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा:
ट्रेन का मुख्य संचालन झारसुगुड़ा से होगा। यह ट्रेन झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए बोकारो स्टील सिटी पहुंचेगी, जहाँ से स्थानीय यात्री इसमें सवार हो सकेंगे। इसके बाद यह ट्रेन गया, राजगीर, पटना, बक्सर और प्रयागराज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ेगी।
पर्यटन अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत यात्रियों को लगभग 33 प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है। पैकेज की दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
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श्रेणी (Category) |
प्रति यात्री शुल्क (₹) |
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स्लीपर क्लास |
23,315 |
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थर्ड एसी (3AC) |
41,570 |
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सेकंड एसी (2AC) |
50,410 |
आईआरसीटीसी के अनुसार, यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:
मौके पर आईआरसीटीसी के मंटू कुमार व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या रांची/बोकारो स्थित कार्यालयों से बुकिंग करा सकते हैं।
तीसरी धारा न्यूज के लिए बोकारो से रिपोर्ट।
जमशेदपुर: लौह नगरी में एटीएम ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। साइबर अपराधियों ने अब सीधे एटीएम बूथों के भीतर फर्जी हेल्पलाइन नंबरों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला मानगो थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुद्वारा बस्ती निवासी सुरजीत सिंह ठगी का शिकार बन गए।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित सुरजीत सिंह मानगो गोलचक्कर स्थित एसबीआई (SBI) के एटीएम से नकदी निकालने गए थे। जैसे ही उन्होंने अपना कार्ड मशीन में डाला, वह अंदर ही फंस गया। उस वक्त बूथ पर कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। घबराहट में सुरजीत की नजर एटीएम की दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर पड़ी। उन्होंने उसे आधिकारिक हेल्पलाइन समझकर डायल कर दिया।
फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का सहायक बताते हुए सुरजीत को भरोसे में लिया। शातिर ठग ने उन्हें बातों में उलझाया और कहा कि तकनीकी सुधार के लिए उन्हें पास के पेट्रोल पंप पर आना होगा। जब सुरजीत वहां पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वे तुरंत वापस एटीएम पहुंचे, लेकिन तब तक उनका कार्ड गायब हो चुका था।
हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही मिनटों के भीतर उनके मोबाइल पर 11,000 रुपये की निकासी का मैसेज आ गया।
घटना के बाद जब पीड़ित ने शोर मचाया तो वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड का व्यवहार भी संदिग्ध और विवादित रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था और बैंक प्रबंधन की लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए हैं।
पीड़ित सुरजीत सिंह ने मामले की लिखित शिकायत मानगो थाना में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एटीएम केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
सावधानी बरतें: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी दीवार पर लिखे नंबरों पर भरोसा न करें। कार्ड फंसने की स्थिति में केवल बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर या सीधे शाखा से संपर्क करें।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।
रांची: झारखंड में बार, रेस्टोरेंट और होटलों में शराब परोसने के शौकीनों और संचालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 1 मई 2026 से नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब रात 12 बजे तक बार बंद करने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त हो जाएगी, जिससे नाइटलाइफ और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग वर्तमान में ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026’ के अंतिम प्रारूप पर काम कर रहा है। हालांकि इसे 1 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन खुदरा शराब दुकानों की नियमावली में संशोधनों के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। अब इसे अप्रैल के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा।
नई नियमावली के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स और बार एसोसिएशन ने कुछ गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिन पर विभाग विचार कर रहा है:
विभाग ने पूर्व में ही आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त फीडबैक और आपत्तियों पर उच्च स्तरीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य एक ऐसी संतुलित नियमावली तैयार करना है जिससे राजस्व में भी वृद्धि हो और उपभोक्ताओं व पर्यटन क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
निष्कर्ष: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 मई से झारखंड के बार और क्लब नए रंग-रूप और नए समय के साथ संचालित होते नजर आएंगे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
रांची/कोलकाता: पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनावों में झारखंड की सियासत का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। चाहे वह असम का चुनाव हो या पश्चिम बंगाल का, झारखंड के दिग्गज नेता अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ कैंप कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने भी अपने स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतार दी है। यू
असम के चुनावी मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आदिवासी समाज के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए 15 दिनों तक सघन अभियान चलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद वहां मोर्चा संभाले रहे।
पश्चिम बंगाल के चुनावों में भाजपा ने झारखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य के 100 से अधिक नेता और कार्यकर्ता पिछले तीन महीनों से बंगाल में सक्रिय हैं।
झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बतौर सह-प्रभारी करीब तीन महीने यहां बिताए थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
सीधा कनेक्शन: हिमंता को झारखंड के कई कार्यकर्ताओं के नाम तक याद हैं। यही वजह है कि जब झारखंड के भाजपा कार्यकर्ता असम या बंगाल में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें हिमंता के साथ सीधे समन्वय का बड़ा लाभ मिल रहा है।
साफ है कि झारखंड की राजनीति अब केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रही। आदिवासियों के मुद्दे और पड़ोसी राज्यों की भौगोलिक निकटता ने झारखंड के नेताओं को बंगाल और असम के चुनावों में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में ला खड़ा किया है।
विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
पतरातू (रामगढ़): झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में सोमवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब पीटीपीएस (PTPS) की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल (सोमवार) को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों और गलियों में उतर आए।
जैसे ही बेदखली की आहट हुई, कॉलोनी के निवासी अपने घरों से निकलकर मुख्य स्थल पटेल चौक पर जमा हो गए। प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दो-टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियाने खाली नहीं करेंगे।
विवाद की जड़ पीटीपीएस पावर प्लांट के बंद होने के बाद जमीन का हस्तांतरण है:
इस पूरे मामले में कानूनी दांव-पेंच को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं:
समाचार लिखे जाने तक हालांकि कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, लेकिन पटेल चौक पर ग्रामीणों का हुजूम डटा हुआ है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती और किसी भी संभावित टकराव को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
रामगढ़/हेसला: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। हेसला स्थित ‘झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड’ में सोमवार तड़के फर्नेस फटने से एक भीषण विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात 9 मजदूर आग और पिघले हुए लोहे की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में से 7 मजदूरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4:00 बजे जब प्लांट में सामान्य रूप से काम चल रहा था, तभी अचानक फर्नेस में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। फर्नेस के पास काम कर रहे मजदूर गर्म पिघले लोहे और आग की लपटों की सीधी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई और उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
हादसे के फौरन बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड स्थित ‘द होप हॉस्पिटल’ ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक:
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई: प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज का सख्त निर्देश दिया गया है।
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और मजदूर संगठनों में प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण निर्दोष मजदूरों की जान जोखिम में पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और घायलों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
मोकामा/बरौनी: बिहार में उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले मोकामा के राजेंद्र सेतु को अब एक नया साथी मिलने जा रहा है। राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल अब अपने अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई या जून 2026 तक इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
मोकामा-बरौनी रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक पुराने राजेंद्र सेतु पर अत्यधिक दबाव के कारण ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रहना पड़ता था।
प्रोजेक्ट का सिविल स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से पटरियों का बारीक निरीक्षण किया जा रहा है। पुल पर बिजली के पोल लगाए जा चुके हैं और हाई-टेंशन तारों को बिछाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
अगला कदम: बिजली का काम पूरा होते ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा फाइनल निरीक्षण किया जाएगा। उनकी हरी झंडी मिलते ही जून 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों की सीटियां गूंजने लगेंगी।
इस डबल रेल लाइन के शुरू होने से न केवल एक्सप्रेस ट्रेनों का सफर आसान होगा, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से बिहार के व्यापारिक रूट को भी नई गति मिलेगी। यात्रियों को अब ट्रेनों की ‘कछुआ चाल’ और घंटों के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
गंगा पर बना यह आधुनिक पुल न केवल बिहार की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा, बल्कि राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ आज लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कों पर किन्नर समुदाय का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने साकची स्थित डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (DC) कार्यालय तक विशाल मार्च निकाला और उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2026 का यह नया संशोधन उनके मौलिक अधिकारों और गरिमा पर सीधा हमला है। मार्च का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं और किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित मुख्य आपत्तियां दर्ज कराईं:
मार्च के दौरान ‘हमें हमारा अधिकार दो’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारों से पूरा प्रशासनिक परिसर गूंज उठा। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इस “प्रतिगामी” (Regressive) बिल को वापस नहीं लेती है या इसमें सुधार नहीं करती है, तो यह आंदोलन राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक और तेज किया जाएगा।
“यह कानून हमारी पहचान को कागजों और डॉक्टरों की रिपोर्ट तक सीमित कर रहा है। हम अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।” — प्रदर्शन में शामिल एक प्रतिनिधि
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची खींचतान अब सार्वजनिक आरोपों के एक नए और बेहद गंभीर दौर में पहुंच गई है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा जहां एक ओर अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर AAP हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद के एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।
नवीन जयहिंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए राघव चड्ढा पर व्यक्तिगत हमले किए और एक चौंकाने वाला दावा किया। जयहिंद का आरोप है कि जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब राघव चड्ढा को उनके आधिकारिक आवास (जिसे विपक्ष ‘शीशमहल’ कहता है) में बुलाकर ‘मुर्गा बनाकर पीटा गया था।’https://x.com/i/status/2040264875415572641https://x.com/i/status/2040264875415572641
जयहिंद ने अपने पोस्ट में लिखा:
”राजदार राघव जी, वो क्यों नहीं बताते जब आपको शीशमहल में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था? आपकी आंख में जो चोट लगी थी, जिसका इलाज आपने इंग्लैंड में करवाया, वह उसी पिटाई का नतीजा थी। उस वक्त आंसुओं का सैलाब आया था।”
वीडियो में जयहिंद ने राघव चड्ढा की तुलना अप्रत्यक्ष रूप से स्वाति मालीवाल (महिला सांसद) से करते हुए कहा कि कम से कम उन्होंने मारपीट की बात बताने की हिम्मत तो दिखाई। उन्होंने चड्ढा को चुनौती देते हुए कहा, “हिम्मत दिखाओ राघव! लोगों को बताओ कि वहां बैठे वो चार लोग कौन थ
गौरतलब है कि 1 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था। उनकी जगह अब अशोक मित्तल यह जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी ने यहां तक आग्रह किया है कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।
नवीन जयहिंद के इन दावों ने अब इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, अभी तक राघव चड्ढा या आम आदमी पार्टी की ओर से इन ‘पिटाई’ वाले आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार की राजनीति में खरमास के बाद बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद प्रदेश की कमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता को सौंपी जा सकती है, जिसमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इस बीच, पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को मुजफ्फरपुर पहुंचे आनंद मोहन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी की कार्यप्रणाली पर चुटकी ली। जब उनसे पूछा गया कि वे अगला मुख्यमंत्री किसे देखना चाहते हैं, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमारे या आपके चाहने से कुछ नहीं होगा। सब जानते हैं कि बीजेपी में मुख्यमंत्री के लिए पर्ची निकलती है। अब किसके भाग्य की पर्ची निकलती है, इसका इंतजार कीजिए।”
आनंद मोहन ने एनडीए के पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आ गई कि नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आ रही है? उन्होंने कहा, “चुनाव में नारा दिया गया था कि 2025 से 2030 तक फिर से नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। जनता से किए गए इस वादे को पूरा किया जाना चाहिए।”
पूर्व सांसद ने आगाह किया कि यदि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है, तो भविष्य में इसका सबसे बड़ा खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इसके पीछे का गणित समझाते हुए कहा:
राजनीतिक बयानों के अलावा आनंद मोहन मुजफ्फरपुर के अहियापुर में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के सिलसिले में एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
बिहार की सियासत में ‘पर्ची’ वाले इस बयान के बाद अब सबकी नजरें खरमास खत्म होने और बीजेपी के अगले कदम पर टिकी हैं।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क