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जमशेदपुर: सरायकेला- खरसावां जिले के कपाली ओपी पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने नामजद ब्राउन शुगर पेडलर जम्बो महतो (23) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आरोपी कपाली ओपी क्षेत्र के तमोलिया का निवासी है. कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि तमोलिया और आसपास के इलाकों में कुछ युवक अवैध रूप से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी. हाल ही में रामू चौक पर हुई छापेमारी में पुलिस ने 21 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ मोहम्मद सरफराज शेख को गिरफ्तार किया था. उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है.

ओपी प्रभारी ने बताया कि उस कार्रवाई के बाद से ही पुलिस मुख्य पेडलर जम्बो महतो की तलाश कर रही थी. गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार को पुलिस टीम ने उसे भी धर दबोचा. आरोपी को कपाली ओपी लाकर पूछताछ की गई और बाद में न्यायालय में पेश किया गया. अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. धीरंजन कुमार ने कहा कि नशे का कारोबार समाज को खोखला कर रहा है. ऐसे में इस धंधे में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस की सख्ती आगे भी जारी रहेगी और नशे के कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी. पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है. स्थानीय लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलने चाहिए.

जमशेदपुर : जमशेदपुर अक्षेस की ओर से जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामाधीन बगान में दो योजनाओं का मंगलवार को शिलान्यास हुआ. सांसद विद्युत वरण महतो एवं जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा साहू ने नारियल फोड़कर योजनाओं का विधिवत् शिलान्यास किया. इन योजनाओं के तहत करीब 5.27 लाख रुपये की लागत से सड़क एवं नाले का निर्माण किया जाना है. सांसद विद्युत वरण महतो एवं विधायक पूर्णिमा साहू ने बताया कि काफ़ी दिनों से लोगों की मांग थी. आज शिलान्यास हो गया है, जल्द ही इसका उद्घाटन भी किया जाएगा. उन्होंने संवेदक को गुणवत्ता युक्त निर्माण कार्य करने की हिदायत दी.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के विद्या पति नगर रोड नंबर 1 में सोमवार देर रात एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है. पीड़ित की पहचान करनदीप सिंह (30) के रूप में हुई है पीड़ित ने थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि घटना 1 सितम्बर की रात की है.

वह अपने घर के पास खड़ा था, तभी हप्ता रोड और सिंधु रोड निवासी लखन सिंह, आयुष और बाबरी उर्फ भगना वहां पहुंचे. आरोप है कि तीनों ने मिलकर लाठी, रॉड और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से करनदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर पर गहरी चोट आई. स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सिर पर कई टांके लगाए करनदीप ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
सिदगोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन हो रही ऐसी घटनाएं माहौल खराब कर रही हैं. उन्होंने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल घायल की स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

रांची। झारखंड में आज से नई उत्पाद नीति (Jharkhand Excise Policy 2025) लागू हो गई है। इसके साथ ही शराब की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब राज्यभर में विदेशी शराब पहले से सस्ती हो गई है, जबकि देशी और भारत में बनी विदेशी शराब (IMFL) की कीमतों में इजाफा हुआ है।
नई दरों के अनुसार, रॉयल सैल्यूट अब 20,000 की जगह 13,400 रुपये में मिलेगी। इसी तरह रॉयल ब्रासक्ला सिंगल मॉल्ट 17,500 से घटकर 11,900 रुपये और ग्लेनलिवे 5,400 से घटकर 4,100 रुपये में उपलब्ध होगी। वहीं चिवास रीगल और ब्लैक लेबल में करीब 900 रुपये तक की कमी आई है। वाइन प्रेमियों के लिए भी राहत है क्योंकि जेकब्स क्रीक अब 1,250 रुपये में मिल रही है, जो पहले 1,650 रुपये की थी।

दूसरी ओर, भारत में बनी विदेशी शराब और देसी ब्रांड महंगे हो गए हैं। रॉयल स्टैग और ऑफिसर्स च्वाइस अब 780 रुपये में मिलेंगे, जबकि पहले ये 670 रुपये के थे। वहीं ब्लैक डॉग, 100 पाइपर्स और विलियम लॉसन 200-250 रुपये तक महंगे हो गए हैं। इसके अलावा बकार्डी और गोल्फर शॉट 100 रुपये और एंटीक्विटी ब्लू व ब्लेंडर्स प्राइड 150 रुपये ज्यादा में मिलेंगे।
नई नीति लागू होने के बाद साफ है कि विदेशी शराब के शौकीनों को राहत मिलेगी, जबकि देशी और भारतीय ब्रांड पसंद करने वालों की जेब पर अब ज्यादा बोझ पड़ेगा।
जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत गोहला पंचायत के देवली गांव में संचालित वेजिटेबल फार्मिंग कलस्टर का निरीक्षण किया। यह फार्मिंग कलस्टर जेएसएलपीएस के सहयोग से संचालित है, जिसके माध्यम से स्थानीय किसान सब्ज़ी उत्पादन, दलहन खेती तथा पशुपालन को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि सब्जी उत्पादन के साथ-साथ वे दाल (अरहर एवं मूंग) की खेती भी कर रहे हैं, किंतु प्रसंस्करण की सुविधा नहीं होने से बाजार में उचित लाभ नहीं मिल पाता। किसानों ने दाल प्रसंस्करण हेतु मशीन एवं उपकरण उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर उपायुक्त ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से यथोचित पहल की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा सके और किसानों को बेहतर आमदनी मिल सके।

उपायुक्त ने किसानों को सुझाव दिया कि वे किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का गठन करें, ताकि सरकारी योजनाओं से मिलने वाले सहयोग, अनुदान एवं प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं संगठित रूप में उन्हें उपलब्ध हो सकें। उन्होंने तकनीकी सहयोग, उन्नत बीज, जैविक खेती तथा विपणन की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे खेती में आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग कर उत्पादन बढ़ाया जा सके। साथ ही सब्जी एवं दाल उत्पादन के विपणन हेतु संगठित चैनल से जोड़ने पर बल दिया।
इस अवसर पर प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी श्री सुदीप्त राज, प्रखंड विकास पदाधिकारी मुसाबनी सुश्री अदिति गुप्ता, डीपीएम जेएसएलपीएस श्री सुजीत बारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : सदर प्रखंड के पुड़ीहासा स्थित बुनकर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र में उद्योग विभाग द्वारा झारखण्ड माटी कला बोर्ड एवं मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के तत्वाधान में 90% अनुदान पर 50 विद्युत चाक का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र चाईबासा एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, जमशेदपुर की उपस्थिति में लाभुकों के बीच विद्युत चाक का वितरण किया गया। अनुदानित दर पर विद्युत चाक मिलने से लाभुकों में काफी उत्साह देखा गया। लाभुकों ने कहा कि इससे उनकी आय में वृद्धि होगी तथा स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर स्थानीय मुखिया, जिला उद्यमी समन्वयक, प्रखण्ड समन्वयक मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, ग्रामीण एवं लाभुक उपस्थित थे।
जमशेदपुर : हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अमर बॉयज क्लब की ओर से तीन दिवसीय गणेश पूजा का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के पहले दिन विधिपूर्वक पूजा पाठ के बाद संध्या आरती संपन्न हुआ। उस मौके पर मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, जिला परिषद सदस्य डॉक्टर कविता परमार ,भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार, भाजयुमो जिला अध्यक्ष नीतीश कुमार, जंबु अखाड़ा के संरक्षक बंटी सिंह, अर्पण संस्था के अध्यक्ष जुगुन पाण्डे, श्रीमन क्लासेस के डायरेक्टर श्रीमान त्रिगुण आदि उपस्थित रहे।

वहीं कार्यक्रम के अंतिम दिन भव्य जागरण का आयोजन किया गया। जिसके उपरांत भक्तजनों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से देवाशीष झा ,सुरेश दास, रमेश, धनंजय,गौरव कुमार ,गुंजन कुमार , रक्षित, गौरव साहू, कृष्णा, अमन, आयुष, सोनू, पीयूष, रजत आदि सदस्यों का अहम योगदान रहा। ज्ञात हो कि अमर बॉयज क्लब द्वारा यह पूजा 1980 से की जा रही है।

जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाये जाने को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
जमशेदपुर : ईद उल मिलाद के अवसर पर शहर में निकलने वाले जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन एवं विधि व्यवस्था के बेहतर संधारण को लेकर उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में प्रशासन एवं पुलिस के पदाधिकारियों, आवश्यक सेवा प्रदाताओं के साथ समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक में आवश्यक नागरिक सुविधाएं, आवश्यकतानुरूप बेरिकेडिंग हेतु नगर निकायों तथा जुलूस की निगरानी एवं असामाजिक तत्वों पर त्वरित कार्रवाई को लेकर थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि नागरिक सुविधा जैसे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई आदि की समस्या का संज्ञान लेते हुए नगर निकाय प्रशासन यथोचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अंचल अधिकारी-थाना प्रभारी संबंधित आयोजन समिति के साथ थाना स्तर पर बैठक कर जिला प्रशासन की भावनाओं से अवगत करायें। एहतियातन कदम उठाते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखें, मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की पर्याप्त नियुक्ति के साथ-साथ सीसीटीवी, ड्रोन आदि से भी मॉनिटरिंग करें। निर्धारित रूट में ही जुलूस निकालें, इसमें किसी भी प्रकार से डायवर्जन की अनुमति नहीं होगी। असामाजिक तत्वों के कृत्य से किसी की धार्मिक आस्था एवं भावनायें आहत नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखें । सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखें। उन्होने कहा कि जिले में सभी त्यौहार सोहार्द्रपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो इसमें सभी नागरिकों, प्रबुद्धजनों तथा समाज की नुमाइंदगी करने वाले लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कोई भी त्योहार या जुलूस इस तरह मनायें या निकालें कि हमारा जिला दूसरे जिलों के लिए मिसाल बनें। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी इस जिले की अच्छी छवि है।
रूरल एवं सिटी एसपी ने कहा कि जुलूस के रूट का सीसीटीवी. ड्रोन से निगरानी के साथ साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी, अतिरिक्त बल के प्रतनियुक्ति की भी अगर आवश्यकता होगी तो जरूरी कदम उठाये जाएंगे। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि डीजे संचालकों से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करायें। जुलूस मार्ग को सभी थाना प्रभारी सर्विलांस में रखें। बैठक में रूरल एसपी श्री ऋषभ गर्ग, सिटी एसपी श्री कुमार शिवाशीष, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री भगीरथ प्रसाद, उप नगर आयुक्त जेएनएसी श्री कृष्ण कुमार, एसडीओ धालभूम श्री चंद्रजीत सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव, सभी डीएसपी व शहरी क्षेत्र के बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

जमशेदपुर : दिनांक 31 अगस्त 2025 सोनारी थाना परिसर में सोनारी थाना प्रभारी एवं समस्त सोनारी थाना के अधिकारियों को सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य द्वारा फूलों का गुलदस्ता देखकर चोरी, लूट, डकैती, हथियार जपती और तरह-तरह के कारनामों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया, पर आश्चर्य यह है की सोनारी थाने में चोर मचाए शोर का कहावत चरितार्थ हो रहा है। यह सबके लिए गर्व की बात है कि सोनारी थाना क्षेत्र में अपराधियों पर नकेल कसा जा रहा है, पर दुर्भाग्य की बात यह है कि जो थाना प्रभारी अपने सूझबूझ से अपराधियों पर नकेल कस रहे हैं वही खुद अपराधियों के साथ खड़े हैं और फूलों का गुलदस्ता ले रहे हैं। शांति समिति में ऐसे सदस्य लोग है जिन लोगों के खिलाफ खुद उन्हीं के थाने में शिकायत दर्ज है। देह व्यापार और रंगदारी के आरोप में आरोपित है और थाना प्रभारी को इस विषय में संपूर्ण जानकारी है। जमशेदपुर के पूर्व एसएसपी कौशल किशोर के द्वारा भी इस विषय में थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया गया था, पर न जाने क्यू वह जांच धरा का धरा रह गया। थाना प्रभारी महोदय के पास उन लोगों के आपराधिक मामले का लेखा-जोखा मौजूद है और उन्हें पूर्ण रूप से ज्ञात भी है, पर पता नहीं किस कारण वश थाना प्रभारी सही निर्णय लेने में संकोच कर रहे हैं और अपने साथ-साथ पूरे सोनारी के लोगों के सामने सोनारी थाना शांति समिति की गरिमा धूमिल कर रहे हैं।अब तो लगता है ईश्वर ही कोई चमत्कार करें जिससे सोनारी थाना शांति समिति फिर से गर्व महसूस करे।

रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय से जारी हुए आदेश के बाद थानों में खलबली मच गयी है। पीएचक्यू ने आदेश में कहा है कि अब राज्य के थाना-ओपी में कार्यरत निजी चालक और मुंशी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीजीपी के आदेश के तहत, ऐसे थानेदारों और ओपी प्रभारी पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जो थाने के दैनिक कार्य में निजी चालक और मुंशी का इस्तेमाल करते हैं।
डीजीपी के आदेश के बाद, अब सभी थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने थाने से निजी चालक और मुंशी को हटाकर सरकारी कर्मचारियों को इन कार्यों में नियुक्त करें।राज्य में यह सूचना मिली थी कि कई थानों में निजी चालक और मुंशी अपने-अपने थाने के दैनिक कार्यों को निपटाने में लगे हुए हैं, जो पुलिस विभाग के लिए चिंताजनक स्थिति बन सकती है।
डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को इस आदेश से अवगत कराया। इसके साथ ही, डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि किसी थाना या ओपी में निजी चालक और मुंशी के काम करने की सूचना मिली तो संबंधित थाना प्रभारी या ओपी प्रभारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी स्तर पर भी इस आदेश के बाद सक्रियता दिखी और सभी एसपी ने अपने सार्जेंट मेजर को आदेश जारी करते हुए थानों और ओपी में सरकारी चालक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक चालक के पद पर नई बहाली नहीं हो जाती, तब तक रिक्तियों को भरने के लिए सिपाही अधिकारियों को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें थाने-ओपी के चालक के रूप में काम पर लगाया जाएगा।
थानों में निजी चालक और मुंशी को हटाने के पीछे एक महत्वपूर्ण तर्क यह है कि थानों में गोपनीय जानकारी, दस्तावेज और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होते हैं जो क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। निजी चालक और मुंशी से इन गोपनीयताओं के लीक होने का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा, थानों के निजी चालकों की ओर से आ रही शिकायतें भी इस कार्रवाई की वजह बनी हैं। अक्सर ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि निजी चालक खुद को थाना प्रभारी से भी बड़ा समझने लगे हैं, धमकियां देते हैं और पैसों की वसूली करते हैं। कई बार इन निजी चालकों को थानेदारों द्वारा अपनी निजी पसंद के अनुसार काम करने की छूट दी जाती रही है, जिससे वे अपने अवैध कार्यों को अंजाम देने में भी संलिप्त रहते हैं।
यदि सरकारी चालक होगा तो उसे अपनी नौकरी बचाने का डर रहेगा, इसलिए वह किसी भी गलत कार्य में संलिप्त नहीं होगा। वहीं, निजी चालक को न तो नौकरी जाने का डर होता है और न ही वह किसी अनुशासनिक कार्रवाई से प्रभावित होता है, जिससे वह अपने काम में मनमानी करने की स्थिति में होता है।डीजीपी का यह आदेश पुलिस महकमे में एक बदलाव का संकेत है और यह सुनिश्चित करेगा कि थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे।