जमशेदपुर: जमीनी स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास की वास्तविकताओं को समझने के लिए आज राजनीति शास्त्र की छात्राओं को एक बेहतरीन व्यावहारिक अवसर मिला। ‘नेचर संस्था’ (NATURE NGO) द्वारा अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा में संचालित स्नातक छात्राओं के विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत एक ‘लाइव टॉक’ और परिचर्चा सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अनूठे संवाद का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को किताबी ज्ञान से परे ग्रामीण भारत के राजनीतिक ढांचे और जमीनी शासन से रूबरू कराना था।
प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने साझा किए जमीनी अनुभव
इस लाइव टॉक में बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत और मध्य बागबेड़ा पंचायतों के प्रमुख प्रतिनिधियों, मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड सदस्यों ने हिस्सा लिया। सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन, सरकारी योजनाओं के लाभ, महिला सशक्तिकरण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया।
छात्राओं ने पूछे तीखे और व्यावहारिक प्रश्न
संवाद के दौरान राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक समझ का परिचय देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण सवाल किए:
- मुखिया राजकुमार गौड़ और उमा मुंडा से छात्राओं ने ग्राम सभा के संचालन, बजट आवंटन, स्थानीय स्वशासन की शक्तियों और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर सवाल पूछे, जिनका मुखिया द्वय ने अपने दीर्घकालिक अनुभवों के आधार पर स्पष्ट उत्तर दिया।
- पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा और राजू सिंह से छात्राओं ने ग्रामीण विवादों के निपटारे और ब्लॉक स्तरीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझा।
- वार्ड सदस्य अभिषेक उपाध्याय ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी, यानी वार्ड सदस्य के रोल और उनके कार्यों के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

नेतृत्व कौशल विकसित करने में मील का पत्थर: डॉ. कविता परमार
इस अवसर पर नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार ने संवाद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”राजनीति विज्ञान की छात्राओं के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर की राजनीति और पंचायती राज व्यवस्था को गहराई से समझें। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ यह सीधा संवाद छात्राओं के नेतृत्व कौशल और प्रशासनिक समझ को विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।”
छात्राओं को मिला गहन अनुभव
सत्र के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए माना कि इस लाइव टॉक से उन्हें ग्राम स्तर पर लोकतंत्र के वास्तविक स्वरूप, जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण नेतृत्व की चुनौतियों का एक व्यावहारिक व गहन अनुभव प्राप्त हुआ है, जो भविष्य में उनके बेहद काम आएगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











