एक नई सोच, एक नई धारा

मूसेवाला के पिता का बड़ा एलान, पंजाब सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा, जालंधर उपचुनाव में करेंगे प्रचार

दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि वह जालंधर उपचुनाव में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगे। लोगों को बताएंगे कि भगवंत मान सरकार ने उनके बेटे के कत्ल के मामले में इंसाफ देने के बजाय लारे ही लगाए हैं और लोग इनके बहकावे में न आएं।

बलकौर सिंह रविवार को गांव मूसा में सिद्धू के प्रशंसकों को संबोधित कर रहे थे।

मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह पंजाब सरकार से खफा हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने बेटे के कत्ल के मामले में पंजाब विधानसभा के बाहर धरना लगाया तो मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने उनको भरोसा दिया था कि सरकार इस पर गंभीर है और 20 मार्च के बाद उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाएंगे लेकिन सरकार ने फिर कोई सार नहीं ली।

उन्होंने कहा कि अब सरकार से मिन्नत नहीं करनी है। बेटे की पहली बरसी का समागम फेल करने के लिए सरकार ने हथकंडा अपनाया तो ऐसा लगा मानो उनके बेटे की दूसरी बार मौत हुई है। बलकौर सिंह सिद्धू ने कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को राष्ट्रवादी बताया जा रहा है, जिसके हाथ निर्दोष नौजवानों के खून से रंगे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक बेटे के कत्ल का इंसाफ नहीं मिलता… तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि बेशक उनको चुप करवाने के लिए लगातार धमकियां मिल रही हैं लेकिन वह किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं। भले ही उनका बुत भी बेटे के बुत के बगल में लग जाए लेकिन वह आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला का कसूर केवल इतना था कि उसने छोटी उम्र में बड़ी कामयाबी हासिल कर ली थी और कुछ लोगों से उसकी कामयाबी बर्दाश्त नहीं हुई। बता दें कि जेल से रिहा होने के बाद नवजोत सिद्धू सोमवार दोपहर सिद्धू मूसेवाला के घर पहुंचेंगे। यहां वह अभिभावकों से मुलाकात कर दुख सांझा करेंगे।

6 अप्रैल को अभय सिंह ने अखाड़ा समितियों की बुलाई बैठक, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

जमशेदपुर: रामनवमी के पर्व के दौरान शहर में जिस तरह उदासीनता का माहौल बना हुआ था और रामनवमी से लेकर अब तक राजनीति भी बहुत गरमाई है। इन सबके बीच रामनवमी में अखाड़ा समिति की तरफ से खड़े भाजपा नेता और ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब के संरक्षक अभय सिंह ने सभी अखाड़ा समितियों की एक आवश्यक बैठक आगामी 6 अप्रैल दिन बृहस्पतिवार संध्या 5 बजे काशीडीह मैदान में रखी है। इस बैठक में अखाड़ा समिति के लाइसेंसधारी एवम अध्यक्ष मौजूद रहेंगे । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस रामनवमी के समय जो घटना घटित हुई उसमें विस्तार से चर्चा की जाएगी ।
बैठक का मुख्य विषय राज्य सरकार की भूमिका, जिला प्रशासन का नकारात्मक भूमिका, साथ ही रामनवमी के दिन हल्दीपोखर एवं जुगसलाई में हुए झंडा जुलूस में पथराव को रहेगा।

अभय सिंह ने कहा कि सर्वसम्मति से केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति को लेकर भी चर्चा होगी, इस बैठक में सभी अखाड़ा समितियों को निमंत्रण होगा साथ ही अखाड़ा के पदाधिकारी भी इसमें शामिल होंगे।

IMG 20230402 WA0000
रामनवमी में नेताओं की अपनी रोटी सेंके जाने से प्रशासन का एजेंडा हुआ सफल- भाजमो

भाजमो जमशेदपुर महानगर की एक बैठक विधायक सरयू राय की उपस्थिति में हुई. बैठक में राम नवमी का विसर्जन जुलूस विधि वत नहीं निकालने को भाजमो ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. भाजमो के जिला पदाधिकारियों ने कहा की भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर रामभक्त तो हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे किंतु रामनवमी झंडा नहीं निकलने से लोगो का उत्साह फीका पड़ गया. प्रशासन की जो मंशा थी उसमें वे पुरी तरह से कामयाब हुए और अन्ततः रात्रि 08:00 बजे के बाद निर्णय होने के कारण कोई जुलूस डीजे ट्रेलर के साथ नहीं निकल पाया.

प्रशासन के साथ जो समझौता की बैठक हुई वह दिन के प्रहर में भी हो सकती थी. आनन फानन में निर्णय लेकर पुरे जमशेदपुर के सभी अखाड़ा समितियों पर थोप दिया गया. प्रशासन के जिस बैठक में निर्णय लिया गया उसमें किसी भी अखाड़ा समिती का प्रतिनिधित्व नहीं था अंतिम फैसला लेते वक्त अखाड़ा समितियों को विश्वास में भी नहीं लिया गया. निहित स्वार्थ से प्रेरित कुछ नेताओं ने अखाड़ा समितियों को मोहरा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने का कुंठित प्रयास किया और इन सब में प्रशासन ने बड़ी ही चालाकी से अपना एजेंडा को सफल कर लिया.

जमशेदपुर की आम जनमानस की राय है की रामनवमी का जुलूस रमजान, जुम्मा और तरावीह की भेंट चढ़ गया. विगत दिनों रामनवमी के महापर्व को लेकर सिनियर एसपी के साथ हुई बैठक में शामिल केंद्रीय शांति समिति और केंद्रीय अखाड़ा समिती में जो लोग शामिल थे. वे वही लोग है जो शुक्रवार को प्रशासन के साथ समझौते को लेकर हुई बैठक में भी शामिल थे. ऐसे लोगो का दोहरा चरित्र है जिसको जमशेदपुर की जनता ने पहचान लिया है. जनता इनके कृत्य के लिए इनको कभी क्षमा नहीं करेगी.

बैठक में मुख्य रूप से भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, अजय सिन्हा, मुकुल मिश्रा, मंजु सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नु, मनोज सिंह उज्जैन, चंद्रशेखर राव, भास्कर मुखी, राजेश कुमार, धर्मेंद्र प्रसाद, सुधीर सिंह, आकाश शाह, विजय नारायण सिंह, कैलाश झा, वरूण सिंह, विनोद यादव, विनोद राय, जय प्रकाश सिंह, दुर्गा राव सहित अन्य उपस्थित थे.

मुस्लिमों की सड़क नहीं है… अगली बार बुलडोजर लेकर निकालेंगे यात्रा…

कोलकाता: हम जहां रहते हैं वहां के संविधान को मानते हैं। हमने रूट पर ही मार्च निकाला। हमने पुलिस और प्रशासन की अनुमति लेकर ही जुलूस निकाला था।

जय श्री राम के नारे लगाने गलत नहीं है। अगली बार हम बुलडोजर पर भगवान राम की प्रतिमा रखकर यात्रा निकालेंगे। यह बात हावड़ा में रामनवमी शोभा यात्रा की मुख्य संयोजक और दुर्गावाहिनी दक्षिण बंग की मुखिया ऋतु सिंह ने कही। वहीं पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हिंसा लेकर राज्य में सियासत भी तेज हो गई है। हिंदू संगठनों ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी की है। वहीं घटना की जांच एनआईए से कराने की मांग भी की जा रही है।
ऋतु सिंह ने कहा कि हमने गैर कानूनी कुछ भी नहीं किया। राम नवमी पर जुलूस निकालने के लिए अनुमति मांगी गई थी। दो बार पुलिस और प्रशासन के साथ हम लोगों की बैठक हुई। बैठक में बता दिया गया था कि जुलूस में जय श्री राम के नारे लगेंगे।

10 साल से उसी रास्ते पर निकाल रहे जुलूस’
एक चैनल से बातचीत में हिंदू संगठन की नेता ने कहा, ‘क्या सड़क उनकी (मुस्लिमों) है हमारी नहीं है? वहां हिंदु भी रहते हैं। आठ-दस कॉम्प्लेक्स हैं जहां सिर्फ हिंदु रहते हैं। मुस्लिमों की सड़क नहीं है। दस साल से हम उसी रास्ते से जुलूस निकाल रहे हैं।’
‘बुलडोजर पर ही विराजेंगे भगवान श्री राम’
ऋतु सिंह ने कहा कि हम डीजे लेकर निकले थे। हमार जुलूस में कहीं बुलडोजर नहीं था। उसके बाद भी हम लोगों को कहा गया कि हम यात्रा में बुलडोजर लेकर गए थे, अगर ऐसा आरोप लग रहा है तो हम इस बार ऐलान करते हैं कि अगली बार की यात्रा में बुल़डोर होगा। उन्होंने कहा कि बुलडोजर में ही भगवान श्री राम को विराजमान करके यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि हावड़ा हिंसा के मामले में हम सीबीआई और आईएनए की जांच से मांग करेंगे। हाई कोर्ट में याचिका करने जा रहे हैं। वीएचपी की तरफ से राज्यपाल को भी ज्ञापन भी देंगे।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
पिछले कुछ वर्षों से, जब भी पश्चिम बंगाल में किसी भी धार्मिक समारोह या जुलूस को लेकर झड़पें होती हैं, तो अगले कुछ दिनों में जो कुछ भी होता है, वह राजनीतिक घमासान और पैसे खर्च करने वाले एपिसोड की एक श्रृंखला होती है। आश्चर्य की बात नहीं है कि हावड़ा जिले में गुरुवार को रामनवमी के जुलूस को लेकर हुई झड़पें, जो शुक्रवार दोपहर तक जारी रहीं, ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह स्वीकार करते हुए कि स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रण में लाने में राज्य पुलिस की ओर से चूक हुई है, जुलूस के आयोजकों को, जो उनके अनुसार भाजपा के समर्थन हैं, हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

अमित शाह जाएंगे भाजपा ऑफिस : पटना में बढ़ायी गयी सुरक्षा, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

पटना: बड़ी खबर सामने आ रही है । पटना बीजेपी ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के मद्देनजर ये सारी कवायद की जा रही है।

आपको बता दें कि सासाराम के बाद अब पटना में एसएसबी ऑफिस में होने वाला कार्यकम भी रद्द कर दिया गया है। अब अमित शाह बीजेपी ऑफिस में पार्टी नेताओं को संबोधित करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम को देखते हुए पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारी संख्या में महिला पुलिस के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। दिल्ली से भी अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि शाह पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे और 2024 में लोकसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स देंगे।बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पटना फ्रंटियर का आज का दौरार रद्द कर दिया गया है। समारोह में अमित शाह एसएसबी के नौ प्रतिष्ठानों को जनता को समर्पित करने और पटना फ्रंटियर के नए भवन के लिए ‘भूमि पूजन’ करने वाले थे। लेकिन अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम को रद्द किया गया है। अब गृह मंत्री आज दोपहर नवादा जिले के हिसुआ में कार्यक्रम में शिरकत करेंगे ।

पीएम मोदी करेंगे 20 से ज्यादा सभाएं और रोड शो, अमित शाह ने बनाई ये योजना, जानिए भाजपा का ‘प्लान कर्नाटक’

कर्नाटक में फिर से चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने मेगा प्रचार का प्लान तैयार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को पार्टी भुनाने की योजना में है.

इसके तहत लगभग हर तीसरे दिन पीएम मोदी के कर्नाटक प्रवास की योजना बनाई जा रही है. फिलहाल अंतिम निर्णय पीएमओ को लेना है.

इसको जमीन पर उतारने के लिए खुद गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही कर्नाटक में आ रहे हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी के प्लान को धरातल पर उतारने के लिए खुद शाह इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. पीएम मोदी का सहयोग करने के लिए अमित शाह, सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, बीएस येदियुरप्पा की ज्यादा से ज्यादा रैलियां और रोड शो प्लान किया जा रहा है.

पीएम मोदी कितनी रैली करेंगे?

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में बीजेपी ने हर क्षेत्र में पीएम मोदी के 2 दिन प्रवास की योजना बनाई है. मोदी करीब 20 से ज्यादा सभाएं और रोड शो करेंगे. इसकी शुरुआत वो रविवार (9 अप्रैल) को राज्य के बांदीपुर से करेंगे. पीएम मोदी इसी दिन मैसूर और चामराज नगर जाएंगे.

अमित शाह का क्या प्लान है?

अमित शाह कर्नाटक चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य में 10 अप्रैल के बाद डेरा डालेंगे. इस प्रवास के दौरान दिन में शाह रैलियों और रोड शो के जरिए प्रचार करेंगे. माना जा रहा है कि शाह करीब 25 से ज्यादा सभाएं और रोड शो करेंगे. उनके अलावा जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी और हिमंता बिस्वा सरमा की भी 25 से ज्यादा सभाएं कराने की योजना है.

बीएस येदियुरप्पा को क्या जिम्मेदारी दी गई?

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को बीजेपी ने लिंगायत समुदाय को साधने की जिम्मेदारी सौंपी है. बीजेपी यह मान रही है कि अब तक कर्नाटक के 17 फीसदी लिंगायत समुदाय येदुरप्पा के नेतृत्व में पार्टी के साथ रहा है, जो इस चुनाव में भी समर्थन करेगा.

कर्नाटक सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए लंबे समय से चली आ रही लिंगायत समुदाय की कई मांगों पर मुहर लगाई है. हाल ही में बीजेपी ने अंतिम कैबिनेट बैठक में मुस्लिम ओबीसी के 4 फ़ीसदी आरक्षण को समाप्त कर दो फीसदी लिंगायत समुदाय और दो प्रतिशत वोकालिग्गा में बांट दिया है. बीजेपी मानती है कि इसका सीधा फायदा विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिलेगा. यह ही कारण है कि बीजेपी अपने हर मंच में बीएस येदियुरप्पा को पहले की ही तरह तवज्जो दे रही है.

दुनिया में रुपये का और बढ़ा दबदबा, अब यह बड़ा मुस्लिम देश भी डॉलर के बजाय भारतीय करंसी में शुरू करेगा व्यापार

भारत ने इंटरनेशनल करेंसी के रूप में दबदबा जमाए डॉलर को रिप्लेस करने के लिए धीरे-धीरे जो शुरुआत की है, उसके नतीजे अब दिखने लगे हैं. मलेशिया ने भी अब भारत के साथ भारतीय रुपये में व्यापार करने पर सहमति दे दी है.

वह अब भारत के साथ लेन-देन अन्य करेंसी समेत भारतीय रुपये में भी कर सकेगा. वहीं भारत भी मलेशिया से मंगाए गए सामान की कीमत का भुगतान अपने रुपये में दे सकेगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले साल जुलाई में भारतीय मुद्रा में दूसरे देशों से व्यापार करने की मंजूरी दी थी.

मलेशिया ने भारत में खोला वोस्त्रो अकाउंट

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस ताजा पहल की जानकारी देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल का मकसद वैश्विक व्यापार में भारतीय रुपये का स्तर ऊपर उठाना और दूसरे देशों के साथ कारोबार में बढ़ोतरी करना है. मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए क्वालालंपुर के इंडिया इंटरनेशनल बैंक ऑफ मलेशिया ने भारत में अपना वोस्त्रो अकाउंट शुरू कर दिया है. इंडिय इंटरनेशनल बैंक ऑफ मलेशिया ने यह काम भारत में अपने सहयोगी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जरिए किया है. इस तरह के वोस्त्रो खातों का इस्तेमाल भारतीय रुपये में भुगतान करने के लिए किया जाता है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद तेज हुई पहल

बताते चलें कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस को दबाव में लाने के लिए उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. उनमें रूस को डॉलर की आपूर्ति रोकने की पहल भी शामिल है. चूंकि भारत का सबसे ज्यादा रक्षा व्यापार रूस के साथ ही होता है, इसलिए पश्चिमी देशों की इस पहल से भारत संकट में आ गया है. भारत ने इस प्रतिबंध की काट निकालते हुए खुद की करेंसी को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने का बीड़ा शुरू कर दिया. जिससे दुनिया में भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय भुगतान की मान्य करंसी के रूप में स्थापित किया जा सके.

भारतीय रुपये को वैश्विक करंसी बनाने की कोशिश

सरकार के कहने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2022 में इस संबंध में गाइडलाइंस भी जारी की थी. इस गाइडलाइंस में विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ को घटाने, एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने, डॉलर पर निर्भरता घटाने और ग्लोबल ट्रेड सेटलमेंट बनाने की बात शामिल थी. अब इस गाइडलाइंस के आधार पर ही भारत सरकार दूसरे देशों के साथ कारोबार में रुपये से भुगतान को प्राथमिकता दे रही है. जिसका असर रुपये के वैश्विक करंसी के रूप में उभरने के रूप में दिख रहा है.

डेटा की सबसे बड़ी डकैती! फरीदाबाद में बैठे लड़के ने बेच डाले 70 करोड़ लोगों के सीक्रेट

तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने करोड़ों लोगों का निजी डेटा चुराने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपी 104 श्रेणी में रखे गए देश के 24 राज्यों और 8 महानगरों में 66.9 करोड़ लोगों और फर्मों के निजी और गोपनीय डेटा को चुराकर बेच रहा था.

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास शिक्षा-प्रौद्योगिकी संगठनों बायजूस और वेदांतु के छात्रों का डेटा था. इसके अलावा, उसके पास आठ मेट्रो शहरों के 1.84 लाख कैब यूजर्स का डेटा और छह शहरों व गुजरात के 4.5 लाख वेतनभोगी कर्मचारियों का डेटा भी था.

आरोपी के पास GST, RTO, अमेजन, नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, पेटीएम, फोनपे, बिग बास्केट, बुकमाई शो, इंस्टाग्राम, जोमैटो, पॉलिसी बाज़ार, Upstox, आदि जैसी प्रमुख ऑर्गेनाइजेशन्स के ग्राहकों का भी डेटा था.

साइबराबाद पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास मौजूद कुछ महत्वपूर्ण डेटा में रक्षा कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड धारकों, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों का डेटा शामिल है. इनके अलावा उसका उसके पास दिल्ली के बिजली उपभोक्ता, डी-मैट खाताधारक, विभिन्न व्यक्तियों के मोबाइल नंबर, एनईईटी छात्र, उच्च निवल व्यक्ति, बीमा धारक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धारकों की भी जानकारी थी.

फरीदाबाद में बैठकर डेटा चोरी कर रहा था आरोपी

आरोपी की पहचान विनय भारद्वाज के रूप में की गई है, जो फरीदाबाद (हरियाणा) में एक वेबसाइट “इंस्पायरवेब्ज़” के जरिए काम कर रहा था और क्लाउड ड्राइव लिंक के जरिए लोगों का निजी डेटा बेच रहा था. उसने आमेर सोहेल और मदन गोपाल से डेटाबेस एकत्र किए. इन आरोपियों के पास एनईईटी छात्रों के नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और उनके घर से संबंधित डेटा भी मिला है. पैन कार्ड डेटाबेस में आय, ईमेल आईडी, फोन नंबर, पता आदि पर संवेदनशील जानकारी भी मिली है.

सरकारी कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल भी मिली

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से सरकारी कर्मचारियों के नाम, मोबाइल नंबर, श्रेणी, जन्म तिथि आदि की जानकारी भी मिली है. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं. पुलिस उपायुक्त (अपराध) साइबराबाद पुलिस कलमेश्वर शिंगेनावर ने कहा कि आईटी अधिनियम के उल्लंघन के लिए संबंधित संगठनों को नोटिस दिया जाएगा.

वंदे भारत ट्रेन पर बच्ची ने सुनाई कविता, तो गदगद हुए पीएम मोदी, दिया आशीर्वाद

आखिर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से नई दिल्ली तक वंदे भारत एक्स्प्रेस ने रफ्तार पकड़ ही ली. रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान पीएम मोदी उस वक्त गदगद हो गए, जब एक स्कूली छात्रा ने उन्हें वंदे भारत पर कविता सुनाई. पूरी कविता सुनने के बाद पीएम मोदी ने बच्ची के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद भी दिया.

गौरतलब है कि शहर के अलग-अगल स्कूलों के बच्चों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से सफर करने का मौका मिला. उनसे पीएम मोदी ने चर्चा भी की. उन्होंने बच्चों से कई मुद्दों पर बात की. ट्रेन के बारे में भी बच्चों ने उन्हें बताया. बच्चों ने उन्हें कहा कि वंदे भारत ने देश को नई पहचान दी है. इसमें सफर करने वाले को गौरव महसूस हो रहा है. इस तरह की ट्रेन देश में पहले कभी नहीं चली. पीएम मोदी ने बच्चों की बातों को गौर से सुना और उन्हें आशीर्वाद दिया. एक स्कूली बच्ची ने वंदे भारत पर भी कविता भी लिखी है. यह कविता उसने पीएम मोदी को सुनाई तो वे बहुत खुश हुए.

बच्ची ने सुनाई ये कविता

चलने वाला, चलाने वाले सारे करें इस पर अभिमान,

देश की उन्नति में फूंक दी है वंदे भारत ने एक नई जान,

केवल और केवल रेल नहीं, मॉडर्न इंडिया है इसकी पहचान,

देश की उन्नति में फूंक दी है वंदे भारत ने एक नई जान.

हफ्ते में 6 दिन चलेगी वंदे भारत

ये ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलेगी. वंदे भारत एक्सप्रेस को शनिवार को नहीं चलाया जाएगा. वंदे भारत की खास बात यह है कि यह ट्रेन पूरी तरह स्वदेशी है. इसे बनाने में हर तरह की आधुनिक सुविधा का ख्याल रखा गया है. इसमें 16 कोच हैं. इनमें 1128 यात्रियों के बैठने की सुविधा है. वंदे भारत ट्रेन के भीतर जीपीएस इंफोर्मेशन सिस्टम, सुरक्षा का लिहाज से सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं. इसके अलावा इस एक्सप्रेस में दो ऐसे कोच हैं जिससे पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकती है. ट्रेन के डिब्बों में गार्ड और लोकोपायलट से बात करने की सुविधा भी है.

बंगाल में भाजपा नेता राजू झा की ह्त्या, कई राउंड फायरिंग कर हमलावर हुए फरार

पश्चिम बंगाल के पूरब बर्धमान जिले में शनिवार शाम एक कारोबारी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि दुर्गापुर के भाजपा नेता व कारोबारी राजू झा कोलकाता जा रहे थे, जब शक्तिगढ़ थाना क्षेत्र के अमरा में एक मिठाई की दुकान के बाहर उन पर हमला किया गया।

पुलिस के मुताबिक, राजू झा दुकान के बाहर अपनी एसयूवी में बैठे थे, तभी एक कार में सवार होकर दो व्यक्ति पहुंचे। इसके बाद आरोपियों ने उनपर हमला कर दिया। एक आरोपी ने रॉड से उनकी एसयूवी कार के शीशे तोड़ दिए, जबकि दूसरे ने उनपर तोबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर ने कई राउंड फायरिंग की। हमले में झा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनके साथ मौजूद दो अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

वहीं, वारदात की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि होटल व्यवसाय से जुड़े झा पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें कोयला तस्करी मामले में भी गिरफ्तार किया गया था।

error: Content is protected !!