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बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की जांच में खुलासा हुआ है कि बीपीएससी द्वारा आयोजित फेज तीन की अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (BPSC TRE) का प्रश्न पत्र परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था.
जाे प्रश्न पत्र गिरोह को मिले थे, उसे इओयू ने हूबहू सही पाया है. गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में बताया है कि एक व्यक्ति ने उनको शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन-ड्राइव में 14 मार्च को ही उपलब्ध करा दिया था. इस प्रश्न पत्र के कई प्रिंट निकाल अभ्यर्थियों को अलग-अलग समूहों में उत्तर याद करवाने के लिए उपलब्ध कराया गया था.
छापामारी व प्रारंभिक पूछताछ के बाद इओयू के पदाधिकारियों ने उक्त प्रश्न पत्र को परीक्षा के बाद बीपीएससी के कार्यालय से प्राप्त प्रश्न पत्र की प्रति से मिलान भी कराया. प्रश्न पत्र के हूबहू सही पाये जाने से यह प्रमाणित हो गया कि 15 मार्च को बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र किसी स्तर से परीक्षा ही गिरोह के सदस्यों द्वारा प्राप्त कर लिया गया था. इओयू की इस रिपोर्ट के बाद अब बीपीएससी के स्तर पर परीक्षा को रद्द किये जाने संंबंधित कार्रवाई की जा सकती है.

13 को ही इओयू को मिली थी गोपनीय सूचना, 14 को करबिगहिया में पकड़ा गया था गिरोह का एक सदस्य
आर्थिक अपराध इकाई से मिली जानकारी के मुताबिक बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण (BPSC TRE -3) की 15 मार्च को होने वाली परीक्षा से दो दिन पहले 13 मार्च ही उनको कई सूत्रों से गुप्त सूचना प्राप्त हुई. सूत्रों ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व ही प्रश्न पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में दस-दस लाख रुपये अभियुक्तों द्वारा लिया जा रहा है. इसको देखते हुए बिहार इओयू ने 14 मार्च को एक विशेष जांच टीम गठित की.
इस टीम ने छापामारी के क्रम में प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पटना स्थित करबिगहिया क्षेत्र से शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के साथ पकड़ा. उसके पास से बहुत सारे दस्तावेज जब्त किये गये. गिरफ्तार किये गये अभ्यर्थियों को पूछताछ हेतु इओयू कार्यालय लाया गया. पूछताछ के दौरान उनलोगों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों को कई स्कॉर्पियो गाड़ी एवं बस से लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाने हेतु झारखंड ले जाया गया है.

15 मार्च की सुबह से ही विशेष जांच टीम ने शुरू की छापेमारी
उक्त सूचना के आलोक में गठित विशेष टीम ने 15 मार्च को सुबह पांच बजे से ही झारखंड पुलिस की सहायता से हजारीबाग स्थित कुर्रा, पदमा एवं बरही स्थित होटल कोहिनूर एवं मैरेज हॉल में छापामारी की. यहां पर लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाने के लिए सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी एकत्रित हुए थे. उनमें से लगभग 270 अभ्यर्थियों और संगठित गिरोह के सदस्यों से परीक्षा के संबंध में पूछताछ की गयी.
संगठित गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के क्रम में बताया गया कि एक अन्य अभियुक्त द्वारा उनको शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन ड्राइव में 14 मार्च को ही प्राप्त करा दिया था. छापामारी के दौरान गिरोह के सदस्यों के पास से शिक्षक भर्ती के तृतीय चरण के परीक्षा से संबंधित विभिन्न प्रश्न पत्र प्राप्त हुये, जिसको विधिवत जब्त कर जब्ती सूची बनायी गयी है.
हजारीबाग से जब्त हुए थे सामान
गिरोह के सदस्यों एवं उनके मेल में आये अभ्यर्थियों के पास से शिक्षक भर्ती परीक्षा से संबंधित विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जुड़े विभिन्न पालियों के प्रवेश पत्र, अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक, 50 हजार रुपये, लगभग 50 मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव आदि भी पटना एवं हजारीबाग से बरामद किया गया है.
इओयू ने बताया कि अभी तक की जांच एवं अनुसंधान से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि संगठित गिरोह के मेल में आकर अभ्यर्थी लाभान्वित होकर गैर कानूनी तरीके से परीक्षा में उत्तीर्ण होना चाहते थे. साथ ही यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि अभ्यार्थियों से प्रति अभ्यर्थी दस लाख रुपये लेकर उन्हें परीक्षा पूर्व प्रश्न पत्र उत्तर सहित उपलब्ध कराया गया, जिसका अभिलेखीय साक्ष्य पाया गया है. कांड की मॉनिटरिंग वरीय स्तर पर की जा रही है. इस संबंध में पटना के इओयू थाना में विभिन्न धाराओं में कांड संख्या-06/24 दर्ज करते हुए अग्रतर अनुसंधान एवं विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है.⁰


झारखंड के लोगों को फिर बिजली का झटका लग सकता है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के टैरिफ प्रस्ताव में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की दर प्रति यूनिट 2.85 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव झारखंड विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) को दिया है।
बिजली की वर्तमान दर 6.65 रुपये से बढ़ाकर 9.50 रुपये प्रति यूनिट और फिक्स्ड चार्ज में भी भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि जेएसईआरसी ने इसी फरवरी में ही वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए टैरिफ की घोषणा की थी, जो एक मार्च 2024 से लागू हो गया है।
विद्युत नियामक आयोग ने प्रस्ताव पर आपत्तियां मांगीं

अब जेबीवीएनएल के वित्तीय वर्ष 2024-25 के टैरिफ प्रस्ताव को आयोग ने सार्वजनिक कर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद आयोग इस प्रस्ताव पर जनसुनवाई करेगा। संभावना है कि नई दरों की घोषणा जून महीने में की जाएगी। उपभोक्ता अपनी आपत्ति वेबसाइट या ई-मेल कर दे सकते हैं। पत्र के माध्यम से भी सचिव, झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
नवंबर 2023 में दिया था प्रस्ताव
जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का टैरिफ प्रस्ताव आयोग के समक्ष बीते नवंबर में दिया था। अब टैरिफ विवरण प्रति यूनिट के अनुसार भी सौंप दिया है। आयोग की ओर से प्रस्ताव को सार्वजनिक कर आपत्तियां मांगी गई हैं।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे 2047 की योजना बना रहे हैं। भाजपा और खुद की राजनीतिक तैयारियों को लेकर एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी नजरें 2047 पर हैं।
बकौल पीएम मोदी आज देश का मूड भारत को विकसित भारत बनाने का है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने शासन का नया मॉडल विकसित किया है। पीएम मोदी ने कहा, उनके कार्यकाल में सरकार ने उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जिन्हें पहले बहुत कम प्राथमिकता द जाती थी।

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा होने पर पीएम मोदी ने कहा कि आज सबसे बड़े लोकतांत्रिक उत्सव को मनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। पूरी दुनिया अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, लेकिन भारत तेज गति से विकास करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश का मूड देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जुड़ने का है। बकौल पीएम मोदी सम्मेलनों में लोग उनसे हेडलाइन की उम्मीदें करते हैं, लेकिन वे सुर्खियों के लिए नहीं डेडलाइन के साथ काम करता हूं।
पूर्वोत्तर भारत के प्रति बदला नजरिया
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र को 2014 से पहले की सरकारों ने उपेक्षित रखा। उनके कार्यकाल में सरकार ने पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, 2014 के बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र प्राथमिकताओं की सूची में ऊपर आया। 2014 के बाद, हमने फैसला किया कि हमारे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी न केवल जिला मुख्यालयों बल्कि आंतरिक हिस्सों का भी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री ने दावा किया, ‘हमारे केंद्रीय मंत्रियों ने 680 बार पूर्वोत्तर क्षेत्र का दौरा किया। मैं अकेले पूर्वोत्तर में सबसे अधिक बार गया। पिछले तमाम प्रधानमंत्रियों की संयुक्त यात्राओं से भी अधिक यात्रा की।

अगले पांच साल में निर्णायक फैसले होंगे; सरकार की नीति ‘राष्ट्र प्रथम’
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने मानसिकता बदल दी। जिन्हें भारत के आखिरी गांव कहा जाता था, उन्हें अब पहला गांव कहना शुरू कर दिया। मेरे 17 कैबिनेट मंत्रियों ने उन इलाकों का दौरा किया और पूरी रात वहां गुजारी। पूर्वोत्तर भारत को लेकर अपनी सरकार की नीति के अलावा प्रधानमंत्री ने प्रतिद्वंद्वियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘मैं ‘राष्ट्र प्रथम’ से प्रेरित हूं, कुछ लोग ‘परिवार प्रथम’ से प्रेरित हैं।’ पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा नीत एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने करने का भरोसा भी जताया। उन्होंने सत्ता बरकरार रहने का भरोसा जताते हुए कहा कि लोग अगले पांच साल में निर्णायक नीतियां और फैसले होते देखेंगे।


एक तरफ पूरे देश में लोकसभा चुनाव 2024 का ऐलान हुआ है तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुई ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का शनिवार (16 मार्च) को खत्म हो गई. रविवार को मुंबई के प्रसिद्ध शिवाजी पार्क में रैली के साथ इसका समापन हो जाएगा.
इस रैली को लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. मणिपुर से शुरू हुई यह यात्रा शनिवार को मुंबई के धारावी पहुंची है.

इसके समापन पर राहुल गांधी ने कहा, “पिछली (भारत जोड़ो) यात्रा में हमने ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ खोली. लोगों ने मुझे बताया कि मैं चार हजार किलोमीटर पैदल चला लेकिन मैंने ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार जैसे कई क्षेत्रों को कवर नहीं किया. गांधी ने कहा, लोगों ने मुझसे कहा कि हमें एक और यात्रा शुरू करनी चाहिए. हमने अपनी दूसरी यात्रा मणिपुर से शुरू की और मुंबई में समापन हुआ.”
‘लड़ाई हुनर और दलालों के बीच है’
राहुल गांधी ने कहा, “यह यात्रा मुंबई में नहीं बल्कि धारावी में समाप्त हुई है. ये जो धारावी है, ये हिंदुस्तान के हुनर की राजधानी है, जिसको हम कौशल कहते हैं, हुनर कहते हैं, जिसको जुगाड़ कहा जाता है, ये उन चीजों का केंद्र है. लड़ाई हुनर और दलालों (ब्रोकर) के बीच है. कौशल और (गौतम) अडाणी के बीच है. इसलिए मैंने यात्रा में न्याय शब्द जोड़ा है.

‘यह न्याय की लड़ाई का अंत है’
गांधी ने कहा, “भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज समापन है – पर यह अंत नहीं, न्याय की लड़ाई का आरंभ है! यात्रा के दौरान मैंने हर वर्ग के साथ हो रहे भयंकर अन्याय और उत्पीड़न को बहुत करीब से जाना और समझा. मैं देशवासियों की उम्मीदों भरी आंखों में छिपे छोटे-छोटे सपनों को अपने साथ लेकर जा रहा हूं. इस यात्रा से मेरा विश्वास और दृढ़ हुआ कि देश की पहली जरूरत न्याय है और हर वर्ग को समर्पित कांग्रेस के 5 न्याय ही संकटकाल से गुजर रहे भारत की संजीवनी है.
‘कांग्रेस के कार्यकर्ताओं शांत मत बैठना’
राहुल गांधी ने कहा है कि आज चुनाव का बिगुल बज चुका है. कांग्रेस के सभी बब्बर शेर कार्यकर्ताओं, अब चैन से तभी बैठना, जब अन्याय का पर्याय बन चुकी इस सरकार को उखाड़ कर फेंक देना.
हम जनता के जीवन से जुड़े ज़मीनी मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरेंगे. हमारा चुनावी अभियान भी युवाओं को रोज़गार, महिलाओं को अधिकार, किसानों को सही दाम, श्रमिकों को सम्मान और वंचितों को हिस्सेदारी की गारंटी को समर्पित होगा.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह हेडलाइन पर नहीं, डेडलाइन पर काम करने वाले आदमी हैं। पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी के जीवन में आ रहे छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव सुर्खियों में नहीं आ पाते हैं।
लेकिन सच यह है कि इन बदलावों से इन लोगों का जीवन बहुत आसान हुआ है। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत में स्टार्टअप्स और मुद्रा योजना की भी बात की। उन्होंने ड्रोन दीदी और रेहड़ी-पटरी पर काम करने वालों द्वारा डिजिटल पेमेंट्स के तरीकों के अपनाए जाने का खास उल्लेख किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। इसी दौरान पीएम मोदी ने अपना लक्ष्य भी बताया कि वह 2029 नहीं, बल्कि 2047 के लिए लगे हैं।

खास योजनाओं का जिक्र
इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने उन योजनाओं का खास तौर पर जिक्र किया जो सरकार द्वारा आम आदमी के लिए शुरू किया गया है। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं उन योजनाओं की बात करूंगा, जिनके बारे में मीडिया कम बातें करता है। प्रधानमंत्री ने कहाकि हाल ही में उन्होंने 1000 महिलाओं को ड्रोन दिए। उन्होंने कहाकि यह महिलाएं गांवों में सेल्फहेल्प ग्रुप चलाती हैं और अचार, मुरब्बा जैसी चीजें बनाती हैं। पीएम ने कहाकि यह ड्रोन युवकों को भी दिए जा सकते थे। लेकिन मेरी सोच थी कि महिलाओं को यह ड्रोन देकर लोगों की मानसिकता बदलनी है। जिन गांवों में लोग ट्रैक्टर चलाती बेटी को देखकर हैरानी से भर जाते हैं, वहां जब बेटी ड्रोन चलाएगी तो कितना सकारात्मक असर होगा।

स्टार्टअप्स की भी चर्चा
पीएम मोदी ने अपने गुजरात के वक्त का भी वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात में रहने के दौरान उन्होंने आशाओं और आंगनवाड़ी के लिए काम करने वाली महिलाओं की ड्रेस चेंज किया। पीएम ने कहाकि मैंने कहा था कि इनके ड्रेस एयरहोस्टेस से भी अच्छा होना चाहिए। इसका नतीजा यह हुआ जब यह महिलाएं गांव में निकलती थीं तो लोग सोचते थे कि सरकार आ गई। इसके बाद अलावा पीएम मोदी ने दो लाख गोदाम बनाने का भी जिक्र किया, जिसमें अन्न रखे जाएंगे। पीएम मोदी ने कहाकि 10 साल पहले इक्के-दुक्के स्टार्टअप्स होते थे। तब स्टार्टअप के नाम पर बेंगलुरु का ही ध्यान आता था। आज देश के 600 जिलों में स्टार्टअप है। देश के छोटे शहरों के नौजवान बड़े स्तर पर स्टार्टअप की अगुवाई कर रहे हैं।


लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा के चंद घंटे पहले भाजपा ने ‘मैं मोदी का परिवार हूं’ का चुनाव कैंपेन लॉन्च कर दिया है। मेरा भारत, मेरा परिवार शीर्षक के तहत जारी थीम सॉन्ग को स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा के चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया है।
इससे स्पष्ट हो गया है कि 2019 में ‘मैं भी चौकीदार’ की तर्ज पर 2024 में भाजपा के लिए ‘मैं मोदी का परिवार हूं’ चुनाव अभियान के केंद्र में रहेगा।
कई भाषाओं में लॉन्च किया गया है कैंपेन
इस कैंपेन को एक साथ कई भाषाओं में लॉन्च किया गया है। ‘मैं मोदी का परिवार हूं’ के थीम सॉन्ग में मोदी सरकार के 10 वर्षों के दौरान लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ ही विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए किये गए प्रयासों का उल्लेख किया गया है।
इसमें समाज के विभिन्न वर्गों को ‘मैं मोदी का परिवार हूं’ की थीम पर बने बूथ पर सेल्फी लेते हुए दिखाया गया है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान पूरे देश में भाजपा ‘मैं मोदी का परिवार हूं’ का सेल्फी बूथ बनाकर लोगों को इसके साथ सेल्फी लेने का आह्वान कर सकती है।

सवा तीन मिनट का है थीम सॉन्ग
सवा तीन मिनट के इस सॉन्ग की शुरुआत आटो रिक्शा से होती है जो जाहिर तौर पर मुद्रा लोन के जरिये ली गई। फिर खेत में काम करने वाले किसान को दिखाया जाता है, जिसे काम करते हुए किसान सम्मान निधि का पैसा खाते में आने का मोबाइल संदेश आता है।
लालू यादव ने बोला था हमला
ध्यान देने की बात है कि चार मार्च को पटना की रैली में राजद प्रमुख लालू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का कोई परिवार न होने को लेकर हमला किया था। लालू यादव ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी का कोई परिवार नहीं है, इसीलिए वे परिवारवाद पर हमला कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने किया पलटवार
इस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार बताया था। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने इंटरनेट मीडिया के बायो में ‘मोदी का परिवार’ जोड़ लिया था।

पीएम मोदी देशवासियों को परिवारजनों के नाम से करते रहे हैं संबोधित
पिछले 15 अगस्त से ही लाल किले के अपने संबोधन से ही प्रधानमंत्री देशवासियों को परिवारजनों के नाम से संबोधित करते रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों के नाम पत्र जारी करते हुए अपनी सरकार की 10 साल की अहम उपलब्धियों को गिनाया था और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराया था।
चुनाव की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने क्या कहा?
चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा और राजग चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने 10 साल के ट्रैक रिकार्ड के आधार पर जनता-जनार्दन से चुनाव में आशीर्वाद मिलने और तीसरी बार सरकार बनाने का भरोसा भी जताया।


चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया है कि आम आदमी सीविजिल ऐप के जरिये चुनाव में धंधली की शिकायत कर सकेंगे. दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह घोषणा की.
लोकसभा के साथ चार राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के विधानसभा चुनाव की तारीखों की भी घोषणा की गई है.
100 मिनट में कार्रवाई
लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान की निष्पक्षता बनाये रखने के लिए चुनाव आयोग किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतना नहीं चाहता है. इसके लिए चुनाव आयोग ने एक ऐसा ऐप तैयार किया है, जिसकी मदद से आम आदमी बड़े आराम से अब मोबाइल ऐप पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकता है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सी-विजिल ऐप में शिकायत करने पर 100 मिनट में कार्रवाई की बात कही है.

ऐप का इस्तेमाल बहुत आसान
सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल बहुत आसान है. इसके लिए कैमरा और इंटरनेट कनेक्शन के साथ जीपीएस वाला एंड्रॉयड स्मार्टफोन चाहिए. शिकायत के लिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की तस्वीर या अधिक से अधिक दो मिनट तक का वीडियो रिकॉर्ड कर ऐप पर भेज सकते हैं. चुनाव अधिकारी द्वारा जीपीएस के माध्यम से शिकायत वाले स्थान को पहचान लेंगे. शिकायत करनेवाले को एक यूनीक आईडी मिलेगी और इससे वह यह पता लगा पाएगा कि उसकी शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई हो रही है.
यूनीक आईडी से मिलेगी अपडेट
शिकायत करनेवाले को एक यूनीक आईडी मिलेगी और इससे वह यह पता लगा पाएगा कि उसकी शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई हो रही है. शिकायत दर्ज होने के बाद यह सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के पास जाएगी. तब इसे फील्ड युनिट को भेज दिया जाएगा. खास बात यह है कि फोटो और वीडियो बनाने के बाद यूजर्स को केवल पांच मिनट का समय मिलेगा. साथ ही, पहले से ली गई फोटो और वीडियो अपलोड करने की अनुमति नहीं होगी.



पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र में ‘इस्लामोफोबिया’ पर प्रस्ताव लाने के मुद्दे परभारत ने समेत कई देशों ने दूरी बना ली। मगर पाकिस्तान ने जब अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र किया तो भारत आग बबूला हो गया।
इसके बाद भारत ने ऐसा जवाब दिया कि पाकिस्तान की पूरी दुनिया के सामने बोलती बंद हो गई। बता दें कि भारत ने ‘इस्लामोफोबिया’ को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की ओर से पेश और चीन द्वारा सह-प्रायोजित मसौदा प्रस्ताव से दूरी बनाते हुए कहा कि केवल एक धर्म के बजाय हिंदू, बौद्ध, सिख और हिंसा व भेदभाव का सामना करने वाले अन्य धर्मों के खिलाफ “धार्मिक भय” की व्यापकता को भी स्वीकार किया जाना चाहिए।

भारत के इस कथन के साथ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील और इटली, यूक्रेन जैसे देश भी साथ खड़े दिखे। जब पाकिस्तान के दूत ने अयोध्या में स्थित राम मंदिर का जिक्र किया तो भारत ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई। भारत ने पाकिस्तान को उसके देश में हो रहे अल्पसंख्यकों पर जुर्म को याद दिलाया। हालांकि शुक्रवार को 193 सदस्यीय महासभा ने पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव ‘इस्लामोफोबिया से निपटने के उपाय’ को मंजूरी दी। 115 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, किसी ने भी विरोध नहीं किया और भारत, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूक्रेन तथा ब्रिटेन समेत 44 देश मतदान से दूर रहे।
हिंदुओं, यहूदियों, ईसाइयों, बौद्धों और सिखों जैसे अन्य अल्पसंख्यकों पर यूएन के मौन पर भड़का भारत
भारत ने सिर्फ एक धर्म की बात होने और हिंदुओं समेत यहूदियों, ईसाइयों, बौद्धों और सिखों जैसे अल्पसंख्यकों की समस्याओ पर गौर नहीं किए जाने पर भारत भड़क गया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज ने यहूदी-विरोध, ‘ईसाईफोबिया’ और इस्लामोफोबिया (इस्लाम के प्रति पूर्वाग्रह) से प्रेरित सभी कृत्यों की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार करना जरूरी है कि इस तरह का ‘फोबिया’ (पूर्वाग्रह) अब्राहिमी धर्मों से परे भी फैला हुआ है। उन्होंने प्रस्ताव के बारे में भारत के रुख को लेकर स्पष्टीकरण में कहा, “स्पष्ट साक्ष्यों से पता चलता है कि दशकों से, गैर-अब्राहिमी धर्मों के अनुयायी भी धार्मिक पूर्वाग्रह से प्रभावित हुए हैं। इससे विशेष रूप से हिंदू विरोधी, बौद्ध विरोधी और सिख विरोधी धार्मिक पूर्वाग्रह के समकालीन रूपों का उदय हुआ है।

भारत ने कहा-अन्य धर्मों के साथ भी न हो भेदभाव
कंबोज ने कहा, “इस्लामोफोबिया का मुद्दा निस्संदेह महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि अन्य धर्म भी भेदभाव और हिंसा का सामना कर रहे हैं। अन्य धर्मों के सामने आने वाली समान चुनौतियों की उपेक्षा करके केवल इस्लामोफोबिया से निपटने के लिए संसाधनों का आवंटन अनजाने में बहिष्कार व असमानता की भावना को कायम रख सकता है।” उन्होंने कहा, “यह स्वीकार करना जरूरी है कि दुनियाभर में 1.2 अरब से अधिक अनुयायियों वाला हिंदू धर्म, 53.5 करोड़ से अधिक अनुयायियों वाला बौद्ध धर्म और तीन करोड़ से अधिक अनुयायियों वाला सिख धर्म, सभी धार्मिक पूर्वाग्रह की चुनौती का सामना कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम एक धर्म के बजाय सभी धर्मों के प्रति धार्मिक पूर्वाग्रह की व्यापकता को स्वीकार करें।
पाकिस्तान ने किया राम मंदिर का जिक्र
पाकिस्तान के दूत मुनीर अकरम ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और नागरिकता संशोधन अधिनियम के कार्यान्वयन का भी जिक्र किया। इस पर आपत्ति जताते हुए कंबोज कहा, “मेरे देश से संबंधित मामलों पर इस (पाकिस्तानी) प्रतिनिधिमंडल के सीमित व गुमराह दृष्टिकोण से रूबरू होना वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। (प्रतिनिधिमंडल ने) खासकर ऐसे समय पर महासभा में यह जिक्र छेड़ा है जब यह ऐसे मामले पर विचार कर रही, जिसमें सभी सदस्यों से ज्ञानवर्धक, गहन और वैश्विक दृष्टिकोण पेश करने की उम्मीद की जा रही है। शायद प्रतिनिधिमंडल को इसमें महारत हासिल नहीं है।


जमशेदपुर : फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर बुधवार (20 मार्च) को टुईला डुंगरी स्थित हिंदुस्तानी संघ स्कूल से श्याम बाबा की भव्य निशान यात्रा निकाली जायेगी. निशान यात्रा सुबह 7:30 (साढे़ सात बजे) आरंभ होगी, जो गोलमुरी श्री शिव मंदिर पहुंच कर संपन्न होगी. 301 से अधिक भक्तगण बाबा श्याम को निशान अर्पण करेंगें.

शोभा यात्रा मे ईत्र की वर्षा होगी और चलंत दरबार सजेगा. इसमें बाबा श्याम के शीश की झांकी आकर्षण का केंद्र होगी. इससे पहले हिंदुस्तानी संघ स्कूल में सुबह 7 बजे निशान की पूजा होगी. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन शहर की सामाजिक एवं धार्मिक चार संस्था श्री श्याम मंडल गोलमुरी, श्री श्याम मंडल टुईलाडुंगरी, श्री श्री शिव मंदिर समिति गोलमुरी एवं श्री श्याम महिला मंडल टुईलाडुंगरी द्धारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है.

इस संबंध में शनिवार को हिंदुस्तानी संघ स्कूल में आयोजकों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आगे बताया कि निशान यात्रा गोलमुरी मेन रोड, गोलमुरी बाजार मस्जिद रोड एवं आकाश दीप प्लाजा होते हुए शिव मंदिर पहुंचेगी. इसमें शामिल भक्तगण हाथों में निशान लेकर पूरे रास्ते भजन-कीर्तन एवं बाबा की जय-जयकार करते चलेंगे. भक्तों द्वारा शीतल पेय एवं चाय-पानी की व्यवस्था की जायेगी. मामराज गुप्ता ने बताया कि पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर निशान कूपन का वितरण किया जा रहा है.

संवाददाता सम्मेलन में मामराज गुप्ता, श्वेता अग्रवाल, चंदा अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, कृष्णा नरेड़ी एवं स्वीटी अग्रवाल, अधिवक्ता कैलाश अग्रवाल, शंकर लाल अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, मनोज नरेड़ी, कमल गुप्ता, दीपक अग्रवाल, संदीप रिंगसिया, राधेश्याम अग्रवाल, प्रेमकिशुन चौधरी, सुशील चौधरी, रामकरण अग्रवाल समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
राँची : राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की है. राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित और प्रस्थापन के लिए प्रतीक्षारत अंचल अधिकारियों की ट्रांसफ़र पोस्टिंग हुई है. राज्य सरकार ने 15 अंचल अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग की है. जिसकी अधिसूचना शनिवार को जारी हुई है. इसके अनुसार :



उज्जल सोरेन को ओरमांझी सीओ के पद पर नियुक्त किया गया
विजय कुमार दास को टंडवा सीओ नियुक्त किया गया है

सुनील कुमार को सरायकेला सीओ के पद पर नियुक्त किया गया है
धर्मेंद्र कुमार दुबे को गोविन्दपुर सीओ नियुक्त किया गया है.

