एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर : नक्शा विचलन कर अवैध निर्माण मामले की जांच के लिए तीन अधिवक्ता नियुक्त

74b5bf5d1eefadbde227a4544e98668fd5b5274031be6814ace670298a658e25.0

जमशेदपुर : झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में नक्शा विचलन कर बने अवैध निर्माणों और अनियमितताओं की जांच के लिए तीन अधिवक्ताओं को एक आयोग के रूप में नियुक्त किया है, जो शहर का दौरा करेंगे और जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे. अदालत ने जिले के डीसी, कोल्हान आयुक्त के साथ-साथ एसएसपी को निर्देश दिया कि अधिवक्ताओं को सभी सहयोग और सहायता प्रदान करें. (जारी…)

IMG 20231001 WA0000

अधिवक्ताओं के आयोग का पैनल अपने दौरे की तारीख की पूर्व सूचना जिले के डीसी, जमशेदपुर अक्षेस को देंगे. उनके परिवहन, रहने और अन्य संबद्ध खर्च जमशेदपुर अक्षेस वहन करेगा. इस बीच न्यायालय की रजिस्ट्री को जवाबी हलफनामे, पूरक हलफनामे, अंतरिम आवेदन आदि सहित डब्ल्यूपी (पीआईएल) की प्रतियां तीन प्रतियों में तैयार करने और अधिवक्ताओं के आयोग को सौंपने का भी निर्देश दिया गया।

राकेश झा की ओर से दायर की गयी है जनहित याचिका

IMG 20230708 WA00573

19 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में साकची निवासी राकेश झा की ओर से दायर जनहित याचिका (2078/2019) पर मुख्य न्यायाधीश संजय मिश्रा और न्यायाधीश आनंद सेन की बेंच में सुनवाई हुई. खंडपीठ ने कहा कि उभय पक्षों की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं को सुनने के बाद हमारी राय है कि जमीनी स्तर से एक रिपोर्ट प्राप्त की जानी चाहिए. इसलिए पार्टियों की ओर से उठायी गयी दलीलों को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं को एक आयोग के रूप में नियुक्त करते हैं. जो जमशेदपुर शहर का दौरा करेंगे और जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे. मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर 2023 को होगी. पिटीशनर के तरफ से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, रोहित सिन्हा, मंजरी सिन्हा और इमरान हसन ने जिरह की।

क्या है पूरा मामला

AddText 09 19 03.49.44

याचिकाकर्ता साकची निवासी राकेश झा ने जमशेदपुर अक्षेस, डीसी और टाटा स्टील के खिलाफ बिल्डिंग बाइलॉज 2016 का उल्लंघन करते हुए नक्शा पास करने, बिना कम्पलीशन और ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी किये बिजली-पानी का कनेक्शन देने, बिल्डरों द्वारा नक्शा और स्वीकृत योजना का गंभीर उल्लंघन कर निर्माण करने, पार्किंग की जगह को कमर्शियल भवन (दुकान-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स) उद्देश्यों के लिए बेच देने मामले और रिट पिटीशन 1076 /2011 में अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के खिलाफ याचिका दायर की है।

इन चार बिंदुओं पर तीन सदस्यीय आयोग करेगा कार्य

IMG 20230802 WA00752

◆ क्या भवनों के निर्माण में अनुमतियों, बिल्डिंग बाइलॉज 2016 (भवन उपनियमों) और स्वीकृत योजनाओं (नक्शा ) का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है ?
◆ क्या प्रतिवादी संख्या 2 (उपायुक्त) और साथ ही प्रतिवादी नंबर 4 (जमशेदपुर अक्षेस ) आवासीय और वाणिज्यिक मकानों के निर्माण को नियंत्रित करने वाले नियमों के अनुपालन के लिए कोई कदम उठा रहे हैं ?
◆ क्या यातायात नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है और क्या प्रत्येक बाजार के पास वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है? अगर अनाधिकृत पार्किंग पायी गयी तो उसकी सूचना दी जाये।
◆ क्या रिट पिटीशन (पीआईएल ) 1076/2011 में पारित 28 फरवरी 2011 एवं 12 जुलाई 2011 के आदेशों का उत्तरदाताओं ने अनुपालन किया गया है अथवा नहीं? अदालत ने निर्देश दिया कि छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाये।

आयोग की तीन सदस्यीय टीम के सदस्य

सीनियर अधिवक्ता राज नंदन सहाय, अधिवक्ता सुदर्शन श्रीवास्तव और अधिवक्ता पांडेय नीरज राय को नियुक्त किया गया है।