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पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार भण्डारी शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में भण्डारी को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवायी।

इस मौके पर सुरेश भण्डारी ने कहा कि वह केन्द्र शासित प्रदेश कैडर के वरिष्ठ नौकरशाह थे। अब सेवानिवृत्ति के बाद कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रभावित होकर कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर प्रदेश की सेवा के लिए राजनीति में आये हैं। पार्टी उन्हें जो भी आदेश देगी वह उसका निष्ठा से पालन करेंगे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि राहुल गांधी आज लोकतंत्र की धुरी बन गये हैं। महंगाई को लेकर वो लगातार संघर्ष कर रहे हैं। बेरोजगारों के रोजगार का सवाल हो या महिला सुरक्षा का मुद्दा हो या देश की गिरती हुई अर्थव्यवस्था या सीमा सुरक्षा की बात हो हर मुद्दे पर राहुल गांधी सड़क से लेकर सदन तक जिस तरीके से संघर्ष कर रहे हैं वह बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के बहुत से कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस पार्टी से जुड़ना चाहते हैं, जिन्हें शीघ्र ही पार्टी में शामिल किया जाएगा।

लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा किया है. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है बीजेपी यूपी में अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है.
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के सांसदों ने कभी अपने क्षेत्र की ओर मुड़ के नहीं देखा, उन्होंने परीक्षा दी नहीं तो रिपोर्ट कार्ड कहाँ से बनेगा.
सपा मुखिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- “ब्रेकिंग न्यूज, सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भाजपा उप्र में अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है सिवाय एक को छोड़कर, लेकिन सुनने में आया है वो भी अपनी सीट बदल रहे हैं या फिर किसी सुदूर प्रदेश में एक अतिरिक्त सुरक्षित सीट ढूँढ रहे हैं.”

अखिलेश यादव ने आगे लिखा- “इसीलिए भाजपा उप्र में, लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि उनके वर्तमान सांसदों ने अपनी जेबें भरने के अलावा कोई भी काम नहीं किया है. इसी वजह से जनता में भाजपा और भाजपाई सांसदों के खिलाफ बहुत गुस्सा है. इन विपरीत हालातों को देखते हुए भाजपा में नये प्रत्याशियों की खोज जारी है लेकिन कोई भी हारने के लिए नहीं लड़ना चाहता है, इसी कारण भाजपा की तरफ से एक भी प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आ पा रहा है.”

सपा मुखिया आगे लिखते हैं-“भाजपा के सांसदों ने कभी अपने क्षेत्र की ओर मुड़ के नहीं देखा. उन्होंने परीक्षा दी नहीं तो रिपोर्ट कार्ड कहाँ से बनेगा. भाजपा के टिकट काटने से पहले जनता ने ही उनका नाम काट दिया है. इस बार उनके संसदीय क्षेत्र में भाजपाइयों को दाखिला नहीं मिलेगा. उप्र की जनता इस बार जुमलेबाजों को नहीं, सच्चा और अच्छा काम करनेवालों को चुनेगी.अब PDA की एकता जागी, छोड़ के यूपी बीजेपी भागी!”


तमिलनाडु : लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले साउथ फिल्मों के सुपरस्टार एक्टर विजय ने राजनीति में कदम रख दिया है. थलापति विजय ने शुक्रवार को अपनी पार्टी का ऐलान किया, जिसका नाम है- ‘तमिझगा वेत्रि कषगम’. तमिल फिल्मों के सुपरस्टार थालापति विजय ने कहा कि उनकी पार्टी का चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन हो गया है और उनकी पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

आधिकारिक बयान में अभिनेता विजय ने कहा, ‘पार्टी को ईसीआई के साथ पंजीकृत कर दिया गया है. मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि पार्टी की सामान्य परिषद और कार्यकारी समिति ने 2024 के लोकसभा चुनाव में न तो लड़ने का और न ही किसी पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है.’

एक्टर विजय ने एक बयान में कहा कि राजनीति कोई पेशा नहीं, बल्कि ‘पवित्र जनसेवा’ है. ‘तमिझागा वेत्री कषगम’ का शाब्दिक अर्थक ‘तमिलनाडु विजय पार्टी’ है. उनकी इस घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अभिनेता राजनीति में कदम रख सकते हैं. तमिलनाडु में अतीत में कई लोग अभिनय की दुनिया से राजनीति में कदम रख चुके हैं. इनमें सबसे प्रमुख एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता हैं.

विजय ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी और न ही किसी का समर्थन करेगी क्योंकि हाल ही में हुई आम परिषद और कार्यकारी परिषद की बैठकों में ऐसा निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने पार्टी के काम को प्रभावित किए बिना उस फिल्म को पूरा करने का फैसला किया है जिसके लिए मैं पहले ही प्रतिबद्ध हूं. विजय का कहना है कि वह जनसेवा की राजनीति में खुद को झोंक देंगे. उन्होंने कहा कि मैं इसे तमिलनाडु के लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं.

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से अंतरिम बजट पेश किये जाने के बाद आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा भी शुरू हो गया.
संसद के बजट सत्र के दौरान झारखंड में राजनीतिक संकट के विरोध में विभिन्न विपक्षी दलों के संसद सदस्यों ने लोकसभा से वॉकआउट करते हुए नारेबाजी की.
‘कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक हम एक हैं और एक रहेंगे’

वहीं कांग्रेस सांसद डीके सुरेश की ओर से अलग देश की मांग वाले बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि “अगर कोई देश को तोड़ने की बात करेगा, तो हम इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. चाहे वह किसी भी पार्टी का हो. कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक हम एक हैं और एक रहेंगे.” दरअसल डी के सुरेश ने अलग देश बनाने की डिमांड करते हुए कहा था कि अगर केंद्र सरकार दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए धन जारी नहीं करने की प्रवृत्ति जारी रखती है तो दक्षिणी राज्य एक अलग देश की मांग उठाएंगे.
सरकार की रणनीति पर हुई चर्चा

संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संसद में सरकार की रणनीति पर चर्चा के लिए शीर्ष मंत्री के साथ बैठक की. बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए.


रांची। चंपई सोरेन के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सरकार गठन में लगी झारखंड मुक्ति मोर्चा पर भाजपा की नीति साफ है। पार्टी सरकार गठन में किसी तरह का गतिरोध नहीं खड़ा करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस के गठबंधन में अंदरूनी असंतोष है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनके पास संख्या है तो राज्यपाल उस पर निर्णय करेंगे। भाजपा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो आवाज उठाई थी। उसी का नतीजा है कि ईडी ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया है। अब पार्टी सरकार गठन के लिए राजभवन और झामुमो गठबंधन के बीच जो हो रहा है उसकी प्रतीक्षा कर रही है। झारखंड भाजपा के प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार सुबह प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर राजनीतिक मंत्रणा की। वाजपेयी भी इसे राजभवन और गठबंधन के बीच का मामला बता रहे हैं।
हेमंत की गिरफ्तारी के बाद BJP का ये है प्लान

भारतीय जनता पार्टी के नेता हेमंत सोरेन के भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाने को कानूनी प्रक्रिया बता रहे हैं। लेकिन इससे आदिवासी वोटों में संभावित नाराजगी का आकलन भी किया जा रहा है। ऐसे में पार्टी झामुमो सरकार गिराने या उसके गठन में किसी गतिरोध के आरोप से बच रही है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मिली बढ़त को भाजपा तोड़जोड़ के आरोप से हल्का करने का रिस्क नहीं ले रही है। हालांकि, भाजपा के गोड्डा से सांसद निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर झामुमो गठबंधन में संख्या कम रहने की बात कही है। केंद्रीय नेतृत्व ने भी प्रदेश नेतृत्व को लोकसभा चुनाव पर फोकस करने को कहा है। सरकार के गठन या उससे जुड़े किसी प्रकरण में भाजपा नेताओं को किसी भी तरह का बयान नहीं देने का निर्देश है।

जमशेदपुर : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति की ओर से गुरुवार को साकची सब्जी बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक स्टॉक कर बेचने के आरोप में 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। सब्जी विक्रेता सुंदर प्रसाद के पास से 314 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक का बैग भी जब्त किया गया है। नगर प्रबंधक रवि भारती और प्रकाश साहू के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल ने छापेमारी कर प्लास्टिक बैग जब्त किया। सब्जी विक्रेता को दोबारा प्लास्टिक बैग बेचने पर कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई।



राँची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक दल के नेता चंपई सोरेन शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम पद की शपथ उन्हें राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने दिलाई। मनोनीत मुख्यमंत्री चंपई सोरेन राजभवन पहुंच गये हैं. साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम, राजद के इकलौते विधायक सत्यानंद भोक्ता और सीता सोरेन भी पहुंची हैं. अब से थोड़ी देर में राजभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण शुरू होगा.
चंपई सोरेन के साथ शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों के परिवार वाले भी समारोह में पहुंचे हैं. 12 बजकर 20 मिनट में दरबार हॉल में बैठे सभी लोगों राष्ट्रगान गाया. इसके बाद 12 बजकर 21 मिनट में राष्टपति से परमिशन लेने के बाद शपथ समारोह कार्यक्रम शुरू हुआ.



22 जनवरी को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के बाद से, पिछले 11 दिनों में पूजनीय राम जन्मभूमि पर लगभग 25 लाख भक्तों की प्रभावशाली आमद देखी गई है। तीर्थयात्रा के साथ-साथ उल्लेखनीय उदारता भी आई है, जिसमें 11 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय राशि को पार करने वाला चढ़ावा और दान शामिल है।
पवित्र स्थल, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के संरक्षकों ने बताया कि इस मौद्रिक समर्पण का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 8 करोड़ रुपए, गर्भगृह की ओर जाने वाले दर्शन पथ के साथ रणनीतिक रूप से रखे गए पारंपरिक दान बक्सों में डाला गया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से सराहनीय 3.50 करोड़ रुपए का योगदान दिया गया।

इन मामलों की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने सावधानीपूर्वक लेखांकन प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। देवता के निवास के पास रणनीतिक रूप से तैनात चार बड़े दान बक्से, 10 कम्प्यूटरीकृत काउंटरों द्वारा प्रसाद प्राप्त कर रहे हैं जहां भक्त अपना योगदान दे सकते हैं। इन काउंटरों पर तैनात ट्रस्ट द्वारा नियुक्त कर्मचारी, ट्रस्ट कार्यालय को दिन के संग्रह का एक विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हैं, जो सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आयोजित किया जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि मंदिर ट्रस्ट ने 14 व्यक्तियों की एक समर्पित टीम की सहायता ली है, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और तीन मंदिर ट्रस्ट कर्मी शामिल हैं, जिन्हें चार विशिष्ट दान बक्सों के भीतर रखे गए चढ़ावे की गिनती करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दृष्टिकोण योगदान के माध्यम से उत्पन्न पर्याप्त धनराशि के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

बिजोलिया स्टोन्स के साथ बुनियादी ढांचे का विकास इस विशाल प्रयास के एक अतिरिक्त पहलू में लगभग पांच लाख वर्ग फुट के विशाल विस्तार को प्रशस्त करने के लिए बिजोलिया पत्थरों का उपयोग शामिल है। राजस्थान से प्राप्त इन मौसम प्रतिरोधी पत्थरों के उपयोग को एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जाता है। प्रसिद्ध विशेषज्ञों का दावा है कि मौजूदा मौसम की स्थिति के बावजूद ये पत्थर भक्तों के लिए एक आरामदायक मार्ग प्रदान करते हैं। अत्यधिक तापमान के प्रतिरोध और बिना किसी गिरावट के लगभग 1,000 वर्षों तक जीवित रहने जैसे गुणों का दावा करते हुए, बिजोलिया पत्थर सौंदर्य और कार्यात्मक प्रतिभा दोनों के लिए एक प्रमाण के रूप में खड़ा है।

राँची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ सोरेन की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे कहा- आपको पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि हम एक व्यक्ति को अनुमति देंगे तो सभी को देनी होगी। जांच एजेंसी ने सोरेन को 31 जनवरी की रात को गिरफ्तार किया था।



कांग्रेस को लगातार एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. कुछ महीनों पहले आए चुनावी नतीजों में उसके हाथों से छत्तीसगढ़ और राजस्थान चले गए. जबकि मध्य प्रदेश में उसको मुंह की खानी पड़ी.
कई नेता उसका साथ छोड़कर बीजेपी समेत अन्य दलों का दामन थाम चुके हैं. अब कांग्रेस के एक और नेता की पीएम मोदी से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. लेकिन एक्शन लेते हुए कांग्रेस ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्काषित कर दिया.
दरअसल कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम गुरुवार को पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे और उन्हें 19 फरवरी को आयोजित श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह का न्योता दिया. मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की हैं. उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा, 19 फरवरी को आयोजित श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में पीएम मोदी को आमंत्रित करने का सौभाग्य मिला. मेरे इस पवित्र भाव को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार एवं साधुवाद. उनके पीएम मोदी से मिलने के बाद कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से उनको पार्टी से निष्काषित कर दिया. माना जा रहा है कि पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही कांग्रेस ने सख्त फैसला लेते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया.
गौरतलब है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम पिछले काफी वक्त से पार्टी से नाराज चल रहे हैं. कई मामलों पर वह पार्टी की लाइन से इतर बयान देते रहे हैं. इतना ही नहीं पूर्व अध्यक्ष राहुल पर भी उन्होंने कटाक्ष किया. हाल ही में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर तंज कसते हुए कहा था, एक तरफ देश में 2024 का महाभारत सज रहा है. दूसरी तरफ एक पूरी पार्टी पॉलिटिकल टूरिज्म कर रही है. कांग्रेस में ऐसे महान समझदार नेता हैं. हम 2024 के बाद सोचेंगेकि 2024 का चुनाव कैसे लड़ा जाए. मुझे लगता है कि कांग्रेस 2029 के चुनाव की तैयारी कर रही है. अगर 2024 की तैयारी कर रहे होते तो जो हो रहा है, वो नहीं करते.


आचार्य प्रमोद कृष्णम यहीं नहीं रुके. उन्होंने नीतीश कुमार के जाने के बाद इंडिया गठबंधन पर भी जमकर भड़ास निकाली थी. कृष्णम ने कहा था कि जब से इंडिया गठबंधन बना वह बीमारियों से पीड़ित हो गया. इसके बाद आईसीयू में चला गया.
