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सीपीआर का एफसीआरए लाइसेंस निलंबित किया गया, यामिनी अय्यर चलाती थी एनजीओ

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केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक’ सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) का फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। पिछले साल सितंबर में सीपीआर और ऑक्सफैम इंडिया पर इनकम टैक्स सर्वे के बाद लाइसेंस की जांच चल रही थी।

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बता दें, मणिशंकर अय्यर की बेटी यामिनी अय्यर सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर), नई दिल्ली की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी हैं, जो एक पब्लिक पॉलिसी रिसर्च थिंक टैंक है। उन्हें 2017 में सीपीआर का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वह पहले केंद्र में अकाउंटेबिलिटी इनिशिएटिव (एआई) की 2008 में एक वरिष्ठ शोध साथी और संस्थापक थीं। पिछले साल सिंतबर में हुई आईटी की छापेमारी के बाद सूत्रों की ओर से दावा किया गया था कि सीपीआर ने राजनीति दलों के लिए करोड़ो रुपए का चंदा इकट्ठा किया है। इस दौरान पता चला था कि इसी चंदे के नाम पर करोड़ो रुपए की टैक्स चोरी की गई थी।

इससे पहले ऑक्सफैम का एफसीआरए लाइसेंस जनवरी 2022 में रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद एनजीओ ने गृह मंत्रालय के पास एक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में एफसीआरए मानदंडों का पालन नहीं करने का हवाला देते हुए सीपीआर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अधिकारियों की मानें तो एफसीआऱए नियमों का पालन नहीं करने पर सीपीआर का लाइसेंस सस्पेड कर दिया गया जिसके बाद सोसायटी ने रिन्युअल के लिए आवेदन किया था। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत दिए गए लाइसेंस के निलंबन के साथ, सीपीआर विदेश से कोई धन प्राप्त नहीं कर पाएगा।

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