एक नई सोच, एक नई धारा

एशिया कप 2023 का शेड्यूल आया सामने, 2 सितंबर से होगा शुरू, जाने किस देश में खेले जाएंगे मैच

एशिया कप एक ऐसी प्रतियोगिता है जो एशियाई देशों के बीच खेली जाती है जिसमें वनडे और टी-20 दोनों तरह के फार्मेंट शामिल होते हैं. आगामी एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान के कंधो पर है.

लेकिन BCCI के सचिव जय शाह यह साफ कर चुके हैं कि टीम इंडिया किसी भी हाल में एशिया कप खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी. ऐशियन क्रिकेट काउंसिल जल्दी ही एशिया कप 2023शेड्यूल का ऐलान कर सकती है.

2 सिंतबर से होगा आगाज़

वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए इस बार एशिया कप 2023 वनडे फार्मेंट में कराया जाएगा. एशिया कप की शुरुआत 2 सिंतबर से होने वाला है जिसका अंतिम मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा. एशिया कप में कुल 6 टीमें भाग लेने वाली है जिसमें से एक टीम ACC क्वालीफायर मुकाबले की चैम्पियन होगी और बाकी की 5 टीमें कुछ इस प्रकार हैं-

1. भारत

2. पाकिस्तान

3. श्रीलंका

4. बांग्लादेश

5. अफ्गानिस्तान

कहां खेलेगा भारत अपना मुकाबला

दरअसल, इस बार एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान में हो रहा है और भारतीय खिलाड़ियों के सिक्योरिटी को मद्दे नज़र रखते हुए BCCI ने भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान में एशिया कप ना खिलाने का फैसला किया है. ऐसे में भारत अपने मुकाबले पाकिस्तान में नहीं बल्कि न्यूट्रल वैन्यू में मुकाबले खेलेगा. एशिया कप 2023 के लिए भारत का न्यूट्रल वैन्यू UAE या फिर श्रीलंका हो सकता है. हालांकि अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

सबसे ज्यादा इस टीम ने एशिया कप पर किया है कब्जा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एशिया कप की शुरुआत 1984 में हुई थी और पहले ही साल भारत ने एशिया कप की ट्राफी पर कब्जा कर लिया था. अब तक एशिया कप के कुल 15 सीजन हो चुके है जिसमें सबसे ज्यादा बार भारत ने एशिया कप की ट्राफी अपने नाम किया है. भारत ने अब तक 7 बार एशिया कप की ट्राफी अपने नाम किया है तो वहीं श्रीलंका ने 6 बार एशिया कप जीता है. लेकिन पाकिस्तान केवल 2 बार ही इस ट्राफी को अपने घर ले जा सका है.

रांची के खेलगांव में बन रहा है अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग स्टेडियम, एक ही छत के नीचे मिलेगी कई सुविधाएं

झारखंड के युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राजधानी स्थित खेलगांव में स्केटिंग स्टेडियम का निर्माण हाे रहा है. खास बात है कि यह देश का पहला स्केटिंग स्टेडियम होगा, जहां एक ही छत के नीचे स्केटिंग के अलावा स्केट बोर्ड सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी.

अब खिलाड़ियों को रोड स्केटिंग के लिए भी सड़क के खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

झारखंड सरकार वेलोड्राम स्टेडियम के पास स्केटिंग स्टेडियम बना रही है. काम भी शुरू हो चुका है. स्टेडियम निर्माण से खिलाड़ियों में खुशी है. झारखंड में स्केटिंग के 50 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं. इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतकर झारखंड का नाम रोशन किया है. लेकिन इनकी सबसे बड़ी समस्या थी कि अभ्यास के लिए कोई स्टेडियम नहीं था.

स्टेडियम में मिलेगी बेहतर सुविधा : स्केटिंग स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा. इसमें पेवलियन, स्केटिंग ग्राउंड, गैलरी, स्केटिंग बोर्ड, रोलर हॉकी और फ्री स्टाइल ग्राउंड शामिल है. पूरा स्टेडियम 12660.43 स्क्वायर फीट में बनाया जा रहा है. बजट करीब 4.30 करोड़ रुपये का है. एक ही स्टेडियम में तीन तरह के इवेंट हो पायेंगे.

वर्तमान में रांची जिला और आसपास के खिलाड़ी डोरंडा स्थित संत जेवियर स्कूल में स्केटिंग का अभ्यास करते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और कोच राजेश राम का कहना है कि इस स्टेडियम के शुरू होने से खिलाड़ियों को किसी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने में परेशानी नहीं होगी. अभी हमारे खिलाड़ी ओपन ग्राउंड में अभ्यास करते हैं. इस कारण उन्हें बाहर स्टेडियम में खेलने में परेशानी होती है.

अभ्यास के लिए दूसरे

झारखंड में स्केटिंग के 50 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं. वह राजेश राम अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी रफ्तार दिखा चुके हैं. वहीं सुमंत, सोमनाथ मिंज, सुषमा टोप्पो, रवि रंजन और अलेक्स लकड़ा ने संत जेवियर स्कूल के ग्राउंड से करियर की शुरुआत की और अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं. इन खिलाड़ियों को कभी-कभी बेहतर अभ्यास के लिए दूसरे राज्यों में भी जाना पड़ता है.

स्केटिंग के ये हैं हीरो

मां करती है रेजा का काम और बेटी ने बनायी पहचान

रांची की रहनेवाली सुषमा टोप्पो ने 2015 में स्केटिंग का अभ्यास शुरू किया. इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सुषमा को काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन मुश्किलों के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा, पिता नहीं है और मां चंदू उराइन रेजा का काम करती हैं. लेकिन खेल के प्रति सुषमा का ऐसा जुनून था कि इनका चयन 2020 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हुआ. खास बात है कि कोचिंग भी देती हैं. उन्होंने कहा कि स्टेडियम बन जाने से पदक जीतने का रास्ता आसान होगा.

खिलाड़ियों में है उल्लास

झारखंड में अभी तक स्केटिंग का कोई भी स्टेडियम नहीं है. स्टेडियम होने से खिलाड़ियों का लय बना रहता है. पदक जीतने के मौके बढ़ते हैं. साथ ही नये खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा.

स्केटिंग सीखने के लिए सोमनाथ घर-घर दूध पहुंचाते थे

गुमला के रहने वाले सोमनाथ मिंज ने इसी वर्ष राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाइ किया है. इससे पहले राज्य स्तरीय और जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. सोमनाथ के पिता पेशे से मिस्त्री हैं. स्केटिंग सीखने और अपना खर्च चलाने के लिए सोमनाथ को दूध भी बेचना पड़ गया. कैब चलाया. सोमनाथ कहते हैं : जब मैं छोटा था तभी स्केटिंग के प्रति गहरा जुड़ाव हो गया था. इसके बाद संत जेवियर स्कूल में एडमिशन हुआ, तो यहां अभ्यास करने का मौका मिला. वहीं अब स्टेडियम बनने के बाद अभ्यास में तेजी आयेगी.

दिनदहाड़े युवक पर चापड़ से जानलेवा हमला : हमले में व्यक्ति गंभीर रुप से घायल, एमजीएम अस्पताल में भर्ती

जमशेदपुर के बागबेड़ा में दिनदहाड़े चापड़ से जानलेवा हमला करने की खबर सामने आई है. घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है.

घटना के संबंध में पीड़ित रंजय सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग7बजे वे रोड नंबर चार के समीप से जा रहे थे. उसी दौरान राजेश कुमार उर्फ टोला ने उन पर चापड़ से हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि पहले हमले से वह बच गए लेकिन राजेश कुमार उर्फ टोला ने उनके ऊपर कई बार हमला किया जिससे उनके बाएं हाथ और सिर पर गहरी चोटें आई और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर गए. उन्होंने कहा कि हमले के दौरान पोपट और शहंशाह वहीं मौजूद थे और टोला को उकसाने की कोशिश कर रहे थे. घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया जहां प्रथम उपचार के बाद उन्हें एमजीएम रेफर कर दिया गया है.

इधर,बागबेड़ा थाना में मामले के संबंध में आवेदन दे दिया गया है और प्रथमिकी भी दर्ज कर लिया गया है. थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है.

जमशेदपुर : महानगर इंटक की बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम पर हुई चर्चा

वायर प्रोडक्टस लेबर यूनियन (टीपीएलयू) कार्यालय में जमशेदपुर महानगर इंटक की बैठक हुई. अध्यक्ष राजेश सिंह ‘राजू’ ने बैठक की अध्यक्षता की.

बैठक में वायर प्रोडक्टस लेबर यूनियन के कमिटी मेंबर अर्जुन ठाकुर एवं टाटा मोटर्स कर्मचारी राजेश्वर लाल को जमशेदपुर महानगर इंटक के सचिव पद पर मनोनयन का पत्र पंकज सिंह एवं श्रीकांत सिंह ने दिया. बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा की गई. इस अवसर पर वायर प्रोडक्ट लेबर यूनियन के महामंत्री पंकज सिंह ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम में हमलोग हर तरह से सहयोग करेंगे.

यूनियन के उप सभापति श्रीकांत सिंह ने कहा कि इंटक पूरे देश में सबसे बड़ाश्रमिक संगठन है. राजेश सिंह ‘राजू’ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम की लगभग तैयारी हो चुकी है. जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय से समय ले कर अगली बैठक में अन्य अथितियों के नाम जगह और समय की घोषणा कर दी जाएगी. अंत में धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने दिया. बैठक के टाटा पावर यूनियन के महामंत्री पिंटू श्रीवास्तव, वायर प्रोडक्ट्स लेबर यूनियन के उपाध्यक्ष दानी शंकर तिवारी, उपाध्यक्ष अमरीक सिंह, रौशन सिंह, अभिषेक कुमार, मनीष सिन्हा, गुलाम सरवर, शेख जाकिर बाबू, शेखर रवानी आदि उपस्थित थे.

जमशेदपुर : कदमा हिंसा के असली षड़यंत्रकारियों के खिलाफ 14 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होना दुखद- भाजमो

पूर्वी विधायक सरयू राय ने भाजमो जमशेदपुर महानगर के पदाधिकारियों साथ बारीडीह विधानसभा कार्यालय में बैठक की. बैठक में भाजमो जमशेदपुर महानगर ने निर्णय लिया की संगठन के प्रत्येक मंडल से कार्यकर्ता पुरे दल-बल के साथ कल सर्वजन हिंदु समिति द्वारा बिष्टुपुर तुलसी भवन में आहुत बैठक में शामिल होंगे.

सरयू राय ने कहा हस्ताक्षर अभियान में दमदार भागीदारी की भांति ही समिति के आवाह्न पर होने वाले सभी आंदोलनों पर भाजमो अग्रीम मोर्चे पर सक्रिय रहेगी.बैठक में भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा की पीछले दिनों कदमा हिंसा मामले में निर्दोष हिंदु नेताओं के जेल भेजे जाने के 14 दिन बीत जाने बाद भी प्रशासन के द्वारा से इस घटना का उद्भेदन नहीं किए जाने और घटना के पीछे के असली षडयंत्रकारियों को गिरफ्तार करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने की निंदा की.

बैठक में मुख्य रूप से भाजमो केंद्रीय उपाध्यक्ष राम नारायण शर्मा, पश्चिम संयोजक मुकुल मिश्रा, जिला महासचिव मनोज सिंह उज्जैन, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर राव, भास्कर मुखी, मंत्री विकास गुप्ता, राजेश कुमार, सुधीर सिंह, आकाश शाह, मंजु सिंह, राजेश प्रसाद, शेषनाथ पाठक, विजय नारायण सिंह, शंकर कर्मकार, दुर्गा राव, जय प्रकाश सिंह, कन्हैया ओझा, विनोद राय, राघवेंद्र प्रताप सिंह, विकास रजक, काकोली मुखर्जी, किरण सिंह, विजय सिंह, बबलू झा सहित अन्य उपस्थित थे.

भारत को शक्तिशाली राष्ट्र मानता है आस्ट्रेलिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के मुकाबले के लिए चाहता है साथ

आस्ट्रेलिया भारत को शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में देखता है। उसे यह भी लगता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती दादागीरी को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी है। इसलिए वह भारत के साथ रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना चाहता है।

ऑस्ट्रेलिया द्वारा जारी एक ऐतिहासिक रक्षा रणनीतिक समीक्षा में कहा गया है कि उसे भारत सहित प्रमुख शक्तिशाली देशों के साथ अपने सैन्य संबंध और व्यावहारिक सहयोग विस्तारित करते रहना चाहिए। रणनीतिक समीक्षा में कहा गया है कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के संप्रभुत्ता के दावे ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वैश्विक नियम आधारित व्यवस्था को खतरे में डाल दिया है जो ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाएगा।

रिपोर्ट में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्तिशाली देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने को भी रेखांकित किया गया है और कहा गया है कि इससे क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई हितों को खतरा पैदा होता है। इसमें कहा गया है, ‘‘हमारा गठबंधन साझेदार अमेरिका, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अब एक ध्रुवीय नेतृत्वकर्ता नहीं है। चीन-अमेरिका के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा हमारे क्षेत्र और हमारे समय को परिभाषित कर रही है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘हमारे क्षेत्र में शक्तिशाली देशों के बीच प्रतिस्पर्धा हमारे हितों को खतरा पैदा कर सकती है। यह टकराव भी पैदा कर सकती है। टकराव का स्वरूप भी बदल गया है।’’

आस्ट्रेलिया भारत और जापान से मजबूत करना चाहता है दोस्ती

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है जिसकी क्षेत्र में सबसे लंबी तटरेखा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ऑस्ट्रेलिया को जापान और भारत सहित प्रमुख देशों के साथ अपना संबंध एवं व्यावहारिक सहयोग जारी रखना चाहिए।’’ यह रिपोर्ट ऑस्ट्रेलिया के पूर्व रक्षा बल प्रमुख एंगस ह्यूस्टन और पूर्व रक्षा मंत्री स्टीफन स्मिथ ने लिखी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच स्थिर संबंध दोनों देशों तथा विस्तृत क्षेत्र के हित में हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘ऑस्ट्रेलिया, चीन से सहयोग करना जारी रखेगा, जहां हम कर सकते हैं। जहां असहमति है वहां हम अपने मतभेदों को दूर कर सकते हैं और अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ा सकते हैं।’

जमशेदपुर में धारदार हथियार से काटकर युवक की हत्या, अलग-अलग जगहों से 3 टुकड़ों में मिला शव

जमशेदपुर में एक युवक की लाश मिलने से तीन टुकड़ों में मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। तीन अलग-अलग जगहों से शव के टूकड़े मिलने से पुलिस भी सकते में है। कही युवक का सिर मिला है तो कहीं पर पैर और कहीं पर धड़ बरामद हुआ है।

मृतक की पहचान ओडिशा के रायरंगपुर निवासी डमरूधर महंती उर्फ विक्की के रूप में हुई है। जिसकी हत्या जमशेदपुर में धारदार हथियार से निर्मम तरीके से कर दी गयी।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए तीन टुकड़ों में किया गया और तीन अलग-अलग जगहों पर फेंका गया। जमशेदपुर की सोनारी पुलिस की मदद से ओडिशा पुलिस ने हत्या के आरोपी कमलाकांत और उसकी पत्नी खुशबु को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तब दोनों ने अपना जुर्म स्वीकारा। बताया कि दोनों ने मिलकर विक्की को मार डाला है।

बताया जाता है कि मृतक विक्की की पत्नी इनूश्री महंती ने 13 अप्रैल से पति के अचानक गायब होने की सूचना पुलिस को दी थी। जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया। जांच टीम को पता चला कि लापता विक्की का जमशेदपुर आता था। सोनारी की रहने वाली खुशबू सागर से उसका अवैध संबंध था। जब पुलिस ने शक के आधार पर खुशबू और उसके पति कमलाकांत को पकड़ा तब मामले का खुलासा हो गया।

दोनों ने बताया कि उन्होंने ही विक्की की हत्या की थी। हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े कर तीन अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था। सिर ठनठनी घाटी, धर जामबनी और पैर टाटा-रांची रोड में इसलिए फेंका था कि शव की शिनाख्त ना हो सके। लेकिन कानून के हाथ बड़े हैं इस बात से दोनों पति-पत्नी शायद अंजान थे।

आखिरकार जमशेदपुर पुलिस और ओडिशा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद मामले का उद्भेदन हुआ। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। मृतक विक्की की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

झारखंड: ईद की ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे पुलिसकर्मी, कंटेनर व पुलिस वाहन में टक्कर से 1 जवान की मौत, 10 घायल

कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदनगुंडी गौरी नदी पुल के समीप सोमवार दोपहर को कोडरमा पुलिस के एक वाहन (नंबर जेएच-12बी-4227) और कंटेनर (नंबर यूपी-53एफटी-2690) के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी, जबकि कंटेनर चालक सहित झारखंड पुलिस के नौ जवान घायल हो गए.

गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया. इस दौरान रास्ते में गणेश की मौत हो गयी. मृतक की पहचान पुलिस जवान गणेश भगत (जमशेदपुर) के रूप में हुई है.

आधा घंटा तक वाहन में फंसा रहा ड्राइवर

जानकारी के अनुसार घायल सभी जवान जिला बल के हैं और ये तिलैया डैम में ईद की ड्यूटी कर सोमवार को करीब एक बजे लौट रहे थे. इसी दौरान गौरी नदी पुल के समीप सामने से आ रहे एक कंटेनर वाहन ने पुलिस की गाड़ी में टक्कर मार दी. दुर्घटना में पुलिस वैन पर सवार सभी लोग घायल हो गए. घटना के बाद हाईवे पेट्रोलिंग व थाना पुलिस के सहयोग से सभी घायल पुलिस जवानों को पिकअप वाहन के जरिए सदर अस्पताल कोडरमा लाया गया. घटना में कंटेनर का चालक बक्सर निवासी संजय सिंह करीब आधा घंटे तक वाहन में फंसा रहा़ बाद में क्रेन की मदद से उसे बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद घायल पुलिस जवानों की स्थिति जानने पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, एसडीपीओ प्रवीण पुष्कर व थाना प्रभारी नीतिश कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने घायल जवानों की स्थिति और इलाज की जानकारी ली.

ये हैं घायल

घायलों में कंटेनर चालक संजय सिंह बक्सर (बिहार), पुलिसकर्मी राहुल कुमार सिंह (जमशेदपुर), सुनील कुमार झा व संजय कु सिंह (लातेहार), सतीश कुमार (बोकारो), तेजनारायण सिंह (रांची), विकास चिक बड़ाइक (गुमला), चमरा मुंडा (खूंटी), विनोद मरांडी (जामताड़ा), रामविलास भगत व चंदन सिंह के नाम शामिल हैं. सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद राहुल कुमार सिंह, सुनील कुमार झा, संजय कुमार सिंह, सतीश कुमार, तेजनारायण सिंह, विकास चिक बड़ाइक, चालक संजय सिंह को रेफर किया गया है. बताया जाता है कि सभी जवान हजारीबाग के पदमा ट्रेनिंग सेंटर से ईद के दिन ड्यूटी के लिए कोडरमा पहुंचे थे.

झारखंड में हिंदुओं को बनाया जा रहा है निशाना: रघुबर दास

झारखंड के पूर्व सीएम रघुबर दास ने एक बार फिर से हेमंत सरकार पर करारा हमला बोला है निर्दोषों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया है. उन्होनें कहा कि जमशेदपुर शहर को जलाने का षणयंत्र जो किया गया था उस मामले में बीजेपी व वीएचपी के नेता जो घटना की जांच के लिए जिला प्रशासन के पास गए थे उन्हें भी गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा जेल भेज दिया गया था.

मामले में हमने जेल में नेताओं से मुलाकात के बाद राज्य के डीजीपी से बात की उन्हें सच्चाई से अवगत कराया. आज जो डेलीगेशन प्रशासन से वार्ता करने जा रहा है उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है. झारखंड में हिंदुओं को टार्गेट किया जा रहा है.

रघुबर दास ने कहा कि ऐसे-ऐसे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अपनी खानापूर्ति करने के लिए हेमंत सरकार के दवाब में निर्दोषों को जेल भेज रही है. रघुवर दास ने ट्वीट किया, ‘जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में हुए सांप्रदायिक हिंसा प्रकरण में पुलिस द्वारा गिरफ्तार भाजपा विश्व हिंदू परिषद के नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद झारखंड के DGP से फोन पर वार्ता कर सारे तथ्य बताएं. उन्हें बताया कि निर्दोषों की गिरफ्तारी की गई है, मामले की उच्चस्तरीय जांच हो.

रघुबर दास ने कहा कि सिर्फ हिंदुओं की गिरफ्तारी की जा रही है. हिंदुओं को टार्गेट किया जा रहा है. ऐसा किसी भी राज्य में नहीं हो रहा है सिर्फ झारखंड को छोड़कर. रघुबर दास ने कहा कि मैं सीएम हेमंत सोरेन से निवेदन करता हूं कि सभी को एक जैसा समझे. किसी एक धर्म ने आपको सीएम नहीं बनाया है. सभी को सामान दृष्टि से देखें. वहीं, डीजीपी से बात करने को लेकर उन्होंने कहा कि डीजीपी ने आश्वस्त किया है कि DIG स्तर के अधिकारी से सुपरविजन करा कर निर्दोष व्यक्तियों को छोड़ने का कार्य किया जाएगा. हेमंत राज में झारखंड के हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा है. जिहादी मानसिकता वाले लोग सरकार पर हावी हैं.

कदमा शास्त्रीनगर में हुई थी हिंसा

बता दें कि 10-11 अप्रेल 2023 को जमशेदपुर के कदमा शास्त्रीनगर इलाके में अचानक हिंसा भड़क उठी थी. हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. लोगों द्वारा पुलिस टीम पर भी पत्थरबाजी की गई थी. दरअसल, शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 3 चौक पर धार्मिक झंडे की बांस में प्रतिबंधित मांस बांध दी गई थी, जिसके बाद हिंदू समाज के लोग गुस्सा हो गए था. हालांकि, दो घंटा हंगामा होने के बाद मामला शांत हो गया था. उसके बाद शास्त्रीनगर के ब्लॉक नंबर 2 में बने हनुमान मंदिर में बैठक रखी गई थी. बैठक में हिंदुवादी संगठनों के लोग बातचीत कर रहे थे लेकिन इस बीच उपद्रवियों द्वारा उनपर हमला बोल दिया गया, जिसके बाद हालात बिगड़ते चले गए थे.

स्तंभकार और लेखक तारिक फतह का निधन, बेटी ने दी जानकारी

कनाडा में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के जाने-माने स्तंभकार और लेखक तारिक फतह का 73 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी बेटी नताशा फतह ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। वह कैंसर से पीड़ित थे।

लंबी बीमारी के बाद आज उनका निधन हो गया।

तारिक की बेटी नताशा फतेह ने अपने पिता तारिक फतेह की कई तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं हैं। नताशा ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, “पंजाब का शेर, हिन्दुस्तान का बेटा, कनाडा से प्यार करने वाला, सच्चा वक्ता, न्याय के लिए लड़ने वाला और दलितों और शोषितों की आवाज तारिक फतेह का निधन।

नताशा ने आगे लिखा कि, उनकी क्रांति उन लोगों के जरिए बनी रहेगी, जो उन्हें जानते थे और प्यार करते थे। इससे पहले 21 अप्रैल को कई रिपोर्ट्स में तारिक फतह की मौत का दावा किया गया था। जिसकी बाद में फर्जी होने की पुष्टि हुई थी।

तारिक इस्लाम और आतंकवाद पर अपने प्रगतिशील विचारों के लिए जाने जाते थे। पाकिस्तान के खिलाफ उग्र रुख रखने वाले तारिक फतह ने अक्सर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को अपना समर्थन देते नजर आते रहे हैं। फतह का जन्म 1949 में पाकिस्तान में हुआ था। बाद में 1980 के दशक की शुरुआत में वह कनाडा चले गए।

तारिक फतेह कई भाषाओं के जानकार थे। उनकी हिंदी, इंग्लिश, उर्दू, पंजाबी और अरबी जैसी भाषाओं पर समान पकड़ थी। तारिक फतेह को ह्यूमन राइट्स ऐक्टिविस्ट के तौर पर भी जाना जाता था।

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