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झारखंड में ‘नायक’ रिटर्न्स: रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले मिली पोस्टिंग, ‘एक दिन के डीएसपी’ बनकर आज विदा होंगे 4 अफसर

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​रांची | 31 जनवरी, 2026: झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली अक्सर चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार मामला कुछ ज्यादा ही दिलचस्प और हैरान करने वाला है। राज्य सरकार ने शुक्रवार की देर रात 4 प्रमोटी डीएसपी (DSP) की पोस्टिंग का आदेश जारी किया। ताज्जुब की बात यह है कि ये चारों अधिकारी आज (शनिवार, 31 जनवरी) ही सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले हैं।

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​7 महीने का इंतज़ार और 24 घंटे की नौकरी

​दरअसल, करीब सात महीने पहले झारखंड पुलिस के 60 से अधिक इंस्पेक्टरों को पदोन्नति देकर डीएसपी बनाया गया था। प्रमोशन तो मिल गया, लेकिन विभाग इन अधिकारियों को तैनाती देना ‘भूल’ गया। 6 महीने और 30 दिन बीत जाने के बाद, जब इन अफसरों की सेवा का आखिरी दिन बचा था, तब विभाग की नींद खुली और आनन-फानन में अधिसूचना जारी की गई।

​किन्हें मिली ‘एक दिन’ की कप्तानी?

​गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित अधिकारियों को स्पेशल ब्रांच (Special Branch), रांची में पदस्थापित किया गया है:

  1. ​अखिलेश प्रसाद मंडल
  2. ​सरोज कुमार सिंह
  3. ​शैलेश प्रसाद
  4. ​विनोद उरांव

​इन सभी अधिकारियों के लिए आज, 31 जनवरी, सेवा का अंतिम दिन है। यानी डीएसपी की वर्दी और पद के साथ इनका कार्यकाल महज एक दिन का रहेगा।

​प्रशासनिक मजबूरी या व्यवस्था की सुस्ती?

​जानकारों का कहना है कि रिटायरमेंट से ऐन पहले यह पोस्टिंग इसलिए दी गई है ताकि इन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति लाभ (Pension & Gratuity) डीएसपी पद के स्केल के आधार पर मिल सके। यदि बिना पोस्टिंग के ही वे रिटायर हो जाते, तो तकनीकी रूप से उनके पेंशन लाभों में पेंच फंस सकता था।

​उठ रहे हैं गंभीर सवाल

​इस ‘अजीबोगरीब’ आदेश के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • ​मनोबल पर असर: क्या 7 महीने तक अधिकारियों को बिना काम के बैठाकर रखना उनके मनोबल के साथ खिलवाड़ नहीं है?
  • ​देरी का जिम्मेदार कौन?: जब प्रमोशन 7 महीने पहले हुआ था, तो पोस्टिंग के लिए रिटायरमेंट के आखिरी दिन का इंतज़ार क्यों किया गया?
  • ​कार्यक्षमता: डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पद पर केवल एक दिन की पोस्टिंग से विभाग को क्या हासिल होगा?

​निष्कर्ष

​झारखंड में यह पहली बार नहीं है जब अधिकारियों को रिटायरमेंट के ठीक पहले पोस्टिंग दी गई हो, लेकिन एक साथ चार अधिकारियों को ‘एक दिन का डीएसपी’ बनाना प्रशासनिक व्यवस्था की धीमी कार्यशैली और ‘लास्ट मिनट’ निर्णयों को उजागर करता है। आज शाम ये चारों अफसर डीएसपी के रूप में अपनी पहली और आखिरी ड्यूटी कर विभाग से विदा हो जाएंगे।

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