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नेशनल हेराल्ड केस में बढ़ी सोनिया और राहुल गांधी की मुश्किलें, दोनों के खिलाफ दर्ज की नई FIR

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नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है। यह केस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दर्ज किया है।

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FIR में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा 6 और लोगों या बिजनेस कंपनियों का भी नाम है। मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को धोखे से खरीदने की क्रिमिनल साजिश से जुड़ा हुआ है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड उस समय कांग्रेस की कंपनी थी और इसके पास 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी थी। यह खरीद यंग इंडियन के जरिए की गई थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी।

हमारे सहयोगी TOI ने दिल्ली पुलिस के FIR दर्ज करने के बारे में पार्टी से फिर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सोनिया और राहुल गांधी के अलावा, दिल्ली पुलिस की FIR में तीन और लोगों का नाम है, जिसमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा भी शामिल हैं। इसमें तीन कंपनियों, AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम है, जो कथित तौर पर कोलकाता की एक शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडिया को 1 करोड़ रुपये दिए, जिससे गांधी परिवार ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL को कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने के लिए कहा। कांग्रेस ने लगातार आरोपों को गलत बताया है और ED पर सरकार के कहने पर राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया है।

शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है पुलिस

सूत्रों के मुताबिक पुलिस AJL के शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कांग्रेस ने कंपनी को सोनिया और राहुल गांधी के मालिकाना हक वाली यंग इंडियन को ट्रांसफर करने से पहले उनसे सलाह ली थी और उनकी मंजूरी ली थी। दिल्ली पुलिस की 3 अक्टूबर की FIR, ED के हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (HIU) की शिकायत पर आधारित है, जिसने 2008-2024 तक नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपनी जांच के डिटेल्ड नतीजे शेयर किए हैं। पीएमएलए के तहत सूचना साझा करने से ईडी को किसी दूसरी प्रवर्तन एजेंसी को अनुसूचित अपराध को पंजीकृत करने और जांच करने के लिए कहने की अनुमति मिलती है, जो तब ईडी के लिए पीएमएलए के तहत अपनी जांच करने के लिए जरूरी एक निर्धारक अपराध बन सकता है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी है जारी, कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान

बता दें कि इस मामले में ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच, BJP के पूर्व MP सुब्रमण्यम स्वामी की एक प्राइवेट शिकायत और जून 2014 में पटियाला हाउस में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट द्वारा इस पर संज्ञान लेने पर आधारित है। इस मामले में सेंट्रल एजेंसी ने 9 अप्रैल को राउज एवेन्यू में एक स्पेशल MPs/MLAs कोर्ट में गांधी परिवार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) फाइल की थी। कोर्ट ने अभी तक इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया है।