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नारी शक्ति का शंखनाद: संसद में देर रात तक गूंजी महिला आरक्षण और परिसीमन की आवाज, आज होगा महा-मतदान

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नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार की रात एक मील का पत्थर साबित हुई। महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में देर रात 1:20 बजे तक मैराथन चर्चा चली। इस दौरान सदन में महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और जज्बे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी जमकर सराहना की।n7086796181776339420346468fd050cf66fc239fb7c6da89d8d1d367bea607dd61bc1a86f2b2c3f0b8b41d

पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति’ को नमन

​शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्रेरक पोस्ट के जरिए देश की महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पीएम ने लिखा:

​”हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।”

 

​प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में देवी शक्ति की स्तुति करते हुए संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें जगत की रक्षा करने वाली मां अंबिका को नमन किया गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

संसद की कार्यवाही की मुख्य बातें

  • गारंटी और अपील: पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
  • परिसीमन पर स्पष्टीकरण: सीटों के बंटवारे और परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं पर पीएम ने ‘खरी-खरी’ सुनाते हुए कहा कि जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी तय अनुपात के आधार पर की जाएगी।
  • कानून हुआ प्रभावी: इस चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (16 अप्रैल से) देशभर में प्रभावी हो गया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

आज शाम 4 बजे होगी ‘अग्निपरीक्षा’

​सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन ऐतिहासिक विधेयक पेश किए हैं:

  1. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026
  2. परिसीमन विधेयक 2026
  3. संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026

विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की शर्त से मुक्त रखा जाना चाहिए ताकि इसे 2029 के चुनावों से ही लागू किया जा सके। विपक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है।

वोटिंग का समय: शुक्रवार को इन विधेयकों पर चर्चा पूरी होने के बाद शाम 4:00 बजे मत विभाजन (Voting) होगा। देश की नजरें आज संसद के निचले सदन पर टिकी हैं, जहां महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जानी है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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