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जमशेदपुर: इंकैब (केबल कंपनी) के कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां उन्हें अपने क्लेम की हुई पूरी राशि मिलने का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ बिजली दर और सिक्योरिटी मनी में हुई भारी वृद्धि ने उनके समक्ष नया संकट खड़ा कर दिया है।
अब केबल टाउन क्षेत्र में स्थित सभी 1050 फ्लैट, क्वार्टर और बंगलों में रहने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों को अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी।
टाटा स्टील यूआईएसएल (TSUISL) पूरे इंकैब क्षेत्र को एक प्वाइंट मानकर बिजली कनेक्शन प्रदान करती है। इस बिजली आपूर्ति का प्रबंधन और वितरण स्थानीय 8 कमेटियों द्वारा किया जाता है। हाल ही में कंपनी प्रबंधन ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ सिक्योरिटी मनी की राशि में भी इजाफा कर दिया है।
सिक्योरिटी मनी जमा न होने के कारण सोमवार (20 जुलाई) को कंपनी प्रबंधन द्वारा केबल टाउन क्षेत्र की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद दो कमेटियों द्वारा तीन महीने का पोस्ट-डेटेड चेक (Post-Dated Cheque) जमा कराए जाने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
”केबल टाउन क्षेत्र में सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करने पर बिजली काट दी गई थी। सांसद-विधायक की पैरवी के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने छूट देने से इनकार कर दिया। इसलिए अब मजबूरी में सभी घरों से सिक्योरिटी मनी के रूप में अतिरिक्त राशि एकत्र कर जमा कराई जाएगी।”
— राजेश सिंह (कर्मचारी पुत्र)
– तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की के विरोध में पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमेटी ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। 
पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (DC) के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के बाद युवा कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में नीट पेपर लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों परीक्षार्थियों के भविष्य और विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। वर्षों की कठिन मेहनत के बावजूद परीक्षा प्रणाली से छात्रों का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है।
“पेपर लीक के सदमे के कारण कई होनहार छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना अत्यंत चिंताजनक है। यह स्थिति पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना पूरी तरह तानाशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।” — परविंदर सिंह, अध्यक्ष (जिला कांग्रेस)

युवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगों पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है:
उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा कांग्रेस के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें आशुतोष सिंह, फिरोज खान, संजीव राजन, रविंद्र मौर्या, बिरेंद्र तिवारी, राज किशोर, रियाजुद्दीन खान, रविन्द्र कुमार झा, राजेश कुमार और निखिल तिवारी सहित अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल थे।
— रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर
जमशेदपुर: शहर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत डीबी रोड पर गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे के बाद अब पीड़ित परिजनों में पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में चल रहा है, जहाँ एक ओर इलाज के भारी-भरकम खर्च से परिजन परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी चालक की गिरफ्तारी न होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।
पीड़ित परिजनों के अनुसार, TMH प्रशासन द्वारा एक घायल के इलाज के लिए लगभग 8 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया है, जिसे चुकाने में परिवार पूरी तरह असमर्थ है।
इसके साथ ही परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि:
पुलिस की इस निष्क्रियता से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
गुरुवार शाम अस्पताल और थाना परिसर में परिजनों का भारी हुजूम देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि बागबेड़ा थाना प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और यहाँ तक कह दिया कि “वे खुद आरोपी को पकड़कर लाएं।”
हालाँकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने सबसे पहले अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर लौट रहे एक TVS XL सवार को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद कार बेकाबू होकर तीन अन्य लोगों को रौंदती चली गई।
बागबेड़ा थाना पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया गया है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि फरार चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर
कदमा स्थित डीबीएमएस (DBMS) इंग्लिश स्कूल के बाहर खड़ी कार में जोरदार टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल की गई इनोवा कार को जब्त कर लिया है और उसकी तकनीकी व दस्तावेजी जांच शुरू कर दी है।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे हैं। सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया है कि एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने वहां खड़ी कार को सीधी टक्कर मारी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दुर्घटना के वक्त इनोवा कार को एक नाबालिग चला रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना के मामले में कानूनी धाराओं के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि गाड़ी जानबूझकर नाबालिग को चलाने के लिए दी गई थी, तो इनोवा के वाहन स्वामी (Owner) के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह हादसा बीते 20 जुलाई को हुआ था। इनोवा की भीषण टक्कर से खड़ी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, वहीं कार चालक राजा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो, जमशेदपुर
तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर
सोनारी थाना क्षेत्र में सूदखोरी, मारपीट और पुलिसिया दबाव का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कुम्हारपाड़ा निवासी एवं “एम.बी.ए. गोलगप्पावाला” के संचालक बजरंग प्रसाद ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सोनारी थाना प्रभारी के संरक्षण में सूदखोर और पुलिस पदाधिकारी मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उनका व्यवसाय जबरन बंद करवा दिया गया है।
शिकायत के अनुसार, आर्थिक तंगी के कारण बजरंग प्रसाद ने मनीष सिंह नामक व्यक्ति से ₹1.70 लाख उधार लिए थे। इसके एवज में 10% मासिक ब्याज तय किया गया था और सुरक्षा के नाम पर दो हस्ताक्षरित (Signed) ब्लैंक चेक भी जमा करा लिए गए थे।
बजरंग प्रसाद का दावा है कि वे नगद और ऑनलाइन माध्यम से मूल राशि से अधिक (लगभग ₹2 लाख) चुका चुके हैं, जिसके पुख्ता साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद उनसे लगातार अतिरिक्त पैसों की अवैध मांग की जा रही है।
पीड़ित का आरोप है कि बीते 11 फरवरी 2026 को सोनारी थाना में दबाव बनाकर उनसे एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिसमें 4 महीने के भीतर ₹2 लाख और लौटाने की बात लिखवा ली गई।
मामला 21 जुलाई 2026 की शाम का है। बजरंग प्रसाद के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे मनीष सिंह, प्रकाश ठाकुर और बिष्टुपुर थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी बलराम साहू उनके गोलगप्पा ठेले पर पहुंचे।
आरोप है कि इन लोगों ने बजरंग और उनके पिता के साथ गाली-गलौज व हाथापाई की और जबरन ठेला बंद करवा दिया। साथ ही, दोबारा दुकान लगाने पर जान से मारने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

शिकायत पत्र में बजरंग प्रसाद ने सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे एवं पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये अधिकारी उन्हें बार-बार थाना बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और सूदखोरों के पक्ष में दबाव बना रहे थे।
बजरंग प्रसाद ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी सूदखोरों व पक्षपात करने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें निर्भय होकर पुनः अपना गोलगप्पा ठेला संचालित करने की अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
संपादकीय टिप्पणी: पुलिस प्रशासन से यह अपेक्षा की जाती है कि छोटे व्यवसायियों को सुरक्षा मिले और सूदखोरी जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगे। अब देखना होगा कि जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
बागबेड़ा कॉलोनी के कुंवर सिंह मैदान स्थित रोड नंबर-3 के निवासियों को अब जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या से राहत मिलने जा रही है। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता की त्वरित पहल पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) ने महज 24 घंटे के भीतर पाइपलाइन लीकेज मरम्मत, क्षतिग्रस्त स्लैब की मरम्मत और अधूरे पक्कीकरण का कार्य शुरू करवा दिया है।
हाल ही में इंटर-कनेक्शन के बाद क्षेत्र के लगभग 50 घरों में जलापूर्ति तो बहाल कर दी गई थी, लेकिन मुख्य पाइपलाइन से लगातार हो रहे पानी के रिसाव के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। इसके अलावा क्षतिग्रस्त स्लैब के कारण हादसों का डर बना रहता था, जिससे स्थानीय राहगीरों और निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने पीएचईडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार को एक मांग पत्र सौंपा था। पत्र में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि यदि संवेदक द्वारा तय समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं किया जाता, तो उसे ब्लैकलिस्ट (Blacklist) करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मांग पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्यपालक अभियंता ने कनीय अभियंता आशुतोष को स्थल निरीक्षण कर तुरंत काम शुरू कराने का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही संवेदक ने मजदूर लगाकर लीकेज मरम्मत और पक्कीकरण का कार्य प्रारंभ करा दिया।
“मैं वादों में नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखता हूँ। क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान ही मेरी पहली प्राथमिकता है। त्वरित कार्रवाई के लिए मैं पीएचईडी (PHED) अधिकारियों और सहयोग के लिए स्थानीय जनता का आभार व्यक्त करता हूँ।”
— सुनील गुप्ता, पंचायत समिति सदस्य
वर्षों पुरानी समस्या का इतनी जल्दी समाधान होने पर स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है और सुनील गुप्ता के प्रयासों की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का ऐसा तत्पर रवैया ही क्षेत्र के विकास को नई दिशा देता है।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): मानगो और डिमना रोड क्षेत्र के निवासियों को जल्द ही नाली की गंदगी और जल जमाव की समस्या से बड़ी राहत मिलने जा रही है। मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता की विशेष पहल पर अब टाटा स्टील यूआइएसएल (पूर्व में जुस्को) की सफाई टीम नगर निगम क्षेत्र में मोर्चा संभालने जा रही है।
बुधवार से जुस्को का तकनीकी अमला और सफाई कर्मी पूरी तैयारी के साथ सड़कों पर उतरेंगे। इससे पूर्व मंगलवार को जुस्को की टीम ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र के उन संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया, जहाँ अक्सर नालियाँ जाम हो जाती हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट में नगर निगम के नियमित व ठेका सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ जुस्को की विशेष टीम लगातार सक्रिय रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, जब तक पूरे इलाके को जल जमाव से मुक्त और साफ-सुथरा नहीं बना दिया जाता, तब तक यह सफाई अभियान निरंतर जारी रहेगा।
मानगो क्षेत्र में सफाई अभियान का आगाज डिमना रोड स्थित रंगीला वाइन शॉप के पास से होगा, जो आगे बढ़ते हुए मानगो चौक की दिशा में जाएगा। अभियान के तहत सबसे पहले देशबंधु लेन और दरभंगा डेयरी के आसपास होने वाले गंभीर जल जमाव की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
नगर निगम ने नालियों पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को क्षेत्र में माइकिंग कराकर अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर खुद से कब्जा हटाने का सख्त निर्देश दिया जाएगा। अल्टीमेटम की समय-सीमा समाप्त होते ही प्रशासन पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण हटाएगा और नालियों की व्यापक सफाई सुनिश्चित करेगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के उत्तरी सरजामदा स्थित बड़ा सरजामदा तालाब के किनारे विधायक निधि से करीब 13 लाख रुपये की लागत से बन रहा 230 फीट लंबा आरसीसी (RCC) गार्डवाल पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका और ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
गार्डवाल गिरने के साथ ही तालाब की मेढ़ पर दूसरे विभाग द्वारा बनाई जा रही 10 फीट चौड़ी और 700 फीट लंबी सड़क का एक बड़ा हिस्सा भी पानी के तेज बहाव में बह गया। इस घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुध का आलम यह है कि अब तक न तो कोई विभागीय जांच टीम मौके पर पहुंची है और न ही संबंधित इंजीनियर या ठेकेदार ने स्थिति का जायजा लेना मुनासिब समझा है।
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 2 बजे मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक तेज आवाज हुई और गार्डवाल का बड़ा हिस्सा सड़क समेत भरभरा कर ढह गया। इस हादसे के कारण उत्तरी सरजामदा और शंकरपुर को जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य सड़क पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे दोनों गांवों का आपस में संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि:
इसके अलावा, तालाब से जल निकासी के लिए पुलिया का निर्माण होना तय था, लेकिन दो गांवों के बीच विवाद के कारण जल निकासी का सही इंतजाम नहीं किया जा सका। बारिश के दौरान पानी का दबाव अचानक बढ़ा और घटिया निर्माण के कारण गार्डवाल और सड़क दोनों बह गए, जिससे भारी मृदा अपरदन (मिट्टी का कटाव) भी हुआ है।
50 हजार की मछलियों पर मंडराया संकट:
तालाब के मालिक वारिस महतो ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में करीब 50 हजार रुपये की मछली का बीज तालाब में डाला था। गार्डवाल टूटने के कारण अब सारी मछलियों के बह जाने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को बार-बार गुणवत्ता सुधारने को कहा गया था, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और न ही विभागीय इंजीनियर कभी मुआयना करने आए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार व संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।
“दो गांवों के बीच जल निकासी को लेकर आपसी विवाद के कारण स्थायी समाधान नहीं निकल सका, इसी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जहां तक सड़क और गार्डवाल निर्माण की बात है, कार्य पूरी गुणवत्ता और स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुसार विभागीय इंजीनियरों की निगरानी में कराया गया है।”
— संतोष ओझा, ठेकेदार
“मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है, देखना पड़ेगा। फिलहाल मैं इसकी लागत और लंबाई के बारे में कुछ नहीं बता सकता।”
— विजय भूषण, जूनियर इंजीनियर
सरायकेला-खरसावां/आदित्यपुर:
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 28 के निवासियों के लिए 21 जुलाई की शाम एक ऐतिहासिक और राहत भरी सौगात लेकर आई। जिंदल कंपनी द्वारा संचालित घर-घर पेयजल आपूर्ति योजना के तहत की जा रही टेस्टिंग के दौरान जैसे ही शाम 4 बजे नलों से पानी की धार फूटी, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
रोड नंबर 31 और 32 के लगभग हर घर तक पानी पहुँचा। हालांकि शुरुआती चरण में पानी कुछ मिट्टी युक्त था, लेकिन दशकों से पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे स्थानीय लोगों के चेहरे पर नल से गिरता पानी देखकर अपार उत्साह और संतोष साफ नजर आया।
वार्ड नंबर 31 के वरिष्ठ निवासी एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश ने 57 वर्षों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए आदित्यपुर के जल संकट के दर्दनाक दौर को याद किया:
”50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों ने पानी की असली किल्लत और दर्द झेला है। आज नल से पानी गिरता देख हर कोई बेहद खुश है। अब हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि इस जल का दुरुपयोग न करें और इसे सड़कों पर व्यर्थ न बहने दें।”
— ओम प्रकाश, अधिवक्ता (स्थानीय निवासी)
जिंदल परिवार के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि आदित्यपुर-2 क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों में जलापूर्ति की टेस्टिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा दिए गए इस लक्ष्य को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए उनकी टीम जी-जान से जुटी हुई है, ताकि जल्द ही पूरे आदित्यपुर को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
जमशेदपुर के साकची इलाके में स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 19 वर्षीय एक छात्रा अपने कमरे में फंदे से लटकी पाई गई। घटना का पता चलते ही हॉस्टल कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और छात्रा को फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा पढ़ाई के सिलसिले में जमशेदपुर आई थी और पिछले कुछ समय से इसी हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी। घटना की दुखद खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे भी जमशेदपुर पहुँच गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आत्महत्या सहित अन्य सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर गहन जांच कर रही है। फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने कमरे की बारीकी से तलाशी ली है। इसके साथ ही हॉस्टल के कर्मचारियों, प्रबंधकों और साथ रहने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से जुड़ी किसी भी कड़ी का पता लगाया जा सके।
पुलिस का बयान:
“शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कमरे की जांच की गई है और हॉस्टल के लोगों से पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह और कारणों का खुलासा हो सकेगा।”
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज