एक नई सोच, एक नई धारा

गठबंधन की कमान संभालेंगे हेमंत सोरेन तो भाजपा अपनाएगी सामूहिक नेतृत्व का फार्मूला

2024 में पहले लोकसभा और उसके कुछ ही महीनों बाद झारखंड में विधानसभा के चुनाव संभावित हैं. इसे लेकर राज्य की सियासी फिजां में अभी से गरमाहट महसूस की जा सकती है.

पक्ष-विपक्ष के दलों की गोलबंदी की कोशिशों के बीच झारखंड में जो तस्वीर बनती दिख रही है, उसमें दो बातें साफ हो जाती हैं. पहली यह कि राज्य में झामुमो-कांग्रेस-राजद के मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन की कमान निर्विवाद रूप से हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के पास रहेगी. दूसरी बात यह कि भाजपा यहां किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व का फार्मूला अपनाएगी. हेमंत सोरेन आज झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के सबसे बड़े एवं सर्वमान्य सेनापति की भूमिका में हैं और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों में भी उनकी यह हैसियत बरकरार रहने वाली है. दूसरी तरफ भाजपा नरेंद्र मोदी-अमित शाह यानी केंद्रीय नेतृत्व की छत्रछाया में झारखंड भाजपा के चार-पांच बड़े चेहरों बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, अन्नपूर्णा देवी आदि को सामूहिक तौर पर चुनावी अभियान की जिम्मेदारी सौंपेगी. इन सभी के सामने एक लक्ष्य होगा कि वे हेमंत सोरेन और उनकी अगुवाई वाले गठबंधन पर जोरदार हमला बोलें

प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर दोनों तरफ से राज्य में चुनावी अभियान का आगाज हो चुका है. भाजपा की सियासी रणनीति के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह ने 7 जनवरी को चाईबासा और 4 फरवरी को देवघर में विजय संकल्प रैली के साथ ही राज्य में चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया था. दूसरी तरफ राज्य में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन वाली सरकार के अगुआ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जनवरी-फरवरी में खतियानी जोहार यात्रा निकाली और 12 जिलों में सभाएं कीं. अमित शाह ने झारखंड की अपनी दोनों रैलियों में कांग्रेस के बजाय हेमंत सोरेन पर हमला बोला. हेमंत सोरेन ने भी अमित शाह के प्रहारों का जवाब देने में देरी नहीं की. अमित शाह की पहली रैली चाईबासा में हुई थी. इसके ठीक 17 दिन बाद 24 फरवरी को हेमंत सोरेन ने भी खतियानी जोहार यात्रा के तहत यहां बड़ी रैली को संबोधित किया. सोरेन ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से वे सभी का आशीर्वाद लेने आए हैं. उन्होंने कहा कि 15 साल दीजिए, झारखंड गुजरात से ऊपर होगा. अब भाजपा आगामी 11 अप्रैल को हेमंत सोरेन सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए रांची में रैली और प्रदर्शन की तैयारियों में जुटी है. इसमें गांव-गांव से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटान की योजना है.

इसकी तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में पार्टी के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा, भाजपा कार्यकर्ता हेमंत सरकार के निकम्मेपन का संदेश हर बूथ और हर व्यक्ति तक पहुंचाएं. हर कार्यकर्ता के लिए लक्ष्य यही है कि चुनाव में वह अपने बूथ पर पार्टी को बढ़त दिलाए. झारखंड में आदिवासी वोट बैंक पर हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी की मजबूत पकड़ है. भाजपा जानती है कि वह इस वोट बैंक को दरकाने में जितनी सफल रही, लोकसभा के साथ-साथ 2024 में ही होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में उसकी राह उतनी आसान होगी. इसलिए भाजपा राज्य में भ्रष्टाचार, संथाल परगना इलाके में बांग्लादेशियों की घुसपैठ, नौकरी और रोजगार के मामलों में राज्य सरकार की विफलताओं, आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर हेमंत सरकार की घेराबंदी में जुटी है. रांची में 11 अप्रैल को होने वाली रैली के बाद विभिन्न जिला मुख्यालयों और प्रखंडों में राज्य सरकार के खिलाफ जनसभाएं आयोजित करने की तैयारी है. झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश कहते हैं, हेमंत सरकार ने झारखंड को लूट खंड बनाकर छोड़ दिया है. पार्टी इस सरकार को अपदस्थ करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इनका बोरिया-बिस्तर बांध दिया जाएगा.

दूसरी तरफ हेमंत सोरेन राज्य में सरकार चलाते हुए आदिवासियों और झारखंड के मूल निवासियों से जुड़े जमीनी और भावनात्मक मुद्दों पर एक के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं. 1932 के खतियान पर आधारित डोमिसाइल और रिक्रूटमेंट पॉलिसी लाकर उन्होंने झारखंड के आदिवासियों और मूल निवासियों को गोलबंद करने के लिए सबसे बड़ा तुरूप का पत्ता चला था. हालांकि हाईकोर्ट ने इस पॉलिसी को खारिज कर दिया. अभी विधानसभा के बजट सत्र में इसे लेकर भाजपा ने लगातार सरकार को घेरने की कोशिश की. इसपर हेमंत सोरेन ने अपने जवाब में कहा कि 1932 के खतियान की पॉलिसी को भाजपाइयों ने कोर्ट तक पहुंचाकर भले रोड़ा अटकाने की कोशिश की, लेकिन हमने यह मुद्दा छोड़ा नहीं है. हम इसके लिए रास्ता निकालेंगे. ओबीसी-एससी-एसटी आरक्षण में वृद्धि, निजी कंपनियों में 40 हजार तक की पगार वाले पदों पर झारखंड के स्थानीय लोगों के लिए 75 फीसदी आरक्षण जैसे फैसलों के जरिए भी हेमंत सोरेन आने वाले चुनावों के मद्देनजर अपने पक्ष में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

हेमंत सोरेन सरकार के कई फैसलों पर पूरी तरह सहमत न होने के बावजूद राज्य में कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां उनके साथ खड़ी हैं. हाल में राजद नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने रांची में हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हम आने वाला चुनाव झारखंड में हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में मिलकर लड़ेंगे. झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं. 2019 के चुनाव में इनमें से 11 सीटों पर भाजपा और एक पर एनडीए फोल्डर की पार्टी आजसू ने जीत दर्ज की थी. इस बार एनडीए के लिए यह परिणाम दोहरा पाना बड़ी चुनौती है. पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार थी. अभी राज्य में झामुमो की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार है. अगर कोई अप्रत्याशित स्थिति नहीं बनी तो यह सरकार वर्ष 2024 तक कायम रह सकती है और ऐसे में यहां सोरेन की अगुवाई में ज्यादा बेहतर संसाधनों के साथ चुनाव लड़ने का फायदा यूपीए को मिल सकता है.

पिछले लोकसभा चुनाव में यूपीए फोल्डर के तहत चार दलों राजद, झामुमो, कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा ने 14 में से 13 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद इनके हिस्से मात्र 2 सीटें आई थीं. झारखंड विकास मोर्चा अब विघटित हो चुका है. संभावना यही है कि इस बार यूपीए फोल्डर में झामुमो, कांग्रेस और राजद एक साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और हेमंत सोरेन इस एका की सबसे बड़ी धुरी होंगे. फिलहाल इनकी एकता में कोई बड़ी मुश्किल नहीं दिख रही. हेमंत सोरेन कहते हैं, मैं आने वाले चुनावों को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं करता, लेकिन इतना तय है कि झारखंड में हम काफी बेहतर स्थिति में हैं. हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे. हमने झारखंड और राज्य की जनता के लिए जमीनी काम किया है, जबकि भाजपा ने 20 सालों के शासन में इस राज्य के लोगों को सिर्फ धोखा दिया. आने वाले चुनावों में हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे.

दिल्ली सरकारी स्कूल के छात्र बड़ी संख्या में हुए फेल

दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं. बीते 31 मार्च को आए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के मुख्य परीक्षा परिणाम को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों के रिजल्ट इस बार अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं.

दिल्ली के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं. यहां तक की बड़ी संख्या में छात्रों के इस बार फेल होने की भी सूचना है. शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) की ओर से दिल्ली के सरकारी स्कूलों को 6 अप्रैल तक का समय दिया गया है. इसके बाद अंक सुधार कर शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अंकों का विवरण पुनः अपलोड किया जाएगा.

इस मामले को लेकर एबीपी लाइव ने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की तो वह इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए. हालांकि, उन्होंने इस बात की जानकारी दी की कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं. शिक्षकों की तरफ से अपना पूरा प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश सरकारी स्कूलों के कुल परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं.

अलग-अलग होतें हैं हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम- प्रधानाचार्य

उन्होंने कहा कि कक्षाओं में कुल बच्चों के पास होने के प्रतिशत में भी कमी देखी गई है. इसके अलावा जब अन्य सरकारी स्कूल के शिक्षक से इस मामले में एबीपी लाइव ने संपर्क किया तो उनका कहना था कि हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम अलग-अलग होतें हैं, लेकिन इस बार का कक्षा 9वीं और 11वीं का परीक्षा परिणाम उत्साहजनक नहीं रहा है.

‘कोरोना काल से बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावित’

प्रधानाचार्य ने बताया कि कोरोना काल से ही स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बहुत हद तक प्रभावित हुई है. ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षकों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन शत-प्रतिशत उसका सफल परिणाम अभी भी देखने को नहीं मिला है. इसके अलावा बहुत से स्कूलों में बच्चों की गैर हाजिरी भी ऐसे परिणाम की प्रमुख वजह बन रही है. सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी है कि दोबारा अंकों को अपडेट किए जाने वाले निर्णय को लेकर अब शिक्षकों की ओर से खुद को पास कराने के लिए कुछ कॉपिया भी लिखी गई है. इसके अलावा परिणाम को दोबारा बेहतर करने के लिए अब शिक्षकों की तरफ से प्रयास किया जा रहे हैं.

बोल्ट की स्विंग, होल्डर का कैच और हैदरबाद बेदम

आईपीएल-2023 का आज तीसरा दिन है.शुरुआत दो दिन में खेले गए मैचों में देखा गया था कि घर में खेलने वाली टीम ने जीत हासिल की है. राजस्थान रॉयल्स ने हालांकि रविवार को इस क्रम को तोड़ दिया.

उसने सनराइजर्स हैदराबाद को उसके घर में 72 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया.इस मैच को राजस्थान की आक्रामक बल्लेबाजी और हैदराबाद की तूफानी बल्लेबाजी के लिए बीच का मैच माना जा रहा था जिसमें राजस्थान की बल्लेबाजी जीती. लेकिन राजस्थान के एक गेंदबाज ने उसकी जीत में बड़ा रोल निभाया और हैदराबाद को कमजोर किया. ये गेंदबाज हैं ट्रेंट बोल्ट. बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने इस मैच में एक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है और भारत के एक गेंदबाज को पीछे छोड़ दिया.

बोल्ट ने हैदराबाद के खिलाफ अपने कोटे के चार ओवर फेंके और 21 रन देकर दो विकेट लिए. इस दौरान उनका एक ओवर मेडन रहा. पहले ही ओवर में कर दिया खेल बोल्ट ने राजस्थान को पहले ही ओवर में झटके दे दिए. वो भी एक नहीं दो-दो.

बोल्ट ने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा को बोल्ड कर दिया. बोल्ट ने यॉर्कर फेंकी जिसे अभिषेक समझ नहीं पाए और गच्चा खा गए. बोल्ट की आउटस्विंग यॉर्कर का अभिषेक के पास कोई जवाब नहीं था. इसके बाद पांचवीं गेंद पर भी बोल्ट ने हैदराबाद को एक और झटका दे दिया.

सामने थे हैदराबाद की बल्लेबाजी की धुरी राहुल त्रिपाठी. बोल्ट ने पांचवीं गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फुल लैंग्थ फेंकी जिसे त्रिपाठी ने बल्ले के इशारे से थर्डमैन की तरफ खेलना चाहा.लेकिन गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में गई. वहां खड़े थे जेसन होल्डर जिन्होंने अपने बाईं तरफ डाइव मार शानदार कैच लपका और त्रिपाठी को विदा कर दिया. बोल्ट द्वारा दिए गए इन दो झटकों से हैदराबाद उबर नहीं पाई. पहले ओवर में उसका खाता भी नहीं खुला था और उसने अपने दो विकेट खो दिए थे.

इसी के साथ बोल्ट ने भारत के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को पीछे छोड़ दिया. बोल्ट आईपीएल में पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं. उन्होंने पहले ओवर में 17 विकेट लिए.

उनसे आगे हैदराबाद के भुवनेश्वर कुमार हैं जिन्होंने 20 विकेट लिए हैं. प्रवीण के नाम पहले ओवर में कुल 15 विकेट हैं. चहल ने किया ढेर बोल्ट ने शुरुआती ओवर में अपनी टीम को जो सफलता दिलाई थी उसका फायदा लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पूरी तरह से उठाया और हैदराबाद मिडिल ओवरों में हैदराबाद के बल्लेबाजों को रन नहीं बनाने दिए साथ ही विकेट भी निकाले. चहल ने अपने कोटे के चार ओवरों में महज 17 रन दिए और चार विकेट लिए. उन्होंने मयंक अग्रवाल, हैदराबाद के सबसे महंगे खिलाड़ी हैरी ब्रूक, आदिल रशीद और कप्तान भुवनेश्वर कुमार को आउट किया. हैदराबाद की तरफ से सबसे ज्यादा नाबाद 32 रन इम्पैक्ट प्लेयर अब्दुल समद ने बनाए.

धनबाद जेल में बंदियों के दो गुटों के बीच झड़प, मारपीट में आधा दर्जन कैदी घायल

धनबाद जेल में बं‍द‍ियों के दो गुटों में रव‍िवार को भि‍ड़ंत हो गई। मारपीट में छह से अधिक बंदियों को चोटें लगी हैं। दोनों गुटों में भि‍ड़ंत की शुरुआत होते ही जेल प्रशासन ने आठ बार पगला सायरन बजाया।इससे हड़कंप मच गया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

जेल सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले धनबाद के एक भगोड़े अपराधी ने वीडियो जारी कर एक दबंग घराने के लोगों को बलिया भेज देने की धमकी दी थी। इसके बाद से घराना समर्थको के बीच भगोड़ा अपराधी के खिलाफ आक्रोश व्याप्त था। आज जेल में घटी घटना का तार भी धमकी भरे वायरल वीडियो के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

जेल प्रशासन खंगाल रहा सीसीटीवी फुटेज

जेल प्रशासन जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। प्रथमदृष्टया देखा गया है कि बिनोद सिंह अकेला जा रहा था जिसे रोककर दो बंदियों ने मारपीट की। इसके कुछ देर बाद बिनोद सिंह अपने समर्थकों के साथ दूसरे गुट पर हमला कर देता है। जेल सूत्रों के अनुसार जेल के भीतर दो राउंड में झड़प हुई थी।

जेल के भीतर अनवर हथेला और बिनोद सिंह के बीच झड़प की शुरुआत हुई थी। बता दें कि नीरज हत्याकांड में बिनोद सिंह जेल में है तो अनवर प्रिंस खान गुट का सदस्य बताया जाता है। अनवर को हाल ही में पुलिस ने जेल भेजा है। इस झड़प में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है।

दो साल से था प्रेम संबंध शादी की बात हुई तो लड़का हुआ फरार..लड़की ने की खुदकुशी की कोशिश

जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह सोपोडेरा निवासी करीना कालिंदी को उसके प्रेमी सन्नी बाग ने शादी की बात कहकर फरार हो गया. इधर करीना बिष्टुपुर राम मंदिर के पीछे रहले वाले प्रेमी सन्नी के घर पहुंची जहां उसने अपने हाथ को नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया. इधर स्थानीय लोगों ने 100 डायल पर पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना पाकर पीसीआर वाहन मौके पर पहुंची और करीना को इलाज के लिए तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।

पहले से शादीशुदा है युवती, दो साल से है प्रेम संबंध में

करीना ने बताया कि 2015 में उसकी शादी हुई थी. इस बीच वह सन्नी के संपर्क में आई थी. सन्नी के वजह से ही पति ने छोड़ दिया था. सन्नी ने शादी की बात कही थी. कई बार संबंध भी बनाए. सन्नी ने शादी से इंकार कर दिया था जिसके बाद बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत के बाद सन्नी ने शादी की बात कही थी. आज दोनो शादी होनी थी. जब वह सन्नी के घर पहुंची तो उसके पिता ने सन्नी को भगा दिया. सन्नी के पिता ने शादी करवाने से इंकार कर दिया. इससे मजबूर होकर हाथ काटकर आत्महत्या का प्रयास किया।

मनप्रीत हत्याकांड का बदला लेने के लिए कोर्ट परिसर में नवीन पर हुआ था फायरिंग

जमशेदपुर : सिविल कोर्ट के गेट नंबर 3 में और गोलमुरी थाना क्षेत्र में फायरिंग करने के मामले में पुलिस टीम ने कुल छह बदमाशों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है. इसका खुलासा रविवार को सिटी एसपी के विजय शंकर ने पुलिस ऑफिस सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में किया. सिटी एसपी ने कहा कि घटना मनप्रीत हत्याकांड से जुड़ा हुआ है. मनप्रीत हत्याकांड का बदला लेने के लिये गोली चलायी गयी थी।

गिरफ्तार बदमाशों में उलीडीह डिमना रोड शिवाजी सिंह कॉम्पलेक्स का विक्की सिंह गिल उर्फ कुंडी, गोविंदपुर के जोजोबेड़ा पुनम अपार्टमेंट का अमन कुमार सिंह उर्फ टकला, गोलमुरी नामदा बस्ती रोड नंबर एक का राज पासवान उर्फ कल्लू, टेल्को के खड़ंगाझार हनुमान मंदिर के पास का मनीष कुमार रहेलू, छोटा गोविंदपुर का विक्की तिवारी उर्फ प्रकाश तिवारी और गोलमुरी साबरमती रोड का गोल्डी सिंह उर्फ गोल्डी बच्चा शामिल है।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं ले सकते हैं “वन टाइम सेटलमेंट” योजना का लाभ

झारखंड सरकार ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं (5 किलोवाट तक) और (सिंचाई और कृषि सेवा-आईएएस-I निजी) को राहत प्रदान करने के लिए उपरोक्त संदर्भित प्रस्ताव के माध्यम से “वन टाइम सेटलमेंट” योजना को मंजूरी दे दी है। डीपीएस में 31.12.2022 तक की बकाया राशि के एवज में राहत दिया जाएगा|

ओटीएस योजना के तहत ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ता (5 किलोवाट तक) और आईएएस-I (निजी) (सिंचाई और कृषि सेवाएं) जमा करने पर कुल डीपीएस माफ कर दिया जाएगा 31/12/2022 तक का ऊर्जा बकाया (यानी 22 नवंबर के महीने का बिल) अधिकतम पांच मासिक किस्तों में। कोई भी किस्त देय राशि के 20% से कम नहीं होगी। उक्त योजना के अंतर्गत विचार की गई शेष राशि पर कोई अधिभार/डीपीएस प्रभारित नहीं किया जाएगा.यह योजना किसी भी प्राथमिकी/जुर्माने की राशि के मामले में लागू नहीं है। विवादित बिलों के निपटारे के मामले में, विवाद की तारीख से 31.12.2022 (नवंबर 2022 के लिए बिल) तक डीपीएस राशि की छूट पर विचार किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को एक अंडरटेकिंग/शपथ पत्र देना होगा कि सभी कानूनी मामले लंबित हैं .किसी भी न्यायालय/मंच के समक्ष बिना शर्त वापस ले लिया जाएगा. यदि यह पाया जाता है कि उपभोक्ता ने दिए गए हलफनामे में कोई गलत जानकारी दी है तो ओटीएस योजना वापस ले ली जाएगी और उपभोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबीवीएनएल किसी भ्रामक तथ्य के मामले में उपभोक्ता को दिए गए किसी भी ओटीएस लाभ को वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखता है.विवादित बिलों के निपटान के मामले में, यदि यह पाया जाता है कि उपभोक्ता द्वारा अधिक/कम राशि का भुगतान किया गया है, तो इसे निगम के मानदंडों के अनुसार भविष्य के बिलों में समायोजित/प्रभारित किया जाएगा।

31.12.2022 के बाद बकाया राशि पर डीपीएस माफ नहीं किया जाएगा. जिन उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना सुविधा का लाभ पहले ही उठा लिया है जून-21 से दिसंबर-21 के दौरान इस योजना के तहत लाभ लेने के पात्र नहीं होंगे.ओटीएस योजना का लाभ उपभोक्ता को निम्नलिखित कटऑफ तिथि के अनुसार प्रदान किया जाएगा: 23 अप्रैल 31.03.2023 23 मई 30.04.2023

बोकारो ने जमशेदपुर को हराया, एचपी बोधनवाला टूर्नामेंट पर कब्जा

जेएससीए इंटर डिस्ट्रिक्ट (एलीट ग्रुप) एचपी बोधनवाला टूर्नामेंट में रविवार को फाइनल मैच जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में बोकारो और जमशेदपुर के बीच खेला गया.जमशेदपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय किया. बोकारो की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 270 रन बनाए.आर्यमान सेन ने 76 रन और साहिल राज ने 66 रनों की पारी खेली. जवाबी पारी में जमशेदपुर की पूरी टीम 48 ओवर में 247 रन बना पाई. विवेक की 94 रनों की पारी जमशेदपुर को जीत नहीं दिला पाई. मैन ऑफ द मैच बोकारो के साहिल राज को दिया गया. साहिल ने 50 बॉल खेलकर 66 रन बनाए और 3 विकेट भी लिए. जेएससीए अध्यक्ष संजय सहाय, ज्वाइंट सेक्रेटरी पीएन सिंह और रांची जिला क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विभूति भूषण प्रसाद ने ट्रॉफी का वितरण किया.

जमशेदपुर : बाराद्वारी में बंद घर में किरायेदार ने लगाई आग

जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत टेलीफोन एक्सचेंज के पास मकान संख्या 45 में अचानक आग लग गई. घर के अंदर से धुआं निकलता देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.इधर सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. पुलिस ने अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी है. स्थानीय लोगों के अनुसार मकान मालिक आरुती दत्ता बाराद्वारी के मकान नंबर 100 में रहते है. घर में किरायेदार रहते थे. तीन दिनों पूर्व ही किरायेदारों ने घर खाली किया है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि किरायेदार द्वारा घर खाली करने के बाद घर खाली पड़ा हुआ था. उन्होंने घर से धुआं निकलता देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी. घर के अंदर दरवाजों और खिड़कियों में आग लगी हुई है.आरुती दत्ता ने बताया कि यह घर उनके देवर सोलील कुमार दत्ता का है जो बाहर रहते हैं. घर पर जयदीप सेन गुप्ता किराए पर रहते थे और उन्होंने घर पर साल 2009 से कब्जा कर रखा था. मामले को लेकर कोर्ट में केस भी चल रहा था जो वह हार गया था.संभवतः आज या कल उसने घर खाली किया और ताला लगाकर चला गया है. उन्होंने बताया कि किरायेदार ने ही घर में आग लगाई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जमशेदपुर : मेडिकल व इंजीनियरिंग की आकांक्षा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए 1498 विद्यार्थी

जैक की ओर से आयोजित आकांक्षा इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षा रविवार को शहर के सात हाईस्कूलों में आयोजित हुई. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 1955 विद्यार्थियों ने निबंधन कराया था. इसमें से 1498 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. कुल 458 विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी.

इंजीनियरिंग की परीक्षा में 939 में से 727 तथा मेडिकल कोचिंग के लिए आयोजित परीक्षा में 870 में से 662 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी. यह परीक्षा राजस्थान विद्या मंदिर हाईस्कूल साकची, गुरुनानक हाईस्कूल साकची, एडीएल सोसाइटी साकची, डीबीएमएस गल्र्स हाईस्कूल कदमा, साकची हाईस्कूल, हिंदुस्तान मित्र मंडल हाईस्कूल गोलमुरी, जमशेदपुर हाईस्कूल में आयोजित हुई.

आकांक्षा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले मेडिकल व इंजीनियरिंग के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 40-40 विद्यार्थियों को राज्य सरकार निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की प्रतियोगिता में भाग ले सके तथा सफल हो सके। यह प्रशिक्षण रांची में दिया जाएगा.

error: Content is protected !!