ताजा खबर
रूपी सोरेन के निधन पर झामुमो ने दी श्रद्धांजलि, 14 अक्टूबर को शहीद देवेंद्र माझी का शहादत दिवस सादगी से मनाने का निर्णय•विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानगो चौक पर डीएलएसए ने चलाया जागरूकता अभियान, टोल-फ्री नंबर 14416 पर परामर्श की दी जानकारी•भाजपा परसुडीह मंडल के ज्ञापन का दिखा सकारात्मक असर, बाजार में शुरू हुई साफ-सफाई; नेताओं ने जताया आभार•डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में अश्लील व द्विअर्थी गानों पर रोक लगाने की मांग, ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन•मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर मूलवासी कारुवा समाज ने जताया गहरा शोक, गुरुचरण मुखी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि•बागबेड़ा के कन्हैया सिंह को पुलिस हिरासत में लिए जाने की चर्चा, चांडिल ले जाने की सूचना से बढ़ा सस्पेंस•जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित पीएम मॉल पर टाटा स्टील का 223 करोड़ का बकाया, हाई कोर्ट के आदेश के बाद मापी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू•दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद जांच में जुटी गोवा पुलिस, दर्ज किया गया अप्राकृतिक मौत (UD) का केस•साकची में अतिक्रमण रोधी कार्रवाई का कड़ा विरोध, दुकानदारों ने दी आंदोलन की चेतावनी•रूपी सोरेन जी के निधन पर हिंद एकता संस्था का बड़ा फैसला: 9 अक्टूबर का रक्तदान शिविर स्थगित, जल्द घोषित होगी नई तिथिरूपी सोरेन के निधन पर झामुमो ने दी श्रद्धांजलि, 14 अक्टूबर को शहीद देवेंद्र माझी का शहादत दिवस सादगी से मनाने का निर्णय•विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानगो चौक पर डीएलएसए ने चलाया जागरूकता अभियान, टोल-फ्री नंबर 14416 पर परामर्श की दी जानकारी•भाजपा परसुडीह मंडल के ज्ञापन का दिखा सकारात्मक असर, बाजार में शुरू हुई साफ-सफाई; नेताओं ने जताया आभार•डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में अश्लील व द्विअर्थी गानों पर रोक लगाने की मांग, ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन•मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर मूलवासी कारुवा समाज ने जताया गहरा शोक, गुरुचरण मुखी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि•बागबेड़ा के कन्हैया सिंह को पुलिस हिरासत में लिए जाने की चर्चा, चांडिल ले जाने की सूचना से बढ़ा सस्पेंस•जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित पीएम मॉल पर टाटा स्टील का 223 करोड़ का बकाया, हाई कोर्ट के आदेश के बाद मापी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू•दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद जांच में जुटी गोवा पुलिस, दर्ज किया गया अप्राकृतिक मौत (UD) का केस•साकची में अतिक्रमण रोधी कार्रवाई का कड़ा विरोध, दुकानदारों ने दी आंदोलन की चेतावनी•रूपी सोरेन जी के निधन पर हिंद एकता संस्था का बड़ा फैसला: 9 अक्टूबर का रक्तदान शिविर स्थगित, जल्द घोषित होगी नई तिथि

एक नई सोच, एक नई धारा

साइबर ठगों के निशाने पर देश के वीआईपी: केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी, सतर्कता से टला बड़ा फ्रॉड

1002268987

​रांची/जमशेदपुर: साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम आदमी के साथ-साथ देश के शीर्ष पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। इसका सबसे ताजा और चौंकाने वाला उदाहरण केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ हैं, जिन्हें हाल ही में साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के जाल में फंसाने की कोशिश की। हालांकि, मंत्री की सूझबूझ और तत्काल की गई कार्रवाई ने ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

1002268987

​मंत्री को दी ‘पद’ छीनने की धमकी

​रांची में आयोजित एक साइबर सुरक्षा सेमिनार के दौरान रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने इस आपबीती का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगों ने उन्हें फोन कर खुद को एक परिचित के रूप में पेश किया और उनके दिल्ली स्थित बड़े भाई की व्यक्तिगत जानकारी का हवाला देकर डराने की कोशिश की।

​ठगों ने डराते हुए यहाँ तक कह दिया कि “यदि इस कॉल की जानकारी किसी को दी, तो आपका मंत्री पद भी जा सकता है।” यह दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसे आजकल ‘डिजिटल अरेस्ट’ की संज्ञा दी जाती है।

​एसएसपी को लाइन पर लेते ही कटे ठगों के फोन

​संजय सेठ ने बताया कि कॉल के दौरान ही उन्हें संदेह हो गया था। ड़रने के बजाय उन्होंने तुरंत उस कॉल को कॉन्फ्रेंस कॉल में बदला और रांची के एसएसपी (SSP) को लाइन पर ले लिया। जैसे ही ठग को पुलिस अधिकारी की आवाज सुनाई दी, उसने घबराकर फोन काट दिया और फरार हो गया। मंत्री ने संदेश दिया कि यदि वे दबाव में आकर कोई जल्दबाजी करते, तो बड़ी वित्तीय हानि या मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो सकते थे।

​झारखंड और MSME सेक्टर पर बढ़ा खतरा

​मंत्री ने झारखंड में बढ़ते साइबर अपराधों, विशेषकर MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र पर चिंता जताई। उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • ​MSME की संवेदनशीलता: संसाधनों और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण छोटे उद्यमी ठगों के आसान लक्ष्य बन रहे हैं।
  • ​एआई (AI) का दुरुपयोग: अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर आवाज और वीडियो बदल रहे हैं, जिससे ठगी पहचानना मुश्किल हो रहा है।
  • ​सतर्कता ही बचाव: किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप वीडियो कॉल या संदिग्ध संदेश से दूरी बनाना ही खुद को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका है।

​‘गोल्डन टाइम’ का रखें ध्यान

​रांची में आयोजित ‘नेशनल यूथ एआई साइबर सुरक्षा कार्यक्रम’ में साइबर पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार ने महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड होने के बाद के शुरुआती 1-2 घंटे ‘गोल्डन टाइम’ होते हैं। यदि इस दौरान पीड़ित तुरंत 1930 नंबर पर या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराता है, तो बैंक खातों को फ्रीज कर पैसे बचाए जाने की संभावना बहुत अधिक होती है।

​विशेष नोट: केंद्रीय मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और किसी भी अजनबी के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।

CCTV 2 CAMERA TWISTER 1
error: Content is protected !!