जामताड़ा: साइबर अपराध की राजधानी कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को वाहन की किस्त (EMI) जमा करने के नाम पर झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
गुप्त सूचना पर करमाटांड़ में छापेमारी
पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो साइबर अपराधियों को दबोचा गया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान:
- राजेन्द्र रवानी (28 वर्ष)
- गणेश रवानी (25 वर्ष)
ठगी का तरीका: बजाज फाइनेंस के नाम पर खेल
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अपराधी ठगी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे:
- फर्जी पहचान: आरोपी लोगों को फोन कर खुद को बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) का प्रतिनिधि बताते थे।
- किस्त का झांसा: वे ग्राहकों को विश्वास में लेते थे कि उनके वाहन की किस्त बकाया है और उसे ऑनलाइन जमा करना होगा।
- QR कोड का जाल: किस्त जमा करने के बहाने वे ग्राहकों को एक QR कोड भेजते थे। जैसे ही ग्राहक उस कोड को स्कैन करता, पैसे अपराधी के ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाते थे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
- 07 मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के)
- 07 फर्जी सिम कार्ड (जिनका इस्तेमाल कॉल करने के लिए होता था)
जामताड़ा साइबर थाना में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी की कुल राशि का पता लगाया जा सके।
पुलिस की अपील: जामताड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें और न ही फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। आधिकारिक भुगतान के लिए हमेशा अधिकृत ऐप या शाखा का ही उपयोग करें।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जामताड़ा से रिपोर्ट।











