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जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में श्रम, नियोजन एवं कौशल प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, रोजगार सृजन, कौशल विकास तथा श्रमिक कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। जनजातीय समुदायों, विशेष रूप से पीवीटीजी समूह को प्राथमिकता देते हुए नियोजन कार्यक्रम से जोड़ा जाए। इसके साथ ही कौशल प्रशिक्षण हेतु समग्र कार्ययोजना बनाकर बाजार की मांग के अनुरूप नए ट्रेड का संचालन किया जाए।
सरकारी आईटीआई में सभी ट्रेड में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा युवाओं तक जानकारी पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी बल दिया गया। प्रशिक्षण संस्थानों को प्लेसमेंट रिकॉर्ड बेहतर करने और प्रशिक्षण प्राप्त एवं रोजगार मेला से नियोजन प्राप्त युवाओं का नियमित फॉलो-अप करने व रिकॉड रखने का निदेश दिया।

श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रमिक लाभ प्राप्त कर सकें। खास कर श्रमिकों का निबंधन अंतयेष्टि सहायता प्रवासी मजदूरों का सर्वेक्षण, सेफटी कीट वितरण, मेधावी पुत्र पुत्री छात्रवृति योजना, प्रसुति सहायता योजना, विवाह सहायता आदि योजनाओं के बारे में आवश्यक अहर्ता, लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा सहायता राशि की जानकारी श्रमिकों तक पहुंचाई जाए। साथ ही, श्रमिक योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी ढंग से लागू करने तथा युवाओं व श्रमिकों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने को कहा।

जमशेदपुर : जिला प्रशासन द्वारा सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी गुड़ाबांदा प्रखण्ड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत पहाड़ पर बसे कारलाबेड़ा गांव पहुंचे। लगभग 22 से 24 परिवारों वाला यह गांव लंबे समय से सड़क से वंचित है। ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि गांव को न केवल सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा, बल्कि अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे।

उपायुक्त ने मौके पर ही पदाधिकारियों को गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जल मीनार निर्माण तथा सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए चेक डैम निर्माण आदि को लेकर निर्देश दिया। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल पेयजल की समस्या का समाधान होगा, बल्कि खेती योग्य भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
खेती और आजीविका में बदलाव की संभावना

गांव में ग्रामीण अभी पारंपरिक खेती करते हैं। उपायुक्त ने उन्हें नगदी फसल जैसे सब्ज़ी उत्पादन, फल बागवानी, औषधीय पौधे आदि की ओर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि नगदी फसल से ग्रामीणों को बेहतर आमदनी होगी, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं से जुड़ने पर उन्हें नियमित आय का अतिरिक्त स्रोत भी प्राप्त होगा। सड़क निर्माण से गांव तक एम्बुलेंस, शैक्षणिक सुविधाएं, बाज़ार से जुड़ाव और आपातकालीन सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित होगी। जल मीनार से सालभर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। चेक डैम बनने से वर्षा जल का संचयन होगा, भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा और सिंचाई सुविधाएं बेहतर होंगी। नगदी फसल व पशुपालन से ग्रामीणों को रोज़गार के नये अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या कम होगी। शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होने से जीवन स्तर में समग्र सुधार होगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम गांवों तक विकास की सभी मूलभूत सुविधाएं पहुँचे। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कारलाबेड़ा समेत ऐसे गांवों की समस्याओं का सर्वे कर योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करें, ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

जमशेदपुर : जमशेदपुर में लोक अभियोजक बीरेंद्र कुमार ने पदभार ग्रहण किया। बोकारो में बतौर प्रभारी अभियोजन पदाधिकारी नियुक्त थे और प्रोन्नति मिलने के उपरांत उनका स्थानांतरण जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय में हुआ। लोक अभियोजक राजीव कुमार ने उन्हें पदभार सौंपा। इससे पहले वह धनबाद और देवघर में कार्यरत थे। प्रभार लेने के पश्चात उन्होंने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में अभियोजन का पक्ष भी रखा।

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिले के 10 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया गया है। इस तबादले के तहत बिष्टुपुर थाना प्रभारी उमेश कुमार ठाकुर को मुसाबनी अंचल निरीक्षक बनाया गया है। वहीं सोनारी थाना प्रभारी सरयू आनंद और गोलमुरी थाना प्रभारी राजन कुमार को साइबर अपराध थाना जमशेदपुर भेजा गया है।

कदमा थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। मानगो यातायात थाना प्रभारी बंधन भगत को साइबर अपराध थाना जमशेदपुर भेजा गया है। जुगसलाई यातायात थाना प्रभारी मधुसूदन दे को सोनारी थाना की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा साइबर अपराध थाना में पदस्थापित प्रवेश चंद्र सिन्हा को कदमा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं साइबर अपराध थाना के संजय सुमन को गोलमुरी थाना प्रभारी का कार्यभार सौंपा गया है।

साइबर अपराध थाना के हरिऔध करमाली को मानगो यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं संजय जनक मूर्ति को जुगसलाई यातायात थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।जिले में इस तबादले को पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम माना जा रहा है।

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को गुरुवार को राजधानी रांची में नियुक्ति पत्र सौंपा. झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पर्यटन तथा झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेटीडीसी) के लोगो एवं वेबसाइट के साथ-साथ सांस्कृतिक दल प्रबंधन प्रणाली एप्लीकेशन (ऐप) का भी शुभारंभ किया. इस अवसर पर झारखंड के सीएम ने कहा कि राज्य को मजबूत और बेहतर बनाने की दिशा में उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है. नियुक्तियों के साथ-साथ सभी सेक्टरों में लगातार कार्य हो रहे हैं. राज्य का सर्वांगीण विकास गठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता है.
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप आज से सरकार के एक अभिन्न के रूप में जुड़ रहे हैं. राज्य का समुचित विकास हो, इसके लिए आप पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे, मुझे पूरी उम्मीद है. उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सुविधा तथा सेवा देने की दिशा में आपकी भूमिका काफी अहम होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव से शहरों की ओर लोग आ रहे हैं. इस वजह से शहर के आकार और जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. ऐसे में शहरों का व्यवस्थित तथा योजनाबद्ध तरीके से विकास आज निहायत ही जरूरी है, ताकि शहरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ शहरवासियों को अच्छी नागरिक सुविधा और सेवाएं दे सकें. उन्होंने कहा कि अगर शहर अव्यवस्थित तरीके से फैलेंगे, तो उसके कई दुष्परिणाम और समस्याएं सामने आयेंगी, जिसका समाधान काफी चुनौतीपूर्ण होगा. इसलिए, शहरों को पूरी प्लानिंग के साथ विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुदरत ने झारखंड को न सिर्फ खनिज संपदा, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का भी उपहार दिया है. झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. हमारी सरकार अपने राज्य की समृद्ध सामाजिक, सांस्कृतिक, विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती को देश-दुनिया के मानचित्र पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये गये हैं. इसी कड़ी में आज पर्यटन विभाग से जुड़े ‘लोगो’ एवं वेबसाइट का अनावरण किया गया है. इसके माध्यम से हम न सिर्फ झारखंड के खूबसूरत पर्यटक स्थलों को दुनिया के सामने दिखा सकते हैं, बल्कि सैलानियों को भी आकर्षित करने में कामयाब होंगे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यही वजह है कि हमारी सरकार यहां के पर्यटक स्थलों के आकर्षक विकास के साथ-साथ आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए कई कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि पर्यटन को जितना बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. इससे राज्य के स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा. इसका सीधा फायदा यहां के सुदूर और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा. यही वजह है कि सरकार का पर्यटन पर विशेष फोकस है.
इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और पर्यटन सचिव मनोज कुमार मौजूद थे.

देवघर : देश के लिए शहीद हुए देवघर के 24 वर्षीय युवक नीरज चौधरी को गमगीन माहौल में उनके पैतृक गांव कजरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. दरअसल अग्निवीर जवान नीरज चौधरी मंगलवार को लद्दाख के सियाचिन में बर्फ में दबकर शहीद हो गये. बता दें कि शहीद अग्निवीर जवान नीरज देवघर के मधुपुर प्रखंड के कजरा गांव के रहनेवाले थे. अग्निवीर की नौकरी में उनका पदस्थापन लद्दाख के सियाचिन में था. मंगलवार को भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से वो शहीद हो गए. इस घटना की खबर न सिर्फ मधुपुर में बल्कि पूरे जिले का माहौल गमगीन कर दिया था. सारी प्रक्रिया होने के बाद आज तिरंगा में लपटा हुआ उनका पार्थिव शरीर मधुपुर पहुंचा.
पार्थिव शरीर का दर्शन करने के लिए झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री, डीसी, एसपी, जनप्रतिनिधि समेत बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था. पैतृक घर से शमशान घाट तक लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर अमर रहे के नारे लगाए. अंतिम यात्रा के दौरान हर कोई रो रहा था. वहां का माहौल ऐसा बन गया कि इंद्र देव ने भी अपने आप को रोक न सके. अविवाहित होने के कारण नीरज के चाचा राहुल कुमार चौधरी ने मुखाग्नि दी. इस मौके पर आर्मी के जवान भी मौजूद रहे.

जमशेदपुर : भाजपा द्वारा आज राज्य भर में सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग और नगड़ी रांची के आदिवासियों की खेतिहर जमीन के जबरन अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन किया गया।इस बाबत भाजपा मुसाबनी प्रखंड द्वारा अंचलाधिकारी के कार्यालय को घेरकर महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया गया और अपनी मांग को रखा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह, पश्चिम सिंहभूम के पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा, पोटका की पूर्व विधायक श्रीमती मेनका सरदार, पार्टी के पूर्व प्रत्याशी श्री बाबूलाल सोरेन, पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री रमेश शारदा, पार्टी के नेत्री डॉक्टर सुनीता देवदत्त सोरेन, पार्टी ग्रामीण के वरिष्ठ नेता श्री दिनेश साहू, श्री सत्य तिवारी, श्री मनोज प्रताप सिंह, श्री रोहित परमार, श्री साकेत अग्रवाल, लामय एवं कार्यक्रम का नेतृत्व मुसाबनी प्रखंड के अध्यक्ष श्री जयंत घोष ने किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, जनता, मजदूर और किसान शामिल थे।

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस संयुक्त अभियान में झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की पुलिस भी शामिल थी.पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जो भारत में इस्लामिक स्टेट स्थापित करने की साजिश रच रहे थे. आरोपी “गजवा-ए-हिंद” के बैनर तले एक हिंसक जिहाद शुरू करने की साजिश रच रहे थे. उनका पहला कदम जमीन पर कब्जा कर वहां आतंकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना था. गिरफ्तार किए गए लोगों में से कोई भी पाकिस्तान नहीं गया, लेकिन वे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे, जो उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे.
वहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी अशर दानिश (23), मुंबई के आफताब कुरैशी (25), महाराष्ट्र के मुंब्रा निवासी सूफियान अबुबकर खान (20), तेलंगाना के निजामाबाद निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) और मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी कामरान कुरैशी (26) के रूप में हुई है.पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड अशर दानिश था, जो खुद को ‘गजवा लीडर’ और ‘सीईओ’ कहता था. दानिश ने इंग्लिश ऑनर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.
वहीं, आफताब कुरैशी का काम आतंकी गतिविधियों के लिए लक्ष्य तय करना था, जबकि हुजैफ यमन हथियार बनाने का काम करता था. इन लोगों ने अपने ग्रुप का नाम ‘प्रोजेक्ट मुस्तफा’ रखा था.दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और हथियार बरामद किए हैं, जिनमें सल्फर, नाइट्रिक एसिड, कॉपर प्लेट, कारतूस, एक देसी पिस्तौल और कई इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं. इसके अलावा, दो अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, एक एयर गन और रसायन भी जब्त किए गए हैं.
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को बरगला रहे थे. वे खुद को एक एनजीओ की तरह पेश करते थे और धर्म के नाम पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहे थे.पुलिस के अनुसार, यह ग्रुप उन जगहों की तलाश में था, जहां वे जमीन खरीदकर अपनी गतिविधियों का केंद्र बना सकें. वे हथियार बनाने के लिए पैसे भी इकट्ठा कर रहे थे. इस ऑपरेशन की सफलता के बाद पुलिस का मानना है कि समय रहते इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ नहीं होता तो देश में कई बड़े आतंकी हमले हो सकते थे.फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है. आफताब और सूफियान को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों से पूछताछ जारी है. इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के अध्यक्ष भगवान सिंह और गुरुचरण सिंह बिल्ला के खिलाफ झारखंड सिख को-ऑर्डिनेशन कमिटी के वरीय सलाहकार और सिख समाज आन्दोलन समिति के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह भाटिया द्वारा हत्या की योजना और उसको अंजाम देने के लिए जबरन घर में 15 – 20 लोगों को लेकर मारपीट एवं हत्या करने के उद्देश्य को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत पत्र दी गई।
गौरतलब हो कि यह मामला तब हुआ जब सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा पंजाब में आई बाढ़ के लिए चंदा इक्कठा कर रही थी जिसके विरोध में सरदार अवतार सिंह भाटिया ने सोशल मीडिया के जरिए व्यवसायियों के कारोबार की स्थिति को बताते हुए यह कहा कि सीजीपीसी के अध्यक्ष और गुरुचरण सिंह बिल्ला द्वारा शहर में कभी किसान आंदोलन, कभी कोरोना, कभी सीजीपीसी द्वारा बनाए जा रहे अस्पताल और अब पंजाब बाढ़ पीड़ितों के नाम पर सिर्फ चंदा उगाही की जा रही है और यह बात भी तब कही गई जब इस तरह की बात उनके सामने आई कि बाज़ार की हालत खस्ता होने के बावजूद चंदा उगाही का कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है। अवतार सिंह भाटिया के विरोध करने को लेकर सीजीपीसी के अन्य किसी पदाधिकारी ने आपत्ति नहीं जताई सिवाय भगवान सिंह और गुरुचरण सिंह बिल्ला को छोड़ कर। यहां तक कि सीजीपीसी के प्रतिष्ठित पद पर बैठे भगवान सिंह ने बाकायदा मैसेज के जरिए धमकी भरे संदेश अवतार सिंह को भेजे।
बकौल अवतार सिंह, भगवान सिंह ने उनकी हत्या करवाने की मंशा को लेकर गुरुद्वारा कार्यालय में लोगों को बुलाकर सम्पर्क स्थापित किए, किन्तु ज्यादातर लोगों ने अवतार सिंह भाटिया के आवास में जाने में असमर्थता जाहिर की, लेकिन जसवंत सिंह जस्सू एवं सुखवंत सिंह सुक्खू के साथ करीब 15 से 20 बाहरी लोग अवतार सिंह भाटिया के घर में जबरन घुसे और उनके आने के तकरीबन 20 मिनट के अंदर गुरुचरण सिंह बिल्ला अपने साथी सुखविंदर सिंह राजू के साथ वहां पहुंचे। घर के अंदर आने के बाद गुरुचरण सिंह बिल्ला ने चंदा इक्कठा करने में अड़चन डालने को लेकर अवतार सिंह पर अपने कड़े से वार किया और अपने कमर रखे हथियार को निकालने का प्रयास किया लेकिन उसके दोस्त सुखविंदर सिंह राजू ने उसका हाथ पकड़ लिया साथ ही अवतार सिंह की पत्नी बीच बचाव करने आ गई जिसकी वजह से उनकी हत्या की मंशा पर पानी फिर गया, साथ ही जिन संस्थाओं से अवतार सिंह भाटिया जुड़े हुए हैं उनके लोग भी मानगो पहुंच गए जिस वजह से उन्हें उल्टे पांव निकलना पड़ा अन्यथा भगवान सिंह के साजिश अनुसार अवतार सिंह की हत्या कर दी जाती।
गुरुचरण सिंह बिल्ला के हथियार का लाइसेंस है दूसरे राज्य का
एसएसपी को दिए गए शिकायत पत्र में यह भी ज़िक्र किया गया है कि गुरचरण सिंह बिल्ला के पास मौजूद हथियार का लाइसेंस दूसरे राज्य से बना है और वह इसे हर जगह निकाल कर चमकाते रहते हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए और उनका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए।यदि इस बात पर तिल मात्र भी सच्चाई है तो प्रशासन को इसकी गहनता से जांच करने की आवश्यकता है और ऐसे लाइसेंस धारी हथियार को जब्त कर लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द करना चाहिए।
शिकायत पत्र देने के दौरान अवतार सिंह भाटिया के साथ झारखंड सिख को-ऑर्डिनेशन कमिटी के अध्यक्ष तारा सिंह, संगरक्षक गुरमुख सिंह मुखे, महासचिव बलजीत सिंह, चेयरमेन प्रीतपाल सिंह, संगत सरोपरी के एडमिन परमजीत सिंह, सनातन कौमी एकता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलविन्दर सिंह, साकची कमेटी से हरपाल सिंह सिद्धू, सतनाम सिंह सिद्धू, सोनारी गुरुद्वारा से गुरपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, दिलेर सिंह, रविंदर सिंह सहित सिख समाज के कई लोग मौजूद थे।
हजारीबाग : हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में जुलाई महीने में हुई दोहरी हत्या कांड में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में देवकी प्रजापति, शिबू यादव उर्फ पिंटू उर्फ छोटू, महानंद प्रजापति, दिनेश प्रजापति उर्फ दिनेश्वर, बडु गोप उर्फ सिकंदर गोप, गोपी जी उर्फ घनश्याम यादव, गणेश यादव और राजु प्रजापति शामिल हैं. सभी आरोपी बड़कागांव थाना क्षेत्र के पिपराडीह गांव के रहने वाले बताए गए हैं.
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 6 जुलाई 2025 की शाम पिपराडीह गांव की संगीता देवी ने अपने पति दिनेश प्रजापति के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि एक लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में कुम्हरडीहा गांव के सुभाष प्रजापति ने उनके पति का अपहरण कर लिया है.

मामले की जांच के दौरान 10 जुलाई को कुम्हरडीहा गांव स्थित एक कुएं से दिनेश प्रजापति का शव बरामद हुआ. शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई को आक्रोशित भीड़ कुम्हरडीहा गांव पहुंची और आरोपी सुभाष प्रजापति के पिता महेश प्रजापति को घर से घसीटकर बाजार टांड़ तक ले गई. वहां भीड़ ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी. यही नहीं, भीड़ ने सुभाष प्रजापति के घर में लूटपाट और आगजनी की तथा पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया.
इस मामले में पुलिस ने 38 लोगों को नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया. टीम में कई थाना प्रभारी और सशस्त्र बलों के जवान शामिल थे. लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा.