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जमशेदपुर: लौहनगरी के कदमा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामजनमनगर बस्ती में असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ गुरुवार रात स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक महिला के घर में घुसकर की गई मारपीट की घटना से आक्रोशित लगभग 50 की संख्या में बस्तीवासियों ने कदमा थाने का घेराव किया और परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

बस्तीवासियों ने सीधे तौर पर रामजनमनगर निवासी अजय रजक और पंकज पर गंभीर आरोप लगाए हैं。
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम आरोपी अजय रजक अपने कुछ साथियों के साथ जबरन एक महिला के घर में घुस गया और वहां मारपीट करने लगा।

हंगामे की सूचना मिलते ही कदमा थाना प्रभारी प्रवेशचंद्र सिन्हा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे से जारी धरना समाप्त हुआ और लोग अपने घरों को लौटे।

जमशेदपुर: शहर के बागबेड़ा थाना अंतर्गत गांधीनगर निवासी 24 वर्षीय विशाल कुमार सिंह पिछले 18 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय बस्तीवासियों ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया और आरक्षी अधीक्षक (सिटी) कुमार शिवाशीष को ज्ञापन सौंपकर युवक की सकुशल बरामदगी की मांग की।

लापता विशाल की मां सुकू देवी, जो घरों में दाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने अत्यंत भावुक होकर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि विशाल 18 दिनों पहले घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बागबेड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुखिया नीनू कुदादा, मायावती टुडू और पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा:
”जब किसी पूंजीपति या रसूखदार का बेटा लापता होता है, तो पूरा महकमा सक्रिय हो जाता है। लेकिन एक गरीब मां के बेटे के लिए 18 दिनों तक कोई ठोस प्रगति न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए।”
बस्तीवासियों के आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरक्षी अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने मौके से ही बागबेड़ा थाना प्रभारी और संबंधित डीएसपी को फोन कर फटकार लगाई और निम्नलिखित निर्देश दिए:
एसएसपी कार्यालय पहुंचे बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही विशाल का पता नहीं चला, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद फिलहाल लोग शांत हुए हैं, लेकिन बागबेड़ा इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।

तेहरान/तेल अवीव: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरी दुनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ‘डेली मेल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सुरक्षा करने वाले सबसे करीबी घेरे (Inner Circle) में ही दुश्मन का जासूस मौजूद था, जिसकी सटीक जानकारी के दम पर यह हमला मुमकिन हो पाया।

रिपोर्ट का दावा है कि सीआईए (CIA) ने अपने एक जासूस को खामेनेई की सुरक्षा टीम में इस हद तक शामिल कर दिया था कि वह सुप्रीम लीडर की पल-पल की हरकत से वाकिफ था।
ईरान ने अपने टॉप कमांडरों के फोन तो रखवा लिए थे, लेकिन एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई। कमांडरों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
शनिवार को जब मिसाइलें तेहरान पर गिरीं, तो केवल धमाके नहीं हुए बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध भी शुरू हो गया।
पश्चिमी एजेंसियां पिछले साल से ही खामेनेई की लोकेशन ट्रैक कर रही थीं, लेकिन तब उनका मकसद केवल निगरानी था। अब यह साफ हो गया है कि इस बार का हमला पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन (Regime Change) को ध्यान में रखकर किया गया था, जिसमें घर के भेदी ने ही लंका ढाने का काम किया।

नई दिल्ली/तेहरान: पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में जारी भीषण युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर शांति का आह्वान किया है। फिनलैंड के नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, सैन्य संघर्षों से कभी भी स्थायी समाधान नहीं निकल सकता।

प्रधानमंत्री ने भारत और फिनलैंड की साझा प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि दोनों देश ‘कानून के शासन’ और ‘संवाद’ में विश्वास रखते हैं।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध को छह दिन बीत चुके हैं, जिसमें अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। युद्ध के मैदान से आ रही ताजा जानकारियां चिंताजनक हैं:
अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष नेतृत्व की मृत्यु के बाद ईरान ने संकट की घड़ी में नए ‘सुप्रीम लीडर’ का चुनाव कर लिया है। खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है।
युद्ध की विभीषिका के बीच भारत अपने तकनीकी संबंधों को भी नई ऊंचाई दे रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि फिनलैंड के साथ साझेदारी अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हाईटेक क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है:
तीसरी धारा न्यूज की टिप्पणी: वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान भारत की ‘विश्व बंधु’ की छवि को और मजबूत करता है, जहाँ भारत विकास और शांति को ही सर्वोपरि मानता है।

पटना: बिहार की सियासत में आज एक अध्याय का अंत और नए अध्याय की शुरुआत देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के अन्य उम्मीदवारों के साथ राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचे।

विधानसभा परिसर में आयोजित नामांकन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी अपने पर्चे दाखिल किए।
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि 2005 से जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसी की ताकत से उन्होंने बिहार की सेवा की है।
”मेरे संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी आकांक्षा को पूरा करने के लिए मैं राज्यसभा जा रहा हूँ।” — नीतीश कुमार
नीतीश कुमार के इस बड़े फैसले के बाद अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी की कमान नीतीश कुमार के बेटे को सौंपी जा सकती है, हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

जमशेदपुर: संस्थापक दिवस के शुभ अवसर पर टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तत्वावधान में आयोजित मेगा रक्तदान शिविर ने सफलता के सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस एक दिवसीय शिविर में रिकॉर्ड 3140 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो शहर के सेवा भाव और एकजुटता का परिचायक है।

रक्तदान के प्रति जुनून का आलम यह था कि सुबह 5:10 बजे से ही रक्तदाताओं का आगमन शुरू हो गया और पहला रक्तदान 5:20 बजे संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक दिन पर यूनियन प्रांगण में टाटा समूह के संस्थापक जेएन टाटा की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।

शिविर में राजनीति और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक सोमेश सोरेन और अन्य गणमान्य लोग शामिल थे। विशेष बात यह रही कि यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, कई पत्रकारों और कंपनी के वरीय अधिकारियों (जैसे सौमिक राय, वीएन सिंह) ने स्वयं भी रक्तदान किया।

रांची/जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के आगामी अभियानों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर झारखंड भाजपा की ओर से छह सदस्यीय विशेष टोली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली रवाना होगी।

नई दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में 7 मार्च को एस.आई.आर. (SIR) विषय पर केंद्रित एक दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार करना और पार्टी की गतिविधियों को भविष्य में अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के लिए राज्य के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को नामित किया है। इस टोली में निम्नलिखित नेता शामिल हैं:
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस शिविर में ‘एसआईआर’ विषय पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें नेताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे राज्य स्तर पर संगठन को नई दिशा दे सकें और पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकें।

जमशेदपुर: जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में बुधवार को एक भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान महेन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में समाज और पंथ के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय वार्ड पार्षदों और समाज के प्रति त्याग दिखाने वाले व्यक्तित्वों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

समागम के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्यों को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया:
वरिष्ठ समाजसेवी सरदार शैलेंद्र सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने दोनों नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास और समाज सेवा के कार्यों में उन्हें भविष्य में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
महासचिव कमलजीत सिंह द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जुगसलाई समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए:

जमशेदपुर: शहर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा में गुरुवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक दिव्यांग युवक ने कीटनाशक (Pesticide) खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को युवक के मोबाइल से एक सुसाइड वीडियो भी बरामद हुआ है।

मृतक की पहचान 38 वर्षीय सूरज प्रसाद के रूप में हुई है, जो कुम्हारपाड़ा का निवासी था। गुरुवार सुबह सूरज का शव उसके कमरे में जमीन पर पड़ा मिला, जिसकी जानकारी उसकी पत्नी सोनी ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से कीटनाशक की बोतल बरामद की गई है। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पुलिस को सूरज के मोबाइल से एक वीडियो मिला है, जिसमें उसने स्वयं आत्महत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस फिलहाल इस वीडियो की गहनता से जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, सूरज की जिंदगी में पिछले कुछ समय से काफी उथल-पुथल चल रही थी:
सीतारामडेरा थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आत्महत्या की वजह सिर्फ शारीरिक अक्षमता से उपजा अवसाद था या इसके पीछे कोई अन्य पारिवारिक विवाद भी शामिल है।

ठाकुरगंज: रेलवे नियमों की कड़ाई और यात्रियों की बेबसी का एक अनोखा मामला बुधवार को ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन (संख्या 75719) प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर करीब 3 घंटे तक खड़ी रही। हैरान करने वाली बात यह रही कि ट्रेन में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि लोको पायलट ने अपनी ड्यूटी की समय-सीमा खत्म होने का हवाला देकर आगे जाने से इनकार कर दिया।

निर्धारित समय पर मालदा से रवाना हुई डेमू ट्रेन जैसे ही दोपहर 2:52 बजे ठाकुरगंज पहुँची, लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को अपनी ड्यूटी पूरी होने की सूचना दी। ड्राइवर का तर्क था कि उनकी 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी है और रेलवे के सुरक्षा नियमों (Safety Norms) के अनुसार, थकान की स्थिति में ट्रेन चलाना परिचालन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
रेलवे के परिचालन सुरक्षा नियमों के अनुसार, किसी भी लोको पायलट को अधिकतम 9 से 10 घंटे की निरंतर ड्यूटी के बाद अनिवार्य विश्राम का अधिकार है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि चालक की थकान की वजह से कोई बड़ी रेल दुर्घटना न हो जाए। चालक ने इसी नियम की दुहाई देकर इंजन छोड़ने का फैसला किया।
तपती दोपहर में करीब 3 घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। ट्रेन में सवार लोगों की स्थिति काफी दयनीय थी:
इस घटना ने रेल प्रशासन के बीच तालमेल की कमी को उजागर किया है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि लोको पायलट की ड्यूटी खत्म होने वाली थी, तो पहले से ही वैकल्पिक चालक (Reliever) की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? शाम को वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद ही ट्रेन आगे रवाना हो सकी।