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जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कदमा क्षेत्र में ‘श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परमार्थ केंद्र’ की आधारशिला रखी और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया। पुजारियों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच राष्ट्रपति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी।

इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति के साथ कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी और प्रमुख उद्योगपति एस. के. बेहरा ने बताया कि यह केंद्र केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का संगम होगा।

राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इससे पूर्व, रांची हवाई अड्डे पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
एस. के. बेहरा ने कहा कि यह केंद्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह स्थान भविष्य में आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों की शिक्षा का भी बड़ा केंद्र बनेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में चुनाव परिणाम आने से ठीक पहले एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे झारखंड की राजनीति को हिला दिया है। भाजपा (BJP) के मेयर प्रत्याशी विजय सिंह गगराई के एक सक्रिय समर्थक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे चक्रधरपुर क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान ही विजय सिंह गगराई को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। आरोप है कि सनी उरांव (Sunny Oraon) के समर्थकों द्वारा यह धमकी दी गई थी। इस चुनावी रंजिश का परिणाम अब एक कार्यकर्ता की हत्या के रूप में सामने आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ के आक्रोश और चुनावी माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए:
घटना के बाद विजय सिंह गगराई और भाजपा समर्थकों में गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह हत्या लोकतंत्र पर हमला है और पुलिस को आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।
पुलिस का पक्ष: “फिलहाल मामले की छानबीन चल रही है। स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी ट्रैफिक थाना प्रभारी शैलेन्द्र कुमार को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एडीजी प्रिया दुबे के आदेश पर की गई है। उनकी जगह अब संजय सुमन को गोलमुरी ट्रैफिक थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

यह मामला साल 2023 का है, जब शैलेन्द्र कुमार एसीबी (ACB) में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। उस दौरान पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर स्थित आरईओ (REO) दफ्तर में एक लाख चालीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लेखा लिपिक सरोज कुमार सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
इस छापेमारी में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार भी संदेह के घेरे में थे, लेकिन उस वक्त उनके खिलाफ साक्ष्य की कमी दिखाकर केस को ‘फाइनल’ कर दिया गया था।
हाल ही में जब इस पुराने केस की फाइल एसीबी की एडीजी प्रिया दुबे के पास पहुंची, तो उन्होंने गहन समीक्षा के दौरान जांच में भारी त्रुटियां पाईं।
यह पहली बार नहीं है जब शैलेन्द्र कुमार विवादों में आए हैं। इससे पहले जब वे टेल्को थाना में पदस्थापित थे, तब भाजपा नेताओं के साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप में भी उन्हें निलंबित किया जा चुका है। बार-बार विवादों और अब भ्रष्टाचार के मामले में नाम आने से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: सोनारी थाना क्षेत्र इन दिनों अपराध और अवैध कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि थाना अब पुलिस पदाधिकारियों के हाथ में नहीं, बल्कि अवैध धंधेबाजों के रहम-ओ-करम पर चल रहा है। आरोप है कि पुलिस और अपराधियों की इस ‘मिलीभगत’ के कारण क्षेत्र में चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं, जबकि वरीय पुलिस पदाधिकारियों को इस जमीनी हकीकत से पूरी तरह अंधेरे में रखा गया है।

सोनारी के विभिन्न इलाकों में गांजा, शराब, मटका और अवैध लॉटरी का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन गिरोहों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
आरोप है कि सरकारी और टिस्को की जमीनों पर अतिक्रमण कर घर बनाने के खेल में पीसीआर (PCR) और टाइगर मोबाइल के जवान अवैध वसूली में लिप्त रहते हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है और छोटे-मोटे प्यादों को जेल भेजकर मुख्य माफियाओं को सुरक्षित बचा लिया जाता है।
सोनारी क्षेत्र में इन धंधेबाजों के बढ़े मनोबल का एक मुख्य कारण पुलिस अधिकारियों का लंबे समय तक एक ही थाने में जमे रहना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार:
”दारोगा शिवम राज, एएसआई योगेश, एएसआई उमेश सिंह, एएसआई संजय यादव और एएसआई मनोज पांडेय जैसे अधिकारी पिछले तीन वर्षों से स्थानांतरण के बावजूद घूम-फिरकर दोबारा इसी थाने में पदस्थापित हो जाते हैं। इन अधिकारियों के कथित आतंक और कार्यशैली से जनता में भारी रोष है।”
सोनारी की जनता अब पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी से मांग कर रही है कि इस ‘थाना-माफिया नेक्सस’ को तोड़ा जाए और वर्षों से एक ही थाने में जमे अधिकारियों पर नकेल कसी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बहाल हो सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: लौहनगरी में फाल्गुन माह की एकादशी के पावन अवसर पर आगामी 27 फरवरी को श्री श्याम फाल्गुन निशान यात्रा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस धार्मिक उत्सव को लेकर शहर के श्याम भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

यह भव्य निशान यात्रा साकची शिव मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रारंभ होगी। यहाँ से हजारों भक्त हाथों में पवित्र निशान (ध्वज) लेकर विष्टूपुर मुख्य सड़क होते हुए जुगसलाई स्थित वैकुंठ धाम मंदिर पहुंचेंगे, जहाँ यात्रा का समापन होगा।
मुख्य यात्रा से एक दिन पूर्व, यानी 26 फरवरी को जुगसलाई शिव मंदिर में महिलाओं के लिए ‘मेहंदी उत्सव’ का विशेष आयोजन किया गया है।
आयोजकों की अपील: जो भक्त किन्हीं कारणों से राजस्थान के खाटू धाम नहीं जा पा रहे हैं, उनके लिए यह यात्रा साक्षात बाबा के दर्शन और सेवा का एक विशेष अवसर है। आयोजकों ने शहर के सभी श्याम प्रेमियों से इस महोत्सव में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।
यात्रा में शामिल होने के लिए निशान कूपन शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे जुगसलाई, साकची, मानगो और बारीडीह में उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि श्रद्धालु समय रहते अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर/माकुलाकोचा: दलमा तराई क्षेत्र के माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान (हिरण पार्क के समीप) में आज दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच (कोल्हान प्रमंडल) के बैनर तले एक ऐतिहासिक महा जन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में कोल्हान प्रमंडल के हजारों ग्राम सभा प्रतिनिधि, महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभा का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित बंदरगाह और इको-टूरिज्म जैसी योजनाओं के नाम पर हो रहे ‘अतिक्रमण’ के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सुरेश चंद्र सोय, माधव चंद्र कुंकल, रेयांस सायड और दिनकर कच्छप ने सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि:
महासम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना दलमा क्षेत्र में किसी भी तरह के बंदरगाह या इको-टूरिज्म परियोजना को जमीन नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि संसाधनों के बंटवारे के बावजूद स्थानीय लोगों की आजीविका छीनी जा रही है।
सभा का संदेश: “दलमा हमारी पहचान और सांस्कृतिक धरोहर है। हम इसे कॉरपोरेट के हाथों सौंपने के बजाय गांव केंद्रित विकास चाहते हैं, जहां स्थानीय लोगों का अपने संसाधनों पर पूर्ण अधिकार हो।”
इस लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में राधाकृष्णन सिंह मुंडा, जगन्नाथ सिंह मुंडा, धनंजय शुक्ला, टोनी दिप्ती मेरी मिंज और राकेश रंजन माहतो सहित कई प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभा के अंत में हजारों हाथों ने एक साथ उठकर अपनी जमीन और संस्कृति की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

देहरादून/जमशेदपुर: जमशेदपुर के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तफ्तीश में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा महीनों पहले लिखी गई थी और जमशेदपुर व नोएडा में नाकाम रहने के बाद हमलावरों ने देहरादून को वारदात के लिए चुना। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने शुरू में विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में ही ढेर करने की योजना बनाई थी, लेकिन वहां समर्थकों की भारी भीड़ और सुरक्षा के कारण वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद नोएडा को निशाना बनाने की कोशिश हुई, पर अंततः देहरादून के सिल्वर सिटी इलाके को चुना गया। यहां विक्रम शर्मा बेफिक्र होकर अकेले जिम जाया करते थे, जिसे हमलावरों ने ‘सबसे सुरक्षित जोन’ माना।
पुलिस ने इस मामले में दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं:
पुलिस ने हत्याकांड में शामिल कुल 8 लोगों की भूमिका स्पष्ट की है:
हत्या के पीछे की मुख्य वजह कारोबारी रंजिश मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, “सारिका इंटरप्राइजेज” फर्म और मछली व रेलवे फूड सप्लाई के कारोबार में विक्रम शर्मा द्वारा हस्तक्षेप और रंगदारी की मांग की जा रही थी। इसी विवाद को खत्म करने के लिए यशराज और उसके सहयोगियों ने हत्या की साजिश रची।
देहरादून पुलिस ने फरार पांच आरोपियों — यशराज, जितेंद्र कुमार शाह, विशाल सिंह, आयुषतोष सिंह और अंकित वर्मा — पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड पुलिस की टीमें तालमेल बिठाकर विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

बक्सर: बिहार के बक्सर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खुशियों भरा शादी का माहौल मातम में बदल गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चौसा नगर पंचायत में मंगलवार की रात जयमाला के दौरान एक सिरफिरे आशिक ने दुल्हन को सरेआम गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल आरती कुमारी को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारात उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सुलेमनपुर गांव से आई थी। नंद जी मल्लाह की बेटी आरती कुमारी की शादी की रस्में पूरे विधि-विधान से चल रही थीं। जैसे ही आरती जयमाला के लिए स्टेज पर पहुंची, भीड़ में शामिल उसका पड़ोसी और कथित प्रेमी दीनबंधु अचानक स्टेज के करीब आया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने शर्ट के नीचे से पिस्टल निकाली और सीधे आरती के पेट में गोली मार दी।
चश्मदीदों का बयान: “गोली चलते ही स्टेज पर मौजूद सहेलियां ‘आरती को गोली मार दी’ चिल्लाने लगीं। अफरा-तफरी का माहौल हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया।”
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी दीनबंधु (पिता रमाशंकर चौधरी) का घर आरती के घर के पास ही है और वह पिछले दो साल से उससे प्यार करता था। आरती की शादी कहीं और होने से वह नाराज था और इसी रंजिश में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष चंदन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
गोली लगने के बाद लहूलुहान आरती को तुरंत बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया। उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मल्लाह टोला में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

कटक/भुवनेश्वर: ओडिशा के विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कटक में तैनात खान विभाग (Mines) के डिप्टी डायरेक्टर देबब्रत मोहंती को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। लेकिन असली धमाका तब हुआ जब विजिलेंस की टीम ने उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

गिरफ्तारी के बाद जब विजिलेंस अधिकारियों ने मोहंती के भुवनेश्वर स्थित आलीशान फ्लैट पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सबकी आंखें फटी रह गईं। एक बड़े ट्रॉली बैग में ठूंस-ठूंस कर भरे गए करीब ₹4 करोड़ कैश बरामद किए गए हैं। नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि गिनती के लिए मशीनों का सहारा लेना पड़ा।
विजिलेंस की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी, जिसमें भुवनेश्वर के दो महलनुमा घर, भद्रक के मठसाही स्थित पुश्तैनी आवास और कटक स्थित कार्यालय शामिल हैं। स्थानीय मीडिया इसे ओडिशा के प्रशासनिक इतिहास की सबसे बड़ी रेड में से एक बता रहा है।
जानकारी के अनुसार, मोहंती ने एक कोयला कारोबारी से उसके डिपो के संचालन और ट्रांसपोर्टेशन की अनुमति देने के बदले में रिश्वत की मांग की थी। कारोबारी ने इसकी गुप्त सूचना विजिलेंस विभाग को दे दी। मंगलवार की रात जैसे ही डिप्टी डायरेक्टर ने ₹30,000 की राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उन्हें दबोच लिया।
देबब्रत मोहंती की आय से अधिक संपत्ति (DA Case) के मामले में जांच अब और तेज हो गई है। विजिलेंस अधिकारी उनके बैंक खातों, निवेश के दस्तावेजों और बेनामी संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस गिरफ्तारी ने पूरे खान विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: टाइगर क्लब के अध्यक्ष आजाद गिरी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जमशेदपुर में एक बयान जारी करते हुए उन्होंने इस बजट को जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताते हुए इसे आंकड़ों का मायाजाल करार दिया।

आजाद गिरी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े आंकड़े तो पेश कर दिए हैं, लेकिन मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए इसमें कुछ भी ठोस नहीं है। उनके अनुसार:
आजाद गिरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राज्य की आर्थिक सेहत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
”सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य पर बढ़ते कर्ज और बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर उनकी क्या नीति है। ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच गांवों की बुनियादी सुविधाओं की हालत आज भी चिंताजनक बनी हुई है।”
टाइगर क्लब के अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य के बीच चल रहे वित्तीय टकराव पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब राजनीतिक बयानबाजी से ऊब चुकी है और उन्हें केवल ठोस विकास और पारदर्शिता चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बजट के प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि ये केवल कागजी घोषणाएं बनकर न रह जाएं।
जमशेदपुर से ग्राउंड रिपोर्ट
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