जमशेदपुर (सुंदरनगर): सोमवार की सुबह सुंदरनगर रेलवे फाटक पर उस वक्त भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जब बिना किसी पूर्व सूचना के फाटक को बंद कर दिया गया। घंटों लगे इस जाम ने न केवल सैकड़ों वाहन चालकों की रफ्तार थाम दी, बल्कि भीषण गर्मी में लोगों के सब्र का बांध भी तोड़ दिया।

👮 आरपीएफ जवान के व्यवहार से बढ़ा तनाव
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जाम से निपटने में मदद करने के बजाय वहाँ तैनात एक आरपीएफ जवान वाहन चालकों के साथ उलझ गया। लोगों का गंभीर आरोप है कि जवान ने अपनी वर्दी का धौंस दिखाते हुए आम जनता से बदसलूकी की। इस व्यवहार से आक्रोशित लोगों ने अब इस मामले की शिकायत चक्रधरपुर जाकर आरपीएफ कमांडेंट और रेल डीआरएम से करने का निर्णय लिया है।
🛠️ मरम्मत कार्य बना जाम का कारण
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, फाटक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे ठीक करने के लिए फाटक बंद करना अनिवार्य था, लेकिन मरम्मत में उम्मीद से अधिक समय लगने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
🚩 प्रशासनिक उदासीनता और स्वास्थ्य संकट
घटनास्थल से जुड़ी दो बड़ी बातें सामने आईं:
- पुलिस की अनुपस्थिति: हैरानी की बात यह रही कि फाटक से महज 40 मीटर की दूरी पर सुंदरनगर थाना होने के बावजूद कोई भी पुलिसकर्मी स्थिति संभालने नहीं पहुँचा।
- भीषण गर्मी का कहर: तेज धूप और उमस के कारण जाम में फंसे लोग बेहाल रहे। इस दौरान एक बाइक सवार गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सका और बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसे तुरंत खासमहल स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
📢 जनता में भारी रोष
काफी मशक्कत के बाद जब मरम्मत पूरी हुई और फाटक खुला, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों के अड़ियल रवैये को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में अब भी भारी नाराजगी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर












