एक नई सोच, एक नई धारा

झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति: ₹205 करोड़ की लागत से ब्लॉक स्तर पर बनेगा मज़बूत सुरक्षा कवच, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की बड़ी पहल

1002304775 scaled
SFD

रांची: झारखंड की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 245 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। ₹205 करोड़ के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में इलाज की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।

1002304775

क्या है BPHU और यह कैसे करेगा काम?

​ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का एक एकीकृत केंद्र होगा। यह केवल अस्पताल नहीं, बल्कि एक ‘सर्वेक्षण और रिस्पॉन्स’ यूनिट के रूप में कार्य करेगा।

इसके तीन मुख्य स्तंभ होंगे:

  1. सेवा केंद्र: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या अनुमंडलीय अस्पताल के साथ मिलकर इलाज।
  2. BPHL (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ लैब): बीमारियों की सटीक और त्वरित जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर आधुनिक प्रयोगशाला।
  3. HMIS सेल: स्वास्थ्य डेटा का डिजिटल प्रबंधन, जिससे बीमारियों के फैलने से पहले ही उनकी पहचान हो सके।

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का विजन: “अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इलाज”

​योजना की घोषणा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा:

​”BPHU की स्थापना झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को विकेंद्रीकृत (Decentralized) करने की दिशा में मील का पत्थर है। अब सुदूर आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को जांच या निगरानी के लिए जिला मुख्यालयों पर निर्भर नहीं रहना होगा। हमारा लक्ष्य ‘सर्वोच्च गुणवत्ता-सर्वोच्च प्राथमिकता’ है।”

​उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ईएसआईसी (ESIC) जैसे प्लेटफार्मों के साथ समन्वय कर तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड कर रही है।

प्रमुख लाभ: क्यों यह योजना ‘वरदान’ है?

  • त्वरित महामारी नियंत्रण: किसी भी संक्रामक बीमारी या महामारी की पहचान ब्लॉक स्तर पर ही हो जाएगी, जिससे इसे फैलने से रोका जा सकेगा।
  • आदिवासी क्षेत्रों पर फोकस: दुर्गम और वंचित समुदायों के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।
  • बेहतर डेटा प्रबंधन: डिजिटल सूचना प्रणाली (HMIS) के जरिए स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान संभव होगी।
  • बुनियादी ढांचे में सुधार: रेफरल अस्पतालों और सदर अस्पतालों में बड़े पैमाने पर व्यापक सुधार किए जाएंगे।

PM-ABHIM और 15वें वित्त आयोग का सहयोग

​इस परियोजना को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से धरातल पर उतारा जा रहा है। 245 इकाइयों की यह श्रृंखला झारखंड को देश के अग्रणी सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडलों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।

error: Content is protected !!