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जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम से भाजपा के बागी उम्मीदवार के तौर पर विकास सिंह ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया. मानगो के डिमना चौक से बाबा तिलका मांझी की प्रतिमा में पुष्प अर्पित कर हजारों की संख्या लोगों ने जुलूस की शक्ल में साकची के आमबगान मैदान कूच किया. कदमा, सोनारी, बिस्टुपुर और साकची के समर्थक सीधे आम बगान मैदान पहुंचे थे. मानगो गोलचक्कर में स्थित अमर शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा में माल्यार्पण कर भाजपा नेता विकास सिंह मानगो पुल के पास स्थित जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा में माल्यार्पण कर सीधे आम बागान पहुंचे. आम बागान मैदान में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि असली भाजपाई वें हैं. उन्होंने 25 वर्षों से लगातार भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया है.

कभी भी अपने निजी स्वार्थ और कुर्सी के लिए पार्टी के प्रधानमंत्री को डिटर्जेंट और गृह मंत्री को लॉन्ड्री नहीं कहा है. विकास सिंह ने कहा कि उनकी लड़ाई सीधे-सीधे वर्तमान विधायक बन्ना गुप्ता से है. विकास सिंह ने कहा कि 2019 में बन्ना गुप्ता विधायक बनके मंत्री बन गए और उन्होंने अनगिनत अनैतिक कार्य किया. कोविड-19 के कार्यकाल के आपदा को अवसर बनाते हुए ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की पैसे से बहरागोड़ा में 170 एकड़ में आलीशान फार्म हाउस बनाया हैं. मानगो में फुटपाथ की दुकानदारों को अपने निजी स्वार्थ के लिए सड़क पर ला दिया. परिवारवाद को बढ़ावा देते हुए विधायक बन्ना गुप्ता ने भाई, भतीजा, पत्नी और बेटे को जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा का मिनी मंत्री बनाने का कार्य किया. मंत्री ने महिला के साथ खुलेआम अश्लीलता फैलाई और मामला जब प्रकाश में आया तो उसे दबाने के लिए एफएसएल जांच के लिए रांची भेज, कहलवा दिया की राज्य सरकार की मशीन खराब है. कदमा में टाटा स्टील की जमीन में बने आम लोगों के रास्ता को अवरोध कर उसमें अपना निशाना मकान बना लिया. नील सरोवर तालाब की घेराबंदी करके भाई को करोड़ों रुपए का जमीन अलॉट करवा दिया है.

विकास सिंह ने कहा कि बन्ना गुप्ता लोकतंत्र की हत्या करके राजा जैसा बर्ताव अपने मतदाता से करते हैं. विकास सिंह लगातार पांच वर्षों से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ हमलावर हुए उनके कई गलत कार्यों को आम जनता के सामने लाया जिसके कारण में कई बार खामियाजा भी भुगतना पड़ा. दर्जनों मुकदमा भाजपा नेता विकास सिंह को पर प्रशासन ने बन्ना गुप्ता के दबाव पर किया. विकास सिंह ने कहा कि लोगों के मूलभूत सुविधा पानी बिजली के दिशा में उन्होंने कोई भी कार्य नहीं किया जो लोग जय श्री राम का नारा लगाकर हिंदूवादी काम करते हैं. उन्हें जेल में डालवाने का काम बन्ना गुप्ता ने करवाया है. विकास सिंह ने कहा कि पूरे 5 वर्षों तक कोई ऐसा दिन नहीं जिस दिन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के गुर्गे उन्हें मां बहन की भद्दी भद्दी गलियां नहीं दिया हो.

विकास सिंह ने कहा कि सरयू राय का कहना है कि उनके पास नाम है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनाव हराया है और बन्ना गुप्ता का कहना है कि उनके पास दाम है. उन्होंने कोविड 19 में अनगिनत दौलत कमाई है. विकास सिंह का कहना है कि वह नाम और दाम में नहीं बल्कि अपने काम की बाल में चुनाव लड़ रहे हैं. उनका चुनाव जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा की जनता के साथ-साथ बाबा वैद्यनाथ लड़ रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के 25 साल लोगों की सेवा में न्योछावर किया है. विकास सिंह ने कहा कि लोग अफवाह फैला रहे हैं कि विकास सिंह नामांकन वापस ले लेगा लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है. विकास सिंह ने कहा कि चुनाव हारे अथवा जीते जनता के बीच लगातार बने रहेंगे क्योंकि उनकी जन्मभूमि,कर्म भूमि, धर्म भूमि और मरण भूमि जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा है. विकास सिंह द्वारा आयोजित नि:शुल्क कांवर यात्रा में शामिल लोग हजारों की संख्या में नामांकन जुलूस में शामिल होकर अपना आशीर्वाद दिया.
झारखंड के पूर्व आइपीएस सह भाजपा नेता राजीव रंजन सिंह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेस कर भाजपा के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इसके लिए उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को त्याग पत्र भेजा है. उन्होंने बताया कि वह लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व से ही भाजपा से जुड़े थे, लेकिन उन्हें भाजपा का टिकट नहीं मिलने से उन्होंने अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व डीआइजी ने कहा कि भाजपा के टिकट बंटवारे में जिस तरह से परिवारवाद हावी रहा है, यह दर्शाता है कि भाजपा अपने नीतियों एवं विचारों से और संघ के मूल्यों एवं आदर्शों के बिल्कुल विपरीत कार्य कर रही है. उन्होंने विवश होकर भाजपा से इस्तीफा दिया है. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को सलाम किया है, जिन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पुस्तकों में लिखी आदर्शों एवं मूल्यों को ध्यान में रखते हुए भाजपा के पद से इस्तीफा देकर उन्हें आइना दिखाने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि भाजपा कि यह सोच कि भाजपा का चिन्ह जिन्हें भी दिया जाएगा वह चुनाव में विजयी होगा, यह गलत है. लोकतंत्र की असली मालिक जनता है, जनता के इच्छाओं के अनुरूप आप टिकट नहीं देंगे, तो जनता जीता देगी यह कहना मुश्किल है. वहीं 2019 में मुख्यमंत्री ने चुनाव हारा है. वे एक आइपीसी अधिकारी रहे है और 32 साल तक उन्होंने निसपक्षता एवं निडरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है. 6 जिलों में एसपी रहने के दौरान वे कई बार मूल्यों एवं आदर्शो को बनाए रखने के लिए कठोर निर्णय अपने कार्यकाल के दौरान लिए थे, जिससे उनके आलाकमान खुश नहीं रहे होंगे, फिर भी उन्होंने सही कार्यों को किया. राजनीति में आने से पूर्व कई बार उगली उन पर उठी है, इसका सामना करते हुए उन्होंने उन्होंने भाजपा का दामन थामा, लेकिन अंत में उन्हें टिकट नहीं मिलने पर वे इस्तीफा दे रहे है. वहीं उन्होंने कहा कि वे कोई राजनीतिक पार्टी ज्वाइन नहीं करेंगे और विधानसभा चुनाव में अगर कोई भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता जो भाजपा छोड़कर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हो, अगर वे बुलाते है तो पूर्व डीआईजी उनका समर्थन जरूर करेंगे.



जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला की स्थिति बनती नजर आ रही है. इस कड़ी में जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय उम्मीदवार शिवशंकर सिंह ने बुधवार को अपना पर्चा दाखिल कर दिया. शिवशंकर सिंह अपने आवास से निकले और पूरी भीड़ के साथ डीसी ऑफिस तक पहुंचे. पहली बार चुनाव लड़ रहे शिवशंकर सिंह भाजपा के ही नेता रहे है. ऐसे में शिवशंकर सिंह को उम्मीद थी कि उनको टिकट मिल जायेगा, लेकिन उनकी जगह भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू को टिकट दे दिया. इसके बाद उन्होंने घोषणा की है कि वे आम जनता और भाजपा के कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की लड़ाई लड़ने के लिए चुनाव मैदान में है.


शिवशंकर सिंह ने बुधवार को नामांकन करने के लिए निकले तो कई स्थानों पर उनका काफिला निकला. खुली जीप में वे अपने दल बल के साथ पहुंचे. उनका जोरदार अभिनंदन किया गया. काफी संख्या में महिलाओं से लेकर पुरुष तक इसमें शामिल थे. इन लोगों ने जमकर नारेबाजी की और शिवशंकर सिंह के पक्ष में नारेबाजी की. एसडीएम ऑफिस में उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. शिवशंकर सिंह ने कहा है कि वे आम जनता के बीच रहेंगे और आम जनता के लिए काम करेंगे. वे करीब 30 साल से जनसेवा करते आये है. इस सेवा को वे अनवरत जारी रखते हुए काम करेंगे.

जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024का आगाज हो चुका है. आज से चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो रही है. प्रखर पत्रकार सह सामाजिक कार्यकर्ता अन्नी अमृता आज 49 जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फाॅर्म खरीदेंगी. अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने यह जानकारी दी है.

बता दें कि इस साल की जनवरी में ही अन्नी अमृता ने प्रेस वार्ता कर घोषणा कर दी थी कि वह जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा से बतौर निर्दलीय पत्रकार चुनाव लड़ेंगी.अन्नी अमृता झारखंड के प्रखर और मुखर पत्रकारों में से एक हैं जो अपना बेबाक पत्रकारिता के लिए जानी जाती हैं.पत्रकारिता के माध्यम से वह पिछले दो दशकों से जनसेवा में जुटी हैं. ईटीवी बिहार/झारखंड में वे वर्षों बतौर कोल्हान ब्यूरो हेड सह चीफ रिपोर्टर अपनी सेवा दे चुकी हैं. एक साल उन्होंने न्यूज 11 में भी बतौर ब्यूरो हेड काम किया है. बदलते समय के साथ उन्होंने वेब पत्रकारिता में कदम रखते हुए द न्यूज पोस्ट और शार्प भारत के साथ काम किया और आजकल वे बिहार झारखंड न्यूज नेटवर्क डाॅट काॅम से जुड़ी हुई हैं.
सोशल मीडिया खासकर ट्विटर पर है जोरदार उपस्थिति
अपनी बेबाक और ईमानदार पत्रकारिता के लिए जानी जानेवाली अन्नी अमृता ट्विटर पर खासा सक्रिय हैं और ज्यादातर मामलों का निपटारा वे उसके माध्यम से करवा देती हैं. जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए वे ट्विटर पर मामलों को रखती हैं जिनका समाधान होता है. फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी उनकी उपस्थिति है .

“बदलाव की बहार, बेटी है इस बार, क्या आप हैं तैयार” नारे के साथ वे चुनावी समर में कूदने जा रही हैं. महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, नागरिक सुविधाओं और अन्य मापदंडों पर जमशेदपुर पश्चिम के वृहद और व्यापक विकास के इरादे के साथ उन्होंने चुनाव लड़ने का पहला कदम बढ़ाया है. अपनी पत्रकारिता के माध्यम से वे दो दशकों से इस क्षेत्र में आवाज उठाकर कई विकास कार्य करवा चुकी हैं. उनकी खबरों का संज्ञान लेकर ही क्षेत्र में सड़कें बनीं और जलापूर्ति योजना परवान चढी.
वे क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं. पिछले दिनों अन्नी अमृता की पहल पर मानगो ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित खुदा बख्श काॅलोनी के क्राॅस रोड-3 की सड़क मानगो नगर निगम की ओर से बनवाई गई जिससे वहां के लोग काफी खुश हैं. बीस सालों से वहां सड़क नहीं थी. यह खबर इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और बडी संख्या में लोग अन्नी अमृता को एक बेहतर विकल्प के रुप में देख रहे हैं. बता दें कि पिछले दो दशकों से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बारी बारी से कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता और सरयू राय रहे हैं.


चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों 2024 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी. जबकि झारखंड में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण की वोटिंग 13 नवंबर को होगी एवं दूसरे चरण की वोटिंग 20 नवंबर को होगी.


चुनाव आयोग के झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान का भाजपा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह ने स्वागत किया है और कार्यकर्ताओं से चुनाव तैयारियों में पूरी ताकत से जुट जाने की अपील की। कहा “हेमंत सरकार जनविरोधी है। जनता के 5 साल के दु:ख दर्द से उसका कुछ भी लेना देना नहीं है। इस कुशासन से प्रदेश की जनता अब पूर्णतया ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है।देश के लोकप्रिय प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा समेत राज्य की अन्य 81 विधानसभा सीटों पर रिकॉर्ड मतों जीत दर्ज कर एनडीए की बहुमत की सरकार बनाएगी। निश्चित रूप से जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में आएगी। साथ ही, भाजपा नेता शिव शंकर सिंह ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग का सहयोग करने की अपील सभी से की।


सरायकेला – खरसांवा : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुमन कारूवा ने न्याय की मूर्ति का नया स्वरूप का स्वागत किया है। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने “न्याय की देवी की मूर्ति” लगी हुई थी, अब इस मूर्ति को CJI डीवाई चंद्रचूड़ जी के पहल पर बदलाव कर दिये जाने का स्वागत सुमन कारूवा ने किया है। पूर्व में न्याय की मूर्ति के हाथ में तलवार थी, आंखों पर पट्टी बंधी थी लेकिन अब उस पट्टी को उतार दिया गया है, हाथों में तलवार की जगह संविधान पकड़ा दिया गया है।


गौरतलब हो कि न्याय की मूर्ति में बदलाव एक प्रतीकात्मक सराहनीय पहल है, जो न्यायिक प्रक्रिया में संविधान की सर्वोच्चता दर्शाता है, हालांकि न्याय व्यवस्था में वास्तविक सुधार प्रणालीगत लागू किए जाने से आने वाले समय तय करेगा कि देश में पीड़ितों, शोषितों, मुख्य धारा से भटके हुए को न्याय दिलाने में कोर्ट के द्वारा विशेष पहल पहले की अपेक्षा कितनी प्रभावी होगी। मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की है।


जमशेदपुर : विश्व हिन्दू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल झारखंड प्रांत की बैठक खूंटी के राजस्थान भवन में प्रारंभ हुई। बैठक का प्रारंभ मंचासिन अधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। बैठक के उद्घाटन सत्र को विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री सह पटना क्षेत्र पालक माननीय अम्बरीष सिंह जी ने संबोधित किया।


उन्होंने कहा कि हमारा संगठन किसी घटना के प्रतिक्रिया में नहीं बना है, बल्कि हम हिन्दू जीवन मूल्यों की पुनर्प्रतिष्ठ एवं विश्व कल्याणार्थ अजेय हिन्दू शक्ति खड़ा करने के लिए अनवरत, अहरनीश, निस्वार्थ भाव से सिंधु नदी से हिन्द महासागर के इस विशाल भू भाग को अपनी माता मानकर उनकी सेवा व उसके संरक्षण व संवर्द्धन के लिए कार्य करने वालों की देशभर के हिन्दू युवाओं की फौज खड़ी करना चाहते हैं और इस कार्य में हमें नित सफलता मिल रही है।
इसी क्रम मे जमशेदपुर के बजरंगदल टोली मे भी बदलाव की घोषणा की गई, चंदन दास जी को बजरंगदल जमशेदपुर महानगर के पद पर और मुन्ना दूबे जी को विभाग बजरंगदल सह संयोजक का पद दिया गया।

अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस बेपटरी हो गई है. ये हादसा मालीगांव के पास हुआ. हालांकि, इसमें किसी के भी हताहत और घायल होने की सूचन नहीं है. ट्रेन संख्या 12520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आज सुबह अगरतला से रवाना हुई थी.

दोपहर लगभग 03.55 बजे लुमडिंग डिवीजन के तहत लुमडिंग-बर्डरपुर हिल सेक्शन के डिबालोंग स्टेशन पर पटरी से उतर गई. ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत 08(आठ) डिब्बे पटरी से उतर गए.



आपने देश की अदालतों, फिल्मों और कानूनविदों के चेंबर्स में आंखों पर बंधी पट्टी के साथ न्याय की देवी की मूर्ति को देखा होगा। लेकिन अब नए भारत की न्याय की देवी की आंखें खुल गईं हैं।
यहां तक कि उनके हाथ में तलवार की जगह संविधान आ गया है। दरअसल, कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं और अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश काल को पीछे छोड़ते हुए नया रंगरूप अपनाना शुरू कर दिया है।

देवी की आंखों पर बंधी पट्टी हटाई गई
सुप्रीम कोर्ट का ना केवल प्रतीक बदला रहा है बल्कि सालों से न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी भी हट गई है। जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश को संदेश दिया है कि अब ‘ कानून अंधा’ नहीं है। आपको बता दे ये सब कवायद सुप्रीम कोर्ट के CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने की है। ऐसी ही स्टेच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है।

तलवार की जगह संविधान
CJI चंद्रचूड़ के निर्देशों पर न्याय की देवी की मूर्ति को नए सिरे से बनवाया गया। सबसे पहले एक बड़ी मूर्ति जजों की लाइब्रेरी में स्थापित की गई है। जो पहले न्याय की देवी की मूर्ति होती थी उसमें उनकी दोनों आंखों पर पट्टी बंधी होती थी। नई मूर्ति में न्याय की देवी की आंखें खुली हैं और कोई पट्टी नहीं है। साथ ही एक हाथ में तराजू जबकि दूसरे में सजा देने की प्रतीक तलवार होती थी। हालांकि, अब न्याय की देवी की मूर्ति के हाथों में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है। मूर्ति के दूसरे हाथ में तराजू पहले की ही तरह है।
क्यों बदली गई मूर्ति?
सूत्रों के मुताबिक CJI चंद्रचूड़ का मानना था कि अंग्रेजी विरासत से अब आगे निकलना होगा। कानून कभी अंधा नहीं होता, वो सबको समान रूप से देखता है। इसलिए न्याय की देवी का स्वरूप बदला जाना चाहिए। साथ ही देवी के एक हाथ में तलवार नहीं बल्कि संविधान होना चाहिए जिससे समाज में ये संदेश जाए कि वो संविधान के अनुसार न्याय करती हैं। दूसरे हाथ में तराजू सही है कि उनकी नजर में सब समान है।

उत्तर प्रदेश के मऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी डॉक्टर सांसद से भिड़ गया। दरअसल मऊ जिले में घोसी के सांसद राजीव राय जिला चिकित्सालय में लगातार मिल रहीं शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने गए थे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार सिंह भी उनके साथ थे। इस दौरान जिला चिकित्सालय (पुरुष) का पूरा निरीक्षण राजीव राय ने किया। सांसद ने सभी चिकित्सकों से भी मुलाकात की। उनकी समस्याओं को जाना। वहीं, इस दौरान लगभग 12 बजकर 50 मिनट पर वे डॉ. सौरभ त्रिपाठी के कमरे में चले गए। उन्होंने त्रिपाठी से ड्यूटी पर आने का समय पूछा। डॉक्टर ने बताया कि सुबह 8 बजे से उनकी ड्यूटी है।

इसके बाद राजीव राय ने डॉक्टर से पूछा कि आप साढ़े 12 बजे कैसे आए हैं? अभी आपके कैबिन के बाहर 100 से अधिक मरीजों के नंबर लगे हैं। अभी तक आपने कितने मरीजों को देखा है? लेकिन डॉक्टर सीधा जवाब देने के बजाय सांसद से ही भिड़ गए। सांसद के लापरवाही वाले सवाल हर त्रिपाठी ने कहा कि आप अपनी जानकारी को दुरूस्त करें।

4 डॉक्टर मिले गैरहाजिर
अगर आपको नेतागीरी करनी है तो बाहर जाइए। बता दें कि पहले भी सौरभ त्रिपाठी के ऊपर लोगों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लग चुके हैं। उनके खिलाफ सरायलखंशी थाने में केस दर्ज हो चुका है। वहीं, सांसद के औचक निरीक्षण के समय 4 डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए। वहीं, कुछ दलाल भी चिह्नित किए गए हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों में इलाज के नाम पर कथित तौर पर सेटिंग करवाते थे। सीएमएस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने बताया कि कई डॉक्टर मौके से गायब मिले। कई दलाल अस्पताल में सक्रिय पाए गए। ऐसा डॉक्टर उन्होंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। ऐसे डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। नहीं तो ये साइको लग रहा डॉक्टर लोगों की जान के लिए खतरा साबित हो सकता है। यह सनकी डॉक्टर पत्रकारों को भी हेलमेट से मारता है।