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एक नई सोच, एक नई धारा

औद्योगिक राजधानी से ‘डिफेंस हब’ तक: भारतीय सेना का अभेद्य ‘सुरक्षा कवच’ बन रहा है जमशेदपुर

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​जमशेदपुर | 22 जनवरी, 2026

​जमशेदपुर की पहचान अब केवल टाटा स्टील और ट्रकों तक सीमित नहीं है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की लहर पर सवार होकर यह शहर अब भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार और सुरक्षा उपकरण तैयार करने वाले एक बड़े डिफेंस क्लस्टर के रूप में उभर रहा है। हाल ही में आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में आयोजित ‘डिफेंस कॉन्क्लेव-2026’ ने इस बदलाव पर मुहर लगा दी है।

​आदित्यपुर: नट-बोल्ट से मिसाइल लॉन्चर तक का सफर

​एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक, आदित्यपुर अब रक्षा उत्पादन का नया केंद्र है। यहाँ की 1200 से अधिक MSME इकाइयां अब केवल ऑटो पार्ट्स नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र के लिए जटिल पुर्जे बना रही हैं:

  • ​DRDO और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री: स्थानीय कंपनियां मिसाइल लॉन्चर के हाइड्रोलिक सिस्टम और सबमरीन के महत्वपूर्ण पार्ट्स की आपूर्ति कर रही हैं।
  • ​टैंक ट्रैक लिंक: टैंकों के चलने के लिए जरूरी ट्रैक लिंक्स का निर्माण अब यहीं के कुशल इंजीनियरों द्वारा किया जा रहा है।
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​टाटा मोटर्स: सीमाओं का ‘सारथी’

​1958 से सेना का साथ दे रही टाटा मोटर्स अब अपनी तकनीक को अगले स्तर पर ले गई है। जमशेदपुर प्लांट में तैयार हो रहे वाहन वैश्विक मानकों को चुनौती दे रहे हैं:

  • ​केस्ट्रल (Kestrel): यह एक ‘एम्फीबियस’ बख्तरबंद वाहन है जो जमीन और पानी दोनों में दुश्मन का मुकाबला कर सकता है।
  • ​मिसाइल वाहक: ब्रह्मोस, आकाश और पिनाक जैसी मिसाइलों को ढोने के लिए विशेष 12×12 और 8×8 हैवी ट्रक यहीं तैयार होते हैं।
  • ​MPV (माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल): जवानों को बारूदी सुरंगों के खतरों से बचाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन।

​रक्षा गलियारे (Defense Corridor) की बढ़ती मांग

​रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हाल ही में संकेत दिया है कि जमशेदपुर-आदित्यपुर-रांची-बोकारो को मिलाकर एक डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।

​प्रमुख उपलब्धियां और मांगें:

​”झारखंड में वह इंजीनियरिंग क्षमता है जो भारत की विदेशों पर निर्भरता खत्म कर सकती है। यदि इसे औपचारिक रूप से डिफेंस कॉरिडोर घोषित किया जाता है, तो यह न केवल निर्यात का केंद्र बनेगा बल्कि हजारों रोजगार भी पैदा करेगा।”

​जमशेदपुर की सैन्य ताकत: एक नजर में

उत्पाद / श्रेणीविशेषता एवं उपयोग
मिसाइल लॉन्चर वाहनपिनाक, आकाश और ब्रह्मोस के लिए 8×8 और 12×12 ट्रक।
केस्ट्रल (Kestrel)जमीन और पानी दोनों पर चलने वाला बख्तरबंद कॉम्बैट वाहन।
हाइड्रोलिक सिस्टममिसाइल लॉन्चिंग और सबमरीन ऑपरेशंस के लिए सटीक पुर्जे।
MPV वाहनबारूदी सुरंगों के धमाकों को बेअसर करने वाली तकनीक।

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