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जमशेदपुर: लौहनगरी की व्यापारिक रीढ़ माने जाने वाले सैरात बाजार इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शहर की पहचान बन चुके इन 115 साल पुराने बाजारों में किराए की विसंगतियों और प्रबंधन के बदलाव ने हजारों व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। टाटा स्टील से प्रबंधन का जिम्मा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के पास आने के बाद से यह विवाद गहराता जा रहा है।

जमशेदपुर में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों को ‘सैरात’ कहा जाता है, जिनका मालिकाना हक नगर निकाय के पास होता है। व्यापारी यहां दशकों से लाइसेंस या किराए पर व्यापार कर रहे हैं।
| बाजार का नाम | दुकानों की संख्या |
|---|---|
| साकची बाजार | 3,644 |
| बिष्टुपुर बाजार | 1,640 |
| बारीडीह | 606 |
| कदमा | 567 |
| गोलमुरी | 347 |
| अन्य (बर्मामाइंस, सिदगोड़ा, आदि) | लगभग 900+ |
दशकों तक इन बाजारों का प्रबंधन टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट के पास था। लेकिन अप्रैल 2022 में कंपनी द्वारा एनओसी (NOC) जारी किए जाने के बाद यह पूरी तरह जेएनएसी के नियंत्रण में आ गया।
मुख्य कारण:
फिलहाल प्रशासन और राज्य सरकार के बीच इस मामले को लेकर मंथन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वे एक “संतुलित समाधान” तलाश रहे हैं, जिससे नगर निकाय का राजस्व भी बढ़े और पुराने व्यापारियों का हित भी सुरक्षित रहे। हालांकि, जब तक कोई ठोस नीति नहीं बनती, तब तक इन ऐतिहासिक बाजारों के भविष्य पर संशय के बादल मंडराते रहेंगे।
तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।
जमशेदपुर/देश: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और एलपीजी की संभावित किल्लत की खबरों के बीच अब साइबर अपराधियों ने ठगी का नया ‘LPG मॉडल’ तैयार किया है। आम आदमी की घबराहट का फायदा उठाकर ये ठग गैस एजेंसी के कर्मचारी बनकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
हाल ही में दिल्ली पुलिस (@DelhiPolice) ने एक जागरूकता वीडियो साझा कर जनता को इस नए खतरे से आगाह किया है। ठगी का तरीका बेहद शातिर है:
इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी अनऑथराइज्ड लिंक पर क्लिक करना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन कॉल्स का एकमात्र मकसद अफवाह फैलाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटना है।
महत्वपूर्ण नोट: गैस एजेंसियां कभी भी फोन पर आपसे बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) की मांग नहीं करती हैं।
यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है या कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो घबराएं नहीं:
तीसरी धारा न्यूज की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
जमशेदपुर: आगामी 21 जून 2026 को देशभर में मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश कुमार ने क्षेत्रवासियों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन के प्रतीकात्मक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना समय की मांग है।

क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए डॉ. कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर आज भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को अक्सर रांची या पटना जैसे बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में योग एक सशक्त माध्यम सिद्ध हो सकता है, जो लोगों को न केवल बीमारियों से दूर रखता है बल्कि एक स्वस्थ जीवन का आधार भी तैयार करता है।
डॉ. रमेश कुमार ने आम जनमानस की आदतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अक्सर छोटी-मोटी शारीरिक समस्याओं के लिए बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के सीधे दवा दुकानों से दवाइयां ले लेते हैं। यह प्रवृत्ति शरीर के लिए घातक हो सकती है। उन्होंने कहा:
”योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है। यह न केवल शरीर को निरोग रखता है, बल्कि मन और आत्मा में भी संतुलन स्थापित करता है।”
योग के लाभों को समझाते हुए उन्होंने एक सटीक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुड़ का असली स्वाद उसे खाकर ही पता चलता है, उसी प्रकार योग के वास्तविक लाभों का अनुभव केवल इसे नियमित रूप से करने पर ही मिल सकता है। महज सुनने या पढ़ने से इसके फायदे महसूस नहीं किए जा सकते।
निष्कर्ष:
डॉ. कुमार ने सभी से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि योग को वार्षिक उत्सव के बजाय ‘जीवन का उत्सव’ बनाएं। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।
सरायकेला-खरसावां: एक ओर जहां देश के कई हिस्सों में गैस की किल्लत की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं, वहीं झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना शुक्रवार सुबह करीब सात बजे की है। इंडियन गैस (Indian Gas) के सिलेंडरों से लदा एक ट्रक चांडिल की ओर से नीमडीह की दिशा में जा रहा था। टाटा–पुरुलिया–धनबाद मुख्य मार्ग पर स्थित लुपुंगडीह गांव के पास ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि चालक को अचानक झपकी आने के कारण वाहन पर से उसका संतुलन बिगड़ गया।
ट्रक पलटते ही उसमें लदे दर्जनों गैस सिलेंडर सड़क पर लुढ़कने लगे। सड़क किनारे गैस सिलेंडरों का अंबार देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों को डर था कि यदि किसी भी सिलेंडर में रिसाव हुआ या विस्फोट हुआ, तो यह एक बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता है। इसी डर की वजह से लोग कुछ देर तक घटनास्थल के पास जाने से कतराते रहे।
राहत की बात यह है कि इस भीषण दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आया।
ग्रामीणों की सूचना पर नीमडीह थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित कदम उठाए:
फिलहाल, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में है और क्रेन की मदद से ट्रक को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत क्षेत्र में पिछले कई महीनों से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा अब तूल पकड़ने लगा है। क्षेत्र में व्याप्त अंधेरे और उससे उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर पंचायत समिति सदस्य (पंसस) सुनील गुप्ता ने मोर्चा खोल दिया है।

पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि बागबेड़ा कॉलोनी के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। रात के समय सड़कों पर पसरे अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, साथ ही राहगीरों को सड़क दुर्घटनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने तत्काल जमशेदपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुमित प्रकाश से संपर्क किया। उन्होंने निर्देश दिया कि जनहित को देखते हुए खराब पड़ी लाइटों को बिना किसी देरी के दुरुस्त कराया जाए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश ने इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन इस समस्या के प्रति गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि:
इस आश्वासन के बाद स्थानीय निवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही बागबेड़ा की सड़कें रोशनी से जगमगाएंगी।
जमशेदपुर: लौहनगरी के बारीडीह इलाके में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। यहाँ एक अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से 12 साल के एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार हाइवा ने बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार होने की कोशिश में था, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए।
हादसे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। लोगों का आरोप है कि इलाके में भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही और पुलिस की सुस्त कार्रवाई के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। परिजनों ने मांग की है कि:
फिलहाल, घटना के बाद से बारीडीह इलाके में तनाव बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय लोग दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं पुलिस प्रशासन लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिश कर रहा है।
टंडवा (झारखंड): झारखंड के टंडवा स्थित शहीद चौक के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ओम साई पंप के समीप खड़े एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक के पास ही मौजूद झाड़ियों में आग लगी हुई थी। हवा के प्रभाव से आग की एक चिंगारी ट्रक के ऊपर ढके तिरपाल तक जा पहुंची। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्रक के केबिन को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही NTPC और CISF की फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जाती, तब तक ट्रक का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
गनीमत यह रही कि दमकल की गाड़ियों ने समय रहते आग को बुझा दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया और आग अन्य वाहनों या पास के पंप तक नहीं फैल सकी।
जमशेदपुर: लौहनगरी में रामनवमी के पावन पर्व को ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के आह्वान पर कल, 14 मार्च (शनिवार) शाम 5 बजे, बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में शहर की सभी अखाड़ा समितियों का एक विशाल ‘संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि इस बैठक में शहर के सभी अखाड़ों के अध्यक्ष, लाइसेंसधारी, सचिव और कोषाध्यक्ष शामिल होंगे। संवाद का मुख्य उद्देश्य अखाड़ों को आ रही स्थानीय समस्याओं और मुद्दों को समझना है। इन समस्याओं को संकलित कर केंद्रीय समिति जिला प्रशासन के समक्ष रखेगी ताकि 28 मार्च (दशमी) को निकलने वाली शोभायात्रा निर्बाध और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।
इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जमशेदपुर महानगर के प्रमुख पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे। विहिप ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (नववर्ष) से लेकर रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव तक पूरे शहर में ‘रामोत्सव’ मनाने का आह्वान किया है। संगठन का लक्ष्य प्रभु श्रीराम के आदर्शों के प्रति समाज को जागृत और एकजुट करना है।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर के सभी क्षेत्रों के अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, इसके लिए यह संवाद मील का पत्थर साबित होगा। परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकालने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्रीय समिति की पूरी टीम सक्रिय है, जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।
बेंगलुरु/नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के आगाज से पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालिक फ्रेंचाइजी एक नए विवाद में घिर गई है। इंग्लैंड की प्रसिद्ध लीग ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) की नीलामी में सनराइजर्स की टीम ‘सनराइजर्स लीड्स’ द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा बरपा हुआ है।

गुरुवार को हुई ‘द हंड्रेड’ की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया। भारतीय मुद्रा में अबरार की कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर लगे प्रतिबंध के बीच, एक भारतीय फ्रेंचाइजी द्वारा विदेशी लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ी को मोटी रकम देकर खरीदने पर फैंस दो गुटों में बंट गए हैं।
इस मामले के तूल पकड़ते ही बीसीसीआई (BCCI) की ओर से पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। बीसीसीआई के सचिव राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि विदेशी लीगों में फ्रेंचाइजी क्या करती हैं, यह बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
“द हंड्रेड में जो कुछ भी हुआ है, उसका आईपीएल से कोई लेना-देना नहीं है। बाहरी लीग में कौन सी टीम किस खिलाड़ी को चुनती है, इसमें हम दखल नहीं दे सकते। आईपीएल में ऐसा कोई भी खिलाड़ी (पाकिस्तानी) शामिल नहीं है।”
— राजीव शुक्ला, सचिव, बीसीसीआई
भले ही बीसीसीआई ने इसे तकनीकी रूप से आईपीएल से अलग बताया हो, लेकिन फैंस का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि आईपीएल 2026 का पहला मैच 28 मार्च को बेंगलुरु में सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी (RCB) के बीच खेला जाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अबरार अहमद की खरीद का असर आईपीएल के उद्घाटन मैच पर भी पड़ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि मैच के दौरान मैदान पर सनराइजर्स की टीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखा जा सकता है।
सनराइजर्स हैदराबाद पिछले कुछ सीजन से आईपीएल में संघर्ष कर रही है। टीम अब तक केवल एक बार खिताब जीतने में सफल रही है। ऐसे में सीजन शुरू होने से ठीक पहले इस तरह के विवाद ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह होगा कि फ्रेंचाइजी इस बढ़ते विरोध पर अपनी क्या सफाई पेश करती है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए खेल डेस्क की रिपोर्ट।
रांची: झारखंड में रात 10 बजे के बाद डीजे (DJ) बजाने पर रोक के आदेश को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर भाजपा नेत्री निशा भगत ने राज्य के कद्दावर मंत्री इरफान अंसारी को आड़े हाथों लिया है। भगत ने मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दिया।

हाल ही में मंत्री इरफान अंसारी ने ध्वनि प्रदूषण और छात्रों की पढ़ाई का हवाला देते हुए रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की वकालत की थी। उन्होंने प्रशासन को इस संबंध में कड़े निर्देश देने की बात कही थी, जिसके बाद से ही विपक्षी खेमे में नाराजगी देखी जा रही है।
निशा भगत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर नियमों का पालन करना है, तो वे सभी के लिए समान होने चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा:
“अगर मंत्री जी को ध्वनि प्रदूषण की इतनी ही चिंता है और वे रात 10 बजे के बाद डीजे बंद करवाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले लाउडस्पीकर पर होने वाली अज़ान को बंद करवाना चाहिए। नियम केवल एक समुदाय या विशेष कार्यक्रमों के लिए नहीं, बल्कि सबके लिए बराबर होने चाहिए।”
भगत ने आरोप लगाया कि सरकार विकास और शांति के नाम पर केवल बहुसंख्यक समाज के त्योहारों और आयोजनों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और धार्मिक उत्सवों में डीजे पर रोक लगाना सांस्कृतिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है, जबकि अन्य जगहों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर मंत्री मौन रहते हैं।
विधानसभा परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक इस बयान ने खलबली मचा दी है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश बताया है, जबकि हिंदूवादी संगठनों ने निशा भगत के स्टैंड का समर्थन किया है। आने वाले दिनों में ध्वनि प्रदूषण के इस नियम पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।